नॉर्थ ईस्ट

नॉर्थ ईस्ट डायरी: बाढ़ से 23 लोगों की मौत, असम में हालत बदहाल, तीन राज्यों में सुधार

इस हफ्ते नॉर्थ ईस्ट डायरी में असम, त्रिपुरा, मिजोरम, मणिपुर, मेघालय, सिक्किम और अरुणाचल प्रदेश के प्रमुख समाचार.

Hojai: Villagers stand near a partially-submerged land in the flood-affected area, of Hojai on Saturday, June 16, 2018. (PTI Photo) (PTI6_16_2018_000155B)

असम के होजई शहर में आई बाढ़. (फोटो: पीटीआई)

गुवाहाटी/अगरतला/इम्फाल: पूर्वोत्तर में विनाशकारी बाढ़ ने पिछले 24 घंटों में और छह लोगों की जान ले ली है. इस तरह मृतकों की संख्या बढ़ कर 23 हो गई. हालांकि, क्षेत्र में बाढ़ की स्थिति में थोड़ा सुधार देखने को मिला है.

असम में 16 जून से पांच और लोगों की मौत हो चुकी है जबकि मणिपुर में एक व्यक्ति की जान चली गई.

असम के छह जिलों में बाढ़ से लगभग 4.5 लाख प्रभावित हुए हैं. असम राज्य आपदा प्रबंध प्राधिकरण के मुताबिक होजई, कार्बी आंगलांग पश्चिम, गोलाघाट, करीमगंज, हेलकांडी और कचार ज़िलों में 4.48 लाख लोग प्रभावित हुए हैं.

ब्रह्मपुत्र नदी अभी जोरहाट में निमातीघाट और कचार में एपी घाट में ख़तरे के निशान से ऊपर बढ़ रही है.

धनसीरी जैसी अन्य नदियां भी कुछ स्थानों पर ख़तरे के निशान से ऊपर बह रही हैं.

मणिपुर की इम्फाल घाटी में बड़ी नदियों का जलस्तर घटना शुरू हो गया है. सिर्फ़ लिलोंग नदी चेतावनी के स्तर से कुछ ऊपर बह रही है.

सबसे ज़्यादा करीमगंज प्रभावित हुआ है. यहां 1.95 लाख से ज़्यादा लोगों को बाढ़ की त्रासदी का सामना करना पड़ा है. हैलाकांडी में तकरीबन 1.89 लाख लोग प्रभावित हुए हैं.

एएसडीएमए ने बताया कि 716 गांव बाढ़ की चपेट में हैं और 3,292 हेक्टेयर फसल बर्बाद हो गई है.

पूर्वोत्तर सीमांत रेलवे के मुख्य जनसंपर्क अधिकारी प्रणव ज्योति शर्मा ने बताया कि बंदरखल दमचारा स्टेशन के बीच भूस्खलन के कारण लुमडिंग-बदरपुर खंड पर ट्रेन सेवा ठप है.

मणिपुर के इम्फाल पश्चिम ज़िले में बाढ़ की वजह से एक व्यक्ति की मौत के बाद मृतकों की कुल संख्या बढ़ कर सात हो गई है. आधिकारिक सूत्रों ने बताया कि इम्फाल में शनिवार सुबह बारिश में कमी आई लेकिन थोउबल, इम्फाल वेस्ट और बिष्णुपुर में स्थिति में अब भी सुधार नहीं हुआ है.

राहत एवं आपदा प्रबंधन विभाग द्वारा जारी एक रिपोर्ट में बताया गया है कि इम्फाल वेस्ट ज़िले में बीते 15 जून को एक उफनती नदी में डूबने से एक मछुआरे की मौत हो गई. रिपोर्ट में बताया गया है कि राज्य में बाढ़ से क्षतिग्रस्त हुए मकानों की संख्या बढ़कर 22,624 हो गई है. बाढ़ से 1.8 लाख से ज़्यादा लोग प्रभावित हुए हैं.

त्रिपुरा में बाढ़ से बने हालात में कुछ सुधार हुआ है जबकि राज्यभर के 189 राहत शिविरों में अब भी 40 हज़ार से ज़्यादा लोग फंसे हुए हैं.

मिज़ोरम में तलवंग और लांगकी नदी में जलस्तर घटने से स्थिति थोड़ी ठीक हुई है .

आपदा प्रबंधन और पुनर्वास विभाग के अधिकारियों ने बताया कि लुंगलेई ज़िले में तलवंग और लांगकी नदी में जलस्तर घटने लगा है लेकिन 500 से ज़्यादा परिवार विस्थापित हुए हैं.

बाढ़ की वजह से उपराष्ट्रपति वेंकैया नायडू और अमित शाह का दौरान रद्द

गंगटोक/अगरतला: उपराष्ट्रपति वेंकैया नायडू के सिक्किम के दो दिवसीय दौरे को ख़राब मौसम के चलते रद्द करना पड़ा. अधिकारियों ने यह जानकारी दी. वहीं 18 जून को भाजपा अध्यक्ष अमित शाह को त्रिपुरा जाना था, लेकिन बाढ़ की वजह से उनका दौरा भी रद्द कर दिया गया.

