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पश्चिम बंगाल पंचायत चुनाव: हिंसा में 12 लोगों की मौत, 73 फीसदी मतदान

अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक ने संवाददाताओं को बताया कि 12 लोगों के मरने की खबर है लेकिन इनमें से सिर्फ छह के बारे में ही पुष्टि हुई है कि उनकी मौत चुनाव से जुड़ी हुई है, जबकि 43 अन्य घायल हुए हैं.

Malda: Unknown people burn ballot boxes after snatching them from a polling booth during  Panchayat polls at Deotala in Malda district of West Bengal,  on Monday. PTI Photo(PTI5_14_2018_000178B)

पश्चिम बंगाल के मालदा ज़िले के देवताला में सोमवार को हुए पंचायत चुनाव के दौरान अज्ञात लोगों ने बैलेट बॉक्स जला दिए. (फोटो: पीटीआई)

कोलकाता: पश्चिम बंगाल में सोमवार को हुए पंचायत चुनाव के दौरान हुई व्यापक हिंसा में कम से कम 12 लोग मारे गए हैं जबकि 43 अन्य घायल हुए हैं. इस हिंसा के बीच राज्य में 73 प्रतिशत मतदान हुआ है.

अतिरिक्त पुलिस महानिदेशक (कानून-व्यवस्था) अनुज शर्मा ने संवाददाताओं को बताया कि 12 लोगों के मरने की खबर है लेकिन इनमें से सिर्फ छह के बारे में ही पुष्टि हुई है कि उनकी मौत चुनाव से जुड़ी हुई है.

पंचायत चुनाव में व्यापक सुरक्षा इंतज़ाम किए जाने तथा पश्चिम बंगाल और पड़ोसी राज्यों से 60000 से अधिक सुरक्षाकर्मी तैनात किए जाने के बावजूद उत्तर 24 परगना, दक्षिण 24 परगना, पूर्वी मिदनापुर, बर्दवान, नदिया, मुर्शिदाबाद और दक्षिणी दिनाजपुर ज़िलों में हिंसक झड़प हुई.

हालांकि पुलिस महानिदेशक सुरजीत कर पुरकायस्थ ने बताया कि इस पंचायत चुनाव में जितने लोग की जान गई है, वह पिछले पंचायत चुनाव में मारे गए लोगों की संख्या से कम है. पिछले चुनाव में 25 लोगों की मौत हो गई थी. इस हिंसा में तीन पुलिसकर्मी घायल हो गए और 70 लोगों को इस हिंसा में गिरफ्तार किया गया है.

हिंसा के दौरान मुख्यत: मतदान केंद्रों को निशाना बनाया गया. तृणमूल कांग्रेस और विपक्षी दलों के कार्यकर्ताओं के बीच झड़प हुई. कई मतदान केंद्रों के समीप देशी बम भी फेंके गये.

राज्य चुनाव आयोग के सूत्रों ने बताया कि शाम पांच बजे तक 73 फीसद मतदान हुआ और बाद में भी कई मतदाता कतार में थे. मतदान शाम पांच बजे तक था.

विपक्षी दलों ने सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस पर आतंक का राज कायम करने और लोकतंत्र को नष्ट करने का आरोप लगाया.

माकपा महासचिव सीताराम येचुरी ने कहा, ‘पहले तो, उन्होंने लोगों को नामांकन पत्र दाखिल नहीं करने दिया. फिर, नामांकन के बाद तृणमूल कांग्रेस उम्मीदवारों को नाम वापस लेने के लिए धमकी देने लगी. जिन लोगों ने नाम वापस नहीं लिया, उन पर हमला किया गया. यह कुछ नहीं बल्कि लोकतांत्रिक प्रक्रिया को पूरी तरह नष्ट करना है.’

भाकपा नेता डी. राजा ने कहा कि यह चुनाव का महज़ ढकोसला है तथा ममता बनर्जी सरकार को पश्चिम बंगाल में लोकतंत्र को बचाने के लिए कदम उठाना चाहिए था.

हालांकि तृणमूल कांग्रेस ने कहा कि पिछले वाम शासन की तुलना में यह कम है.

