राजनीति

मणिपुर में पहली भाजपा सरकार के सीएम बने एन. बीरेन

नेशनल पीपुल्स पार्टी (एनपीपी) के विधायक वाई. जयकुमार को मणिपुर  का उप-मुख्यमंत्री बनाया गया है.

N Biren Singh

मणिपुर के मुख्यमंत्री के रूप में एन. बीरेन सिंह को राज्यपाल नजमा हेपतुल्ला ने बुधवार को पद और गोपनीयता की शपथ दिलाई. (फोटो: पीटीआई)

एन. बीरेन सिंह ने बुधवार को मणिपुर की पहली भाजपा सरकार के मुख्यमंत्री के तौर पर शपथ ली. पिछले दिनों संपन्न हुए राज्य विधानसभा चुनाव में किसी पार्टी को स्पष्ट बहुमत नहीं मिल सका था.

राज्यपाल नजमा हेपतुल्ला ने यहां राजभवन में आयोजित एक समारोह में बीरेन सिंह को पद एवं गोपनीयता की शपथ दिलाई.

भाजपा और उसकी गठबंधन सहयोगियों के भी कुछ सदस्यों ने मुख्यमंत्री बीरेन सिंह के साथ मंत्री पद की शपथ ली. नेशनल पीपुल्स पार्टी (एनपीपी) के विधायक वाई जयकुमार को उप-मुख्यमंत्री बनाया गया है.

भाजपा के टी. विश्वजीत सिंह, एनपीपी के एल. जयंत कुमार सिंह, एल. हाओकिप और एन. कयिसी, नगा पीपुल्स फ्रंट (एनपीएफ) के एल. दिखो और लोक जनशक्ति पार्टी (लोजपा) के करम श्याम ने मंत्री पद की शपथ ली.

कांग्रेस से भाजपा में शामिल हुए टी. श्यामकुमार को भी मंत्री पद की शपथ दिलाई गई.

भाजपा महासचिव राम माधव और असम सरकार में मंत्री हिमंत बिस्वा सरमा सहित कई अन्य वरिष्ठ नेता शपथ-ग्रहण समारोह में मौजूद थे. निवर्तमान मुख्यमंत्री ओकराम इबोबी सिंह भी शपथ-ग्रहण समारोह में मौजूद थे.

भाजपा अध्यक्ष अमित शाह और केंद्रीय मंत्री एम. वेंकैया नायडू को शपथ-ग्रहण समारोह में हिस्सा लेना था, लेकिन वे नहीं आ सके. दरअसल, वे जिस विमान में यात्रा कर रहे थे उसके इंजन में उड़ान के दौरान ही कोई गड़बड़ी आ गई जिससे पायलट विमान को वापस दिल्ली ले गया.

नजमा ने बीते मंगलवार को बीरेन सिंह को सरकार बनाने के लिए आमंत्रित किया था. बीरेन सिंह को सर्वसम्मति से 21 सदस्यीय भाजपा विधायक दल का नेता चुना गया था.

भाजपा ने 60 सदस्यीय मणिपुर विधानसभा में 32 विधायकों के समर्थन से सरकार बनाने का दावा पेश किया. राज्य की 60 विधानसभा सीटों में से 28 पर कांग्रेस ने जीत दर्ज की थी वहीं भाजपा को 21 सीटें मिली थीं. बहुमत के लिए 31 सीटों की जरूरत थी.

राष्ट्रीय स्तर के फुटबॉलर रह चुके हैं मणिपुर के मुख्यमंत्री

मणिपुर के मुख्यमंत्री पद की शपथ लेने वाले नांगथोमबाम बीरेन सिंह राष्ट्रीय स्तर के फुटबॉलर रह चुके हैं. वह पिछले साल कांग्रेस छोड़कर भाजपा में शामिल हुए थे.

56 वर्षीय बीरेन सिंह हीनगंग विधानसभा सीट से चार बार से विधायक हैं. इबोबी सिंह के नेतृत्व वाली सरकार में मंत्री रहे बीरेन ने इबोबी सिंह से विद्रोह के बाद मणिपुर सीट और प्रदेश कांग्रेस कमेटी से पिछले वर्ष इस्तीफा दे दिया था.

भाजपा के टिकट से हीनगंग सीट से चुनाव लड़े थे. उन्हें राज्य भाजपा में चुनाव प्रबंधन समिति का प्रवक्ता और सह संयोजक नियुक्त किया गया था.

(समाचार एजेंसी भाषा से इनपुट के साथ)