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‘भारत बंद’ के दौरान देश भर में हिंसा, मध्य प्रदेश में चार की मौत

कई राज्यों में कर्फ्यू जैसे हालात. सेना की टुकड़ियां तैनात. पंजाब में सीबीएसई की परीक्षा स्थगित. हिंसाग्रस्त क्षेत्रों में बस-रेल सेवा ठप. कई राज्यों में इंटरनेट पर पाबंदी.

Gaya: People protest during 'Bharat Bandh' call given by Dalit organisations against the alleged dilution of Scheduled Castes / Scheduled Tribes act, in Gaya, Bihar on Monday. PTI Photo(PTI4_2_2018_000048B)

बिहार में प्रदर्शन करते प्रदर्शनकारी (फोटो: पीटीआई)

नई दिल्ली: अनुसूचित जाति/अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम के खिलाफ हालिया आए सुप्रीम कोर्ट के फैसले के बाद विभिन्न संगठनों द्वारा 2 अप्रैल सोमवार को बुलाए भारत बंद में देश भर से व्यापक पैमाने पर हिंसा की खबरें आ रही हैं. मध्य प्रदेश के ग्वालियर, भिंड और मुरैना जिले में उपद्रव के दौरान चार लोगों की मौत की खबर है. ग्वालियर में गोली लगने से मौत की खबर है लेकिन गोली कहां से चली, किसने चलाई, यह साफ नहीं हो पाया है.

वहीं, राजस्थान से भी एक व्यक्ति की मरने की बात सामने आ रही है.

ग्वालियर संभाग के आयुक्त बीएम शर्मा ने बताया, ‘विरोध प्रदर्शन के दौरान हिंसा भड़कने से ग्वालियर शहर के कुछ हिस्सों में कर्फ्यू लगाया गया है.’ शर्मा ने हालांकि इससे अधिक कोई जानकारी नहीं दी.

पुलिस महानिरीक्षक (कानून एवं व्यवस्था) मकरंद देऊस्कर ने बताया, ‘बंद प्रदर्शनकारियों की गोलीबारी में ग्वालियर में दो, भिण्ड में एक और मुरैना में एक व्यक्ति की मौत हो गई.’

उन्होंने बताया कि मरने वाले लोगों की पहचान राकेश जाटव, दीपक जाटव (ग्वालियर), महावीर राजावत (भिण्ड) और राहुल पाठक (मुरैना) के तौर पर हुई है.

उन्होंने बताया कि भारत बंद प्रदर्शन के दौरान बंद समर्थकों और बंद विरोधियों के बीच तनाव के चलते बालाघाट, सागर और दतिया में धारा 144 लागू की गई है. साथ ही उन्होंने जानकारी दी कि प्रदर्शन के दौरान प्रदेश के कई हिस्सों से पथराव और लूट की कुछ सूचनाएं मिली हैं.

उन्होंने बताया कि ग्वालियर और चंबल संभाग में एक एसडीएम और एक पुलिस अधिकारी भी घायल हुआ है. इसलिए ग्वालियर और चंबल संभाग में अफवाहों की रोकथाम के लिये इंटरनेट सेवाएं बाधित कर दी गई हैं.

वहीं, मुरैना से भी एक व्यक्ति की मौत की खबर आ रही है. एक छात्र नेता की गोली लगने से मौत हुई है. मुरैना के एसडीएम उमेश शुक्ला ने बताया कि विरोध प्रदर्शन के दौरान छात्र नेता राहुल पाठक की गोली लगने से मौत हो गई. भारत बंद के दौरान हुए विरोध प्रदर्शन में गोली लगने से वह गंभीर रूप से घायल हो गया और इलाज के लिये अस्पताल ले जाने के दौरान उसने रास्ते में ही दम तोड़ दिया. शुक्ला ने बताया कि विरोध प्रदर्शन के दौरान हिंसा बढ़ने पर पूरे मुरैना शहर में कर्फ्यू लगा दिया गया है.