Hojai: Villagers travel in a boat to cross across flood water, in Hojai on Sunday, June 17, 2018. (PTI Photo) (PTI6_17_2018_000065B)

असम के होजई शहर के एक बाढ़ग्रस्त गांव से नाव से सुरक्षित स्थान की ओर जाते ग्रामीण. (फोटो: पीटीआई)

उपराष्ट्रपति वेंकैया नायडू गंगटोक आईसीएफएआई विश्वविद्यालय के दीक्षांत समारोह में शामिल होने वाले थे.

विश्वविद्यालय के प्रवक्ता ने दीक्षांत समारोह में आए श्रोताओं को बताया कि नायडू इस कार्यक्रम में शामिल नहीं हो पाएंगे क्योंकि खराब मौसम के चलते उनके विमान को बागडोगरा से गंगटोक के लिए उड़ान भरने की अनुमति नहीं दी गई.

उपराष्ट्रपति ने ट्वीट कर कहा, ‘15 जून को गंगटोक जाने के लिए बागडोगरा पहुंच चुका था. लेकिन मौसम अनुकूल नहीं होने के कारण मैं अरुणाचल प्रदेश के ईटानगर जाने की योजना बना रहा हूं.’

नायडू आईसीएफएआई विश्वविद्यालय के दीक्षांत समारोह की अध्यक्षता करने वाले थे. साथ ही गंगटोक से 35 किलोमीटर की दूरी पर स्थित पकयोंग स्थित नेशनल रिसर्च सेंटर फॉर ऑर्किड भी जाने की भी उनकी योजना थी.

उधर, भाजपा प्रमुख अमित शाह ने भारी बारिश से आई बाढ़ के कारण त्रिपुरा का अपना दौरा स्थगित कर दिया. शाह का 18 जून को त्रिपुरा जाने का कार्यक्रम था.

भाजपा की प्रदेश महासचिव प्रतिमा भौमिक ने कहा कि शाह की उनकी यात्रा के दौरान भाजपा-आईपीएफटी सरकार का सौ दिन का प्रदर्शन कार्ड पेश करने की योजना थी लेकिन बाढ़ के कारण यह कार्यक्रम स्थगित हो गया.

उन्होंने कहा कि राज्य के ‘संकट जैसी’ स्थिति से उबरने के बाद शाह त्रिपुरा का दौरा करेंगे. भाजपा प्रमुख ने पार्टी नेताओं और कार्यकर्ताओं से बाढ़ से प्रभावित लोगों की मदद करने को कहा है.

माजुली को बाढ़ से बचाने के लिए बड़ी परियोजनाएं शुरू की गई : ब्रह्मपुत्र बोर्ड

ब्रह्मपुत्र बोर्ड ने दुनिया के सबसे बड़े नदी द्वीप माजुली को बाढ़ तथा भूक्षरण से बचाने के लिए बड़ी परियोजनाएं शुरू की हैं.

ब्रह्मपुत्र बोर्ड के अध्यक्ष संजय कुंडू ने गुवाहाटी में 14 जून को बोर्ड की 60वीं स्थायी समिति की बैठक में कहा, ‘हम माजुली में बड़ी परियोजनाएं शुरू कर रहे हैं. बड़े स्तर पर बाढ़ और भूक्षरण से बचाव का काम शुरू किया गया है.’

माजुली असम में ब्रह्मपुत्र नदी के मध्य में बसा एक बड़ा नदी द्वीप है.

एक आधिकारिक विज्ञप्ति के अनुसार, कुंडू ने कहा कि जल निकासी संबंधी योजनाएं पूरी होने के करीब हैं और बाढ़ से रक्षा करने की योजना है क्योंकि पूर्वोत्तर बाढ़ के लिहाज़ से संवेदनशील क्षेत्र है.

उन्होंने कहा, ‘जल संसाधन मंत्रालय और केंद्रीय जल आयोग बाढ़ की भविष्यवाणी के संबंध में बड़े कदम उठा रहा है. बाढ़ के पूर्वानुमान का तंत्र बहुत मज़बूत है.’

उन्होंने बताया कि मौजूदा समय में अधिकारी 72 घंटे पहले चेतावनी का पता लगा सकते हैं.

बैठक के दौरान बहु उद्देश्यीय और बड़ी-छोटी परियोजनाओं का सर्वेक्षण और जांच, भूक्षरण रोधी एवं बाढ़ प्रबंधन योजना को लागू करने जैसी बोर्ड की विभिन्न गतिविधियों पर भी चर्चा की गई.

असम: पीट-पीटकर हत्या मामले में राज्य सरकार को नोटिस, तीन और लोग गिरफ़्तार

अभिजीत नाथ और नीलोत्पल दास. (फोटो साभार: ट्विटर)

अभिजीत नाथ और नीलोत्पल दास. (फोटो साभार: ट्विटर)

गुवाहाटी/जोरहाट: असम के कार्बी आंगलांग ज़िले में पिछले हफ्ते दो लोगों की पीट-पीटकर हत्या करने के मामले में कथित तौर पर संलिप्त दो लोगों को 15 जून को गिरफ्तार कर लिया गया जिससे हत्या मामले में गिरफ्तार लोगों की संख्या अब तक 31 हो गई है.

असम पुलिस के प्रवक्ता ने गिरफ्तार लोगों की पहचान बुबई राभा और बिजय स्वर्गीय के तौर पर बताई.

संगीतकार और साउंड इंजीनियर नीलोत्पल दास (29) और व्यापारी अभिजीत नाथ (30) की हत्या करने और सोशल मीडिया पर अफवाह और नफरत भरे संदेश फैलाने के लिए 66 लोगों को असम के अलग-अलग हिस्से से गिरफ्तार किया गया है.

