राजनीति

उपचुनाव परिणाम: गोरखपुर-फूलपुर के बाद भाजपा ने कैराना में गठबंधन के आगे ​टेके घुटने

चार लोकसभा और 11 विधानसभा सीटों पर हुए उपचुनाव के नतीजे भाजपा के लिए सुखद नहीं रहे. विपक्ष ने 11 सीटें जीती, भाजपा और उसके सहयोगी तीन सीटों तक ही सीमित.

Lucknow: Samajwadi Party (SP) workers celebrate their party success in Uttar Pradesh by-elections, outside their party office in Lucknow on Thursday, May 31, 2018. (PTI Photo/Nand kumar)(PTI5_31_2018_000089B)

उत्तर प्रदेश की कैराना लोकसभा और नूरपुर विधानसभा सीटों पर गठबंधन को मिली जीत का गुरुवार को लखनऊ में जश्न मनाते समाजवादी पार्टी के कार्यकर्ता. (फोटो: पीटीआई)

नयी दिल्ली/लखनऊ/मुंबई/पटना: केंद्र में सत्तारूढ़ भाजपा को गुरुवार को एक क़रारा झटका देते हुए विपक्षी पार्टियों ने लोकसभा और विधानसभा की 14 सीटों के उपचुनावों में 11 सीटों पर जीत दर्ज की जबकि भगवा पार्टी तथा उसके सहयोगियों को केवल तीन सीटों तक ही सीमित कर दिया.

विपक्षी एकजुटता के कारण भाजपा ने उत्तर प्रदेश की चर्चित कैराना लोकसभा सीट को भी गंवा दिया.

अगले वर्ष होने वाले आम चुनाव के मद्देनज़र हर एक उपचुनाव को प्रतिष्ठा की नज़र से देखा जा रहा है. विपक्षी नेताओं ने दावा किया कि गुरुवार के परिणामों से पता चलता है कि 11 राज्यों में केंद्र की मोदी सरकार की लोकप्रियता में गिरावट आई है तो वहीं भाजपा ने कहा कि पीएम- ‘पी’ परफॉरमेंस (कामकाज) और ‘एम’ मेहनत (कड़ी मेहनत) अगले वर्ष होने वाले लोकसभा चुनाव का निर्णय करेंगे.

राजनीतिक दृष्टि से महत्वपूर्ण उत्तर प्रदेश में सत्तारूढ़ पार्टी के कैराना लोकसभा सीट गंवाने के साथ ही विपक्षी नेताओं को गैर भाजपा एकता को मजबूत करने के लिए एक बड़ा प्रोत्साहन देखने को मिला है.

लोकसभा की चार सीटों में से हालांकि दो सीटें भाजपा नीत गठबंधन ने जीतीं और दो सीटें विपक्षी पार्टियों की झोली में गई. सत्तारूढ़ पार्टी भाजपा के लिए सबसे बड़ा झटका 10  विधानसभा सीटों के उपचुनाव के परिणाम है, जहां वह केवल एक ही सीट (उत्तराखंड) में जीत सकी. कांग्रेस ने तीन सीटें (मेघालय, कर्नाटक और पंजाब) जीती जबकि छह सीटों पर अन्य पार्टियों ने जीत दर्ज की जिनमें से झामुमो ने झारखंड में दो सीटें, माकपा, सपा, राजद और तृणमूल ने एक-एक सीट क्रमश: केरल, उत्तर प्रदेश, बिहार और पश्चिम बंगाल में जीतीं.

विधानसभा उपचुनाव परिणामों की बात करें तो. उत्तर प्रदेश की नूरपुर विधानसभा सीट समाजवादी पार्टी (सपा), महाराष्ट्र की पलूस कडेगांव सीट कांग्रेस, बिहार की जोकिहाट सीट आरजेडी, केरल की चेंगन्नूर माकपा, पंजाब की शाहकोट कांग्रेस, झारखंड की सिल्ली और गोमिया झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो), कर्नाटक की राज राजेश्वरी नगर सीट कांग्रेस, पश्चिम बंगाल की महेशतला (तृणमूल कांग्रेस), मेघालय की अंपति कांग्रेस, उत्तराखंड की थराली सीट भाजपा की झोली में गई है.

