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तूतीकोरिन में फिर भड़की हिंसा, फायरिंग में एक और व्यक्ति की मौत, तीन घायल

तमिलनाडु के तूतीकोरिन ज़िले में वेदांता समूह की कंपनी स्टरलाइट कॉपर के ख़िलाफ़ मंगलवार को हिंसक प्रदर्शन में 10 लोगों की मौैत हो गई थी.

Tuticorin: Smoke billows from burning vehicles after a violent protest demanding closure of Vedanta's Sterlite Copper unit entered the 100th day, in Tuticorin, on Tuesday. The police opened fire in which at least one man was killed. (PTI Photo) (PTI5_22_2018_000137B)

तूतीकोरिन ज़िले में वेदांता समूह की कंपनी स्टरलाइट कॉपर के खिलाफ प्रदर्शन हिंसक हो गया. (फोटो: पीटीआई)

चेन्नई: तमिलनाडु के तूतीकोरिन में वेदांता समूह की कंपनी स्टरलाइट कॉपर के खिलाफ प्रदर्शन बुधवार को भी जारी है. स्थानीय अस्पताल में प्रदर्शनकारी और पुलिसकर्मियों के बीच हुई झड़प के बाद पुलिस ने आंसू गैस के गोले छोड़े. बुधवार को हिंसक प्रदर्शन में एक 22 साल के एक युवक की मौत हो गई और तीन लोग घायल हैं.

गौरतलब है कि पूरे तूतीकोरन शहर में धारा 144 लगा दी गई है. गृह मंत्रालय ने भी तमिलनाडु सरकार से मंगलवार को हुई घटना पर रिपोर्ट तलब की है. प्रदर्शन अब राज्य के दूसरे हिस्सों में भी शुरू हो गया है. राजधानी चेन्नई में भी लोगों ने वेदांता के खिलाफ विरोध मार्च निकाला है.

सुपरस्टार रजनीकांत और अभिनेता-राजनेता कमल हासन ने यहां चल रहे विरोध प्रदर्शनों को अपना समर्थन दिया है. उन्होंने शांतिपूर्ण विरोध की अनदेखी के लिए सरकार को दोषी ठहराया है. कमल हासन ने कहा, ‘नागरिक अपराधी नहीं हैं… वे वो लोग हैं जो अपनी जान से हाथ धो बैठते हैं.’

लोगों की मौत के लिए रजनीकांत ने भी सरकार को जिम्मेदार ठहराया. रजनीकांत ने ट्वीट किया, ‘सरकार की बेपरवाही की वजह से हुई फायरिंग में लोंगो की मौत से मुझे दुख हुआ है.’

तमिलनाडु सरकार ने जांच आयोग गठित किया

तमिलनाडु सरकार ने तूतीकोरिन हिंसा की जांच के लिए मद्रास उच्च न्यायालय की एक सेवानिवृत्त न्यायाधीश की अध्यक्षता में एक सदस्यीय जांच आयोग गठित किया है. मंगलवार हुई हिंसा में दस लोगों की मौत हो गई थी.

एक आधिकारिक विज्ञप्ति में यहां बताया गया कि निषेधाज्ञा आदेशों का उल्लंघन करते हुए हजारों लोगों ने जिला कलेक्ट्रट की घेराबंदी की, जिसके बाद हुई कानून-व्यवस्था से संबंधित घटनाएं जांच के दायरे आएंगी.

सरकार ने सेवानिवृत्त न्यायाधीश अरुणा जगदीशन की अगुवाई में एक सदस्यीय आयोग हिंसा की जांच के लिए नियुक्त किया है. वह सरकार को अपनी रिपोर्ट सौपेंगी. हालांकि रिपोर्ट सौंपने के लिए समयसीमा का उल्लेख नहीं किया गया है.

प्रदूषण संबंधी कथित मुद्दे को लेकर तूतीकोरन में वेदांता स्टरलाइट कॉपर इकाई को स्थायी रूप से बंद करने को लेकर हुआ प्रदर्शन हिंसक हो गया था जिसमें पुलिसकर्मियों समेत कई लोगों को चोटें आई थीं. तूतीकोरिन पुलिस के मुताबिक, इस हिंसा में आठ पुरूष और दो महिलाओं की मौत हुई है.

प्रदर्शनकारियों ने पथराव किया और सरकारी वाहन तथा सार्वजनिक संपत्तियों को आग लगा दी. इसके बाद वे पूरे शहर में तोड़फोड़ करने लगे. यह घटना चेन्नई से करीब 600 किमी दूर हुई.

तूतीकोरिन कारखाने में फिलहाल परिचालन बंद : स्टरलाइट कॉपर

स्टरलाइट कॉपर ने बुधवार को कहा कि तूतीकोरिन जिले में उसके कारखाने में फिलहाल परिचालन बंद है. इस कारखाने में परिचालन फिर शुरू करने के लिए फिलहाल कंपनी को प्रशासन की मंजूरी का इंतजार है. प्रदूषण चिंताओं की वजह से इस संयंत्र को लेकर मंगलवार कोे प्रदर्शन कर रहे लोगों पर पुलिस गोलीबारी में दस लोगों की मौत हो गई थी.

स्टरलाइट ने कहा कि यह कारखाना 27 मार्च से ही बंद है. सालाना रखरखाव के लिए कंपनी ने उस दिन से परिचालन बंद किया था. तमिलनाडु प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड ने कॉपर स्मेल्टर सुविधा के परिचालन को लाइसेंस नवीकरण का कंपनी का आवेदन खारिज कर दिया था.

मंगलवार की घटना में लोगों की मौत पर दुख जताते हुए स्टरलाइट ने कहा कि उसने सरकार से कर्मचारियों, कारखाने और आसपास के समुदायों की सुरक्षा सुनिश्चित करने की अपील की है. पुलिस के अनुसार , मद्रास उच्च न्यायालय के आदेश पर इस कारखाने के आसपास दंड प्रक्रिया संहिता की धारा 144 लगाई गई है.

केंद्र ने तमिलनाडु सरकार से मांगी तूतीकोरिन घटना की विस्तृत जानकारी

केंद्र ने बुधवार को तमिलनाडु सरकार से तूतीकोरिन घटना की विस्तृत जानकारी मांगी. गृह मंत्रालय के अधिकारियों ने कहा कि मंत्रालय प्रदेश सरकार के साथ लगातार संपर्क में है. एक अधिकारी ने बताया कि केंद्रीय गृह मंत्रालय ने तूतीकोरिन की घटना की प्रदेश सरकार से विस्तृत जानकारी मांगी है.

(समाचार एजेंसी भाषा से इनपुट के साथ)

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