भारत

दस कहानियां: मैं देश से बहुत प्रेम करता हूं

देश के सबसे बड़े देशप्रेमी ने देशप्रेम नापने की एक मशीन बनवाई है. इस मशीन में आदमी के बैठते ही एक सुई घूमने लगती है, जिससे पता चल जाता है कि वो देश से कितना प्रेम करता है.

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(फोटो: पीटीआई)

1

– मैं देश से बहुत प्रेम करता हूं
– कितना प्रेम करते हो
– बहुत ज़्यादा
– कितना ज़्यादा
– बहुत-बहुत-बहुत ज़्यादा
– यह तो बड़ी अच्छी बात है. ये बताओ कि तुम देश से प्रेम कैसे करते हो
– कैसे का मतलब
– मतलब किस तरह
– क्या मतलब?
– देखो, मां बच्चे को प्यार करती है तो उसे चूमती है, सहलाती है और गले से लगा लेती है… तुम देश से किस तरह प्रेम करते हो?
– मां के प्रेम से बहुत बड़ा है मेरा देश प्रेम
– पर करते कैसे हो?
– ये… तो… कल बताऊंगा.

2

– मैं बहुत बड़ा देशभक्त और देश प्रेमी हूं
– बहुत अच्छी बात है पर देश भक्ति और देश प्रेम में आप क्या करते हैं
– क्या देशभक्त और देशप्रेमी होने के लिए कुछ करना भी पड़ता है?

3

– आजादी से पहले देशभक्त अंग्रेज़ों के खिलाफ प्रदर्शन करते थे. लाठी-डंडे और गोलियां खाते थे. जेल जाते थे… फांसी पर चढ़ते थे
– और आज के देशभक्त क्या कर रहे हैं ?
– पुराने देशभक्तों को फांसी के तख्ते से उतार रहे हैं
– क्यों ?
– ताकि उन्हें फिर फांसी दी जा सके

4

– पहले देशभक्त जनता से कहते थे तुम हमें खून दो हम तुम्हें आज़ादी देंगे.
– आज के देशभक्त क्या कहते हैं- तुम हमें वोट दो हम तुम्हें साड़ियां देंगे, लैपटॉप देंगे, साइकिलें देंगे, पैसा देंगे…

5

– ज़ोर से बोलो तुम देशभक्त हो- मैं जोर से बोला कि मैं देशभक्त हूं.
– बहुत ज़ोर से बोलो कि तुम देशभक्त हो
– मैं और ज़ोर से बोला कि मैं देशभक्त हूं.
– उसने कहा कि और ज़ोर से चीख कर बोलो कि मैं देशभक्त हूं.
– मैं बहुत ज़ोर से, बहुत ज़्यादा ज़ोर से चिल्लाकर बोला कि मैं देशभक्त हूं.
– इतना अधिक चिल्लाने से मेरा गला फट गया.
– उसने कहा, नहीं तुम देशभक्त नहीं हो
– मैंने पूछा कैसे?
– उसने कहा तुम्हारे चीख कर कहने से कि तुम देशभक्त हो किसी के कान नहीं फटे.

6

– मैं देश से बहुत प्रेम करता हूं
– तो आप देशवासियों से भी प्रेम करते होंगे
– नहीं मैं देशवासियों से प्रेम नहीं करता
– क्यों
– क्योंकि वे देश से प्रेम नहीं करते
– यह आपको किसने बताया कि वे देश से प्रेम नहीं करते?
– यह मैंने अपने आपको बताया है…

7

देश के सबसे बड़े देशप्रेमी ने देशप्रेम नापने की एक मशीन बनवाई है. इस मशीन में आदमी बैठ जाता है और सुई घूमने लगती है. पता चल जाता है कि कौन देश से कितना प्रेम करता है. देश को सबसे अधिक प्रेम करने वाला लोगों को पकड़कर इस मशीन में बिठाता है और देशभक्ति की परीक्षा लेकर उनके भाग्य का फैसला कर देता है.

एक दिन लोगों ने मौका पाकर देश के सबसे बड़े देशभक्तों को मशीन में बिठा दिया. देश को सबसे अधिक प्रेम करने का दावा करने वाला जब मशीन में बैठा तो सुई नहीं चली. सब परेशान हो गए मशीन से आवाज आई- इन्हें मशीन से उतार दो, इनका देशप्रेम नहीं नापा जा सकता.

– क्यों ? लोगों ने पूछा

मशीन ने कहा- इन्होंने इसी शर्त पर यह मशीन लगावाई है कि इससे इनका देशप्रेम कभी न नापा जाए…

8

– जज साहब! आज मैंने एक देशद्रोही की सरेआम हत्या कर दी. सैकड़ों लोग देख रहे थे. मैंने उसको बहुत बेदर्दी से मार डाला.
– क्या उसका कोई वकील है जिसको आप ने मार डाला है?
– जी नहीं!
– क्या उसके कोई गवाह हैं?
– जी नहीं!
– कोई दोस्त, मोहल्लेदार, संबंधी बाल-बच्चे हैं?
– नहीं
– आपको बाइज़्ज़त रिहा किया जाता है.
– मुझे ग़िरफ्तारी ही कब किया गया था मी लॉर्ड…

9

एक आदिवासी से देशप्रेमी ने पूछा
– तुम देश से प्रेम करते हो? आदिवासी उस वक्त पानी पीने के लिए कुआं खोद रहा था. वह सैकड़ों साल से प्यासा था. आदिवासी ने देशप्रेमी की बात का जवाब नहीं दिया.
और कुआं खोदता रहा
देशप्रेमी ने फिर पूछा- क्या तुम देश से प्रेम करते हो?
पता नहीं कैसे आदिवासी की कुदाल एक ऐसी दिशा में चली कि फिर उससे यह प्रश्न पूछने वाला न रहा कि तुम देश से प्रेम करते हो या नहीं?

10

देशप्रेमी ने एक दलित से पूछा- तुम देश से प्रेम करते हो?

दलित ने कहा- मैं तुम्हें मंदिर के अंदर आकर इस सवाल का जवाब दे सकता हूं.
देशप्रेमी ने कहा- मुझे उत्तर मिल गया है. तुम देश से प्रेम नहीं करते हो.

(असग़र वजाहत प्रसिद्ध कहानीकार व नाटककार हैं. वे जामिया मिलिया इस्लामिया विश्वविद्यालय में हिंदी विभाग के अध्यक्ष रह चुके हैं. साथ ही डॉक्यूमेंट्री फिल्म बनाने, फिल्मों और टीवी के लिए पटकथा लेखन से भी जुड़े रहे हैं.)