राजनीति

शिवसेना-विपक्षी दलों ने प्रधानमंत्री को निशाना बनाने की माओवादी साज़िश को हास्यास्पद बताया

भाजपा ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की हत्या की साज़िश के मुद्दे पर सवाल उठाने को असंवेदनशीलता का उदाहरण बताया. गृह मंत्रालय ने कहा कि प्रधानमंत्री की सुरक्षा कड़ी की जाएगी.

New Delhi: Prime Minister Narendra Modi arrives to attend the second phase of the budget session of Parliament, in New Delhi on Monday. PTI Photo by Kamal Singh (PTI3_5_2018_000060B)

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी. (फोटो: पीटीआई)

मुंबई/नई दिल्ली: प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की हत्या की माओवादियों की साज़िश के बारे में महाराष्ट्र सरकार के दावे पर कांग्रेस और राकांपा ने सवाल खड़ा किया. वहीं, शिवसेना ने इसे हास्यास्पद और किसी ‘डरावनी’ फिल्म की कहानी बताया.

इस बीच, प्रधानमंत्री की सुरक्षा मजबूत करने पर फैसला करने के लिए केंद्रीय गृह मंत्री राजनाथ सिंह की अध्यक्षता में एक उच्चस्तरीय बैठक हुई. बैठक में राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजित डोभाल, केंद्रीय गृह सचिव राजीव गॉबा और खुफिया ब्यूरो (आईबी) के निदेशक राजीव जैन ने शिरकत की.

भगवा पार्टी ने पलटवार करते हुए कहा कि यह संवेदनहीनता और राजनीति का निम्नतम स्तर है.

वहीं, राकांपा प्रमुख शरद पवार ने आरोप लगाया कि भाजपा सहानुभूति पाने के लिए ‘ख़तरे का कार्ड’ खेल रही है.

गौरतलब है कि महाराष्ट्र पुलिस ने दावा किया था कि माओवादी प्रधानमंत्री मोदी और राज्य के मुख्यमंत्री देवेंद्र फड़णवीस की हत्या की साजिश रच रहे हैं. इसी के मद्देनज़र ये टिप्पणी आई है.

पुलिस ने माओवादियों से कथित संपर्क रखने वाले पांच लोगों को पिछले हफ्ते गिरफ्तार कर कहा था कि उन्होंने उनमें से एक के घर एक पत्र बरामद किया. पत्र में राजीव गांधी की हत्या की शैली में मोदी की हत्या करने के बारे में गया है.

शिवसेना ने प्रधानमंत्री मोदी को निशाना बनाने के माओवादियों के षड्यंत्र को बीते सोमवार को ‘हास्यास्पद’ करार दिया और कहा कि यह साजिश तर्कसंगत प्रतीत नहीं होता और किसी ‘डरावनी फिल्म’ की कहानी लगता है.

पार्टी ने तंज़ कसते हुए कहा कि हाईप्रोफाइल नेताओं को व्यापक सुरक्षा कवर मुहैया कराई जानी चाहिए, भले ही लाखों लोग नक्सली हमले में क्यों नहीं मारे जा रहे हों.

शिवसेना के मुखपत्र ‘सामना’ में कहा गया है, ‘उन्हें सुरक्षा दी जानी चाहिए. यह ठीक है कि लाखों लोग मर जाएं (नक्सली हमले में) लेकिन उन्हें ज़िंदा रहना चाहिए.’

शिवसेना ने दावा किया कि मोदी की सुरक्षा मोसाद (इस्राइल की खुफिया एजेंसी) जैसी मज़बूत है और किसी के लिए भी इसे भेदना लगभग असंभव है.

इसने आरोप लगाए कि इसी तरह फड़णवीस ने राज्य सचिवालय को ‘किले’ में तब्दील कर दिया है जहां आम आदमी की आवाजाही कठिन हो गई है.

माओवादियों के कथित पत्र को उद्धृत करते हुए शिवसेना ने कहा, ‘मोदी 15 राज्यों में सरकार बनाने में सफल रहे हैं. अगर यह जारी रहता है तो संगठन को ख़तरा पैदा हो जाएगा. इसलिए, मोदी को ख़त्म कर देना चाहिए. इन सब का खुलासा पुलिस ने किया है जो हास्यास्पद है.’

पवार की टिप्पणी की आलोचना करते हुए मुख्यमंत्री देवेंद्र फड़णवीस ने कहा कि राज्यसभा सदस्य से इतना नीचे गिरने की उम्मीद नहीं थी.

प्रधानमंत्री को पुख्ता सुरक्षा मुहैया कराए सरकार: चिदंबरम

कांग्रेस के वरिष्ठ नेता पी. चिदंबरम ने कहा कि उन्हें लगता कि यह पत्र असत्यापित है. यह सरकार का कर्तव्य है कि वह प्रधानमंत्री को फूलप्रूफ सुरक्षा मुहैया करे. सरकार को प्रधानमंत्री को पुख्ता सुरक्षा मुहैया करानी चाहिए और ऐसा करना उसका कर्तव्य है. हम सभी चाहते हैं कि देश के प्रधानमंत्री की सुरक्षा हो.