दैनिक भास्कर के अनुसार, ग्वालियर के थाटीपुर इलाके से दो युवकों की मौत की खबरें आ रही हैं. चार थाना क्षेत्रों में कर्फ्यू लगा दिया गया है. वहीं, मुरैना  जिले में भी हिंसक झड़पों में एक युवक की मौत हो गई है. पुलिस और एससी-एसटी समुदाय के लोगों के बीच हुई फायरिंग के दौरान युवक को गोली लगी.

ग्वालियर, भिंड और मुरैना में हिंसा के दौरान दर्जन भर से ज्यादा लोग घायल हुए हैं. बंद के दौरान जमकर पथराव और तोड़फोड़ की गई. ट्रेनों को रोका गया और नेशनल हाइवे जाम कर दिए गए. भिंड में नेशनल हाइवे जाम कर वाहनों के शीशे तोड़े गए, मुरैना में रेलवे ट्रैक पर पत्थर रखकर ट्रेनों को रोक दिया गया है. पुलिस को कुछ जगहों पर उपद्रवियों पर काबू पाने के लिए, लाठीचार्ज, आंसू गैस के गोले और यहां तक कि हवाई फायरिंग करनी पड़ी है. हिंसा को देखते हुए प्रशासन ने ग्वालियर और भिंड में इंटरनेट सेवाएं बंद कर दी हैं.

ग्वालियर में बीएसएफ और एएसएफ की टुकड़ियां तैनात की गई हैं. वहीं, भोपाल में मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने आपात बैठक बुलाई है.

भिंड में भीम सेना और बजरंग दल के कार्यकर्ताओं के बीच जमकर पथराव हुआ. उग्र होते प्रदर्शन को काबू में करने के लिए पुलिस को गोलियां दागनी पड़ीं, इससे पांच लोगों के घायल होने की सूचना है. मालनपुर में हाइवे जाम कर दिया है, जिसके बाद दोनों और सैकड़ों वाहन फंस गए है. साढ़े तीन घंटे से वहां पर जाम लगा हुआ है.

वहीं, भिंड के पुलिस अधीक्षक प्रशांत खरे ने बताया, ‘भारत बंद में विरोध प्रदर्शन के दौरान हिंसा भड़कने के बाद स्थिति को काबू में करने के लिए भिंड सहित जिले के मेहगांव, लहार, गोहद और मछेन्द्र कस्बे में कर्फ्यू लगाया गया है. जिले में प्रदर्शनकारियों द्वारा गोली चलाने से छह लोग घायल हो गए हैं.’

उन्होंने बताया कि स्थिति को काबू करने के लिए जिले में सेना को बुलाया गया है.

एक प्रत्यशदर्शी ने बताया कि भिंड में प्रदर्शनकारियों ने गोलमार्केट के पास धनवंतरी कॉम्पलेक्स में लगभग 40-50 दुकानों सहित पांच वाहनों में तोड़फोड़ की. इसके अलावा प्रदर्शनकारियों ने रेलवे स्टेशन पर भिंड-ग्वालियर पैसेंजर ट्रेन की एक बोगी में भी तोड़फोड़ कर दी.

मुरैना में दो घंटे से खड़ी छत्तीसगढ़ एक्सप्रेस को जैसे ही भोपाल के लिए रवाना करने की कोशिश की गई, भीम सेना के लोग इंजन पर चढ़ गए और उसमें तोड़फोड़ कर दी. यात्रियों ने दहशत में खिड़की-दरवाजे बंद कर लिए हैं. शताब्दी एक्सप्रेस को आगरा और ग्वालियर के बीच रोक दिया गया है. कई ट्रेनों को मुरैना और ग्वालियर आने से पहले ही रोका गया है.

