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पेपर लीक मामले में सीबीएसई कार्यालय के बाहर छात्रों का प्रदर्शन

निजी स्कूलों के संगठन ने मानव संसाधन विकास मंत्री प्रकाश जावड़ेकर के इस्तीफे की मांग की. झारखंड में कोचिंग केंद्र के दो निदेशक, चार छात्र हिरासत में.

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(फोटो: पीटीआई)

नई दिल्ली: दसवीं के गणित और 12वीं कक्षा के अर्थशास्त्र विषयों के पर्चे लीक होने के विरोध में छात्रों के एक समूह ने शनिवार को दिल्ली के प्रीत विहार में स्थित केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) के कार्यालय के पास प्रदर्शन किया.

दिल्ली पुलिस के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया, ‘छात्रों ने सीबीएसई कार्यालय के सामने सड़क अवरूद्ध करने की कोशिश की. करीब 25-30 छात्रों का एक समूह सीबीएसई कार्यालय के बाहर विरोध प्रदर्शन कर रहा है.’

बोर्ड ने 25 अप्रैल को 12वीं के अर्थशास्त्र विषय की दोबारा परीक्षा लेने की घोषणा की है जबकि 10वीं के गणित विषय की परीक्षा जुलाई में करायी जा सकती है.

शिक्षा सचिव अनिल स्वरूप ने शुक्रवार को कहा कि प्रारंभिक जांच में पता चला है कि दसवीं के गणित का पर्चा लीक दिल्ली और हरियाणा तक ही सीमित था. पर्चा लीक को लेकर अब तक दो मामले दर्ज किए गए हैं. इस संबंध में दिल्ली पुलिस की अपराध शाखा ने छात्रों एवं ट्यूशन देने वाले शिक्षकों सहित करीब 60 लोगों से पूछताछ की है.

निजी स्कूलों के संगठन ने जावडे़कर के इस्तीफे की मांग की

नई दिल्ली: निजी स्कूलों का नेतृत्व करने वाले एक संगठन ने सरकार पर बोर्ड परीक्षाओं को उचित तरीके से करा पाने में असफल रहने का आरोप लगाते हुए केंद्रीय मानव संसाधन विकास मंत्री प्रकाश जावड़ेकर के इस्तीफे की मांग की है.

‘नेशनल इंडिपेंडेंट स्कूल एलायंस’ (एनआईएसए) के अध्यक्ष कुलभूषण शर्मा ने कहा कि सीबीएसई पेपर लीक बच्चों के लिए ‘तनाव का कारण’ बना है. एनआईएसए देश में 60,000 निजी स्कूलों का नेतृत्व करने का दावा करता है.

उन्होंने कहा कि सरकार परीक्षाओं को उचित तरीके से करा पाने की जिम्मेदारी क्यों नहीं ले रही. शर्मा ने एक बयान में कहा, ‘हमने बार-बार सीबीएसई से अनुरोध किया कि बोर्ड को अपनी भूमिका मुख्य उद्देश्य तक सीमित करनी चाहिए जो कि परीक्षाएं कराना है. राजनीतिक दबाव के चलते, सीबीएसई अपने मुख्य उद्देश्य से भटक गई है और उसने नियन्त्रक के तौर पर काम करना शुरू कर दिया है.’

उन्होंने कहा, ‘सीबीएसई क्योंकि एचआरडी मंत्रालय के अधीन काम करती है, इसलिए हम इसे मंत्रालय की असफलता के तौर पर देखते हैं और एचआरडी मंत्री के तत्काल इस्तीफे की मांग करते हैं.’ एनआईएसए ने सीबीएसई को ‘पूर्णत: स्वतंत्र एवं स्वायत्त संगठन’ बनाने का सुझाव दिया और मंत्रालय और बोर्ड की भूमिकाओं के विभाजन की मांग भी की.

गूगल ने दिल्ली पुलिस को भेजा जवाब

नई दिल्ली: गूगल ने उस ई-मेल आईडी के बारे में दिल्ली पुलिस की अपराधा शाखा को शनिवार को जानकारी भेजी, जिसके जरिए सीबीएसई अध्यक्ष को 10वीं कक्षा के गणित के पेपर के लीक होने के संबंध में मेल भेजा गया था.

आधिकारिक सूत्र ने उक्त जानकारी दी है. पुलिस के एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने कहा कि उन्हें ऑनलाइन सर्च इंजन से जवाब मिल गया है लेकिन उन्होंने इस पर विस्तृत जानकारी देने से इनकार कर दिया.

इस बीच, पुलिस ने पेपर लीक मामले में अपनी जांच जारी रखी है और इस संबंध में उन्होंने बाहरी दिल्ली के कई स्कूलों और कोचिंग सेंटरों पर पहुंचकर पूछताछ की.

अधिकारी ने बताया कि अभी तक 60 से अधिक लोगों से पूछताछ की जा चुकी है लेकिन मामले में कोई ‘बड़ी सफलता’ हासिल नहीं हुई है.

‘सेंट्रल बोर्ड ऑफ सेकेंडरी एजुकेशन’ (सीबीएसई) की अध्यक्ष अनीता कारवाल को 10वीं की गणित परीक्षा से एक दिन पहले पेपर के लीक होने की जानकारी वाला एक मेल मिला था. 10 वीं की गणित की परीक्षा 28 मार्च को हुई थी.

मेल भेजने वाले की जानकारी हासिल करने के लिए पुलिस ने गूगल से ई-मेल आईडी के संबंध में जानकारी मांगी थी. शुक्रवार, इस संबंध में पुलिस ने वेबसाइट को प्रक्रिया तेज करने के लिए एक पत्र भेजा था.

