राजनीति

मध्य प्रदेश उपचुनाव में भाजपा की हार, मुंगावली और कोलारस में कांग्रेस का क़ब्ज़ा बरक़रार

ओडिशा की बीजेपुर सीट पर बीजद की जीत. मध्य प्रदेश में कोलारस और मुंगावली विधानसभा सीट और ओडिशा की बीजेपुर सीट पर विधायकों के निधन के बाद बीते 24 फरवरी को उपचुनाव कराए गए थे.

Bhopal: Congress party workers celebrate the party's victory in Kolaras and Mungaoli state assembly by-elections at the party's state headquarters in Bhopal on Wednesday. PTI Photo  (PTI2_28_2018_000075B)

मध्य प्रदेश के मुंगावली और कोलारस सीट पर जीत दर्ज करने के बाद भोपाल स्थित कांग्रेस मुख्यालय पर बुधवार को ख़ुशी मानते कार्यकर्ता. (फोटो: पीटीआई)

भोपाल/भुवनेश्वर: मध्य प्रदेश के मुंगावली और कोलारस विधानसभा उपचुनाव में विपक्षी कांग्रेस ने कड़े मुक़ाबले में बुधवार को जीत हासिल की और दोनों सीटों पर अपना क़ब्ज़ा बरकरार रखा, जबकि भाजपा को हार का सामना करना पड़ा.

उधर, ओडिशा में सत्तारूढ़ बीजू जनता दल (बीजद) ने कांग्रेस से बीजेपुर विधानसभा सीट छीन ली. बीजद उम्मीदवार रीता साहू ने अपने निकटतम प्रतिद्वंद्वी भाजपा उम्मीदवार अशोक पाणिग्रही को 41,933 मतों से शिकस्त दी.

निर्वाचन अधिकारी ने बताया कि मुंगावली से कांग्रेस उम्मीदवार बृजेंद्र सिंह यादव ने भाजपा की प्रत्याशी बाई साहब यादव को 2,124 मतों के अंतर से पराजित किया. कांग्रेस उम्मीदवार बृजेंद्र सिंह यादव को कुल 70,808 वोट मिले जबकि भाजपा की उम्मीदवार बाई साहब यादव को 68,684 मत मिले.

वर्ष 2013 के विधानसभा चुनाव में कांग्रेस ने यह सीट 20,765 मतों के अंतर से जीती थी.

दूसरी ओर, कोलारस से कांग्रेस उम्मीदवार महेंद्र सिंह यादव ने भाजपा के उम्मीदवार देवेंद्र जैन को 8086 मतों के अंतर से हराया. कांग्रेस उम्मीदवार महेंद्र सिंह यादव को कुल 82,523 मत मिले, जबकि भाजपा के देवेंद्र जैन को कुल 74,437 मत हासिल किए.

वर्ष 2013 के विधानसभा के आम चुनाव में कांग्रेस ने यह सीट 24,953 मतों के बड़े अंतर से यह सीट जीती थी.

दोनों विधानसभा क्षेत्रों पर 24 फरवरी को मतदान हुआ था. मुंगावली में कांग्रेस के विधायक महेंद्र सिंह कालूखेड़ा और कोलारस में कांग्रेस के विधायक राम सिंह यादव के निधन के कारण उपचुनाव कराए गए हैं.

प्रदेश के शिवपुरी ज़िले की कोलारस विधानसभा क्षेत्र और अशोकनगर ज़िले की मुंगावली विधानसभा क्षेत्र के इन उपचुनावों के परिणाम को बड़ी ही संजीदगी से देखा जा रहा है, क्योंकि इस साल के अंत में प्रदेश में विधानसभा के आम चुनाव होने हैं.

कांग्रेस के वरिष्ठ नेता ज्योतिरादित्य सिंधिया ने मुंगावली और कोलारस विधानसभा उपचुनाव में कांग्रेस की जीत पर ट्वीट में कहा, ‘मुंगावली और कोलारस की जीत सत्य की जीत है. धनबल के ऊपर जनबल की जीत है. आपके विश्वास की जीत है. अन्नदाताओं की जीत है. सबसे ऊपर ये जीत मेरी आन, बान और शान मेरी प्यारी जनता की जीत है. मेरे कंधे से कंधा मिलाकर चले कांग्रेस के जांबाज़ सिपाहियों, मेरे कार्यकर्ताओं की जीत है.’