मध्य प्रदेश के ही आदिवासी बहुल झाबुआ जिला मुख्यालय में भी प्रदर्शन के दौरान प्रदर्शनकारियों ने दुकानों को लूट लिया इससे कस्बे में तनाव फैल गया है.

प्रदेश की राजधानी भोपाल में प्रदर्शनकारियों ने बोर्ड ऑफिस चौराहे पर आंबेडकर की प्रतिमा के सामने चक्काजाम कर दिया. प्रदर्शनकारियों ने प्रदेश में दो दर्जन से अधिक वाहनों को नुकसान पहुंचाया और कुछ जगहों पर वाहनों में आग भी लगाई गई है.

पंजाब में भी हालात चिंतनीय

Patiala : Members of Dalit community stage a protest during 'Bharat Bandh' call by Dalit organisations against the alleged dilution of Scheduled Castes / Scheduled Tribes Act, in Patiala on Monday. PTI Photo(PTI4_2_2018_000049B)

पटियाला में प्रदर्शन (फोटो: पीटीआई)

वहीं, देश के दूसरे हिस्सों से भी हिंसा की खबरें सामने आ रही हैं. बंद के आह्वान के बाद पंजाब में बस एवं मोबाइल सेवाएं बेद कर दी गई हैं. सेना एवं अर्द्धसैनिक बलों को किसी भी परिस्थिति के लिये तैयार रहने के लिए कहा गया है. स्कूल बंद करने के आदेश हैं और बस यातायात भी रोक दिया गया है.

पंजाब सरकार के प्रवक्ता ने यहां बताया  किसी भी अप्रिय घटना को रोकने के लिये  मंगलवार को पूरे राज्य में बंद के दौरान सार्वजनिक एवं निजी परिवहन की सेवाएं निलंबित रहेंगी. बैंक भी बंद रहेंगे.

मुख्यमंत्री अमरिंदर सिंह के शीर्ष पुलिस अधिकारियों एवं प्रशासनिक अधिकारियों के साथ सुरक्षा व्यवस्था की समीक्षा करने के बाद ये आदेश जारी किए गए. वहीं, सुरक्षा बलों ने एहतियात के तौर पर राज्य के कुछ हिस्सों में फ्लैग मार्च निकाला.

सरकार ने तीन अप्रैल तक कानून व्यवस्था बनाये रखने के लिये विशेष कार्यकारी मजिस्ट्रेट नियुक्त किया है. मुख्यमंत्री अमरिंदर सिंह ने राज्य के लोगों खासकर अनुसूचित जाति के सदस्यों से संयम बरतने और कानून व्यवस्था बनाए रखने की अपील की है.

वहीं, पड़ोसी राज्य हरियाणा के अंबाला और रोहतक में तथा दोनों राज्यों की संयुक्त राजधानी चंडीगढ़ में भी प्रदर्शन हुए. दलितों ने पंजाब के जालंधर, होशियारपुर, रोपड़, बठिंडा, अमृतसर और फिरोजपुर में प्रदर्शन किए.

उच्चतम न्यायालय ने20 मार्च के अपने फैसले में अनुसूचित जाति/ अनुसूचित जनजाति (अत्याचार निवारण) अधिनियम के कुछ प्रावधानों को नरम बनाया था ताकि अपना कर्तव्य निभा रहे ईमानदार अधिकारियों को कानून के तहत झूठे मुकदमों में फंसा कर ब्लैकमेल किए जाने से रोका जा सके.

फैसले की दलितों और विपक्ष ने कटु आलोचना की है. उनका कहना है कि कानून को कमजोर करने से दलितों के खिलाफ भेदभाव और अपराध बढ़ जाएंगे.

इस बीच सीबीएसई ने राज्य सरकार के अनुरोध पर 12वीं और 10वीं की परीक्षाओं को पंजाब में स्थगित कर दिया है. बोर्ड ने कहा कि पंजाब सरकार के स्कूली शिक्षा महानिदेशक की ओर से भारत बंद के दौरान कानून एवं व्यवस्था की समस्याओं और अन्य गड़बड़ियों की आशंका जताते हुए दो अप्रैल को होने वाली परीक्षाएं स्थगित करने के लिए एक अप्रैल को अनुरोध पत्र मिला था.