इस मामले में 31 लोगों को गिरफ्तार करने के अतिरिक्त पिछले छह दिनों में सोशल मीडिया पर घृणा फैलाने वाले संदेश और अफवाह फैलाने के लिये 35 लोगों को हिरासत में लिया गया है.

दास और नाथ कार्बी आंगलांग ज़िले में कंगथिलांगसो झरना देखने गए थे. लौटते समय पंजुरी काचरी में ग्रामीणों ने उनके वाहन को रोक लिया और बच्चा चोर होने के संदेह में उन्हें कार से बाहर निकालकर पीट-पीट कर उनकी हत्या कर दी.

इस मामले को गंभीरता से लेते हुए गुवाहाटी उच्च न्यायालय ने राज्य सरकार के अधिकारियों को नोटिस जारी किया और अपराधियों को पकड़ने के लिए उठाए गए कदमों की जानकारी देने को कहा.

मुख्य न्यायाधीश अजीत सिंह और न्यायमूर्ति ए एम बुजोरबरूआ की पीठ ने इस घटना पर स्वत: संज्ञान लिया. पीठ ने कहा कि यह राज्य का संवैधानिक दायित्व है कि वह अपने निवासियों की रक्षा करे और यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि इस मामले में वह नाकाम रहा है.

उच्च न्यायालय ने इस मामले में असम के मुख्य सचिव, प्रधान सचिव (गृह), पुलिस महानिदेशक और ज़िले के पुलिस अधीक्षक तथा डोकमोका थाने के प्रभारी को प्रतिवादी बनाया है.

अदालत ने 13 जून के अपने आदेश में अधिकारियों को यह जानकारी देने का निर्देश दिया कि दोषी लोगों को पकड़ने के लिए क्या कदम उठाए गए और गलती करने वाले अधिकारियों के ख़िलाफ़ क्या कार्रवाई की गयी.

इस मामले में अगली सुनवाई 19 जून को होगी.

बीते 13 जून को असम पुलिस ने बताया कि मामले के मुख्य आरोपी को कार्बी आंगलांग ज़िले से गिरफ़्तार कर लिया गया है.

पुलिस अधीक्षक एसपी गंजाला ने बताया कि कार्बी आंगलांग पुलिस ने डोकमोका पुलिस थाने के तहत आने वाले बेलुरघाट इलाके से मुख्य आरोपी जोज तिमुंग उर्फ ‘अल्फा’ को गिरफ्तार किया. यह घटना इसी पुलिस थाना क्षेत्र में हुई थी.

एसपी ने बताया कि ऐसा आरोप है कि तिमुंग ने फोन पर गांववालों से दोनों युवकों के वाहन को रोकने के लिए कहा तथा यह अफवाह फैलाई कि वे बच्चा चुराने वाले लोग हैं.

उन्होंने बताया कि पुलिस ने उसे पकड़ने के लिए व्यापक अभियान चलाया था लेकिन वह फरार था. आखिरकार आज सुबह उसे पकड़ लिया गया.

तिमुंग कांगथिलांग्सो गांव का रहने वाला है जहां नौ जून को दोनों युवक गए थे.

इससे पहले ऑल असम स्टूडेंट्स यूनियन और 28 अन्य आदिवासी संगठनों के प्रतिनिधियों ने असम के पुलिस महानिदेशक कुलधर सैकिया से मुलाकात की और मुद्दे पर चर्चा की.

प्रतिनिधिमंडल ने फास्ट ट्रैक अदालत के माध्यम से दोषियों को कड़ा दंड देने की मांग की.

असम के मुख्यमंत्री सर्बानंद सोनोवाल ने 14 जून को आश्वासन दिया था कि मामले में आरोपियों पर लोगों की मांग के मुताबिक फास्ट ट्रैक अदालत में मामला चलेगा.

सोनोवाल ने 14 जून को ऐलान किया कि कार्बी आंगलांग में पीट-पीटकर हत्या किए जाने के मामले की सुनवाई त्वरित अदालत में की जाएगी.

मुख्यमंत्री ने साथ ही कहा कि गुवाहाटी के दो युवकों की हत्या के मामले के ‘कुछ ताकतों’ द्वारा राजनीतिकरण की कोशिश की जा रही है लेकिन सरकार ऐसा नहीं होने देगी.

सोनोवाल ने संवाददाताओं से कहा, ‘अपराधियों को जल्द-से-जल्द कड़ी सज़ा मिलनी चाहिए. असम के लोग ऐसा चाहते हैं. इसलिए हम इस बात को प्राथमिकता देंगे की मामले की सुनवाई त्वरित अदालत में हो.’

गुवाहाटी पुलिस आयुक्त के नाम से बनाया गया फेसबुक पर फ़र्ज़ी खाता

बच्चा चोर होने के संदेह में दो लोगों की पीट पीटकर हत्या की घटना के बाद सोशल मीडिया पर अफवाह फैलाने वाले लोगों पर राज्यव्यापी कार्रवाई के बीच पुलिस ने गुवाहाटी के पुलिस आयुक्त हिरेनचंद्र नाथ के नाम से एक फ़र्ज़ी फेसबुक खाते का पता लगाया. पुलिस ने मामले की जांच का आदेश दिया है.

