राजनीति

भाजपा ने संविधान और क़ानून की जो धज्जियां उड़ाई हैं, जनता ने उसी का जवाब दिया: अखिलेश यादव

उत्तर प्रदेश की गोरखपुर और फूलपुर लोकसभा उपचुनाव में सपा को मिली जीत के बाद  पार्टी अध्यक्ष अखिलेश यादव का वक्तव्य.

Lucknow: Samajwadi Party president Akhilesh Yadav with senior leaders Kiranmoy Nanda and Azam Khan addresses a press conference after the by-election results, at the party headquarters in Lucknow on Wednesday. PTI Photo by Nand Kumar (PTI3_14_2018_000160B)

लखनऊ में सपा मुख्यालय पर पार्टी अध्यक्ष अखिलेश यादव पार्टी के वरिष्ठ नेता किरणमय नंदा और आज़म ख़ान के साथ उपचुनाव के नतीजे आने के बाद प्रेस वार्ता करते हुए. (फोटो: पीटीआई)

इस जीत के लिए मैं ग़रीब किसान, मज़दूर, बेरोज़गार नौजवान, महिलाएं हर वर्ग के लोगों को धन्यवाद देना चाहता हूं.

आज मैं कह सकता हूं कि गोरखपुर और फूलपुर लोकसभा सीटों पर लाखों लोगों ने अपना वोट देकर समाजवादी पार्टी के प्रत्याशियों को जिताने का काम किया है.

उत्तर प्रदेश में होने वाले लोकसभा चुनावों से राजनीतिक संदेश हमेशा से निकलते रहे हैं. जब यह एक मुख्यमंत्री का क्षेत्र हो, जिसे कई वर्षों से कोई हरा नहीं पाया हो, दूसरा उप-मुख्यमंत्री का क्षेत्र है, अगर दोनों क्षेत्रों की जनता में इतनी नाराज़गी है तो सोचिए कि आने वाले समय में चुनाव होंगे तो क्या होगा?

किसान को क़र्ज़ माफ़ी की बात की गई थी लेकिन नहीं हुई. लोगों को रोज़गार मिलेगा लेकिन बड़े पैमाने पर बेरोज़गारी मिल गई.

नोटबंदी और जीएसटी ने कारोबार और रोज़गार छीन लिए और भय का जो वातावरण पैदा किया गया, संविधान की और क़ानून की जो धज्जियां उड़ाई गईं, उसी का जवाब जनता ने मिलकर दिया है.

ऐसा कोई मुख्यमंत्री नहीं होगा, न ऐसी को पार्टी नहीं होगी, जिसने इस तरह से संविधान की धज्जियां उड़ाई हों.

अगर सदन में ये कहा गया हो कि मैं हिंदू हूं, मैं ईद नहीं मनाता हूं, उनके (योगी आदित्यनाथ) जो शब्द रहे हैं ऑन द फ्लोर ऑफ द हाउस (सदन की ज़मीन पर) कि एनकाउंटर कर दो.

मैंने कभी भी अपने आप को बैकवर्ड नहीं समझा, हमने कभी किसी को बैकवर्ड नहीं समझा, लेकिन हम समाजवादियों और बहुजन समाज पार्टी को कहा गया कि ये सांप–छछुंदर का गठबंधन हुआ है, चोर-चोर मौसेरे भाई का गठबंधन हुआ है, नापाक़ गठबंधन हुआ है. और न जाने किन-किन शब्दों का इस्तेमाल हुआ है.

जब उन्हें लगा कि जनता नाराज़ है तो कहा गया कि समाजवादी पार्टी औरंगज़ेब की पार्टी है. मुझे ख़ुशी है इस बात की कि ग़रीबों ने, किसानों ने, मज़दूरों ने, बेरोज़गारों ने और ख़ास तौर पर दलितों ने जो मदद की है, उसी का परिणाम है कि समाजवादी पार्टी की ऐतिहासिक जीत हुई है.