दिल्ली में भी भारी प्रदर्शन

प्रदर्शनकारी बाहरी दिल्ली में कई जगह रेल की पटरियों पर बैठ गए, जिससे देहरादून एक्सप्रेस और रांची राजधानी सहित कई ट्रेनों को रास्ते में ही रोकना पड़ा.

उत्तरी रेलवे के अधिकारियों ने बताया कि प्रदर्शनकारियों के आज सुबह करीब 10 बजे गाजियाबाद यार्ड पहुंचने के बाद सेवाएं बाधित हुईं. अधिकारियों ने बताया कि सप्त क्रांति एक्सप्रेस, उत्कल एक्सप्रेस, भुवनेश्वर और रांची राजधानी, कानपुर शताब्दी सहित कई ट्रेनों को गाजियाबाद से पहले मेरठ और मोदीनगर में ही रोक दिया गया.

उन्होंने बताया कि करीब 2000 लोगों की भीड़ ने हापुड़ स्टेशन पर ट्रेनों को रोका. कई माल गाड़ियों को भी रोका गया. दिल्ली पुलिस और रेलवे प्रोटेक्शन फोर्स के कर्मी लोगों को पटरी से हटाने की कोशिश कर रहे हैं.

इसके अलावा बिहार, उत्तर प्रदेश, ओडिशा, झारखंड, राजस्थान, गुजरात से भी हिंसा और आगजनी की खबरें. राजस्थान में दलित संगठनों और करणी सेना के बीच हुई झड़प में 25 लोग घायल हो गए.

उत्तर प्रदेश के आजमगढ़ और मुजफ्फरनगर में वाहनों को आग लगा दी गई.

हापुड़ में भी यही हालात हैं. गुजरात के कच्छ से भी हिंसा और आगजनी की खबरें हैं.

गुजरात के कई बड़े शहरों और नगरों में दलितों ने विरोध प्रदर्शन किया. अधिकारियों ने बताया कि प्रदर्शनकारियों द्वारा कुछ बसों को निशाना बनाए जाने के बाद शहर की सरकारी परिवहन सेवाओं को रोक दिया गया. प्रदर्शन के दौरान जामनगर से तोड़-फोड़ की खबरें सामने आईं.

नगरपालिका आयुक्त मुकेश कुमार ने बताया कि सड़कें बाधित करने और शहर के पूर्वी हिस्से में बीआरटीएस की कुछ बसों पर हमले की खबरों के बाद अहमदाबाद नगर निकाय ने कुछ मार्गों पर अपनी सेवाएं रोक दी.

उन्होंने बताया, ‘अहमदाबाद नगर निगम परिवहन सेवा (एएमटीएस) के कुछ मार्गों पर बसों का परिचालन भी रोक दिया गया.’

दलित प्रदर्शनकारियों ने दानी लिमडा, नारौदा, बापूनगर, कालूपुर और अमराईवाड़ी समेत शहर के कई अन्य हिस्सों में सड़कों पर प्रदर्शन किया.

दलित पैंथर के राहुल परमार के मुताबिक, इन इलाकों में कई सड़कों को बाधित किया गया जबकि प्रदर्शनकारियों द्वारा दुकानें बंद रखने को कहा गया.

शहर के प्रभारी पुलिस आयुक्त केएलएन राव के मुताबिक प्रदर्शन के कारण होने वाली कानून और व्यवस्था की किसी भी समस्या से निपटने के लिए शहर भर में पर्याप्त पुलिस कर्मी नियुक्त किए गए हैं.