उत्तर प्रदेश की कैराना लोकसभा सीट रालोद ने जीती, नूरपुर में सपा की फतह

लखनऊ: गोरखपुर और फूलपुर लोकसभा उपचुनावों के बाद उत्तर प्रदेश की कैराना लोकसभा सीट और नूरपुर विधानसभा सीट के उपचुनाव में भी विपक्षी एकजुटता के आगे सत्तारूढ़ भाजपा को एक बार फिर शिकस्त का सामना करना पड़ा और दोनों ही सीटों पर सपा-रालोद गठबंधन के प्रत्याशियों ने गुरुवार को जीत हासिल कर ली.

निर्वाचन आयोग के आधिकारिक सूत्रों के मुताबिक कैराना लोकसभा उपचुनाव में रालोद उम्मीदवार तबस्सुम हसन ने अपनी निकटतम प्रतिद्वंद्वी भाजपा प्रत्याशी मृगांका सिंह को 44,618 मतों से हराया. तबस्सुम को 4,81,182 और मृगांका को 4,36,564 वोट मिले.

दूसरी ओर, नूरपुर विधानसभा सीट पर सपा प्रत्याशी नईमुल हसन ने अपनी निकटतम प्रतिद्वंद्वी भाजपा की अवनी सिंह को 5662 मतों से शिकस्त दी.

निर्वाचन अधिकारी ध्रुव त्रिपाठी द्वारा घोषित चुनाव नतीजे के अनुसार, हसन को 94,875 जबकि अवनी को 89,213 वोट मिले.

कैराना लोकसभा उपचुनाव में जीत के साथ 16वीं लोकसभा में रालोद ने अपना खाता खोल लिया है. वहीं, नूरपुर सीट में जीत के साथ राज्य विधानसभा में सपा सदस्यों की संख्या बढ़कर 48 हो गई है.

मालूम हो कि कैराना सीट पर सपा ने रालोद उम्मीदवार को समर्थन दिया है. वहीं, नूरपुर में रालोद ने सपा का सहयोग किया है. इन दोनों ही सीटों के उपचुनाव के लिए गत 28 मई को वोट पड़े थे.

Kairana: Rashtriya Lok Dal (RLD) candidate Tabassum Hasan outside the counting centre after winning the Kairana Lok Sabha by-election, in Kairana on Thursday, May 31, 2018. Hasan was also supported by the Congress, Samajwadi Party and Bahujan Samaj Party. (PTI Photo)(PTI5_31_2018_000142B)

कैराना लोकसभा उपचुनाव में गुरुवार को रालोद की संयुक्त गठबंधन प्रत्याशी तबस्सुम हसन ने जीत दर्ज की. (फोटो: पीटीआई)

मतदान के दौरान इलेक्ट्रॉनिक वोटिंग मशीनों (ईवीएम) में गड़बड़ी की शिकायतें आई थीं. कैराना सीट पर कल 73 मतदान केंद्रों पर पुनर्मतदान हुआ था.

कैराना उपचुनाव जीतीं तबस्सुम ने इसे जनता की विजय क़रार देते हुए इसके लिए रालोद, सपा, बसपा, कांग्रेस और आम आदमी पार्टी के नेताओं तथा कार्यकर्ताओं का शुक्रिया अदा किया.

सपा अध्यक्ष अखिलेश यादव ने कैराना लोकसभा और नूरपुर विधानसभा सीटों के उपचुनाव में सपा-रालोद गठबंधन के प्रत्याशियों की कामयाबी के लिए जनता तथा सभी सहयोगी दलों को धन्यवाद देते हुए कहा कि अवाम ने देश को बांटने वाली राजनीति करने वालों को करारा जवाब दिया है.

अखिलेश ने उपचुनाव परिणामों में सपा और रालोद के गठबंधन के प्रत्याशियों को निर्णायक बढ़त मिलने के बाद संवाददाताओं से बातचीत में कहा कि उपचुनाव में भाजपा ने कोशिश की कि ज़मीनी सवालों पर मतदान ना हो. मगर जनता ने गन्ना, गरीबी और रोज़गार के सवाल पर भाजपा को जवाब दिया है.