असम पुलिस के एक प्रवक्ता ने 11 जून को कहा कि अज्ञात लोगों ने हिरेनचंद्र नाथ के नाम से एक फेसबुक खाता बनाया. उसमें आयुक्त की कुछ तस्वीरें भी डाली गयीं जिनमें उन्होंने पुलिस की वर्दी पहनी हुई है.

नाथ ने कहा, ‘मेरा वॉट्सऐप के अलावा कोई और सोशल मीडिया खाता नहीं है. किसी व्यक्ति ने किस इरादे से यह खाता बनाया, मुझे नहीं पता.’

मेघालय: शिलॉन्ग और अन्य क्षेत्रों में मोबाइल इंटरनेट सेवा बहाल

Shillong: Army personnel patrol a street during curfew after clashes between the residents of the city's Punjabi Line area and Khasi drivers of state-run buses, in Shillong on Monday, June 04, 2018. (PTI Photo) (PTI6_4_2018_000172B)

(फोटो: पीटीआई)

शिलॉग: मेघालय की राजधानी शिलॉन्ग और खासी-जयंतियां पहाड़ी क्षेत्र के अन्य हिस्सों में मोबाइल इंटरनेट सेवा 13 जून को फिर बहाल कर दी गयी.

गौरतलब है कि 12 दिन पहले सोशल मीडिया पर वायरल हुई फ़र्ज़ी सूचना के कारण यहां हिंसा भड़क गई थी, जिस कारण सरकार को कर्फ्यू लगाना पड़ा था.

पंजाबी लेन इलाके के सिख निवासियों के एक समूह ने बस चालक के सहायक जो कि खासी समुदाय से था, की पिटाई कर दी थी. जिस कारण से दोनों समुदायों के बीच हिंसा भड़क उठी थी.

इसके एक दिन बाद खासी-जयंतियां पहाड़ी क्षेत्र के सात ज़िलों में एक जून से मोबाइल इंटरनेट और संदेश सेवा बंद कर दी गयी थी.

मामला उस वक़्त ज़्यादा बिगड़ गया जब पिटाई के कारण सहायक की मौत की फ़र्ज़ी ख़बर सोशल मीडिया पर वायरल हुई. इससे नाराज बस चालक बड़ी संख्या में पंजाबी लेन पहुंच गये. पुलिस को उन्हें भगाने के लिए आंसू गैस के गोले दागने पड़े.

संदेश सेवा सात जून को ही बहाल कर दी गई थी, लेकिन मोबाइल इंटरनेट सेवा 13 जून को बहाल की गई है.

पूर्वी खासी हिल्स ज़िले के उपायुक्त पीएस दखार ने बताया कि 13 जून को स्थिति की समीक्षा करने के बाद गृह विभाग ने मोबाइल इंटरनेट सेवा पर लगी रोक हटा ली है.

शिलॉन्ग पूर्वी खासी हिल्स ज़िले में आता है.

जिला प्रशासक ने बताया कि पुलिस द्वारा स्थिति सामान्य होने की सूचना मिलने के बाद 14 जगहों पर दो घंटे के लिए कर्फ्यू में ढील दी गयी.

दखार ने बताया कि रात का कर्फ्यू रात आठ बजे से सुबह पांच बजे तक प्रभावी रहेगा.

उन्होंने कहा कि अभी शिलॉन्ग से भी रात का कर्फ्यू नहीं हटाया गया है. यह रात 10 बजे से सुबह पांच बजे तक प्रभावी रहेगा.

लापता उल्फा शांति वार्ताकार के मामले में उच्चतम न्यायालय से केंद्र से मांगा जवाब

नई दिल्ली: उच्चतम न्यायालय ने सरकार और विद्रोही समूह उल्फा के बीच 1991 से ही मध्यस्थ की भूमिका निभा रहे रेबाती फुकन के दो महीने से लापता होने के मामले में बीते 15 जून को केंद्र सरकार को जवाब देने के लिए दो सप्ताह का वक़्त दिया.

रेबाती फुकन के पुत्र ने शीर्ष अदालत में दावा किया है कि उनके पिता 22 अप्रैल से लापता हैं और उन्होंने उल्फा (इंडिपेंडेंट) के मुखिया परेश बरूआ को उद्धृत करते हुए कहा है कि वह गुप्तचर ब्यूरो, रॉ, सैन्य गुप्तचर या फिर राष्ट्रीय जांच एजेंसी की हिरासत में हो सकते हैं क्योंकि इन सभी में भी प्रतिद्वंद्विता है.

न्यायमूर्ति उदय यू. ललित और न्यायमूर्ति दीपक गुप्ता की अवकाशकालीन पीठ ने केंद्र सरकार के वकील के इस अनुरोध को स्वीकार कर लिया कि दो सप्ताह का वक्त दिया जाए. वकील का कहना था कि उसे हाल ही में न्यायालय का नोटिस मिला है और वह जवाब दाखिल करेंगे.

असम सरकार के वकील ने पीठ से कहा कि वह इस मामले में न्यायालय के समक्ष उसके अवलोकन के लिए कुछ गोपनीय दस्तावेज़ पेश करेंगे.

इस पर पीठ ने रेबाती फुकन के पुत्र की याचिका जुलाई के दूसरे सप्ताह के लिए सूचीबद्ध कर दी.