एक अधिकारी ने बताया कि राजकोट के त्रिकोण बाग में कई दलित कार्यकर्ताओं और कांग्रेस कार्यकर्ताओं ने प्रतीकात्मक रूप से अधिनियम से संबंधित उच्चतम न्यायालय के आदेश की प्रतियों को जलाया.

अधिकारी ने बताया कि जामनगर शहर में भीड़ ने एक बस डिपो में रखे हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के पोस्टर फाड़े. भीड़ ने डिपो और उसके आस-पास कई दुकानों को क्षतिग्रस्त कर दिया.

देहरादून में भी जबरन बाजारों को बंद कराया गया.

महाराष्ट्र में बसों पर पथराव

वहीं, उत्तर महाराष्ट्र में बसों पर पथराव की घटनाएं सामने आई हैं. दलित समूहों ने अनुसूचित जाति/अनुसूचित जनजाति कानून का मूल रूप बहाल करने को लेकर आज भारत बंद का आह्वान किया है.

पुलिस के एक अधिकारी ने कहा, ‘प्रदर्शनकारियों ने नंदुरबार जिले के शहाहदा में शहाहदा-पडसाला बस समेत राज्य परिवहन की चार बसों पर पथराव किया है.’

राजस्थान में भी बंद का असर रहा

भारत बंद का राजस्थान में व्यापक असर रहा. बस और ट्रेन संचालन बुरी तरह से प्रभावित हुआ.

पुलिस सूत्रों के अनुसार जयपुर, अजमेर, बाडमेर, जोधपुर, श्रीगंगानगर, उदयपुर, सीकर में बंद समर्थकों और पुलिस में हल्की झड़प हुई. जयपुर में टोंक रोड पर बंद समर्थकों ने कुछ वाहनों के शीशे तोड़ दिए और दुकानों में तोड़फोड़ की और गांधी नगर रेलवे स्टेशन पर मालगाड़ी को रोकने की सूचना है.

बंद समर्थकों ने अजमेर में भी दुकानें बंद करवाने को लेकर तोड़फोड़ की और वाहनों को नुकसान पहुंचाया. जयपुर, अलवर, कोटा, बीकानेर, दौसा, अजमेर, सीकर सहित कई स्थानों पर बंद समर्थकों ने दुकानें एवं व्यावसायिक प्रतिष्ठान जबरन बंद करवाए.

दुकानदारों और बंद समर्थकों में झड़प भी हुई. वहीं, जयपुर मेट्रो का संचालन मध्याह्न तक के लिए रोक दिया गया है.

राजस्थान राज्य पथ परिवहन निगम और उत्तर पश्चिम रेलवे प्रवक्ता के अनुसार प्रदेश में बंद के कारण बस और रेल संचालन बुरी तरह से प्रभावित हुआ है.

रोडवेज के अनुसार सुबह 11 बजे के बाद बसों का संचालन रोक दिया गया. उन्होंने कहा कि स्थिति की समीक्षा करने के बाद बसों का संचालन पुन: शुरू करने पर निर्णय लिया जाएगा.

अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक (कानून व्यवस्था) एनआरके रेड्डी ने बताया कि उग्र बंद समर्थकों ने प्रदेश के कई स्थानों पर कई वाहनों में तोड़फोड़ की और आग के हवाले कर दिया. हालांकि, स्थिति पूरी तरह नियंत्रण में है. स्थिति से निपटने के लिए राज्य में 25-30 अतिरिक्त सुरक्षा बल की कंपनियों की तैनाती की गई है.

उन्होंने बताया कि जालौर, बाड़मेर और आहौर में धारा 144 लागू की गई है. बाड़मेर में दलित प्रदर्शनकारियों द्वारा चार कारों में आगजनी के बाद जिले में मोबाइल इंटरनेट सेवा पर रोक लगा दी है.

बाड़मेर जिला कलेक्टर नकाते शिवप्रसाद मदान ने बताया कि स्थिति अब पूरी तरह नियंत्रण में है और ऐहतियात के तौर पर निषेधाज्ञा लगा दी गई है.