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(फोटो: पीटीआई)

झारखंड में कोचिंग केंद्र के दो निदेशक, चार छात्र हिरासत में

चतरा: सीबीएसई प्रश्न पत्र लीक मामले में यहां के एक निजी कोचिंग केंद्र के दो निदेशकों सहित छह और लोगों को शनिवार को गिरफ्तार किया गया.

पुलिस ने बताया कि सीबीएसई लीक मामले में दसवीं और 11वीं कक्षा के छात्रों सहित शुक्रवार से 12 लोगों को झारखंड के चतरा से गिरफ्तार किया जा चुका है.

इस हफ्ते की शुरुआत में दसवीं कक्षा का गणित और 12वीं कक्षा का अर्थशास्त्र का प्रश्न पत्र लीक हो जाने से परीक्षा बोर्ड आलोचनाओं की जद में है. पुलिस ने इस मामले में शुक्रवार को दसवीं कक्षा के छह छात्रों को हिरासत में लिया था.

पुलिस ने कहा कि शनिवार को जिन लोगों को हिरासत में लिया गया है उनमें चार जिले के विभिन्न स्कूलों के छात्र हैं और दो एक निजी कोचिंग केंद्र के निदेशक हैं.

सोशल मीडिया पर दिख रहा 12वीं का हिंदी का पर्चा फर्जी: सीबीएसई

नई दिल्ली: सीबीएसई ने सोशल मीडिया पर दिख रहे 12वीं कक्षा के हिंदी के पर्चे को ‘फर्जी’ बताते हुए शनिवार को लोगों से पर्चे को लेकर अफवाहें ना फैलाने की अपील की.

केंद्रीय माध्यमिक शिक्षा बोर्ड (सीबीएसई) 12वीं कक्षा के हिंदी (चयनात्मक) विषय की परीक्षा दो अप्रैल को आयोजित करेगा. सीबीएसई ने एक विज्ञप्ति में कहा, ‘सोशल मीडिया यानी व्हाट्सऐप, यूट्यूब पर 12वीं कक्षा के हिंदी (चयनात्मक) (पृथक) विषय की परीक्षा का एक फर्जी प्रश्नपत्र फैलाया जा रहा है.’

बोर्ड ने कहा कि ये प्रश्नपत्र या तो पुराने साल के हैं या फर्जी हैं. विज्ञप्ति में कहा गया, ‘इसलिए इन फर्जी पर्चों को लेकर खबरें ना फैलाने का अनुरोध किया जाता है ताकि छात्र एवं दूसरे हितधारक गुमराह ना हों.’

पेपर लीक से प्रभावित छात्र गुजर रहे हैं कई परेशानियों से

नई दिल्ली: दसवीं की गणित और 12वीं की अर्थशास्त्र की दोबारा परीक्षा होने की घोषणा के बाद पूरे देश के छात्र अजीब तरह के संकट से गुजर रहे हैं. किसी की छुट्टियां बिताने की योजना पर पानी फिर गया तो किसी के अन्य प्रवेश परीक्षा में परेशानी आ रही और कोई दोबारा ट्यूशन के चक्कर लगा रहा है. इन सबसे बढ़कर दोबारा परीक्षा देने की दुविधा से गुजरना है और दोबारा परीक्षा देने जाना है.

दिल्ली कांग्रेस प्रमुख अजय माकन के बेटे एवं 10वीं कक्षा के छात्र ओजस्वी माकन ने कहा, ‘हम बहुत निराश हैं. सीबीएसईकी अध्यक्ष को परीक्षा के एक दिन पहले प्रश्नपत्र लीक होने की जानकारी मिली थी. उन्हें पहले ही पेपर रद्द कर देना चाहिए था. हम लोगों की छुट्टियों पर जाने की योजना थी, लेकिन अब वह रद्द हो चुका है.’

12 वीं की अर्थशास्त्र की दोबारा परीक्षा देने की तैयारी कर रही वंशिका ने कहा, ‘सबसे पहले, अधिकारियों को यह सुनिश्चित करना चाहिए था कि पेपर लीक न हो. हम क्यों पीड़ित हों और दोबारा इसी प्रक्रिया से गुजरें? प्रश्नपत्र अच्छा था और अब हमें दोबारा इसकी तैयारी करनी होगी. वहीं मेरे फिल्ममेकिंग की प्रवेश परीक्षा अब अर्थशास्त्र की परीक्षा की नई तारीख से टकरा रहा है.’

एमिटी इंटरनेशनल स्कूल गुड़गांव के 12 वीं कक्षा के छात्र निखिल ने कहा, ‘बोर्ड परीक्षा की तैयारी के लिए मैं रोजाना 16 घंटे पढ़ता था. इतनी मेहनत के बाद पता चलाकि पर्चा लीक हो गया. अब इसकी क्या गारंटी है कि दोबारा होने वाली परीक्षा के साथ छेड़छाड़ नहीं होगी? अगर हमारे सिस्टम में खामी है तो छात्रों की क्या गलती है?’

हरियाणा की 12 वीं की छात्रा मनीषा ने कहा, ‘20 अप्रैल से मेरी प्रवेश परीक्षाएं होने वाली हैं. मैं कई क्रैश कोर्स में भी हिस्सा लेने वाली थी. अब, मैं क्या करूं? दोबारा परीक्षा की तैयारी करूं या प्रवेश परीक्षा की तैयारी करूं.’

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