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गोरखपुर में डॉ. कफ़ील ख़ान के भाई को गोली मारी गई

डॉ. कफ़ील के भाई काशिफ़ जमील पर अज्ञात हमलावरों ने तीन गोलियां चलाईं. गोरखपुर के निजी अस्पताल में चल रहा है इलाज. आॅपरेशन के बाद गोलियां निकाली गईं.

घायल काशिफ़ जमील (फोटो साभार: ट्विटर)

घायल काशिफ़ जमील (फोटो साभार: ट्विटर)

गोरखपुर: पिछले साल अगस्त में गोरखपुर के बीआरडी मेडिकल कॉलेज में हुए ऑक्सीजन कांड के बाद चर्चा में आए डॉ. कफ़ील अहमद ख़ान के भाई काशिफ़ जमील पर रविवार रात अज्ञात हमलावरों ने गोली मार दी.

डॉ. कफ़ील अहमद के छोटे भाई काशिफ़ जमील को रविवार रात करीब 10:30 बजे गोरखनाथ क्षेत्र में गोली मारी गई. दो हमलावरों ने उन पर तीन गोलियां चलायीं जिससे वह बुरी तरह घायल हो गए. काशिफ़ का एक निजी अस्पताल में इलाज चल रहा है.

पुलिस सूत्रों ने सोमवार सुबह बताया कि रविवार की रात करीब 11 बजे कुछ मोटरसाइकिल सवार बदमाशों ने हुमायूंपुर उत्तरी क्षेत्र में जेपी हॉस्पिटल के पास काशिफ़ (34) को गोलियां मारी, जो उनकी बांह, गर्दन और ठुड्डी पर लगी. उनका आपरेशन किया गया है. उनकी हालत स्थिर है.

डॉ. कफ़ील ने द वायर से बात करते हुए बताया, ‘मेरे भाई काशिफ़ को तीन गोलियां मारी गई हैं. एक गोली गले पर और दो गोली बाएं हाथ में लगी हैं. काशिफ़ तराबी पढ़कर गोरखनाथ मंदिर के निकट फ्लाईओवर के पास थे, जब उन पर दो अज्ञात लोगों ने गोली चलाई. वे इस समय गोरखपुर के स्टार हॉस्पिटल में हैं.’

यह पूछे जाने पर कि उनके परिवार को किससे ख़तरा है, कफ़ील ने कहा, ‘गोरखपुर मेडिकल कॉलेज में ऑक्सीजन आपूर्ति बाधित होने के बड़े दोषी लोग अब भी कानून के शिकंजे से बाहर हैं और हमें उनसे डरे हुए हैं. हमारी ज़िंदगी ख़तरे में है.’

इस बीच, खान की मां नुजहत परवीन ने भी पुलिस सुरक्षा की मांग की है. उन्होंने कहा ‘मेरा पूरा परिवार ख़तरे में है. मैं प्रशासन और राज्य सरकार से अपील करती हूं कि हमें पुलिस सुरक्षा मुहैया करायी जाए.’

डॉ. कफ़ील ने प्रदेश में क़ानून व्यवस्था पर सवाल भी उठाया. उन्होंने कहा, ‘यह शर्म की बात है कि मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ भी आज गोरखपुर में मौजूद हैं और उनके शहर में होने पर भी ऐसी घटना हो गयी. यह प्रदेश की क़ानून व्यवस्था पर बड़ा सवाल है.

कफील ने इस वारदात के बाद ट्वीट कर कहा, ‘अल्लाह रहम करे. मैं झुकने वाला नहीं हूं.’

सोमवार सुबह कफ़ील ने कहा, ‘सबसे पहले, मैं आप सबका शुक्रिया अदा करना चाहता हूं. मेरे भाई काशिफ़ को मारी गई गोलियां बाहर निकाल ली गई हैं और उनका आॅपरेशन कामयाब रहा. वह इस वक़्त आईसीयू में हैं. उन्हें तीन गोलियां मारी गई थीं. किसने मारीं, यह हम नहीं जानते. लेकिन यह उस गोरखनाथ मंदिर से 500 मीटर की दूरी पर हुआ, जहां मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ सो रहे थे.’

गोरखपुर के वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक शलभ माथुर ने कहा कि इस मामले में मुक़दमा दर्ज कर लिया गया है. पुलिस सभी सम्भावित पहलुओं को ध्यान में रखकर जांच कर रही है.

गोरखपुर न्यूज़लाइन की रिपोर्ट के अनुसार, एक हमलावार चेहरे पर गमछा बांधे था जबकि दूसरा हेलमेट पहने था. कासिफ़ जमील को एक गोली कंधे में लगी जबकि दूसरी गोली गर्दन को चीरते हुए आर-पार हो गई. तीसरी गोली गर्दन में धंस गई. घायल काशिफ़ राहगीरों की मदद से किसी तरह टेम्पो से विंध्यवासिनी नगर स्थित स्टार हॉस्पिटल पहुंचे, जहां डॉक्टरों ने उनका तुरंत इलाज शुरू किया.

मालूम हो कि डॉ. कफ़ील चार भाई हैं, सबसे बड़े अदील अहमद खान है और उसके बाद डॉ. कफ़ील. काशिफ़ उनसे छोटे हैं. सबसे छोटे भाई डॉ. फजील अहमद खान अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय के मेडिकल कॉलेज में सीनियर रेजीडेंट हैं.

अगस्त 2017 में बीआरडी मेडिकल कॉलेज में एक सप्ताह में 60 से अधिक बच्चों की मौत के बाद डॉ. कफ़ील को लापरवाही के आरोप में गिरफ्तार किया गया था. हादसे के वक़्त वह मेडिकल कॉलेज के एईएस वार्ड के नोडल अफसर थे. उन्हें बीते अप्रैल महीने में ही इलाहाबाद हाईकोर्ट से  ज़मानत मिली है.

उनके बड़े भाई अदील अहमद ने गोरखपुर न्यूज़लाइन से बात करते हुए कहा कि हमारा पूरा परिवार बीआरडी मेडिकल कॉलेज में हुए ऑक्सीजन कांड के बाद से मुसीबतों में है. डॉ. कफ़ील की जमानत के बाद से हम लोग लगातार खतरे की आशंका में जी रहे हैं.

(समाचार एजेंसी भाषा से इनपुट के साथ)

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