उत्तर प्रदेश भी नहीं रहा हिंसा से अछूता

प्रदेश के गृह विभाग के प्रमुख सचिव अरविंद कुमार ने बताया कि गाजियाबाद समेत कुछ स्थानों पर प्रदर्शनकारियों द्वारा रेलगाड़ियां रोके जाने की बात सामने आई है. सभी प्रभावित जिलों में आवश्यक बल भेजा गया है.’

प्रदेश के पुलिस महानिदेशक ओ.पी. सिंह ने कहा कि प्रदर्शनकारियों ने कुछ बसों में आग लगा दी है. हालांकि स्थिति पर पूरी तरह काबू पा लिया गया है. यह वक्त यह देखने का नहीं है कि कमी कहां पर रह गई. अभी हमें कानून के दायरे में जो करना है, उस पर ध्यान दे रहे हैं.

उन्होंने कहा कि प्रदेश में अधिकारी सजग थे लेकिन फिर भी कुछ घटनाएं हुई हैं. कई जगह स्थितियां ठीक हो गई हैं.

इस बीच, आजमगढ़ से प्राप्त खबर के मुताबिक जिले में उग्र प्रदर्शनकारियों ने कई बसों में तोड़फोड़ और आगजनी की. सगड़ी तहसील में गोरखपुर-आजमगढ़ राजमार्ग पर प्रदर्शनकारियों ने राजमार्ग से गुजरने वाले वाहनों पर पथराव किया. इस दौरान आधा दर्जन बसों के शीशे तोड़ दिए गए और रोडवेज की दो बसों में आग लगा दी गई. इस घटना में कई यात्री और राहगीर चोटिल हुए हैं.

सूत्रों ने बताया कि पुलिस ने स्थिति नियंत्रित करने के लिये हवा में गोलियां चलाईं और आंसू गैस का इस्तेमाल किया. स्थिति अब नियंत्रण में है.

संभल से प्राप्त रिपोर्ट के अनुसार भारत बंद के आवाहन पर चन्दौसी में दलित संगठनों के कार्यकर्ताओं ने नगर में जुलूस निकाल कर दुकानें बन्द कराईं.

रेल आवागमन बाधित, करीब सैकड़ा भर ट्रेन प्रभावित

प्रदर्शनकारी कई जगह रेल की पटरियों पर बैठ गए जिससे करीब 100 ट्रेनों की सेवाएं प्रभावित हुईं हैं. अधिकारियों ने बताया कि अधिकतर सेवाएं बहाल कर दी गई हैं.

प्रदर्शनकारियों ने राजस्थान, ओडिशा, बिहार, उत्तर प्रदेश, हरियाणा और दिल्ली में रेल और सड़क यातायात को जाम कर दिया तथा हिंसा भी की.

विभिन्न क्षेत्रों के रेल अधिकारियों ने बताया कि सोमवार सुबह से ही प्रदर्शनकारी रेल यार्डों में एकत्र होने लगे थे. उत्तर रेलवे के अधिकारियों ने बताया कि प्रदर्शनकारियों के सोमवार सुबह करीब 10 बजे गाजियाबाद रेल यार्ड पहुंचने के बाद सेवाएं बाधित हुईं.

अधिकारियों ने बताया कि सप्त क्रांति एक्सप्रेस, उत्कल एक्सप्रेस, भुवनेश्वर और रांची राजधानी, कानपुर शताब्दी सहित कई ट्रेनों को गाजियाबाद से पहले मेरठ और मोदीनगर में ही रोक दिया गया.

उन्होंने बताया कि करीब 2000 लोगों की भीड़ ने हापुड़ स्टेशन पर ट्रेनों को रोका. कई मालगाड़ियों को भी रोका गया. आगरा रेल मंडल पर एक शताब्दी और गतिमान एक्सप्रेस सहित 28 ट्रेनें देरी से चलीं.

