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मोदी ने कहा था महाराष्ट्र की छवि ‘दलालों के राज्य’ की है: देवेंद्र फड़णवीस

महाराष्ट्र सरकार की सफलता की कहानियों के संकलन वाली किताब के विमोचन पर मुख्यमंत्री ने कहा कि मुझे कभी नहीं लगा था कि मैं कभी प्रदेश का मुख्यमंत्री भी बनूंगा.

महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फड़णनवीस. (फोटो: पीटीआई)

महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फड़णवीस. (फोटो: पीटीआई)

मुंबई: महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फड़णवीस ने मंगलवार को कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने जब उनसे प्रदेश की कमान संभालने को कहा था तब बोला था कि महाराष्ट्र की छवि दलालों के राज्य की बन गई है.

फड़णवीस ने कहा कि मोदी ने उनसे कहा था कि इसे बदलने की जरूरत है.

मुख्यमंत्री पुणे के पत्रकार आशीष चंदोरकर की एक किताब के विमोचन के मौके पर बात कर रहे थे.

डीएनए की रिपोर्ट के मुताबिक फड़णवीस ने कहा, ‘मुझे कभी नहीं लगा था कि मैं कभी प्रदेश का मुख्यमंत्री भी बनूंगा. जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मुझे राज्य का मुख्यमंत्री बनाया तो बोला कि महाराष्ट्र की छवि दलालों वाले राज्य की बन गई है. प्रदेश की प्रतिष्ठा, जो अपने कद से बहुत नीचे जा चुकी है, को वापस लाने के लिए इसे बदलने की जरूरत है. मेरी सरकार अपनी योजनाओं के माध्यम से वही कर रही है.’

मुख्यमंत्री ने आगे कहा, ‘मैंने नितिन गडकरी से फैसले लेना सीखा है और जब आपको यकीन है कि फैसला व्यापक जनहित का है तो इससे कोई फर्क नहीं पड़ता कि आप कैसे फैसला लेते हैं और कैसे उसे लागू करते हैं. इसी तरह मैं आगे बढ़ा हूं और कई चुनौतियों के बावजूद हम उनसे पार पा रहे हैं.’

केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी ने ‘मैन ऑफ मिशन महाराष्ट्र’ किताब का विमोचन किया जो नवंबर, 2014 में सत्ता में आई फड़णवीस सरकार की सफलता की कहानियों का संकलन है.

सभा को संबोधित करते हुए फड़णवीस ने कहा कि भले ही किताब पर उनकी तस्वीर हो लेकिन इसके अंदर जो सफलता की कहानी है उसके पीछे पूरी टीम का योगदान है.

कार्यक्रम में गडकरी कहते हैं, ‘जब आप फड़णवीस जैसे नेताओं की सफलता पर सवाल नहीं उठा पाते तो जातिगत राजनीति शुरू कर देते हैं और फड़णवीस के साथ यही हो रहा है.’

अवसर पर बोलते हुए गडकरी ने कहा कि पूर्व सरकारों की अक्षमता के परिणामस्वरूप 1.5 लाख करोड़ रुपये के जल संसाधनों का उपयोग नहीं हो पाया था.

गडकरी आगे कहते हैं, ‘फड़णवीस के सत्ता संभालने के बाद, सरकार तेजी से परियोजनाएं पूरी कर रही है, जो राज्य के लोगों की बहुत मदद करेगी. ऐसा भी समय था जब विधानसभा में जल टैंकरों के मुद्दे पर चर्चा की गई थी. अब कई गांव टैंकर मुक्त हैं.’

 

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