शीर्ष अदालत ने एक जून को इस याचिका पर केंद्र के साथ ही असम और मेघालय सरकार से जवाब मांगा था. इस याचिका में दावा किया गया था कि कुछ दिन पहले ही मेघालय में एक डॉक्टर ने कथित रूप से फुकन का उपचार किया था.

इससे पहले, याचिकाकर्ता ने कहा था कि असम के मुख्यमंत्री ने फुकन का पता लगाने के लिये हरसंभव मदद करने का आश्वासन दिया था परंतु उन्हें पता ही नहीं है कि उन्हें कहां रखा गया है क्योंकि इस मामले में कई केंद्रीय जांच एजेसिंयां शामिल हैं.

फुकन 1991 से केंद्र और उल्फा के बीच मध्यस्थ की भूमिका निभा रहे थे. फुकन के पुत्र ने न्यायालय से अनुरोध किया है कि उनके पिता को पेश करने का निर्देश असम सरकार सहित विभिन्न प्राधिकारियों को दिया जाए.

याचिका में दावा किया गया है कि उन्हें पता चला है कि 20 अप्रैल को फुकन एक पूर्व नौकरशाह और असम उच्च न्यायालय में वकालत कर रहे एक वकील के साथ गोपनीय बैठक में शामिल हुए थे. इस बातचीत के दौरान बातचीत के प्रस्तावित ज्ञापन पर चर्चा हुई थी और उसे प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को शीघ्र ही दिया जाने वाला था.

याचिका के अनुसार, उसके पिता 22 अप्रैल को लापता हो गए और अपने किराये के घर में नहीं लौटे. इसके बाद ही गुवाहाटी में एक थाने में इसकी रिपोर्ट दर्ज कराई गई.

बेटे का यह भी दावा है कि चार मई को केंद्रीय रिज़र्व पुलिस बल के एक डॉक्टर ने एक पत्रकार को संदेश भेजा था कि मेघालय की राजधानी शिलॉन्ग में अर्द्ध सैनिक बल के एक शिविर में उन्होंने फुकन का इलाज किया था और वह सुरक्षित तथा ठीक हैं.

असम: बेटी से बलात्कार के आरोपी ने अदालत परिसर में पत्नी का गला रेता

गुवाहाटी: बेटी से बलात्कार के आरोपी एक शख़्स ने डिब्रूगढ़ ज़िला एवं सत्र अदालत परिसर के भीतर अपनी पत्नी का गला रेत कर हत्या कर दी.

एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि 15 जून को अदालत परिसर में मौजूद लोगों ने आरोपी पूर्ण नाहर डेका को काबू में करके उसे पुलिस के हवाले कर दिया.

डिब्रूगढ़ पुलिस उपाधीक्षक प्रदीप साइकिआ ने बताया कि बेटी से कथित तौर पर बलात्कार करने के आरोपी ने अपनी पत्नी रीता नाहर डेका का अदालत के गलियारे में गला काट दिया.

डिब्रूगढ़ पुलिस थाना प्रभारी सिद्धेश्वर बोरा ने बताया कि आरोपी इस मामले में करीब नौ महीने से जेल में था और कुछ दिन पहले ही ज़मानत पर बाहर आया था.

उन्होंने बताया कि 15 जून को इस मामले की सुनवाई होनी थी जिसके लिए उसकी पत्नी भी आई थी क्योंकि यह शिकायत उसी ने दर्ज कराई थी.

बोरा ने बताया कि आरोपी ने अचानक अपनी जेब से चाकू निकाला और महिला के गले पर वार कर दिया.

उन्होंने बताया कि महिला को फौरन अस्पताल ले जाया गया लेकिन उसे मृत घोषित कर दिया गया.

हत्या के बाद आरोपी डेका ने कहा, ‘मेरी पत्नी ने मेरे ख़िलाफ़ झूठा केस दर्ज कराया था. मैं निर्दोष हूं. मैं जब ज़मानत पर छूटा तो वह मुझे घर में घुसने भी नहीं देती थी, इसलिए मैंने उसकी हत्या कर दी.’

सिक्किम: मुख्यमंत्री ने विभाजक राजनीति के प्रति लोगों को चेताया

सिक्किम के मुख्यमंत्री पवन कुमार चामलिंग. (फोटो साभार: फेसबुक)

सिक्किम के मुख्यमंत्री पवन कुमार चामलिंग. (फोटो साभार: फेसबुक)

गंगटोक: सिक्किम के मुख्यमंत्री पवन कुमार चामलिंग ने राज्य में की जा रही विभाजनकारी राजनीति के ख़िलाफ़ रोष जताया है और लोगों से ऐसी गतिविधियों को रोकने की अपील की है.

पूर्व सिक्किम में 11 जून को आयोजित एक जनसंपर्क कार्यक्रम में चामलिंग ने लोगों से कहा कि युवाओं को ख़ुद को वर्ग विभाजन से दूर रखना चाहिए और भाईचारे की भावना के साथ सांप्रदायिक तालमेल बनाए रखना चाहिए जिसके लिए सिक्किम जाना जाता है.

हालांकि मुख्यमंत्री ने इस संबंध में किसी भी राजनीतिक पार्टी का नाम नहीं लिया.

