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दो दिनों में पांच राज्यों में आंधी-तूफान और आकाशीय बिजली गिरने से 124 लोगों की मौत: गृह मंत्रालय

आंधी-तूफान से उत्तर प्रदेश में 73, राजस्थान में 36 लोगों की मौत. उत्तर प्रदेश का आगरा ज़िला सबसे ज़्यादा प्रभावित. ज़िले में 43 लोग मारे गए. झारखंड में सात और उत्तराखंड में दो लोगों की मौत.

Bikaner: A dust storm approaches the city of Bikaner on Wednesday. PTI Photo (PTI5_2_2018_000173B)

बीकानेर शहर में बीते दो मई को आई आंधी. (फोटो: पीटीआई)

लखनऊ/जयपुर/रांची/नैनीताल: देश के विभिन्न राज्यों में आए बारिश के साथ आई आंधी और तूफान की वजह से जनजीवन बुरी तरह से प्रभावित हुआ है. उत्तर प्रदेश में 73, वहीं राजस्थान में 36 लोगों के मारे जाने की सूचना है.

झारखंड में सात लोगों के मारे जाने की सूचना है और उत्तराखंड में भी दो लोग मारे गए हैं. इसके अलावा सैकड़ों लोग घायल हुए हैं.

गृह मंत्रालय ने चार मई को कहा कि पिछले दो दिनों के दौरान पांच राज्यों में आंधी-तूफान और आकाशीय बिजली गिरने से 124 व्यक्तियों की मौत हुई है. सबसे अधिक 73 व्यक्तियों की मौत उत्तर प्रदेश में, राजस्थान में 35, तेलंगाना में आठ, उत्तराखंड में छह और पंजाब में दो व्यक्तियों की मौत हुई है.

गृह मंत्रालय के एक प्रवक्ता ने कहा कि एक संभावित आंधी तूफान के बारे में ताजा चेतावनी जारी की गई है जो कि चार राज्यों पश्चिम बंगाल, ओडिशा, बिहार और उत्तर प्रदेश में आ सकता है.

उत्तर प्रदेश की बात करें तो बुधवार रात सूबे में आए तेज आंधी-तूफान, बिजली गिरने और ओलावृष्टि के कारण हुए हादसों मेंकम से कम 73 लोगों की मौत हो गई तथा 91 अन्य घायल हो गए.

प्रदेश के राहत आयुक्त संजय कुमार ने गुरुवार को बताया कि दो मई की रात सूबे में आई तेज़ आंधी-तूफान, बिजली गिरने और ओलावृष्टि के कारण हुए हादसों में 64 लोगों की मौत हो गई.

उन्होंने बताया कि सबसे ज्यादा जनहानि आगरा ज़िले में हुई जहां 43 लोगों की मौत हो गई तथा 51 अन्य ज़ख़्मी हो गए. ज़िले में इस प्राकृतिक आपदा से 150 जानवरों की भी मौत हुई है. जबर्दस्त आंधी-तूफान की वजह से अनेक मकान ध्वस्त हो गए, पेड़ गिर गए और बिजली के खंभे उखड़ गए.

अन्य प्रभावित ज़िलों में बिजनौर बरेली, शाहजहांपुर, पीलीभीत, फिरोज़ाबाद, चित्रकूट, मुज़फ़्फ़रनगर, राय बरेली और उन्नाव शामिल हैं.

कुमार ने बताया कि इसके अलावा बिजनौर में तीन, सहारनपुर में दो और बरेली, चित्रकूट, रायबरेली तथा उन्नाव में एक-एक व्यक्ति की भी मौत हुई है. पूरे प्रदेश में कुल 47 लोग घायल हुए हैं.

उन्होंने बताया कि मथुरा, कानपुर, सीतापुर, मिर्ज़ापुर, सम्भल, बांदा तथा कन्नौज में भी आंधी-तूफान और बारिश से जनजीवन अस्त-व्यस्त हो गया है.

