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‘योगी जी का गोरखपुर के लोगों ने राजनैतिक एनकाउंटर कर दिया’

उत्तर प्रदेश और बिहार में लोकसभा और विधानसभा उपचुनाव परिणाम पर सोशल मीडिया पर आई कुछ प्रतिक्रियाएं.

Faridabad: Uttar Pradesh Chief Minister Yogi Adityanath drinks coconut water during Surajkund International Crafts Mela in Faridabad on Friday. Also seen are Haryana Chief Minister Manohar Lal Khattar and UP Tourism Minister Rita Bahuguna Joshi. PTI Photo (PTI2_2_2018_000084B)

योगी आदित्यनाथ (फाइल फोटो: पीटीआई)

नई दिल्ली: उत्तर प्रदेश की गोरखपुर और फूलपुर लोकसभा सीट और बिहार की अररिया लोकसभा व भभुआ और जहानाबाद विधानसभा सीट के चुनाव परिणाम अब सामने आ गए हैं. भभुआ को छोड़कर बाकी सीटों पर भाजपा के नेतृत्व वाले राजग को हार का सामना करना पड़ा है. इसे लेकर सोशल मीडिया पर खूब चर्चा हो रही है. खासकर उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ इनके निशाने पर हैं.

ट्विटर यूजर नीरज सिंह लिखते हैं, ‘अखिलेश जी को बुआ मिलीं, भाजपा को भभुआ.’

वहीं, दिशा नाग ने योगी आदित्यनाथ द्वारा एनकाउंटर को समर्थन देने पर चुटकी लेते हुए ट्वीट किया है, ‘योगी जी का गोरखपुर के लोगों ने राजनैतिक एनकाउंटर कर दिया है.’

रिद्धि जैन लिखती हैं, ‘योगी जी चाहते थे कि केशव जी फूलपुर हार जाएं, केशव जी चाहते थे कि योगी जी गोरखपुर हार जाएं, प्रभु श्रीराम ने दोनों की इच्छा पूरी कर दी. राम लला हम आएंगे मंदिर वहीं बनाएंगे.’

मशहूर कवि और आप नेता कुमार विश्वास ने चुनाव परिणामों पर ट्विटर पर एक कविता शेयर की है. उन्होंने लिखा है, ‘इस से पहले कि ज़माना ज़मीं पे ले आए, अब भी है वक़्त, सुधर जाओ नए लफ़्फ़ाज़ो..!’

अनूप नाम के एक यूजर ने लिखा है, ‘योगी अपनी सीट हार गए और हमें लेक्चर देते हैं कि कर्नाटक में विकास होना चाहिए.’

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के नोएडा दौरे का भी खूब मजाक सोशल मीडिया पर बनाया गया है.

अंबेश श्रीवास्तव लिखते हैं, अगर राम हैं तो रावण है, कृष्ण हैं तो कंस है, विश्वास है तो अंधविश्वास कुछ याद आया, योगी आदित्यनाथजी नोएडा आये थे. नरेंद्र मोदी जी ने बड़ी तारीफ की थी, कहीं ये उसी की शुरूआत तो नहीं.

नवल कांत चुटकी लेते हुए लिखते हैं, ‘अखिलेश यादव चिल्लाते रहे लेकिन योगी जी ने एक न सुनी, चले गए नोयडा.’

वहीं, प्रकाश सिंह बब्बर लिखते हैं,‘ फिर यूपी में हवा में उड़ गये जय श्रीराम, ठगबंधन को मोदी को हराने का फार्मूला मिल गया. जो ईवीएम को दोष देते थे, चुनाव आयोग पर शक करते थे, वे माफी मांगे. लाख कोशिशों के बावजूद हिन्दूओं से सेकुलरिज्म का भूत नहीं उतरा, साफ है मंदिर नहीं बना तो 2019 मे बीजेपी 40 सीटें भी नहीं जीतेगी.’

संजना लिखती हैं,‘उत्तर प्रदेश चुनाव परिणामों को देखने के बाद यह साफ है कि ईवीएम सही से काम कर रहा है और उसमें कोई समस्या नहीं है.’


नेता जी नाम के एक अकाउंट से ट्वीट किया गया है, ‘वैसे गोरखपुर में हुआ क्या! मोदी जी की उज्जवला के सिलिण्डर नहीं पहुंचे, या ट्रांसफॉर्मर नहीं लगे, या गडकरी जी की सड़क नहीं पहुंची, या किसानों को लोन माफ़ी में स्वाद नहीं आया, या ट्रिपल तलाक का पैग़ाम अमीनाओं को नहीं मिला, या शबानाओं को शादी शगुन के 51000 नहीं मिले…या’


अंकिता यादव लिखती हैं,‘उपचुनाव में हार भाजपा को सबक लेना चाहिए कि अति आत्मविश्वास में रहना ही हार की वजह…और यहां विकास के ऊपर जातिवादी राजनीति भारी है सबका साथ सबका विकास नहीं जातीय समीकरण बनाकर चुनाव में जीत मिलती है..!’

राजद के प्रवक्ता मनोज झा लिखते हैं, ‘कुचक्र रचकर व्यक्ति को कारागार में कैद कर सकते हैं… विचार को कैद करने वाली कोई जेल इज़ाद नहीं हुई है. अवाम ने नई इबारत लिख दी है. सिंहासन खाली करो कि जनता आती है… बापू, बाबा साहेब लोहिया, जेपी और नेहरू के लोग साथ-साथ… जय हिंद’


जेबा फातिमा लिखती हैं, ‘योगी जी आप ईद नहीं मनाते, आप आज मोहर्रम मनाइए’


सागर आंनद लिखते हैं, ‘किसी भी भाजपा समर्थक ने उपचुनाव में मिली हार के लिए ईवीएम को जिम्मेदार नहीं ठहराया. यही अंतर है.’


बुशरा हयात लिखती हैं, ‘हमें तो गोरखपुर ने लूटा, वैसे फूलपुर में भी दम था. हमारी कश्ती डूबी अररिया में, और जहानाबाद में पानी कम था.’


राजू श्रीवास्तव के नाम से बने एक पैरोडी अकाउंट से ट्वीट किया गया है, ‘डकैती करते समय तक सब कुछ ठीक रहता है… पर असली झमेला तो लूट का माल बांटते हुए होता है! बबुआ और बुआ तब तक साथ रहेंगे जब तक एक दूसरे को काटने लायक नहीं बन जाते .. टेंशन नहीं लेने का.’


स्नेहा दत्ता लिखती हैं, ‘अररिया, फूलपुर, गोरखपुर जिले देशद्रोही घोषित करना चाहिये भाजपा को’

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