असम: भाजपा विधायक को कारतूस के साथ मिला पत्र, 15 दिन में पार्टी छोड़ने की धमकी

गुवाहाटी: असम के भाजपा विधायक अमीनुल हक़ लश्कर को दो कारतूसों के साथ धमकी भरा पत्र मिलने के बाद अज्ञात व्यक्तियों के विरुद्ध प्राथमिकी दर्ज की गई है. पत्र में विधायक को मुस्लिम होने के नाते भाजपा छोड़ने का निर्देश दिया गया है.

पुलिस ने बताया कि कछार के सोनाई के विधायक लश्कर को कम जाने पहचाने संगठन ‘सेव सिक्योर एंड डेवलपेमेंट प्रोटेक्शन फोर्स ऑफ मुस्लिम, बराक वैली ज़ोन’ से यह चिट्ठी मिली है.

सिलचर के थाना प्रभारी इंद्रजीत चक्रवर्ती ने कहा, ‘हमने 10 जून को भाजपा विधायक को धमकी भरा पत्र भेजने को लेकर अज्ञात व्यक्तियों के विरुद्ध प्राथमिकी दर्ज की है. लिफाफे में पिस्तौल की दो गोलियां भी हैं.’

अज्ञात व्यक्तियों के विरुद्ध भारतीय दंड संहिता की धारा 153 ए (धर्म, जाति आदि के आधार पर विभिन्न समुदायों के बीच दुश्मनी बढ़ाना) और 506 (आपराधिक धमकी) के तहत मामला दर्ज किया गया है.

विधायक ने कहा, ‘मुझे डाक से पत्र मिला. इसमें कहा गया है कि भाजपा और आरएसएस सांप्रदायिक संगठन हैं तथा वे मुसलमानों के विरुद्ध काम कर रहे हैं. अतएव मुसलमान होने के नाते मुझे पार्टी में नहीं रहना चाहिए.’

उन्होंने कहा कि पत्र में उनसे 15 दिन के अंदर पार्टी छोड़ने को कहा गया है.

मेघालय: सरकार के मांग स्वीकार करने के बाद कांग्रेस विधायक ने पार्टी छोड़ने की घोषणा की

रानीकोर: मेघालय में विपक्षी कांग्रेस के विधायक मार्टिन एम. दांगो ने रानीकोर को सब-डिवीज़न में तब्दील करने की अपनी मांग मुख्यमंत्री कोनराड के. संगमा द्वारा स्वीकार करने के बाद 12 जून को पार्टी छोड़ने की घोषणा की.

रानीकोर से पांच बार के विधायक दांगो के कांग्रेस से इस्तीफा देने के बाद 60 सदस्यीय मेघालय विधानसभा में कांग्रेस का संख्याबल कर घटकर 20 हो जाएगा. इस तरह यह नेशनल पीपुल्स पार्टी (एनपीपी) के बराबर हो जाएगी.

राज्य में एनपीपी की भाजपा और कुछ क्षेत्रीय पार्टियों की गठबंधन सरकार है. राज्य में फरवरी में विधानसभा चुनाव हुआ था.

गौरतलब है कि संगमा ने घोषणा की है कि उनकी सरकार ने रानीकोर प्रशासनिक इकाई को पूर्ण सब-डिवीज़न बनाने का फैसला किया है.

त्रिपुरा: सरकार ने एक वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी को पदावनत किया

अगरतला: त्रिपुरा सरकार ने एक वरिष्ठ आईपीएस अधिकारी को डीजीपी रैंक से आईजीपी के पद पर पदावनत कर दिया है. दरअसल उनके खिलाफ आपराधिक और अनुशासनात्मक कार्यवाही लंबित होने के बावजूद उन्हें पदोन्नति दी गई थी.

पिछले हफ्ते जारी एक आदेश में त्रिपुरा सरकार ने कहा है कि 1983 बैच के भारतीय पुलिस सेवा (आईपीएस) के अधिकारी के. नागराज के ख़िलाफ़ आपराधिक और अनुशासनात्मक कार्रवाई लंबित होने के बावजूद उन्हें पदोन्नति दी गई थी.

राज्य सरकार में अतिरिक्त सचिव संतोष दास द्वारा जारी आदेश में कहा गया है कि नागराज को मिली पदोन्नति को त्रिपुरा के राज्यपाल ने जनहित में रद्द कर दिया है. साथ ही, उन्हें वापस पुलिस महानिरीक्षक (आईजीपी) के रैंक पर भेज दिया है.

केंद्रीय गृह मंत्रालय ने नागराज को दी गई अवैध अस्थायी पदोन्नति पर गंभीर ऐतराज जताया था. इसने त्रिपुरा सरकार को आदेश दिया था कि वह इसमें सुधार करे और अधिकारी को वापस आईजीपी के पद पर भेजे. इसी के मद्देनजर राज्य सरकार ने यह कदम उठाया है.

गौरतलब है कि नागराज को 2005 में निलंबित किया गया था. उस वक्त वह सीआरपीएफ, हैदराबाद में डीआईजी के रूप में सेवा दे रहे थे. सीबीआई ने आय से अधिक संपत्ति रखने को लेकर उनके ख़िलाफ़ एक आपराधिक मामला दर्ज किया था.

अरुणाचल प्रदेश: महंगाई के विरोध में युवा कांग्रेस ने निकाली बाइक रैली

यूथ कांग्रेस की बाइक रैली. फोटो साभार: फेसबुक/Kalley Rijuju

यूथ कांग्रेस की बाइक रैली. (फोटो साभार: फेसबुक/Kalley Rijuju)

ईटानगर: अरुणाचल प्रदेश युवा कांग्रेस ने महंगाई एवं अन्य मुद्दों पर निर्जुली से राजधानी ईटानगर तक 16 जून को बाइक रैली निकाली.

