भारत

मेजर गोगोई हमारे घर दो बार बेवजह घुस आए थे: कश्मीरी लड़की की मां


श्रीनगर के होटल में जिस लड़की के साथ रुकने को लेकर मेजर लीतुल गोगोई का स्टाफ से विवाद हुआ, उनकी मां ने बताया कि दो बार मेजर गोगोई अपने साथी समीर के साथ बिना किसी ख़ास कारण से उनके घर पहुंचे. साथ ही उन्हें धमकाया कि उनके वहां आने के बारे में किसी को न बताएं.

लीतुल गोगोई (फोटो: पीटीआई)

लीतुल गोगोई (फोटो: पीटीआई)

श्रीनगर: जम्मू कश्मीर में श्रीनगर के होटल विवाद में मेजर लीतुल गोगोई को लेकर अब नया मामला सामने आ रहा है. बुधवार को मेजर और उनके साथी के अलावा जिस लड़की से पूछताछ की गई थी, उसकी मां ने आरोप लगाया है कि मेजर गोगोई और समीर उनके घर में बेवजह घुस आए थे और इस दौरान ये दोनों सिविल ड्रेस में थे.

इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के अनुसार, गुरुवार को युवती की मां ने बताया, ‘बेटी सुबह यह कह कर घर से निकली थी कि वह बैंक जा रही है और जल्दी घर लौट आएगी. उसके बाद हम खेतों में काम करने चले गए थे. हमें मामले का कोई अंदाजा नहीं था वो तो शाम को गांव वालों ने बताया.’

लड़की की मां ने आरोप लगाया कि मेजर गोगोई पहले भी दो बार रात के समय घर पर बेवजह आ चुके हैं. उन्होंने बताया, ‘मेजर हमारे घर पर दो बार बेवजह आ चुके हैं. एक बार तो मैं सेना को देखकर बेहोश हो गई थी. दोनों बार मेजर के साथ उनका साथी समीर भी था. उन्होंने हमें धमकाया था कि हम इस बारे में किसी को नहीं बताएं.’

लड़की की मां ने बताया कि उसकी बेटी एक स्वयंसेवी संगठन के साथ काम करती है और बुधवार को उसने कहा कि उसे बैंक में पैसे जमा कराने जाना है. मां ने 500 रुपये दिए और वो कुछ दस्तावेजों के साथ घर से निकल गई.

इससे पहले बुधवार को एक होटल में इस लड़की के संग जाने से रोके जाने के बाद मेजर लीतुल गोगोई का होटल कर्मियों से विवाद हुआ था. जिसके बाद होटल वालों ने पुलिस बुलाई और मेजर गोगोई समेत उनके साथी समीर और इस लड़की को हिरासत में लिया गया था. मेजर और उनके साथी को पूछताछ के बाद छोड़ दिया गया.

वहीं, मजिस्ट्रेट के सामने महिला का बयान दर्ज कराए जाने के बाद उसे भी छोड़ दिया गया. लड़की की मां का कहना है कि युवती 17 साल की है, जबकि पुलिस का कहना है कि वह वयस्क है.

गौरतलब है कि मध्य कश्मीर के बडगाम जिले के बीरवाह में सेना के 53 आरआर में तैनात गोगोई पिछले साल तब सुर्खियों में आए थे, जब उन्होंने 9 अप्रैल, 2017 को जिले के चिल-ब्रास गांव के निवासी फ़ारूक़ अहमद डार को सेना की जीप पर बांधा था.

यह घटना श्रीनगर-बडगाम लोकसभा क्षेत्र में उपचुनाव के दिन की है. गोगोई ने डार को इस तरह से जीप से बांध कर करीब पांच घंटे तक कई गांवों में घुमाया. उन्होंने ऐसा कश्मीरियों को यह चेतावनी देने के लिए किया कि सुरक्षा बलों पर पत्थर फेंकने वालों का यही अंजाम होगा.

29 मई को सेना अध्यक्ष बिपिन रावत ने यह कहकर डार के मानव कवच के तौर पर इस्तेमाल किए जाने का बचाव किया था कि सेना जम्मू और कश्मीर में एक ‘गंदा युद्ध’ लड़ रही है, जिसे नये तरीकों से लड़े जाने की जरूरत है. बाद में उन्होंने मेजर गोगोई को उग्रवाद विरोधी कार्रवाइयों में उनके योगदान के लिए सेना प्रमुख के प्रशंसा मेडल से सम्मानित भी किया था.

Comments