राहत आयुक्त ने बताया कि उन्होंने सभी प्रभावित जनपदों के ज़िलाधिकारियों को इस प्राकृतिक आपदा की वजह से हुए नुकसान का आकलन कर रिपोर्ट भेजने और प्रभावित लोगों को 24 घंटे के अंदर राहत वितरित करने के निर्देश दिए हैं.

इस बीच, आंचलिक मौसम केंद्र ने अगले 48 घंटों के दौरान भी प्रदेश के अधिसंख्य ज़िलों में धूल भरी आंधी चलने तथा कुछ स्थानों पर बारिश होने की चेतावनी जारी की है.

केंद्र के निदेशक जेपी गुप्ता द्वारा राहत आयुक्त को भेजे गए पत्र में अगले 48 घंटों के दौरान प्रदेश के गोरखपुर, बलिया, मऊ, गाज़ीपुर, आंबेडकर नगर, संत कबीर नगर, बस्ती, कुशीनगर, महराजगंज, सिद्धार्थनगर और गोंडा समेत 32 जिलों में आंधी-तूफान आने की चेतावनी जारी की है.

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने संबंधित ज़िलों के ज़िलाधिकारियों को आंधी-तूफान तथा बारिश से प्रभावित लोगों को तत्काल राहत पहुंचाने का निर्देश दिया है. उन्होंने कहा कि संबंधित ज़िलाधिकारी नुकसान का आकलन करते हुए प्रभावितों को बिना देर किए मुआवज़ा प्रदान करें. राहत कार्यों में किसी प्रकार की शिथिलता बर्दाश्त नहीं की जाएगी.

Patiala: Damaged cars after a tree fell on them due to an unexpected storm in Patiala on Wednesday. PTI Photo (PTI5_2_2018_000159B)

पंजाब के पटियाला में दो मई को आई तेज़ आंधी से कई पेड़ टूट गए. (फोटो: पीटीआई)

इस बीच, सूचना विभाग के प्रमुख सचिव अवनीश अवस्थी ने कहा कि मुख्य सचिव राजीव कुमार ने आगरा के मंडलायुक्त से बात करके उन्हें बुधवार शाम तक पीड़ितों को सहायता दिलाने और घायलों का हाल लेने के लिए वरिष्ठ अधिकारियों को अस्पताल भेजने के निर्देश दिए हैं.

राजस्थान के कुछ हिस्सों में आई तेज़ आंधी में 36 लोगों की मौत, लगभग 100 लोग घायल 

राजस्थान के कुछ हिस्सों में बुधवार रात आई तेज़ आंधी में 36 लोगों की मौत हो गई और लगभग 100 लोग घायल हो गए.

आपदा प्रबंधन और राहत सचिव हेमंत कुमार गेरा ने बताया कि प्रदेश के मत्स्य क्षेत्र में दो मई की रात आई तेज़ आंधी में कई मकान ढह गए और बिजली के कई खंभे तथा पेड़ उखड़ गए जिससे कारण कई लोगों की मौत हो गई और कई लोग घायल हो गए.

उन्होंने बताया कि तेज़ आंधी ने मुख्य रूप से तीन ज़िलों को प्रभावित किया. अधिकारियों ने बताया कि राजस्थान में सबसे ज्यादा भरतपुर जिला प्रभावित हुआ जहां 19 लोगों की मौत हो गई. अलवर और धौलपुर में नौ-नौ लोगों की मौत हुई.

राजस्थान में बिजली के 13  हजार खंभे उखड़ गये और लगभग 100 ट्रांसफार्मर क्षतिग्रस्त हो गये. अधिकारियों ने बताया कि बिजली आपूर्ति धीरे धीरे बहाल की जा रही है.

