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बॉलीवुड के यौन उत्पीड़न के शिकार ज़रूर मुंह खोलें: अनुराग कश्यप

फिल्म निर्देशक अनुराग कश्यप ने कहा कि बॉलीवुड में व्याप्त यौन उत्पीड़न की घटनाओं पर कलाकारों की बातों का तब तक कोई मतलब नहीं है, जब तक इसे झेलने वाले अपना मुंह बंद रखते हैं.

फिल्म निर्देशक अनुराग कश्यप. (फोटो साभार: फेसबुक)

फिल्म निर्देशक अनुराग कश्यप. (फोटो साभार: फेसबुक)

मुंबई: फिल्म निर्माता और निर्देशक अनुराग कश्यप ने कहा है कि बॉलीवुड के बहुत से लोग कार्यस्थल पर यौन उत्पीड़न पर चुप रहते हैं क्योंकि उन्हें मालूम होता है कि उनकी बातों से तब तक कोई फ़र्क़ नहीं पड़ेगा, जब तक कि ख़ुद पीड़ित सामने ना आएं.

पिछले साल ‘मीटू अभियान’ (#MeToo हैशटैग मीटू) ने हॉलीवुड में एक आंदोलन छेड़ दिया था और विभिन्न क्षेत्रों के लोगों के साथ अदाकारों और अदाकाराओं ने यौन उत्पीड़न की अपनी दास्तां सुनाई थी.

पिछले साल अक्टूबर में हॉलीवुड निर्माता हार्वी वाइंस्टीन के ख़िलाफ़ आरोपों की झड़ी लग गई. उन पर बलात्कार समेत यौन उत्पीड़न के अनेक आरोप लगे.

इसके बरअक्स बॉलीवुड में व्याप्त यौन उत्पीड़न के बारे में मुट्ठी भर लोगों ने मुंह खोला, वह भी बिना किसी का नाम लिए.

हॉलीवुड के कलाकारों ने जहां अपने यौन उत्पीड़कों का नाम लिया वहीं हिंदी सिनेमा ने चुप रहना पसंद किया और इसके लिए उन्हें अपने प्रशंसकों की आलोचना भी सुननी पड़ी.

फिल्म उद्योग का बचाव करते हुए कश्यप ने कहा कि बॉलीवुड में व्याप्त यौन उत्पीड़न की घटनाओं पर कलाकारों की बातों का तब तक कोई मतलब नहीं है, जब तक इसे झेलने वाले अपना मुंह बंद रखते हैं.

उन्होंने कहा, ‘कहीं भी #MeToo जैसे अभियान तभी क़ामयाब होंगे जब पीड़ित बोले. तब लोग पीड़ित के पक्ष में खड़े हो सकते हैं.

कश्यप ने कहा, ‘अगर पीड़ित नहीं बोलता हैं तो कोई अन्य नहीं बोल सकता क्योंकि उन्हें अफ़वाह फैलाने की कोशिश करने वाले असंतुष्ट लोगों के रूप में प्रचारित किया जाएगा और यह ऐसे अभियानों की असफलता होगी.’

हालांकि कश्यप ने बॉलीवुड को लेकर ख़ासतौर से जुनूनी मीडिया की आलोचना कि क्योंकि यौन उत्पीड़न अन्य क्षेत्रों में भी होता है.

उन्होंने कहा, ‘जब मैं 19 साल का था, मैं यौन उत्पीड़न के बारे में बोला था क्योंकि मैं इससे गुज़रा था. जब मुझे बोलना था, मैं बोला… बहुत साल पहले. मैं आमिर ख़ान के शो में भी गया था और इसके बारे में बोला.’

कश्यप ने कहा, ‘सो, ऐसा नहीं है कि मैंने इसके बारे में कहा नहीं है. मैंने इसके बारे में कहा है. आज मैंने कहना बंद कर दिया है क्योंकि कोई वास्तव में इस आंदोलन की परवाह नहीं करता, हर किसी को सिर्फ़ सुर्ख़ियों की पड़ी है.’

मालूम हो कि साल 2017 के अक्टूबर महीने में हॉलीवुड निर्माता हार्वी वाइंस्टीन पर लगे यौन उत्पीड़न के कई आरोपों के बाद सोशल मीडिया पर #MeToo अभियान चलाया था.

हार्वी वाइंस्टीन पर एक के बाद एक कई हॉलीवुड अभिनेत्रियों ने यौन उत्पीड़न के आरोप लगाए थे. बीते पांच अक्टूबर को द न्यूयॉर्क टाइम्स ने एक रिपोर्ट प्रकाशित की थी जिसमें अमेरिकी फिल्म प्रोड्यूसर पर अभिनेत्रियों का यौन उत्पीड़न करने का आरोप लगाया गया था.

इसके बाद साल 2018 की शुरुआत में हॉलीवुड की ए-लिस्टर्स और अभिनेत्रियों ने इस इंडस्ट्री में व्याप्त संस्थागत यौन प्रताड़ना के ख़िलाफ़ संघर्ष के लिए अभियान शुरू किया था.

यह क़दम ख़ास तौर से हार्वी वाइंस्टीन के कथित यौन दुराचार के मामलों के बाद उठाया गया है. इस अभियान में 300 से ज़्यादा महिला हॉलीवुड कलाकार, निर्देशक, लेखक, प्रोड्यूसर आदि शामिल हैं.

इस नए अभियान को टाइम्स अप नाम दिया गया है. फिलहाल इस अभियान का समर्थन हॉलीवुड कलाकार रीज़ विदरस्पून, निकोल किडमैन, मार्गोट रॉबी, जेनिफर एनिस्टन, एशले जुड, अमेरिका फेरेरा, नताली पोर्टमैन, शोंडा राइम्स, जिल सोलोवे, डोना लैंग्ली, एमा स्टोन और कैरी वाशिंगटन जैसे बड़े नामों सहित सैकड़ों लोग कर रहे हैं.

(समाचार एजेंसी भाषा से इनपुट के साथ)

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