अपनी प्रत्याशी को मिली जीत के बाद रालोद उपाध्यक्ष जयंत चौधरी ने संवाददाताओं से बातचीत में भाजपा पर हमला करते हुए कहा कि जो लोग सांप्रदायिकता फैलाकर जीतना चाह रहे थे, उनके एजेंडा को जनता ने नकार दिया है. इस उपचुनाव में हर व्यक्ति ने कहा कि ‘जिन्ना नहीं, गन्ना चलेगा.’

उन्होंने कहा कि केंद्र में कहने को तो सरकार है लेकिन इस वक़्त देश को एक-दो लोग ही चला रहे हैं. हर बात में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का ही नाम लिया जाता है. अगर उपलब्धियां एक व्यक्ति की हैं तो नाकामी पर लोग पूछेंगे कि वह लहर कहां चली गई. चार साल की सरकार में आपने जनता को छला है. हम अगले चुनाव में भी इन्हीं बातों को लेकर चलेंगे और भाजपा से सवाल पूछेंगे.

जयंत ने कहा कि लोकसभा चुनाव से पहले संभावित महागठबंधन में रालोद की बड़ी भूमिका रहेगी.

चुनाव में पराजय के बाद भाजपा उम्मीदवार मृगांका ने कहा कि वह परिणाम से निराश ज़रूर हैं, मगर हताश नहीं. हम कहीं ना कहीं केंद्र और उत्तर प्रदेश की भाजपा सरकारों की उपलब्धियों को आम लोगों को समझा नहीं पाए.

उन्होंने माना कि उपचुनाव में विपक्षी दलों के गठबंधन की ताकत दिखाई दी. भाजपा को उससे निपटने के लिए ख़ुद को और तैयार करना होगा.

इस बीच, प्रदेश के उपमुख्यमंत्री दिनेश शर्मा ने कहा कि कैराना में विपक्ष पिछले डेढ़-दो वर्षों से जातीय उन्माद फैलाने और विषवमन का काम कर रहा था. भाजपा ऐसी राजनीति नहीं करती.

उन्होंने कहा कि चूंकि विपक्ष राजनीतिक बेरोज़गारी की स्थिति में है, लिहाज़ा वह जीत के लिये हर हथकंडा अपना रहा है. हम एक लोकतांत्रिक व्यवस्था के तहत चुनाव लड़ रहे थे, आगे भी लड़ेंगे और जीतकर आएंगे.

कैराना लोकसभा सीट का उपचुनाव भाजपा सांसद हुकुम सिंह के फरवरी में निधन के कारण कराया गया है. वहीं, नूरपुर में भाजपा विधायक लोकेंद्र सिंह चौहान की सड़क दुर्घटना में मृत्यु के कारण उपचुनाव हुआ है.

जोकीहाट विधानसभा सीट से राजद के शाहनवाज़ आलम जीते

पटना: राष्ट्रीय जनता दल (राजद) ने गुरुवार को बिहार में सत्तारूढ़ जनता दल यूनाइटेड (जदयू) से जोकीहाट विधानसभा सीट 41,000 वोटों के अंतर से छीन ली.

उप मुख्य निर्वाचन अधिकारी बैजू नाथ कुमार ने बताया कि इस सीट पर राजद के शाहनवाज़ आलम ने अपने निकटतम प्रतिद्वंद्वी जदयू के मुर्शीद आलम को हराया.

इस जीत से उत्साहित वरिष्ठ राजद नेता तेजस्वी यादव ने गुरुवार को मुख्यमंत्री नीतीश कुमार पर निशाना साधा और कहा कि बिहार के मुख्यमंत्री को नैतिकता के आधार पर इस पद से इस्तीफा दे देना चाहिए.

Patna: Rashtriya Janata Dal (RJD) supporters celebrate after their party's victory at Jokihat Assembly by-elections, in Patna on Thursday, May 31, 2018. (PTI Photo) (PTI5_31_2018_000064B)

जोकीहाट सीट पर उपचुनाव में मिली जीत का पटना में जश्न मनाते राजद कार्यकर्ता. (फोटो: पीटीआई)

मुस्लिम बहुल अररिया ज़िले की जोकीहाट विधानसभा सीट 2015 के चुनाव में जदयू ने जीती थी. इस उपचुनाव की राजद उम्मीदवार के बड़े भाई विधायक सरफ़राज़ आलम के इस्तीफे की वजह से ज़रूरत पैदा हुई.