बूंदाबांदी के बावजूद युवा कांग्रेस के सैकड़ों कार्यकर्ताओं ने ‘भारत बचाओ’ का नारा लगाते हुए निर्जुली से रैली में हिस्सा लिया. निर्जुली, ईटानगर से 19 किलोमीटर की दूरी पर स्थित है.

पार्टी नेताओं ने बताया कि प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष ताकाम संजय एवं अखिल भारतीय युवा कांग्रेस (एआईवाईसी) की राष्ट्रीय सचिव एवं प्रदेश प्रभारी मोनालिसा बनर्जी ने सुबह करीब आठ बजे रैली को हरी झंडी दिखाकर इसकी शुरुआत की.

उन्होंने बताया कि रैली को इसके मूल स्थान से आयोजन की इज़ाज़त नहीं मिलने के चलते इससे पहले पुलिस के साथ कार्यकर्ताओं की तीखी बहस हुई थी.

पुलिस ने राष्ट्रीय राजमार्ग-415 के पास स्थित निर्जुली में न्येकुमनिया हॉल से रैली की शुरुआत पर रोक लगाई थी. पुलिस ने ऐसा ज़िलाधीश से अनुमति नहीं मिलने के आधार पर किया.

प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष की ड्यूटी पर तैनात पुलिस अधिकारियों के साथ बहस हुई थी. उन्होंने कहा कि रैली के लिए दो सप्ताह पहले अनुमति मांगी गई थी, लेकिन बिना किसी पूर्व सूचना के हमें ऐन वक़्त पर मंजूरी देने से इनकार किया गया जिसके चलते गुस्सा भड़का.

संजय ने कहा, ‘यह लोकतांत्रिक देश है और हमें इसलिए रैली के आयोजन नहीं रोका जा सकता क्योंकि एक दिन बाद उपराष्ट्रपति को यहां आना है.’

मिज़ोरम: सरकार नागरिकता विधेयक के ख़िलाफ़ प्रस्ताव लाएगी

आइज़ोल: मिजोरम सरकार ने नागरिकता संशोधन विधेयक 2016 पर आपत्ति ज़ाहिर करने के लिए विधानसभा में एक प्रस्ताव लाने का फैसला किया है.

एक सरकारी अधिकारी ने 13 जून को बताया कि मंत्रिमंडल की बैठक में मंत्री परिषद ने सर्वसम्मति से यह फैसला किया है. बैठक में मुख्यमंत्री लाल थनहावला ने कहा कि राज्य सरकार ने विधेयक को लेकर आपत्तियों के बारे में केंद्रीय गृह मंत्री राजनाथ सिंह को पहले ही अवगत करा दिया था.

सरकार और भाजपा की प्रदेश इकाई समेत सभी पार्टियों और एनजीओ ने विधेयक का विरोध किया था. उन्होंने कहा था कि संशोधन विधेयक अगर क़ानून की शक्ल लेता है यह हज़ारो बौद्धों (चकमा) को वैध नागरिक बना देगा, जो बांग्लोदश से अवैध तरीके से देश में आए हैं.

अधिकारी ने बताया कि कैबिनेट ने सिनलुंब पर्वतीय परिषद विधेयक 2018 को भी मंज़ूरी दे दी है. उसने विधेयक पारित कराने के लिए 27 जून को विधानसभा का विशेष सत्र बुलाने का भी फैसला किया है.

पूर्वोत्‍तर परिषद के पुनर्गठन को मंज़ूरी

नई दिल्ली: केंद्रीय मंत्रिमंडल ने पूर्वोत्‍तर परिषद के पुनर्गठन को 13 जून को मंज़ूरी दे दी.

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्‍यक्षता में हुई केंद्रीय मंत्रिमंडल की बैठक में इस आशय के प्रस्ताव को मंज़ूरी दी गई.

पूर्वोत्‍तर क्षेत्र विकास मंत्रालय द्वारा पूर्वोत्‍तर परिषद के पुनर्गठन में केंद्रीय गृहमंत्री को संस्‍था का पदेन अध्‍यक्ष बनाने का प्रस्‍ताव किया गया था. इस संस्‍था में सभी आठ पूर्वोत्‍तर राज्‍यों के राज्‍यपाल और मुख्‍यमंत्री सदस्‍य हैं.

म‍ंत्रिमंडल ने पूर्वोत्‍तर क्षेत्र विकास राज्‍य मंत्री (स्‍वतंत्र प्रभार) को परिषद के उपाध्‍यक्ष के रूप में कार्य करने की भी स्‍वीकृति दे दी है.

पूर्वोत्‍तर परिषद राज्‍य और केंद्र सरकार के माध्‍यम से विभिन्‍न परियोजनाओं को लागू करती है.

नई व्‍यवस्‍था के अंतर्गत पूर्वोत्‍तर परिषद के अध्‍यक्ष गृह मंत्री होंगे और पूर्वोत्‍तर क्षेत्र विकास राज्‍य मंत्री उपाध्‍यक्ष होंगे तथा पूर्वोत्‍तर राज्‍यों के राज्‍यपाल तथा मुख्‍यमंत्री इसके सदस्‍य होंगे.

