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माइकल जैक्सन के ‘स्मूथ क्रिमिनल’ डांस की नकल से डांसरों की रीढ़ को पहुंच रहा नुकसान

चंडीगढ़ पीजीआई के डॉक्टरों ने एक अध्ययन में दावा किया है माइकल जैक्सन के डांस की नकल की वजह से डांसरों में मांसपेशियों का फटना और डिस्क संबंधी समस्याएं हो रही हैं.

(फोटो साभार: IMDB)

(फोटो साभार: IMDB)

चंडीगढ़: न्यूरो सर्जनों ने कहा है कि माइकल जैक्सन की तरह नाचने का प्रयास करने से डांसरों की रीढ़ में नई तरह की समस्याएं उत्पन्न हो रही हैं.

चंडीगढ़ स्थित स्नातकोत्तर चिकित्सा शिक्षा एवं अनुसंधान संस्थान (पीजीआईएमईआर) के तीन न्यूरो सर्जनों- निशांत एस. याग्निक, मंजुल त्रिपाठी और संदीप मोहिंद्रा ने माइकल जैक्सन के म्यूजिक वीडियो ‘स्मूथ क्रिमिनल’ में एंटीग्रैविटी झुकाव के संबंध में न्यूरोसर्जन के नज़रिये से एक अध्ययन किया.

अध्ययन के परिणाम जर्नल आॅफ न्यूरोसर्जरी पत्रिका में प्रकाशित हुए हैं.

न्यूरोसर्जनों ने डांसरों को माइकल जैक्सन की नकल करने के प्रति आगाह किया और कहा कि इस तरह की नकल करने से रीढ़ में नई तरह की समस्याएं उत्पन्न हो रही हैं.

डॉ. मंजुल त्रिपाठी ने कहा, ‘मेरी क्लिनिकल प्रैक्टिस के दौरान मैंने डांसरों की रीढ़ में कई तरह की समस्या देखी है जिसमें मांसपेशियों का फटना, डिस्क संबंधी दिक्कत और ग्रीवा अस्थि में दरार जैसी समस्याएं शामिल हैं.’

हिंदुस्तान टाइम्स की रिपोर्ट के अनुसार, न्यूरोसर्जरी पत्रिका में ‘हाउ डिड माइकल जैक्सन चैलेंज आर अंडरस्टैंडिंग आॅफ स्पाइन बायोमैकेनिक्स?’ नाम से प्रकाशित अध्ययन में यह भी बताया गया है कि कैसे माइकल जैक्सन रीढ़ की हड्डी को झुकाए बिना सिर्फ़ पैरों के सहारे कैसे 45 डिग्री तक झुक जाते थे?

इन डॉक्टरों का कहना है कि अपनी पीठ को सीधा रखते हुए जब हम आगे की ओर झुकते हैं तो इरेक्टर स्पानी मसल (मांस पेशियों का ऐसा समूह जो पीठ को मज़बूती प्रदान करने के साथ उसको घुमाने में मदद करता है.), जो वर्टिब्री (रीढ़ का जोड़) के साथ-साथ चलती है, किसी तार के जैसे काम करने लगती है जो कि गुरुत्वाकर्षण के विरुद्ध शरीर को गिरने से बचाती है.

उन्होंने बताया कि जब तक कि आप माइकल जैक्सन न हो तब तक पीठ को सीधा रखते हुए एक निश्चित सीमा तक ही आगे की ओर झुका जा सकता है.

माइकल जैक्सन के स्मूथ क्रिमिनल नाम के म्यूज़िक वीडियो में पीठ को झुकाए बिना वह 45 डिग्री तक झुक जाते हैं, वह भी बिना गिरे हुए.

रिपार्ट के अनुसार, अध्ययन में कहा गया है कि प्रशिक्षित डांसर भी इस एक्ट को करते वक्त अधिकतम 25 से 30 डिग्री तक ही पीठ को सीधा रखते हुए आगे की ओर झुक सकते हैं. माइकल जैक्सन के तमाम फैन के अलावा इस अध्ययन के लेखक ने भी उनके इस डांस मूव को कॉपी करने की कोशिश की लेकिन वे असफल रहे और ऐसा करते हुए ख़ुद को चोट पहुंचा ली.

जैसा बहुत लोग सोचते हैं, ऐसा नहीं है कि माइकल जैक्सन ने शरीर क्रिया विज्ञान और भौतिकी के बीच के संबंधों को तोड़ दिया. उनका यह डांस मूव एक चालाक आविष्कार की वजह से संभव हुआ था.

माइकल जैक्सन के नाम से दर्ज एक पेटेंट बताता है कि उनके पास एक खास तरह के डिज़ाइन वाले जूते होते थे, जिनकी मदद से वह पीठ को सीधा रखते हुए आगे की ओर झुक जाते थे.

 (समाचार एजेंसी भाषा से इनपुट के साथ)

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