सरफ़राज़ आलम राजद के टिकट पर अररिया लोकसभा उपचुनाव जीतकर संसद पहुंचे थे. उनके पिता तस्लीमुद्दीन के निधन के कारण अररिया लोकसभा उपचुनाव कराया गया था. तस्लीमुद्दीन ने पांच बार जोकीहाट विधानसभा का प्रतिनिधित्व किया था.

इस उपचुनाव में हार नीतीश कुमार के जदयू के लिए एक झटका है जिसने आज की हार से पहले जोकीहाट में लगातार तीन बार जीत दर्ज की थी.

राजस्थान के एक कार्यक्रम से पटना लौटे कुमार ने अब तक इस उपचुनाव परिणाम पर कोई बयान नहीं दिया है. लेकिन जदयू महासचिव केसी त्यागी ने कहा कि जोकीहाट की हार तेल के दामों में हाल की वृद्धि पर देशभर में लोगों की प्रतिक्रिया का परिणाम है.

जदयू उम्मीदवार आलम ने कहा कि यह भी हो सकता है कि भाजपा के साथ हाल ही में हाथ मिलाना पार्टी के पारंपरिक मतदाताओं को गंवारा न हुआ हो.

तेजस्वी ने कटाक्ष किया कि नीतीश ऐसे कप्तान बनकर रह जाएंगे जिसे प्लेइंग इलेवेन में भी जगह नहीं मिल पाई हो.

तेजस्वी ने कहा कि लगातार दो उपचुनाव हारने के बाद बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार को नैतिकता के आधार पर मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा दे देना चाहिए.

उन्होंने नीतीश कुमार पर अवसरवादी राजनीति करने और 2015 के बिहार विधानसभा चुनाव में महागठबंधन को मिले जनादेश के साथ विश्वासघात कर भाजपा के साथ प्रदेश में नई सरकार बना लेने का आरोप लगाया.

महाराष्ट्र: पालघर लोकसभा सीट पर भाजपा, भंडारा-गोंडिया से राकांपा की जीत, पलूस कडेगांव विधानसभा सीट कांग्रेस के नाम 

मुंबई: भाजपा के राजेंद्र गावित गुरुवार को महाराष्ट्र में शिवसेना के श्रीनिवास वनगा को 29,574 वोटों से हराकर पालघर लोकसभा उपचुनाव जीत गए.

एक राज्य चुनाव अधिकारी के अनुसार मतों की 33 दौर की गिनती के बाद चुनाव परिणाम घोषित किया गया.

गावित को 2,72,780 वोट मिले जबकि वनगा को 2,43,206 मत प्राप्त हुए.

इस सीट पर बहुजन विकास आघाडी के बलीराम जाधव 2,22,837 मतों के साथ तीसरे स्थान पर रहे जबकि माकपा उम्मीदवार किरण गहला को 71,887 वोट मिले. कांग्रेस प्रत्याशी दामोदर शिंगडा 46079 वोट के साथ पांचवें स्थान पर रहे.

भाजपा सांसद चिंतामण वनगा के निधन के बाद इस सीट पर उपचुनाव कराया गया था. उपचुनाव में सहयोगी दलों भाजपा और शिवसेना के बीच काफी टकराव नज़र आया.

शिवसेना ने वनगा के बेटे श्रीनिवास वनगा को टिकट दिया था जबकि भाजपा ने पूर्व कांग्रेस मंत्री गावित को चुनाव मैदान में उतारा था. भाजपा ने इस उपचुनाव को प्रतिष्ठा का प्रश्न बना लिया था.

भंडारा-गोंदिया लोकसभा सीट पर राकांपा को जीत मिली है. राकांपा उम्मीदवार मधुकर कुकड़े ने भाजपा के हेमंत पटले को हराया. यह सीट भाजपा सांसद के नाना पटोले के इस्तीफा देकर कांग्रेस में शामिल हो जाने की वजह से खाली हुई थी.