मैं बहुजन समाज पार्टी की नेता सुश्री मायावती जी को भी बहुत-बहुत धन्यवाद देता हूं कि इस देश की महत्वपूर्ण लड़ाई में, दोनों लोकसभा सीटों के उपचुनाव में उनका और उनकी पार्टी का सहयोग और समर्थन मिला.

साथ ही साथ नेशलिस्ट कांग्रेस पार्टी, निषाद पार्टी, पीस पार्टी, जितने भी हमारे कम्युनिस्ट दल हैं, उन्होंने मिलकर हमारा सहयोग किया.

वहीं, आदरणीय अजित सिंह का भी मैं धन्यवाद दूंगा कि तमाम दलों ने मिलकर हमें समय-समय पर सहयोग दिया और जनता में एक संदेश दिया कि समाजवादी पार्टी के जो दोनों प्रत्याशी हैं उनका सहयोग करें.

आबादी में जो ज़्यादा हों, मेहनत करने वाले, जो ज़्यादा हों और उन्हीं का सम्मान नहीं, उन्हीं को कह दिया जाए कि ये और कुछ नहीं कीड़े-मकौड़े जैसे लोग हैं और विकास के नाम पर चाहे वो दिल्ली का बजट हो या उत्तर प्रदेश का बजट हो, ने जनता को बुरी तरह निराश किया है.

जनता से जो बड़े-बड़े वादे किए गए थे, एक भी वादे पर भाजपा खरी नहीं उतरी है. उसी का असर है कि जनता ने एक होकर उसके ख़िलाफ़ मतदान किया है.

इतने बड़े पैमाने पर वादाख़िलाफ़ी किसी भी राजनीतिक दल ने नहीं की होगी, जितनी भारतीय जनता पार्टी ने की है.

मैं एक बार फिर गोरखपुर की जनता का… दोनों हमारे नौजवान प्रत्याशी, जो जीते हैं… उनको बधाई… जनता का स्वागत… एक राजनीतिक संदेश देने के लिए.

दोनों क्षेत्रों की जनता का स्वागत और बधाई, लोगों ने एक बार फिर सोशल जस्टिस की, सामाजिक न्याय की आवाज़ उठाने का काम किया.

मैंने कभी नहीं कहा कि विकास पीछे हो, हमने हमेशा कहा कि विकास आगे हो. 2017 के चुनाव में हम अपने काम गिनाते रहे, भाजपा के लोग सुधरे नहीं, कल तक कह रहे थे कि हमारे कारनामे बोल रहे हैं. आज तो शायद जनता ने जवाब दे दिया है.

अंततोगत्वा भाजपा को भी विकास के रास्ते पर लौटना पड़ेगा, नहीं तो जो विनाश का रास्ता उसने अपनाया है, ये जनता उसे धकेल देगी. हमारे आपके नुकसान से ज़्यादा, समाज और देश का भाजपा नुकसान कर रही है.

ये (भाजपा) भावनात्मक मुद्दे लाकर समाज में ज़हर घोलने और कड़वाहट पैदा करने का काम किया है. जातियों में संघर्ष हो जाए, धर्म के एक-दूसरे के प्रति नाराज़गी पैदा हो जाए, ऐसी भाषा और ऐसा व्यवहार इनका (भाजपा) रहता है. राष्ट्रवाद के नाम पर भाजपा ने जनता को धोखा देने का काम किया.

आज जनता पूछ रही है कि किसान के लिए क्या है, किसानों को क्या मिला है. बेरोज़गार नौजवान के लिए क्या है, यही तमाम चीज़ें निकलकर आईं और ग़रीब और मज़दूर वर्ग एक हो गया.

एक बार फिर सभी राजनीतिक दलों को बधाई देता हूं, बहुजन समाज पार्टी की नेता को बधाई देता हूं, उनके कार्यकर्ता व नेताओं ने जो मदद की है… सहयोग किया है, उसके लिए उन्हें बहुत-बहुत मुबारक़बाद.

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