फिरोजपुर रेल यार्ड पर सुबह साढ़े आठ बजे करीब 150 लोग पहुंचे जिससे ट्रेनों की आवाजाही बाधित हुई. अन्य 200 लोगों ने अमृतसर-लुधियाना रेल खंड पर भी सेवाएं बाधित की.

अधिकारी ने बताया कि मार्गों पर से प्रदर्शनकारियों को हटा दिया गया है और थोड़े विलंब के बाद ट्रेनों का परिचालन भी बहाल हो गया. प्रदर्शनकारियों के कारण पूर्व मध्य रेलवे की करीब 43 ट्रेनें प्रभावित हुईं क्योंकि वे सुबह पांच बजकर 10 मिनट पर ही धनबाद रेल मंडल पर पहुंच गए थे. बिहार में प्रदर्शनकारी पटना जंक्शन रेलवे स्टेशन पर पहुंच गए और जबरन टिकट बुकिंग काउंटर बंद करा दिया और पटरियों पर बैठ गए.

ईस्ट कोस्ट रेलवे में करीब चार ट्रेन सेवाएं प्रभावित हुईं जहां सुबह पांच बजकर 15 मिनट पर प्रदर्शनकारी संबलपुर और खुर्दा मार्ग खंड पर बैठ गए थे.

उत्तर पूर्व रेलवे, दक्षिण पूर्व रेलवे और उत्तर पूर्व फ्रंटियर रेलवे में करीब 18 ट्रेन सेवाएं प्रभावित हुईं लेकिन सुबह साढ़े नौ बजे सेवाएं बहाल हो गईं.

उत्तर पश्चिम रेलवे प्रवक्ता तरुण जैन के अनुसार, ‘रेल मार्ग रोक देने के कारण कई ट्रेनें अलग अलग स्थानों पर हालात सामान्य होने की प्रतीक्षा में खड़ी हैं, जबकि कई गाड़ियां आंशिक रूप से रद्द कर दी गई है.

उन्होंने बताया कि नई दिल्ली-अजमेर शताब्दी एक्सप्रेस, भिवानी-अलवर सवारी गाड़ी, इलाहाबाद-जयपुर एक्सप्रेस, सूरतगढ-जयपुर सवारी गाड़ी, दिल्ली-पोरबंदर एक्सप्रेस, बान्द्रा टर्मिनस-दिल्ली सराय गरीब रथ एक्सप्रेस और अहमदाबाद-श्रीवैष्णोदेवी कटरा एक्सप्रेस प्रभावित हुईं हैं.

प्रवक्ता ने बताया कि जयपुर-हिसार रेल सेवा अलवर-हिसार के मध्य, हिसार-जयपुर रेलसेवा हिसार-अलवर के मध्य, भिवानी-अलवर रेलसेवा खैरथल-अलवर के मध्य, मथुरा-भिवानी के बीच आज रद्द रहेगी.

उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश में भेजे गए 800 दंगा रोधी पुलिसकर्मी

केंद्र ने हिंसक प्रदर्शनों के बाद 800 दंगा रोधी पुलिसकर्मियों को उत्तर प्रदेश और मध्य प्रदेश भेजा है. गृह मंत्रालय के एक अधिकारी ने बताया कि उत्तर प्रदेश के मेरठ के लिए रैपिड एक्शन फोर्स (आरएएफ) की दो कंपनियां और आगरा तथा हापुड़ के लिए एक-एक कंपनी भेजी गई है.

आरएएफ की एक कंपनी में लगभग 100 कर्मी होते हैं. स्थिति से निपटने में राज्य प्रशासन की मदद करने के लिए मध्य प्रदेश के ग्वालियर और भोपाल दो- दो कंपनियां भेजी गई हैं.

(समाचार एजेंसी भाषा से इनपुट के साथ)

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