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मीडिया को आत्म-अनुशासन कायम करना होगा: राज्यवर्धन सिंह राठौर

सूचना एवं प्रसारण मंत्री का प्रभार संभालते हुए राठौर ने स्पष्ट किया कि सरकार का मीडिया पर नियंत्रण का कोई इरादा नहीं है.

राज्यवर्धन सिंह राठौर (फोटो साभार: फेसबुक/ राज्यवर्धन सिंह राठौर)

राज्यवर्धन सिंह राठौर (फोटो साभार: फेसबुक/ राज्यवर्धन सिंह राठौर)

नई दिल्ली: नव नियुक्त सूचना एवं प्रसारण मंत्री राज्यवर्धन सिंह राठौर ने मंगलवार को मीडिया के आत्म अनुशासन अपनाने पर जोर देते हुए स्पष्ट किया कि सरकार की समाचार पोर्टल और मीडिया वेबसाइट्स के नियमन की कोई योजना नहीं है.

‘सरकार बनाम मीडिया’ की बहस को खारिज करते हुए उन्होंने कहा कि उनका मंत्रालय उस दिशा में काम करेगा जहां मीडिया चाहे सार्वजनिक प्रसारक प्रसार भारती हो या निजी चैनल, वे लोगों की आवाज बनें.

राठौर ने संवाददाताओं को बताया, ‘प्रधानमंत्री इस बात को लेकर बेहद स्पष्ट हैं कि मीडिया हमारे देश और लोकतंत्र का बेहद महत्वपूर्ण स्तंभ है. मीडिया को आत्म-अनुशासन कायम करना होगा. हमें साथ मिलकर सरकार का आंख-कान बनकर काम करना होगा,’

गौैरतलब है कि राठौर ने स्मृति ईरानी की जगह सूचना प्रसारण राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) की जिम्मेदारी संभाली है. उनके पास खेल मंत्रालय का प्रभार भी है.

सूचना एवं प्रसारण मंत्री ने मीडिया से बातचीत में कहा, ‘विभिन्न परतों में आत्म-अनुशासन की जरूरत है- पहला तो एक पत्रकार के स्तर पर और फिर संपादक के स्तर पर, और सरकार मीडिया द्वारा इसी आत्म-अनुशासन में विश्वास करती है.’

पिछले महीने मंत्रालय द्वारा ‘फेक न्यूज’ पर जारी की गई विवादित प्रेस रिलीज की पृष्ठभूमि में यह टिप्पणियां अधिक महत्व रखती हैं. मंत्रालय के उस कदम की मीडिया संगठनों द्वारा व्यापक आलोचना की गई थी और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के हस्तक्षेप के बाद उस आदेश को वापस ले लिया गया था.

पिछले महीने मंत्रालय द्वारा आदेश जारी किया गया था कि मीडिया वेबसाइट्स और न्यूज पोर्टल्स को अनुशासित या विनियमित करने के लिए नियम बनाने एक कमेटी का गठन किया जाएगा. इस संबंध में सवाल पूछे जाने पर राठौर ने कहा, ‘मुझे लगता है कि इसे गलत तरीके से समझा गया.’

उन्होंने आगे कहा, ‘प्रसार भारती को मजबूत किया जाएगा और बेहतर एवं जानकारी प्रदान करने वाले प्रोग्रामों को उच्च प्राथमिकता दी जाएगी.’

केंद्रीय मंत्री ने कहा, ‘यह हम बनाम वो (सरकार बनाम मीडिया) नहीं है… यह दो टीमों का मामला नहीं है… यह एक सामूहिक जिम्मेदारी के बारे में है कि चाहे प्रसार भारती हो या निजी नेटवर्क या चैनल, वे लोगों की आवाज बनें. मीडिया लोगों की आवाज बने और हम इस क्षेत्र में काम करेंगे.’

पिछले चार सालों तक मंत्रालय में कनिष्ठ मंत्री के तौर पर काम करते रहे राठौर ने कहा कि सरकार देश के लोगों के साथ दो तरफा संवाद स्थापित करने में सक्षम रही है. उन्होंने कहा, ‘हम ऐसा करना जारी रखेंगे.’

सोशल मीडिया द्वारा पैदा की गईं चुनौतियों पर सूचना एवं प्रसारण मंत्री ने कहा कि सोशल मीडिया का मंच पूरी तरह से स्वतंत्र है और इसमें सभी प्रकार के संवाद होंगे. हम आशा करते हैं कि लोग इस मंच पर अपने विचार जिम्मेदारी के साथ रखें.

(समाचार एजेंसी भाषा से इनपुट के साथ)

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