महाराष्ट्र के भंडारा-गोंदिया लोकसभा उपचुनाव में राकांपा के मधुकर कुकाडे ने भाजपा के हेमंत पाटिल को 48,097 मतों से हरा दिया.

वहीं, पलसू कडेगांव सीट पर कांग्रेस के उम्मीदवार विश्वजीत पतंगराव कदम निर्विरोध निर्वाचित हुए हैं.

झारखंड में गोमिया एवं सिल्ली विधानसभा सीटों पर झामुमो जीती

रांची: उपचुनाव का परिणाम राज्य में मुख्य विपक्षी दल झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) के पक्ष में आया है. हालांकि, पहले भी दोनो सीटें झामुमो के पास थीं.

मुख्य निर्वाचन पदाधिकारी एल ख्यांगते ने बताया कि अभी मतों का पूर्ण विवरण आने में समय लगेगा लेकिन दोनों सीटों पर मतगणना का काम पूरा हो गया है और झामुमो प्रत्याशियों ने जीत दर्ज की है.

Ranchi: Jharkhand Mukti Morcha (JMM) candidate Seema Mahato with her supporters flashes a victory sign during the victory procession after winning the Silli constituency seat, in Ranchi on Thursday, May 31, 2018. (PTI Photo)(PTI5_31_2018_000156B)

झारखंड में सिल्ली सीट से जीत दर्ज करने के बाद झारखंड मुक्ति मोर्चा की प्रत्याशी सीमा महतो. (फोटो: पीटीआई)

गोमिया में झामुमो की बबिता देवी ने अखिल झारखंड छात्रसंघ (आजसू) के लंबोदर महतो को पराजित किया और भाजपा के माधवलाल सिंह तीसरे स्थान पर पिछड़ गए.

सिल्ली में झामुमो की उम्मीदवार सीमा महतो ने आजसू के अध्यक्ष सुदेश महतो को पराजित कर यह सीट झामुमो के पास बरकरार रखी. गौरतलब है कि झामुमो के दो विधायकों को अलग-अलग आपराधिक मामलों में दोषी करार दिए जाने और दो वर्ष की जेल की सजा सुनाए जाने के कारण दोनों सीटें खाली हुई थीं.

मेघालय में कांग्रेस ने जीती अंपाति विधानसभा सीट, विधानसभा में बनी सबसे बड़ी पार्टी 

शिलॉन्ग: कांग्रेस प्रत्याशी मिआनी डी शिरा ने मेघालय की अंपाति विधानसभा सीट जीत ली है. इसके साथ ही विपक्षी कांग्रेस मेघालय विधानसभा में सबसे बड़ी पार्टी बन गई है. इस सीट पर मिआनी के पिता मुकुल संगमा के इस्तीफे के बाद उपचुनाव कराया गया था.

मुख्य चुनाव अधिकारी एफआर खरकोंगोर ने बताया कि कांग्रेस प्रत्याशी ने 3191 मतों से चुनाव जीत लिया है. मिआनी के खाते में जहां 14,259 मत आए, वहीं एनपीपी प्रत्याशी क्लेमेंट जी मोमिन को कुल 11,069 वोट मिले.’

उन्होंने बताया कि तीसरे स्थान पर एक निर्दलीय प्रत्याशी सुभांकर कोच रहे जिन्हें 360 वोट मिले.

शिरा के पिता और पूर्व मुख्यमंत्री मुकुल संगमा ने इस साल की शुरुआत में यह सीट खाली की थी जिसके बाद यहां उपचुनाव कराया गया. पिछले विधानसभा चुनाव में मुकुल संगमा ने दो सीटों पर जीत दर्ज की थी. बाद में उन्होंने यह अंपाति खाली कर दी थी.

गुरुवार को घोषित परिणाम के साथ ही 60 सदस्यीय विधानसभा में कांग्रेस के 21 विधायक हो गए हैं जो एनपीपी से एक ज्यादा है. राज्य में एनपीपी क्षेत्रीय दलों और भाजपा के सहयोग से गठबंधन सरकार की अगुवाई कर रही है.