चिदंबरम ने रामदास अठावले के एक बयान का हवाला देते हुए कहा कि सरकार के एक मंत्री कहते हैं कि कथित साज़िश से जुड़े ‘एलगार परिषद’ के कुछ लोगो को वह जानते हैं और उनका कांग्रेस से कोई संबंध नहीं है.

उन्होंने कहा, ‘मुझे नहीं लगता कि आपको उनको सभी पत्रों को आधिकारिक दस्तावेज के तौर पर देखना चाहिए जिनका सत्यापन नहीं हुआ है.’

राकांपा नेता शरद पवार ने इस मामले को जनता की सहानुभूति हासिल करने का भाजपा का प्रयास करार दिया है.

हत्या की कथित साज़िश के मुद्दे पर सवाल उठाना असंवेदनशीलता का उदाहरण: भाजपा

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की हत्या की कथित साज़िश से जुड़े पत्र पर कांग्रेस समेत कुछ विपक्षी दलों द्वारा सवाल उठाने को ‘असंवेदनशीलता का उदाहरण’ क़रार देते हुए भाजपा ने बीते सोमवार को कहा कि प्रधानमंत्री देश की अमानत होते हैं और ऐसे गंभीर विषय पर राजनीति करना ठीक नहीं है.

भाजपा के वरिष्ठ नेता एवं केंद्रीय मंत्री प्रकाश जावड़ेकर ने संवाददाताओं से कहा, ‘वह कांग्रेस और विपक्षी दलों से सवाल पूछना चाहते हैं कि ये क्या स्थिति है कि प्रधानमंत्री की हत्या की साज़िश का पत्र मिलता है तब जिसने चिट्ठी लिखी, उस पर सवाल उठाने की बजाय, जिसके बारे में लिखा गया, उस पर सवाल उठाए जाते हैं.’

उन्होंने कहा कि इस देश ने हिंसा में दो प्रधानमंत्री खोये है और दो प्रधानमंत्री खोने वाले भी इस संवेदना को नहीं समझते हैं.

जावड़ेकर ने कहा कि शरद पवार जैसे लोगों का इस विषय पर सवाल उठाना ठीक नहीं है.

भाजपा नेता ने कहा, ‘प्रधानमंत्री देश की अमानत होते हैं. हिंसा के ज़रिये नक्सलियों और लिट्टे ने लोगों को मारा है. ऐसे में इस तरह से सवाल उठाना असंवेदनशीलता का न्यूनतम स्तर दर्शाता है.’

उन्होंने कहा कि संवेदना की बजाय राजनीति करना ठीक नहीं है.

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सुरक्षा कड़ी की जाएगी: गृह मंत्रालय

केंद्रीय गृह मंत्रालय ने कहा है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सुरक्षा कड़ी की जाएगी. माओवादियों द्वारा मोदी की हत्या की कथित साज़िश रचने की खबरों के बीच मंत्रालय ने यह बयान दिया है.

प्रधानमंत्री की जान को खतरे की ख़बरों के मद्देनज़र प्रधानमंत्री की सुरक्षा की समीक्षा के लिए गृह मंत्री राजनाथ सिंह ने बीते सोमवार को एक उच्चस्तरीय बैठक की जिसमें राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकार अजित डोभाल, केंद्रीय गृह सचिव राजीव गॉबा और खुफिया ब्यूरो (आईबी) के निदेशक राजीव जैन ने शिरकत की.

एक आधिकारिक बयान के मुताबिक , गृह मंत्री ने निर्देश दिया कि अन्य एजेंसियों से विचार-विमर्श करके सभी जरूरी उपाय किए जाये ताकि प्रधानमंत्री की सुरक्षा चाक चौबंद की जा सके.

बयान के मुताबिक, गृह मंत्रालय को महाराष्ट्र पुलिस से एक रिपोर्ट मिली है जिसमें माओवादी संगठनों से कथित संबंध रखने वाले कुछ लोगों के बीच प्रधानमंत्री को निशाना बनाने से जुड़े संवाद का जिक्र है.

पुणे पुलिस ने सात जून को एक अदालत को बताया कि उसे प्रतिबंधित भाकपा (माओवादी) से कथित संबंधों के लिए गिरफ्तार किए गए पांच लोगों में से एक के दिल्ली स्थित घर से एक पत्र मिला था. पुलिस का दावा है कि इसमें राजीव गांधी जैसी घटना में मोदी को मारने की साजिश का ज़िक्र किया गया था.

(समाचार एजेंसी भाषा से इनपुट के साथ)

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