राजनीति

जिन्ना नहीं चाहते थे कि पाकिस्तान बने: फ़ारूक़ अब्दुल्ला

जम्मू कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री और नेशनल कॉन्फ्रेंस के अध्यक्ष फ़ारूक़ अब्दुल्ला ने भारत और पाकिस्तान के बंटवारे के लिए नेहरू, पटेल और मौलाना आज़ाद को ज़िम्मेदार ठहराया.

नेशनल कॉन्फ्रेंस के अध्यक्ष फ़ारूक़ अब्दुल्ला. (फोटो: पीटीआई)

नेशनल कॉन्फ्रेंस के अध्यक्ष फ़ारूक़ अब्दुल्ला. (फोटो: पीटीआई)

जम्मू: जम्मू कश्मीर के पूर्व मुख्यमंत्री और नेशनल कॉन्फ्रेंस के नेता फ़ारूक़ अब्दुल्ला ने भारत पाकिस्तान बंटवारे के लिए मोहम्मद अली जिन्ना को ज़िम्मेदार नहीं माना है. उनके मुताबिक, जवाहर लाल नेहरू, सरदार पटेल और मौलाना अबुल कलाम आज़ाद की वजह से पाकिस्तान बना. उन्होंने कहा कि जिन्ना नहीं चाहते थे कि भारत का बंटवारा हो और पाकिस्तान बनाया जाए.

समाचार एजेंसी एएनआई के मुताबिक फ़ारूक़ अब्दुल्ला ने कहा,‘जिन्ना नहीं चाहते थे कि मुस्लिमों के लिए अलग से देश बने. मोहम्मद अली जिन्ना सिर्फ उस कमीशन को बनाने के पक्ष में थे, जिसमें मुस्लिमों, सिखो और अन्य अल्पसंख्यकों के विशेष अधिकार देने की बात कही गई थी. लेकिन भारतीय नेताओं जवाहर लाल नेहरू, मौलाना आजाद और सरदार पटेल ने इस कमीशन की शर्तों को मानने से इनकार कर दिया था.’

जम्मू कश्मीर में चेंबर ऑफ कॉमर्स द्वारा आयोजित कार्यक्रम में उन्होंने कहा, ‘कमीशन में फैसला हुआ था कि हिंदुस्तान का बंटवारा करने के बजाय मुसलमानों के लिए अलग से लीडरशिप की जगह दी जाएगी. कमीशन की बातों पर जिन्ना राजी हो गए थे. लेकिन जवाहर लाल नेहरू, सरदार पटेल और मौलाना आजाद को ये सब मंजूर नहीं था. इसके बाद जिन्ना पाकिस्तान की मांग पर अड़ गए थे.’

नेशनल कॉन्फ्रेंस के वरिष्ठ नेता फ़ारूक़ अब्दुल्ला ने कहा, ‘अगर उस वक्त उन तीन दिग्गज नेताओं ने गलती न की होती तो आज न पाकिस्तान बनता और न ही बांग्लादेश अलग होता. उन्होंने कहा कि तीनों एक ही देश के हिस्सा होते.’

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