राजनीति

अगर भाजपा बंगाल को टारगेट करना चाहती है, तो टीएमसी लालक़िले पर नज़र गढ़ाए है: ममता बनर्जी

पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ने कहा कि सांप्रदायिक राजनीति के आगे झुकने का कोई प्रश्न नहीं. देश के सभी राज्य इसके ख़िलाफ़ जंग में एकजुट होंगे.

(फोटो: पीटीआई)

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कोलकाता: नरेंद्र मोदी सरकार पर देश में सांप्रदायिक राजनीति करने का आरोप लगाते हुए पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने आज कहा कि सभी राज्य जल्द ही बांटने की राजनीति के खिलाफ जंग के लिए एकजुट होंगे. साथ ही, उन्होंने आरोप लगाया कि देश भाजपा नीत केंद्र सरकार में बड़े आपातकाल का सामना कर रहा है

ममता ने गार्डन रीच क्षेत्र में एक फ्लाईओवर का उद्घाटन करने के बाद कहा, ‘सांप्रदायिक राजनीति या बांटने की राजनीति के दबाव के आगे झुकने का कोई प्रश्न नहीं है. देश में सभी राज्य भविष्य में इसके खिलाफ जंग में एकजुट होंगे.’

मुख्यमंत्री ने कहा, ‘अच्छे दिन जा चुके हैं और बुरे दिन आ चुके हैं. सांप्रदायिक राजनीति या बांटने की राजनीति का कोई स्थान नहीं है. यह नहीं चल सकता. हम पर भरोसा रखिए.’

साथ ही, उन्होंने  एक अन्य कार्यक्रम में कहा कि देश भाजपा नीत केंद्र सरकार में बड़े आपातकाल का सामना कर रहा है. तृणमूल कांग्रेस की कोर कमेटी की बैठक को संबोधित करते हुए ममता ने कहा कि वे 2019 लोकसभा चुनावों में भाजपा को हराने के लिए सभी भाजपा विरोधी ताकतों को एकजुट करने का प्रयास करेंगी.

उन्होंने कहा, ‘ मोदी सरकार में देश में ‘सुपर आपातकाल’ लगा हुआ है, पर टीएमसी किसी से नहीं डरता है. हम भयभीत नहीं हो सकते हैं. हम देश को रास्ता दिखाएंगे. यह बंगाल ही था जहां से देश में पुनर्जागरण का दौर शुरू हुआ था.’

उन्होंने कहा कि अगर भाजपा बंगाल को टारगेट करना चाहती है तो उनकी पार्टी 2019 में लाल किले पर नजर गढ़ाए है. बनर्जी ने कहा, ‘मैं भाजपा से कहूंगी कि वो पहले दिल्ली संभाले और फिर बंगाल का सोचे.’

पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ने राष्ट्रीय राजनीति पर चर्चा के लिए राकांपा नेता प्रफुल्ल पटेल से भी मुलाकात की. ममता से मिलने के बाद पटेल ने संवाददाताओं से कहा कि हमारे बीच भविष्य में एक संघीय मोर्चा बनाने के विचार पर चर्चा हुई.

पटेल ने कहा, ‘शुरुआत की जानी है. ममता बहुत खुश हैं.’ उन्होंने आगे कहा, ‘नेतृत्व पर चर्चा नहीं होनी चाहिए, विचार केंद्र की सरकार में बदलाव लाने के लिए दमदार विकल्प खोजने का है.’

वहीं, ममता ने अपने संबोधन में कहा, ‘किसी को तो कदम उठाना होगा. हम भाजपा के खिलाफ लड़ाई के लिए सभी को एक साथ लाना चाहते हैं. हम उन्हें हरसंभव तरीके से मदद देंगे.’

उन्होंने कहा कि उन्हें न तो किसी सत्ता की लालसा है और न ही किसी कुर्सी की. वे बोलीं, ‘मैं सभी की मदद करूंगी. मैं सभी भाजपा विरोधी दलों से बात करूंगी ताकि वे मिलकर काम कर सकें. यह बड़ी लड़ाई है.’

(समाचार एजेंसी भाषा से इनपुट के साथ)

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