राजनीति

50 साल कांग्रेस में रहे व्यक्ति ने संघ मुख्यालय पर माथा टेक दिया: ओवैसी

प्रणब मुखर्जी के संघ मुख्यालय जाने पर एआईएमआईएम प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने कहा कि जिन्होंने महात्मा गांधी के क़त्ल पर जश्न मनाया था, वह उनके दफ़्तर जाकर बहुलतावाद की बात करते हैं, किसको बेवकूफ बना रहे हैं वो.

असदुद्दीन ओवैसी. (फोटो: पीटीआई)

असदुद्दीन ओवैसी. (फोटो: पीटीआई)

हैदराबाद: आॅल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (एआईएमआईएम) पार्टी के प्रमुख असदुद्दीन ओवैसी ने पूर्व राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी पर हमला बोलते हुए कहा है कि जो आदमी 50 सालों तक कांग्रेस में रहा, उसने संघ मुख्यालय जाकर पार्टी को पूरी तरह से ख़त्म कर दिया.

हैदराबाद स्थित मक्का मस्जिद में आठ जून को आयोजित एक कार्यक्रम के दौरान ओवैसी ने कहा, ‘कांग्रेस के ऊपर कब तक भरोसा करेंगे आप लोग? ख़तम हो गए अब ये लोग. अब तो आप आंखें खोलो कि जिस शख़्स ने कांग्रेस पार्टी में अपनी ज़िंदगी के 50 साल गुज़ारे, जो हिंदुस्तान का सद्र-ए-जम्हूरिया (राष्ट्रपति) रहा, वो आज आरएसएस के हेडक्वार्टर पर जाकर अपना माथा टेकता है. इसके बावजूद भी आप उस पार्टी से उम्मीद लगाएंगे?’

अपने भाषण में ओवैसी ने प्रणब मुखर्जी के साथ साथ कांग्रेस, भाजपा, मोदी सरकार और आरएसएस पर भी निशाना साधा.

उन्होंने कहा, ‘हेडगेवार ने कहा था कि हिंदुस्तान हिंदू लोगों को मुल्क है और प्रणब मुखर्जी ने कहा कि हेडगेवार भारत मां के महान सपूत हैं. हेडगेवार ने कहा था कि मुल्क कैसे बनता है. मुल्क बनाता है लोगों से, एक सोच से, एक रिवायत से. मेरा सवाल है कि क्या हिंदुस्तान में एक सोच होगी, एक तहज़ीब होगी. क्या दलितों, आदिवासियों, मुसलमानों, तमिलनाडु के लोगों, मराठाओं, पंजाबियों की तहज़ीब ख़त्म हो जाएगी.’

एआईएमआईएम प्रमुख ने आगे कहा, ‘हेडगेवार ने कहा था कि हिंदुस्तान हिंदुओं के लिए है. जो शख़्स सद्र-ए-जम्हूरिया था, जो शख़्स 50 साल कांग्रेस पार्टी में था, वो हेडगेवार की तारीफ़ में लिखता है. मुझे अफसोस हो रहा है कि प्रणब मुखर्जी आरएसएस मुख्यालय गए. वह मुर्शिदाबाद से दो बार सांसद बने, जहां 70 प्रतिशत मुसलमान हैं.’

वे आगे कहते हैं, ‘तिरंगा देखकर हमारा सीना फ़ख्र से चौड़ा हो जाता है लेकिन हेडगेवार ने कहा था कि सिर्फ़ भगवा झंडा ही हमारा है. प्रणब मुखर्जी साहब, आपने उनकी तारीफ़ की आप बताओ फिर आपके गुरु कौन हैं? कांग्रेस पार्टी बताए कि उसकी विचारधारा क्या है, उसकी धर्मनिरपेक्षता क्या है.’

आवैसी ने कहा, ‘हम बताना चाहते हैं प्रणब मुखर्जी, बीजेपी, कांग्रेस, आरएसएस, हिंदुस्तान और हमारे हिंदू सेकुलर भाइयों को कि जब महात्मा गांधी को नाथूराम गोडसे ने गोलियां मारीं तो सरदार पटेल ने अपने ख़त में लिखा था कि आरएसएस के लोग मिठाइयां बांट रहे थे, खुशियां मना रहे थे. बताओ कांग्रेसियों, जिन्होंने महात्मा गांधी के क़त्ल पर जश्न मनाया आप उनके दफ़्तर पर जाकर बहुलतावाद की बात करते हो. किसको बेवकूफ बना रहे हैं, आरएसएस, बीजेपी, कांग्रेस और प्रणब मुखर्जी.’

उन्होंने कहा, ‘हमें मजबूरी से निकलना है. बीते चार सालों में जबसे मोदी सरकार आई है देश में सांप्रदायिक हिंसा की घटनाएं बढ़ गई हैं. भाजपा के विकल्प के रूप में आपको कांग्रेस से हटकर सोचना पड़ेगा, क्षेत्रीय दलों की ओर देखना पड़ेगा. कांग्रेस और बीजेपी यही चाहती हैं कि या तो तुम हुकूमत करना या तो हम हुकूमत करेंगे. इसे ख़त्म करना पड़ेगा.’

मालूम हो कि बीते सात जून को पूर्व राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी नागपुर स्थित संघ मुख्यालय गए थे और राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के स्वयंसेवकों के प्रशिक्षण वर्ग के समापन कार्यक्रम को संबोधित किया था.

काफी विरोध और आलोचना के बावजूद वह इस कार्यक्रम में शामिल हुए.

कार्यक्रम में प्रणब ने राष्ट्रवाद की परिकल्पना पर भाषण दिया था. पूर्व राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी ने बहुलतावाद एवं सहिष्णुता को ‘भारत की आत्मा’ क़रार देते हुए कहा था कि धार्मिक मत और असहिष्णुता के माध्यम से भारत को परिभाषित करने का कोई भी प्रयास देश के अस्तित्व को कमज़ोर करेगा.

उन्होंने कहा था, ‘हमें अपने सार्वजनिक विमर्श को सभी प्रकार के भय एवं हिंसा, भले ही वह शारीरिक हो या मौखिक, से मुक्त करना होगा.’

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