पार्टी नेता डेरेक ओ ब्रायन ने ट्वीट किया, ‘बंगाल के सभी नए-नवेले विशेषज्ञों के लिए- राज्य में पंचायत चुनाव का इतिहास है. माकपा शासन में 1990 के दशक में चुनाव हिंसा में 400 की मौत. 2003 में 40 की मौत. हर मौत त्रासदी है. हां, कुछ दर्जन घटनाएं हुई हैं. 58,000 मतदान केंद्रों में 40. ये कितना प्रतिशत है?’

राज्य पुलिस और राज्य चुनाव आयोग ने हिंसा की घटनाओं और उसमें मारे गए लोगों के बारे में आंकड़ा दिया.

एसपी नंद कुमार के अनुसार पूर्वी मिदनापुर में नंदीग्राम प्रखड द्वितीय में दो लोग मारे गए. मोटरसाइकिल से आए हमलावरों ने वहां बम फेंके थे.

पुलिस ने बताया कि ईस्ट मिदनापुर ज़िले के नंदीग्राम इलाके में मतदान केंद्र के बाहर दो समूहों के बीच हुई झड़प में 15 लोग घायल हो गए हैं. एक व्यक्ति के सिर पर दरांती का वार लगा है जबकि दूसरे व्यक्ति की उंगली कट गई है.

Nadia: People injured in poll violence sit by the side of a road as a vehicle is set on fire by locals during Panchayat polls, in Nadia district of West Bengal on Monday. (PTI Photo) (PTI5_14_2018_000125B)

पश्चिम बंगाल के नदिया ज़िले में सोमवार को हुए पंचायत चुनाव के दौरान हुई हिंसा में तमाम लोग घायल हुए और वाहनों को क्षतिग्रस्त कर दिया गया. (फोटो: पीटीआई)

उसने बताया कि ज़िले के ही कोंटाई में एक निर्दलीय उम्मीदवार और चार अन्य पर मिर्ची पाउडर फेंका गया जिससे वह घायल हो गए.

राज्य चुनाव आयोग के एक अधिकारी ने बताया कि मुर्शिदाबाद ज़िले के सुजापुर गांव में मतदान केंद्र के पास एक व्यक्ति की गोली मारकर हत्या कर दी गई. मुर्शिदाबाद से भारतीय जनता पार्टी के नेता सुभाष मंडल ने दावा किया कि मारा गया व्यक्ति उनकी पार्टी का कार्यकर्ता है.

उन्होंने बताया कि दक्षिण दिनाजपुर ज़िले के तपन इलाके में बम हमले में एक व्यक्ति के मारे जाने और चार लोगों के घायल होने की सूचना है.

उन्होंने बताया कि नदिया के नकाशापारा में एक मतदान केंद्र के बाहर झड़प में एक अन्य व्यक्ति की जान चली गई. जिले के शांतिपुर इलाके में एक अन्य व्यक्ति की मौत की ख़बर है.

उन्होंने बताया कि उत्तर 24 परगना के अमडंगा क्षेत्र में एक मतदान केंद्र के बाहर बम फेंके जाने पर एक कथित माकपा समर्थक मारा गया और एक अन्य घायल हो गया. दक्षिण 24 परगना के कुलताली में एक मतदान केंद्र के बाहर बम हमले में एक व्यक्ति की मौत हो गई.

कूचबिहार ज़िले में उत्तर बंगाल विकास मंत्री रबींद्रनाथ घोष ने एक मतदान केंद्र के बाहर एक व्यक्ति को कथित तौर पर चांटा मारा.

आयोग ने कहा कि उसे शिकायत मिली है और अधिकारियों से कार्रवाई करने के लिए कहा गया है.

टेलीविजन चैनलों ने दिखाया कि मंत्री ने व्यक्ति को कथित तौर पर थप्पड़ मारा. हालांकि घोष ने दावा किया कि उन्होंने ऐसा कुछ नहीं किया.

पुलिस ने बताया कि उत्तर बंगाल में कूचबिहार ज़िले के दिनहाटा इलाके में एक मतदान केंद्र के बाहर दो समूहों के बीच झड़पों में मतदाताओं समेत कम से कम 15 लोग घायल हो गए.