उन्होंने कहा, ‘सभी का दिल की गहराइयों से धन्यवाद. सभी को इस विजय पर बधाई. आगे भी सदैव आपके साथ, आपके विश्वास को क़ायम रखूंगा.’

मध्यप्रदेश विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष अजय सिंह ने कहा, ‘इस साल के अंत में होने वाले विधानसभा के आम चुनावों में 200 सीटों जीतने का दावा करने वाली भाजपा उपचुनाव में दो सीटें भी जीत नहीं सकी है. इस उपचुनाव को जीतने के लिए मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान सहित पूरे मंत्रिमंडल ने ताकत झौंक दी और सत्ता का दुरुपयोग किया, लेकिन परिणामों से पता चलता है कि मुख्यमंत्री शिवराज जनता का विश्वास खो चुके हैं, बेहतर होगा कि वे इन नतीजों के बाद अपना पद छोड़ दें.’

प्रदेश भाजपा अध्यक्ष नंदकुमार सिंह चौहान ने कहा, ‘यह दोनों सीटें कांग्रेस की है, लेकिन दोनों सीटों पर भाजपा को मिले मतों का प्रतिशत में इज़ाफ़ा हुआ है. मुंगावली में कांग्रेस की जीत का अंतर घटकर इस दफ़ा 2000 वोटों पर आ गया है. इस वर्ष के अंत में होने वाले चुनाव में यह दोनों सीटें भी जीतकर भाजपा फिर से लगातार चौथी दफ़ा प्रदेश में सरकार बनाएगी.’

बीजद ने कांग्रेस से बीजेपुर सीट छीनी, उपचुनाव में भाजपा दूसरे स्थान पर

सत्तारूढ़ बीजू जनता दल (बीजद) ने बुधवार को कांग्रेस से ओडिशा की बीजेपुर विधानसभा सीट छीन ली. बीजद उम्मीदवार रीता साहू ने अपने निकटतम प्रतिद्वंद्वी भाजपा उम्मीदवार अशोक पाणिग्रही को 41,933 मतों से शिकस्त दी.

चुनाव आयोग ने कहा कि रीता को 1,02,871 वोट मिले जबकि पाणिग्रही के खाते में 60,938 वोट गए.

कांग्रेस के प्रणय साहू 10,274 वोट के साथ तीसरे स्थान पर रहे और उनकी जमानत ज़ब्त हो गई. भाजपा को 2014 के विधानसभा चुनाव में बीजेपुर में 30,001 वोट मिले थे.

निर्वाचन अधिकारी तापीराम मांझी ने कहा कि करीब 1,684 मतदाताओं ने 24 फरवरी को हुए उपचुनाव में नोटा (उपरोक्त में से कोई नहीं) का चयन किया.

पिछले साल अगस्त में कांग्रेस विधायक सुबल साहू के निधन के बाद सीट पर उपचुनाव की जरूरत पड़ी. सुबल लगातार तीसरी बार यहां से विधायक चुने गए थे.

बीजद ने सुबल की पत्नी रीता को उम्मीदवार के रूप में उतारा था जबकि पाणिग्रही बीजद छोड़कर भाजपा में शामिल हो गए थे.

मुख्यमंत्री नवीन पटनायक ने कहा कि उपचुनाव के नतीजे का ओडिशा में आगे होने वाले चुनावों पर असर पड़ेगा. उन्होंने जीत दिलाने के लिए बीजेपुर के लोगों का आभार जताया.

मुख्यमंत्री ने कहा, ‘मैं बीजद को अपना आशीर्वाद देने के लिए बीजेपुर विधानसभा क्षेत्र के लोगों के प्रति तहेदिल से आभार जताना चाहूंगा.’

बीजेपुर में चुनाव से पहले हुई हिंसा के बारे में पूछे जाने पर पटनायक ने कहा कि ओडिशा एक शांतिपूर्ण राज्य है.

उन्होंने कहा, ‘लोग लोकतंत्र में हिंसा के लिए खड़े नहीं होंगे.’

पटनायक ने ट्विटर पर लिखा कि ओडिशा के लोग शांतिप्रिय हैं और उन्होंने नफरत एवं हिंसा की राजनीति को नकार दिया है. उन्होंने ट्वीट किया, ‘बीजद को भारी जीत दिलाने के लिए बीजेपुर के लोगों के प्यार एवं विश्वास से अभिभूत हूं. बीजद ओडिशा के लोगों के दिलों में है.’

(समाचार एजेंसी भाषा से इनपुट के साथ)