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मेघालय में एनपीपी प्रमुख कोनराड संगमा ने ली मुख्यमंत्री पद की शपथ

नेशनल पीपल्स पार्टी के प्रमुख कोनराड संगमा को 34 विधायकों का समर्थन है. 21 सीटें जीतकर राज्य में सबसे बड़ी पार्टी बनकर उभरी थी कांग्रेस.

Shillong: National People's Party (NPP) President Conrad K Sangma takes oath as Meghalaya Chief Minister during swearing-in ceremony as Meghalaya Governor Ganga Prasad looks on, in Shillong on Tuesday. PTI Photo (PTI3_6_2018_000046B)

नेशनल पीपल्स पार्टी के अध्यक्ष कोनराड संगमा ने मंगलवार को शिलांग में मुख्यमंत्री पद की शपथ ली. (फोटो: पीटीआई)

शिलांग: मेघालय के राज्यपाल गंगा प्रसाद ने नेशनल पीपल्स पार्टी (एनपीपी) के अध्यक्ष कोनराड संगमा को मंगलवार को राज्य के मुख्यमंत्री पद की शपथ दिलाई.

राज्यपाल ने मेघालय राजभवन में 11 मंत्रियों को भी शपथ दिलाई.

शपथग्रहण समारोह में केंद्रीय गृहमंत्री राजनाथ सिंह, भाजपा अध्यक्ष अमित शाह, मणिपुर के मुख्यमंत्री एन. बीरेन सिंह और भाजपा के राष्ट्रीय प्रवक्ता नलिन कोहली भी मौजूद थे.

संगमा वर्तमान में तूरा लोकसभा क्षेत्र से सांसद हैं.

एनपीपी अध्यक्ष ने रविवार को राज्यपाल से मुलाकात कर 60 सदस्यीय विधानसभा में 34 विधायकों के समर्थन के साथ सरकार बनाने का दावा पेश किया था.

संगमा ने दावा किया कि उन्हें एनपीपी के 19 विधायकों, यूनाइटेड डेमोक्रेटिक पार्टी (यूडीपी) के छह, पीपल्स डेमोक्रेटिक फ्रंट (पीडीएफ) के चार, हिल स्टेट पीपल्स डेमोक्रेटिक पार्टी (एचएसपीडीपी) और भाजपा के दो-दो एवं एक निर्दलीय विधायक का समर्थन प्राप्त है.

शपथ ग्रहण समारोह में भाग लेने पहुंचे गृहमंत्री राजनाथ सिंह ने कहा कि मैं कोनराड संगमा को बधाई देता हूं. पहले यह धारणा थी कि पूर्वोतर में केवल कांग्रेस ही जीत सकती है लेकिन भाजपा ने यहां जीत दर्ज की है और अब यह धारणा बदलेगी.

मेघालय की जनता ने खंडित जनादेश दिया था. चुनाव परिणामों में कांग्रेस (21 सीट) सबसे बड़ी पार्टी के तौर पर उभरी थी. केंद्र और मणिपुर में भाजपा की सहयोगी पार्टी एनपीपी (19 सीट) मामूली से अंतर के साथ दूसरे नंबर की पार्टी बनी थी, भाजपा को 2 सीटें मिली हैं. वहीं, अन्य के खाते में 17 सीटें हैं. इसमें से एक पार्टी यूडीपी के पास छह विधायक हैं.

कोनराड संगमा मेघालय के पूर्व मुख्‍यमंत्री और लोकसभा के पूर्व स्‍पीकर स्‍व. पीए संगमा के बेटे हैं. उनकी बहन अगाथा संगमा मनमोहन सिंह की सरकार में ग्रामीण विकास राज्‍य मंत्री रह चुकी हैं. कोनराड के बड़े भाई जेम्‍स अभी विधानसभा में विपक्ष के नेता थे.

मेघालय सरकार सभी चुनौतियों का सामना करने में सक्षम होगी: मुख्यमंत्री

मेघालय के नए मुख्यमंत्री कोनराड के संगमा ने मंगलवार को विश्वास जताया कि उनकी मेघालय लोकतांत्रिक गठबंधन (एमडीए) की सरकार अपने सामने खड़ी सभी चुनौतियों का सामना करने में सक्षम होगी.