एनडीपीपी ने नगालैंड लोकसभा सीट के उपचुनाव में जीत हासिल की

कोहिमा: भाजपा की सहयोगी नेशनलिस्ट डेमोक्रेटिक प्रोग्रेसिव पार्टी (एनडीपीपी) ने नगालैंड लोकसभा सीट के उपचुनाव में गुरुवार को जीत दर्ज की. एनडीपीपी के उम्मीदवार ने एनपीएफ उम्मीदवार को 1.73 लाख से अधिक वोटों से शिकस्त दी.

मुख्य चुनाव अधिकारी अभिजीत सिन्हा ने बताया कि एनडीपीपी उम्मीदवार तोखेहो येपथोमी ने एनपीएफ उम्मीदवार सी. अपोक जमीर को उपचुनाव में 1,73,746 मतों से पराजित किया.

येपथोपी को 5,94,205 मत मिले जबकि एनपीएफ उम्मीदवार जमीर को 4,20,459 वोट प्राप्त हुए.

इस सीट पर 28 मई को मतदान हुआ था. सत्तारूढ़ पीपुल्स डेमोक्रेटिक अलायंस (पीडीए) के उम्मीदवार येपथोमी ने पिहेक और पेरेन जिलों को छोड़कर नौ जिलों में जीत दर्ज की.

नेफियू रियो के मुख्यमंत्री बनने के बाद इस सीट पर उपचुनाव कराया जाना आवश्यक हो गया था। रियो ने फरवरी में लोकसभा की सदस्यता से इस्तीफा दे दिया था.

इस वर्ष फरवरी में नगालैंड में चुनाव के बाद एनडीपीपी ने रियो के नेतृत्व में गठबंधन सरकार बनाने के लिए भाजपा से हाथ मिला लिया था.

पंजाब की शाहकोट सीट पर कांग्रेस की फतह

चंडीगढ़: सत्तारूढ़ कांग्रेस के हरदेव सिंह लाडी ने अपने करीबी प्रतिद्वंद्वी शिरोमणी अकाली दल (शिअद) के उम्मीदवार नायब सिंह कोहाड़ को 38,801 मतों के अंतर से हराया.

लाडी को उपचुनाव में 82,745 वोट हासिल हुए, वहीं कोहाड़ को महज 43,944 वोट मिले. आम आदमी पार्टी के उम्मीदवार रत्तन सिंह कक्कड़ कलां को महज 1,900 वोट मिले.

इस सीट को शिअद का गढ़ माना जाता था जहां से नायब सिंह के पिता अजित सिंह कोहाड़ ने पांच बार जीत दर्ज की थी.

इस जीत के साथ 117 सदस्यीय पंजाब विधानसभा में कांग्रेस विधायकों की संख्या 78 हो गई है जो सदन में दो-तिहाई संख्याबल है.

मतगणना के समय से ही लाडी बढ़त बनाए हुए थे. इसे 14 महीने पुरानी अमरिंदर सिंह सरकार की लोकप्रियता के पैमाने के तौर पर देखा जा रहा था.

केरल में माकपा की अगुवाई वाले एलडीएफ ने बरकरार रखी चेंगन्नूर सीट

चेंगन्नुर: केरल में सत्तारूढ़ माकपा के नेतृत्व वाले लेफ्ट डेमोक्रेटिक फ्रंट (एलडीएफ) के उम्मीदवार साजी चेरियन ने चेंगन्नूर विधानसभा उपचुनाव में कांग्रेस के अपने करीबी प्रतिद्वंद्वी को 20,956 मतों के भारी अंतर से मात दी.

मुख्य निर्वाचन कार्यालय के अनुसार, चेरियन को 67,303 मत मिले जबकि कांग्रेस के नेतृत्व वाले यूडीएफ उम्मीदवार डी विजय कुमार ने 46,347 मत हासिल किए. वहीं, भाजपा उम्मीदवार एस श्रीधरन पिल्लै 35,270 मत प्राप्त करके तीसरे स्थान पर रहे.

जनवरी में माकपा विधायक केके रामचंद्रन नायर के निधन के बाद यहां उपचुनाव हुआ था. साजी चेरियन ने शुरुआत से ही बढ़त बनाए रखी. इस सीट पर एलडीएफ, यूडीएफ और एनडीए तीन मोर्चों के बीच मुख्य मुकाबला था.