पुलिस ने बताया कि उत्तर दिनाजपुर ज़िले के गलाईसुरा में एक मतदान केंद्र के बाहर से तीन देशी बम मिले हैं. उनमे से दो रेलमार्ग पर मिले.

बीरभूम जिले में कुछ मतदान केंद्रों पर नकाबपोश लोग हथियारों और डंडों के ज़ोर पर मतदाताओं को धमका रहे थे.

दक्षिण 24 परगना के बसंती ब्लॉक से आ रही टीवी फुटेज में मतदान केंद्रों के बाहर नकाबपोश बंदूकधारियों को घूमते हुए देखा गया.

अधिकारी ने बताया कि इसी जिले के भानगर में पुलिस ने झड़पों के बाद भीड़ को खदेड़ने के लिए लाठियां भांजी और आंसू गैस के गोले छोड़े.

कोलकाता उच्च न्यायालय, उच्चतम न्यायालय में राज्य चुनाव आयोग, तृणमूल कांग्रेस और विपक्षी दलों के बीच लंबी क़ानूनी लड़ाई के बाद राज्य में पंचायत चुनाव हो रहा है.

वरिष्ठ माकपा नेता सुजान चक्रवर्ती ने कहा कि बंगाल में तृणमूल लोकतंत्र की हत्या कर रही है.

Howrah: Women stand in a queue to cast their vote for Panchayat election at a polling station in Howrah district on the outskirts of West Bengal on Monday. PTI Photo (PTI5_14_2018_000037B)

पश्चिम बंगाल के हावड़ा में एक मतदान केंद्र के बाहर वोट डालने के लिए अपनी बारी का इंतजार करतीं महिला मतदाता. (फोटो: पीटीआई)

बर्द्धवान जिले में विपक्षी दल माकपा और भाजपा ने आरोप लगाया कि तृणमूल कांग्रेस मतदाताओं को डरा रही है और मतदान केंद्रों के बाहर बम फेंक रही है. तृणमूल कांग्रेस ने इन आरोपों को निराधार बताया है.

केंद्रीय मंत्री बाबुल सुप्रियो ने मतदान के दौरान भारी हिंसा को देखते हुए पश्चिम बंगाल में राष्ट्रपति शासन लगाने की मांग की है. उन्होंने कहा कि ममता बनर्जी की सरकार ‘बेशर्म’ सरकार है. वो लोकतंत्र में यकीन नहीं रखती.

तृणमूल कांग्रेस के नेता पार्थ चटर्जी ने कहा कि सभी छोटी घटनाएं है और कोई भी बड़ी घटना नहीं हुई है. उन्‍होंने कहा कि प्रशासन सक्रिय है और मतदान शांतिपूर्वक हो रहा है. मैं पत्रकारों पर हुए हमले की निंदा करता हूं.

इससे पहले राज्य निर्वाचन आयोग (एसईसी) ने बताया कि मतदान सुबह सात बजे से शुरू होगा और शाम पांच बजे खत्म हो जाएगा. मतगणना 17 मई को होगी.

आपको बता दें कि चुनाव के नतीजे भले 17 मई को आएंगे लेकिन उसके पहले ही तृणमूल कांग्रेस ने एक तिहाई से ज्यादा सीटें जीत ली हैं. पश्चिम बंगाल चुनाव आयोग की ओर से जारी आंकड़ों के अनुसार 58,692 सीटों में से 34.2 प्रतिशत यानी 20,076 सीटों पर चुनाव नहीं होगा. इस तरह इन सीटों पर बगैर चुनाव लड़े टीएमसी के उम्मीदवारों का कब्जा हो गया.

दरअसल इन सीटों पर विपक्षी पार्टी के किसी भी उम्मीदवार ने तय समय खत्म होने तक अपना नामांकन दाखिल नहीं किया था. इस तरह ममता बनर्जी की पार्टी तृणमूल कांग्रेस ने निर्विरोध 34 फीसदी सीटों पर अपना कब्जा जमा लिया.

(समाचार एजेंसी भाषा से इनपुट के साथ)

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