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उत्तर प्रदेश: भाजपा विधायक ने एसपी को कहा- तुम लातों के भूत हो लातों से ही मानते हो

इलाहाबाद से विधायक हर्षवर्धन बाजपेयी मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के एक कार्यक्रम में शामिल होने पहुंचे थे. एसपी ने उन्हें अंदर जाने से रोका जिस पर उन्होंने एसपी से यह भी कहा कि तुम जूतों की भाषा समझते हो.

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विधायक हर्षवर्धन बाजपेयी (फोटो साभार: फेसबुक/हर्षवर्धन बाजपेयी)

इलाहाबाद: उत्तर प्रदेश के एक भाजपा विधायक के बोल शनिवार को कुछ ऐसे बिगड़े कि उन्होंने ड्यूटी पर तैनात पुलिस अधीक्षक (एसपी) के साथ बदसलूकी करते हुए उन्हें जूते से समझाने की बात कह डाली.

अमर उजाला की एक रिपोर्ट के मुताबिक, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ शनिवार को एक कार्यक्रम में बाघंबरी गद्दी मठ में आए थे. इलाहाबाद के शहरी उत्तरी से विधायक हर्षवर्धन बाजपेयी उनसे मिलने पहुंचे. सुनील की कार को वहां ड्यूटी पर तैनात एसपी गंगापार सुनील कुमार ने अंदर जाने से रोक दिया. जिस पर हर्षवर्धन भड़क गए और एसपी को ऊल-जुलूल कहने लगे.

एसपी द्वारा उन्हें अपनी ड्यूटी निभाने का हवाला देने पर विधायक ने एसपी पर रौब जमाते हुए कहा, ‘हद में रहा करो. पता नहीं कि मैं भाजपा नेता हूं और शहरी उत्तरी से विधायक हूं.’

जब एसपी ने उन्हें ड्यूटी का हवाला देते हुए बताया कि केवल मुख्यमंत्री और कैबिनेट मंत्री को ही अंदर जाने की अनुमति है, अन्य किसी को नहीं तो विधायक ने एसपी से कह डाला, ‘तुम लोग लातों के भूत लातों से ही मानने वाले हो. तुम लोग जूतों की ही भाषा समझते हो.’

हालांकि विधायक हर्षवर्धन का कहना है, ‘जब मैं मठ पहुंचा तो मेरी कार में नगर विकास मंत्री सवार थे. उनकी तबीयत ठीक नहीं. जब मैं वहां पहुंचा तो मठ का दरवाजा बंद था. एसपी ने उसे खोलने से मना कर दिया. मैंने समझाने की कोशिश की कि इतने वरिष्ठ मंत्री की भी कार वे भीतर नहीं जाने देंगे. एसपी गंगा से मेरी बात हुई, पर मैंने कोई अभद्रता नहीं की.’

हालांकि, उनकी इस सफाई से पर्दा उठाता एक वीडियो भी जारी हुआ है जिसमें विधायक को एसपी के साथ बदसलूकी करते हुए साफ देखा जा सकता है.

वहीं, अमर उजाला के मुताबिक हर्षवर्धन ने शनिवार को बदसलूकी केवल एसपी गंगापार के साथ ही नहीं की, बल्कि इससे पहले नगर विकास मंत्री की कार में सवार होते वक्त भी उन्होंने नगर निगम के एक चीफ इंजीनियर के साथ भी बदसलूकी की थी जिस पर मंत्री ने उन्हें कार में ही फटकार लगाई थी.

वाकया कुछ यूं हुआ था कि पुलिस लाइन से मुख्यमंत्री का बेड़ा गुजरने के बाद मंत्री खन्ना ने अस्वस्थ होने के चलते साथ जाने में असमर्थता जताई. उस दौरान वहां मौजूद नगर निगम के चीफ इंजीनियर ने उन्हें अपनी कार से सर्किट हाउस पहुंचाने का आग्रह किया. मंत्री के कार में सवार होते ही विधायक भी पीछे की सीट पर बैठ गए. चीफ इंजीनियर ने आपत्ति जताई तो उन्होंने उसे अपशब्द कहने शुरू कर दिए. जिस पर मंत्री खन्ना ने विधायक को मर्यादा में रहने की हिदायत दी.

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