संगमा ने शपथ ग्रहण के बाद संवाददाताओं से कहा, ‘मुझे यकीन है कि हमारे सामने जो भी चुनौतियां हैं, यह गठबंधन सरकार उनका सामना करने में सक्षम होगी… हमारी सरकार मेघालय के लोगों के लिए प्रतिबद्ध है और प्रतिबद्ध रहेगी और उन सभी समस्याओं को हल करने के लिए संजीदगी से काम करेगी जिनका सामना हम कर रहे हैं.’

कार्यभार संभालने के एक घंटे के भीतर ही मुख्य सचिव वाई. त्सेरिंग और सरकार के अन्य वरिष्ठ अधिकारियों ने संगमा को मेघालय की आर्थिक हालत और सरकार के सामने मौजूद महत्वपूर्ण मुद्दों के बारे में जानकारी दी.

विपक्ष के साथ-साथ सत्तारूढ़ गठबंधन से रचनात्मक योगदान मांगते हुए संगमा ने कहा, ‘मैं आपको आश्वस्त कर सकता हूं कि हमारी सरकार ऐसी सरकार है जो राज्य के समग्र विकास के लिए काम करेगी. हम यहां क्षेत्र और क्षेत्र वार विकास पर फोकस करने के लिए नहीं हैं, बल्कि हम समूचे राज्य पर फोकस करेंगे.’

एक अधिकारी ने पीटीआई भाषा को बताया कि मुख्यमंत्री के कक्ष में काम शुरू करने से पहले, संगमा ने अपने मंत्रिमंडल के सहयोगियों के साथ एक छोटी प्रार्थना सभा का आयोजन किया जहां उनकी मां सोरादिनी के. संगमा और एक चर्च के प्रमुख मौजूद थे.

पूछा गया कि मेघालय में नई सरकार को भाजपा सरकार कहा जाए तो मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि यह गठबंधन सरकार है जिसमें भाजपा के साथ ही क्षेत्रीय दल- एनपीपी, यूडीपी, पीडीएफ, एचएसपीडीपी और एक निर्दलीय विधायक शामिल है.

उन्होंने कहा कि शासन में सभी सदस्य समान हैं.

मेघालय के नवनिर्वाचित विधायकों ने शपथ ली

मेघालय की 10वीं विधानसभा के सभी 58 नवनिर्वाचित सदस्यों ने एक विशेष सत्र के दौरान अस्थाई विधानसभा अध्यक्ष टिमोथी शिरा के सामने बुधवार को शपथ ली.

शिरा (68) सदन में सबसे वरिष्ठ सदस्य हैं.

नेशनल पीपल्स पार्टी (एनपीपी) के नेता मुख्यमंत्री कोनराड संगमा शपथ ग्रहण कार्यक्रम के दौरान मौजूद थे.

उनके पूर्ववर्ती एवं कांग्रेस के विधायक मुकुल संगमा छठी बार विधानसभा के लिए निर्वाचित हुए हैं. उन्होंने दो सीटों से शपथ ली. उन्होंने आमपाटी और सॉन्गसक से चुनाव जीता है.

युनाइटेड डेमोक्रेटिक पार्टी (यूडीपी) के प्रमुख डोनकुपार रॉय ने सातवीं बार विधानसभा सदस्य के तौर शपथ ली. वह भी पूर्व मुख्यमंत्री हैं.

इस बीच, यह निर्णय किया गया कि विधानसभा अध्यक्ष का चुनाव 12 मार्च को किया जाएगा.

सूत्रों ने बताया कि एनपीपी अध्यक्ष पद के लिए रॉय को अपना प्रत्याशी बनाएगी जो यूडीपी के नेता हैं. विपक्षी कांग्रेस इस पद के लिए विनरसन डी. संगमा को अपना उम्मीदवार बनाएगी.

विधानसभा में कुल 58 में से 27 विधायक पहली बार चुने गए हैं.

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