बेंगलुरु की राजराजेश्वरी नगर विधानसभा सीट पर कांग्रेस की जीत

बेंगलुरु: कांग्रेस ने बेंगलुरु शहर में राजराजेश्वरी नगर विधानसभा सीट पर 25,400 से ज्यादा वोटों से जीत दर्ज की. एचडी कुमारस्वामी की अगुवाई वाली कांग्रेस-जेडीएस गठबंधन सरकार के गठन के बाद यह पहला चुनाव है.

गठबंधन साझेदार होने के बाद भी कांग्रेस और जेडीएस ने इस सीट पर एक-दूसरे के खिलाफ चुनाव लड़ा था. जेडीएस इस मुकाबले में तीसरे स्थान पर रही.

चुनाव अधिकारियों के मुताबिक, कांग्रेस के एन मुनिरत्ना को 1,08,064 वोट मिले जबकि उनके सबसे नजदीकी प्रतिद्वंद्वी और भाजपा उम्मीदवार तुलसीमुनि राजू गौड़ा को 82,572 वोट मिले.

जेडीएस उम्मीदवार जीएच रामचंद्र को महज 60,360 वोट प्राप्त हुए. रामचंद्र चुनाव से कुछ दिन पहले ही भाजपा छोड़कर जेडीएस में शामिल हुए थे.

इस सीट पर पहले भी कांग्रेस का ही कब्जा था.

बीते 12 मई को कर्नाटक में विधानसभा चुनाव हुए, लेकिन राजराजेश्वरी नगर सीट पर मतदान 28 मई तक के लिए उस वक्त टाल दिया गया था जब वोटर आईडी विवाद पैदा हुआ था. चुनावी कदाचार के मामले भी सामने आए थे.

12 मई को होने वाले चुनाव से पहले राजराजेश्वरी नगर सीट के एक अपार्टमेंट से करीब 10,000 वोटर आईडी कार्ड जब्त किए गए थे. मुनिरत्ना वोटर आईडी कार्ड विवाद से जुड़े मामले में आरोपी हैं.

उत्तराखंड की थराली सीट से भाजपा उम्मीदवार विजयी घोषित

चुनाव आयोग ने उत्तराखंड की थराली विधानसभा सीट पर हुए उपचुनाव में भाजपा उम्मीदवार मुन्नी देवी शाह को विजयी घोषित किया.

आयोग की ओर से गुरुवार को इस सीट पर 15 दौर की मतगणना के बाद घोषित चुनाव परिणाम के अनुसार भाजपा की मुन्नी देवी को 25,737 वोट मिले. उन्होंने अपने निकटतम प्रतिद्वंद्वी कांग्रेस के डॉक्टर जीतराम शाह को 1981 मतों के अंतर से हराया. जीतराम को 23,756 वोट मिले.

थराली में मिली विजय से 70 सदस्यीय राज्य विधानसभा में भाजपा सदस्यों की संख्या बढ़कर फिर 57 हो गई है.

विजयी उम्मीदवार मुन्नी देवी दिवंगत विधायक मगनलाल शाह की विधवा है.

पश्चिम बंगाल की महेशतला सीट टीएमसी ने बचाई

कोलकाता: तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के दुलाल दास ने पश्चिम बंगाल में महेशतला विधानसभा उपचुनाव में भाजपा के सुजीत कुमार घोष को 62,827 मतों से हरा दिया है. पहले भी यह सीट टीएमसी के ही पास थी.

निर्वाचन अधिकारी शर्मिष्ठा घोष ने बताया कि तृणमूल उम्मीदवार दुलाल दास को 104,814 वोट जबकि भाजपा के सुजीत घोष को 41,987 वोट मिले.

वाम मोर्चा के उम्मीदवार प्रभात चौधरी, जिन्हें कांग्रेस का भी समर्थन प्राप्त था, को 30,316 वोट मिले.

तृणमूल कांग्रेस की विधायक कस्तूरी दास के निधन के बाद इस सीट पर 28 मई को उप-चुनाव कराया गया था. दुलाल दास कस्तूरी के पति हैं.

राज्य की 294 सदस्यीय विधानसभा में टीएमसी के 215 विधायक हैं.

(समाचार एजेंसी भाषा से इनपुट के साथ)

Comments