गेरा ने बताया कि तेज़ आंधी के कारण अलवर में 20 लोग, भरतपुर में 32 लोग और धौलपुर में 50 लोग घायल हो गए. घायलों में कुछ का उपचार जारी है जबकि अन्य लोगों को घर भेज दिया गया है. धौलपुर में एक व्यक्ति गंभीर रूप से घायल हुआ है और उसे जयपुर रेफर किया गया है.

उन्होंने बताया कि आंधी आपदा की विस्तृत रिपोर्ट की प्रतीक्षा है, हालांकि राहत दलों को सड़कों से मलबा हटाने, बिजली की सप्लाई को चालू करने सहित अन्य राहत कार्यों में लगाया गया है.

उन्होंने बताया कि आंधी प्रभावित ज़िला प्रशासन को आकस्मिक निधि कोष से राशि जारी की गई है. मृतकों के परिजनों को चार-चार लाख रुपये का मुआवज़ा, 60 प्रतिशत तक घायल हुए लोगों को दो-दो लाख रुपये का मुआवज़ा, 40 से 50 प्रतिशत तक घायल हुए लोगों को 60-60 हजार रुपये का मुआवज़ा दिया जाएगा.

राजस्थान की मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे ने प्राकृतिक आपदा पर दुख व्यक्त करते हुए ज़िला प्रशासन को निर्देश दिया है कि वह पीड़ितों को हर संभव राहत पहुंचाए.

राजे ने गुरुवार को ट्वीट कर पीड़ितों के शोक संतप्त परिजनों के प्रति संवदेना व्यक्त की. अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी के राष्ट्रीय महासचिव अशोक गहलोत ने अपने जन्मदिन का कार्यक्रम निरस्त कर दिया है.

Kolkata: Fire department and Disaster Management Group (DMG) personnel work to clear the street, blocked by a tree which got uprooted in the recent massive storm, behind the Police Headquarters at Lalbazar in Kolkata on Thursday. PTI Photo by Swapan Mahapatra (PTI5_3_2018_000043B)

कोलकाता के लाल बाज़ार में आंधी से गिर पेड़ की वजह से सड़क जाम हो गई. (फोटो: पीटीआई)

गहलोत ने कहा कि प्रदेश के कुछ हिस्सों में आई तेज़ आंधी के कारण लोगों की मौत होने से हमें बहुत आघात पहुंचा है और दुख की इस घड़ी में हम पीड़ितों के परिजनों के साथ हैं.

झारखंड में सात लोगों की मौत

बुधवार रात आई आंधी और ओलावृष्टि से झारखंड में सात लोगों की मौत हो गई. दैनिक जागरण की रिपोर्ट के अनुसार, रांची, साहिबगंज में दो-दो और लोहरदगा, सिमडेगा, रामगढ़ में एक-एक की मौत हुई है.

रिपोर्ट के अनुसार, आंधी की वजह से जहां घरों के छप्पर, पेड़ों, बिजली के खंभों आदि को नुकसान पहुंचा वहीं ओलों ने फसलों को तहस-नहस कर दिया. आंधी की वजह से रांची, लोहरदगा, गुमला समेत कई ज़िलों में कई घंटे तक बिजली गुल रही.

उत्तराखंड में छह लोगों की मौत

आंधी और तूफान से उत्तराखंड में भी जनजीवन प्रभावित हुआ. कुमाऊं क्षेत्र में छह लोगों की मौत हो गई. अमर उजाला की रिपोर्ट के अनुसार, कुमाऊं क्षेत्र के काशीपुर में एक बच्चे की और चितई में पेड़ गिरने से एक युवक की मौत हो गई.

इस क्षेत्र में आधा दर्जन लोगों के भी मारे जाने की सूचना है. गढ़वाल के नारायणबगड़ में बादल फटने से बाज़ार की दुकानें मलबे से पट गईं. यहां मौसम विभाग ने अगले 24 घंटों में फिर से बारिश के अलावा तेज़ आंधी आने की चेतावनी जारी की है.

(समाचार एजेंसी भाषा से इनपुट के साथ)

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