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विहिप में चुनाव होना दुखद: कोकजे

विश्व हिंदू परिषद के नवनिर्वाचित अंतर्राष्ट्रीय अध्यक्ष वीएस कोकजे ने कहा है कि संगठन में सद्भाव की कमी से चुनाव की स्थिति बनी. विहिप की परंपरा टूट गई.

विष्णु सदाशिव कोकजे (फोटो साभार: ट्विटर/@BJPKM4MP)

विष्णु सदाशिव कोकजे (फोटो साभार: ट्विटर/@BJPKM4MP)

इंदौर: विश्व हिंदू परिषद (विहिप) के नवनिर्वाचित अंतर्राष्ट्रीय अध्यक्ष विष्णु सदाशिव कोकजे ने विहिप में चुनाव होने को दुखद बताया है. उन्होंने कहा है कि संगठन में सद्भाव कम होने से चुनाव की स्थिति बनी.

पत्रिका से उन्होंने बात करते हुए कहा, ‘आज तक आपसी सद्भावना से ही निर्णय हो जाता था, लेकिन संगठन में सद्भाव कम होने से चुनाव की स्थिति बनी.’

उन्होंने आगे कहा, ‘विहिप की परंपरा आज टूट गई. लेकिन संगठन की नियमावली में चुनाव प्रक्रिया को मान्य किया गया है. लोकतंत्र में भी चुनाव प्रक्रिया ही चयन का साधन है. वो कानूनी प्रक्रिया भी है इसलिए कानूनी तौर पर ही काम किया गया.’

वहीं, प्रवीण तोगड़िया का नाम लिए बगैर उन पर तंज कसते हुए उन्होंने कहा, ‘कई लोगों को लगता है कि वे नहीं रहेंगे तो संगठन नहीं रहेगा. लेकिन ऐसा नहीं है. ये सच है कि संगठन को इस रूप में लाने में उनका बड़ा योगदान रहा है, लेकिन बहुमत उनके साथ नहीं था. मुझे 250 राष्ट्रीय और अंतर्राष्ट्रीय पदाधिकारियों में से 131 वोट मिले, जबकि उन्हें मात्र 61 वोट मिले.’

वे आगे बोले, ‘अंदर तो उन्होंने चुनाव प्रक्रिया को माना, खुद हस्ताक्षर भी किए. अब बाहर जाकर क्या हल्ला मचा रहे हैं पता नहीं है.’

वहीं, विहिप के नये अंतरराष्ट्रीय कार्याध्यक्ष आलोक कुमार ने कहा कि संगठन बड़ा होता है, व्यक्ति बड़ा नहीं होता. उन्होंने कहा कि अगर कोई व्यक्ति स्वयं को संगठन से बड़ा समझ लेता है, तो वहीं से गलती शुरू हो जाती है.

गौरतलब है कि विश्व हिन्दू परिषद के इतिहास में पांच दशकों में पहली बार हुए चुनाव में पूर्व राज्यपाल वीएस कोकजे विश्व हिन्दू परिषद के अंतरराष्ट्रीय अध्यक्ष निर्वाचित हुए. अंतरराष्ट्रीय अध्यक्ष पद के लिए हुए चुनाव में कोकजे ने राघव रेड्डी को पराजित किया.

वहीं, आलोक कुमार विहिप के अंतरराष्ट्रीय कार्याध्यक्ष चुने गए हैं. इस पद पर पहले प्रवीण तोगड़िया हुआ करते थे. तोगड़िया ने चुनाव नहीं लड़ा था.

नए अंतरराष्ट्रीय कार्याध्यक्ष आलोक कुमार ने कहा कि तोगड़िया ने चुनाव परिणाम के बाद कुछ बातें गुस्से में कही हैं. हम सभी को यह समझने की जरूरत है कि राम मंदिर केवल विहिप का ही नहीं, बल्कि करोड़ों हिन्दुओं की भावनाओं का विषय है. इसमें कोई रहे या नहीं रहे, साधु, संत और समाज के सहयोग से मंदिर बन कर रहेगा.

इससे पहले तोगड़िया ने कहा था कि वह अब विहिप में नहीं हैं, अब वह लोगों के लिये काम करेंगे और राम मंदिर के मुद्दे पर अनशन करेंगे.

(समाचार एजेंसी भाषा से इनपुट के साथ)

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