यह परिषद अंतर-राज्‍य विषयों पर विस्‍तृत विचार-विमर्श के लिए मंच प्रदान करेगी और भविष्‍य में अपनाए जाने वाले समान दृष्टिकोणों पर विचार भी करेगी.

पूर्वोत्‍तर परिषद अब मादक द्रव्‍यों की तस्‍करी, हथियार और गोला-बारूद की तस्‍करी, सीमा विवाद जैसे अंतर-राज्‍य विषयों पर विचार-विमर्श के लिए विभिन्‍न क्षेत्रीय परिषदों द्वारा किए जा रहे कार्यों में सहयोग करेगी.

परिषद समय-समय पर परियोजनाओं के कार्यान्‍वयन की समीक्षा करेगी, इन परियोजनाओं आदि के लिए राज्‍यों के बीच समन्‍वय के लिए कारगर उपायों की सिफारिश करेगी.

अरुणाचल प्रदेश: उपराष्ट्रपति ने कहा, वैज्ञानिक अनुसंधान उत्पादों को जन अनुकूल होना चाहिए

Itanagar: Vice President M Venkaiah Naidu with band members of a band who played National Anthem at the North Eastern Regional Institute of Science and Technology (NERIST), in Itanagar on Sunday, June 17, 2018. (PTI Photo) (PTI6_17_2018_000046B)

अरुणाचल प्रदेश की राजधानी ईटानगर के निरजूली में पूर्वोत्तर क्षेत्रीय विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी संस्थान में उपराष्ट्रपति वेंकैया नायडू. (फोटो: पीटीआई)

ईटानगर: उपराष्ट्रपति एमत्र वेंकैया नायडू ने बीते 16 जून को कहा कि वैज्ञानिक अनुसंधान वाले उत्पादों को सबके फायदे के लिए जन अनुकूल बनाना चाहिए.

उन्होंने कहा कि वैज्ञानिक और अनुसंधान संस्थानों का लक्ष्य लागत घटाने, मूल्यवर्धित तरीका इजाद करने और लाभकारी रोजगार सृजन का होना चाहिए. उपराष्ट्रपति ने निरजूली में पूर्वोत्तर क्षेत्रीय विज्ञान एवं प्रौद्योगिकी संस्थान (एनईआरआईएसटी) के शोधार्थियों और संकाय सदस्यों के साथ संवाद के दौरान यह कहा.

उन्होंने कहा कि 50 साल से खेती कर रहे किसानों को कृषि कार्य का कौशल है और वैज्ञानिक संस्थान के संकाय सदस्यों के पास प्रौद्योगिकी है. दोनों अगर साथ आ जाए तो वांछित परिणाम मिल सकता है.

उन्होंने विज्ञान और अनुसंधान संस्थानों से सबके फायदे के लिए प्रयोगशाला से ज़मीन तक वाली प्रौद्योगिकी अपनाने को कहा.

मेघालय: आयुष्मान भारत स्वास्थ्य योजना लागू होगी 

शिलॉन्ग: मेघालय सरकार केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी योजना ‘आयुष्मान भारत- राष्ट्रीय स्वास्थ्य संरक्षण मिशन’ को लागू करेगी.

जारी एक आधिकारिक बयान के मुताबिक राज्य के स्वास्थ्य मंत्री एएल हेक ने बीते 14 जून को दिल्ली में आयोजित स्वास्थ्य मंत्रियों के सम्मेलन में यह घोषणा की.

बयान में बताया गया कि राज्य सरकार ने 14 जून को केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के साथ एक समझौता ज्ञापन पर भी हस्ताक्षर किए और मेघालय में इस योजना को लागू करने पर सहमति जताई.

हेक ने कहा कि राज्य इस योजना को अपनी ख़ुद की मेघालय स्वास्थ्य बीमा योजना के साथ मिलाएगा. मेघालय के साथ ही सात अन्य राज्यों ने भी केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय के साथ समझौता ज्ञापन पर हस्ताक्षर किए.

सिक्किम: कैलाश मानसरोवर यात्रा के लिए पहला जत्था रवाना

गंगटोक: सिक्किम में नाथू ला दर्रे के ज़रिये कैलाश मानसरोवर यात्रा के लिए 33 तीर्थयात्रियों के पहले जत्थे को 16 जून को गंगटोक से हरी झंडी दिखाई गई.

अतिरिक्त मुख्य सचिव एससी गुप्ता ने तीर्थयात्रियों को आगे की यात्रा पर ले जा रही सिक्किम राष्ट्रीयकृत परिवहन (एसएनटी) बस को हरी झंडी दिखाई.

कैलाश मानसरोवर यात्रा के लिए लिपुलेख दर्रा (उत्तराखंड) और नाथू ला दर्रा (सिक्किम) दो मार्ग हैं.

पिछले साल डोकलाम मुद्दे पर टकराव के चलते चीन ने सिक्किम मार्ग से होने वाली यात्रा रोक दी थी.

गुप्ता ने तीर्थयात्रियों को नियम एवं शर्तों के बारे में समझाया और उनसे आग्रह किया कि वे एक-दूसरे के साथ तथा सहायक स्टाफ के साथ सहयोग करें.

पर्यटन एवं नागरिक उड्डयन सचिव सीपी ढाकल, भारत तिब्बत सीमा पुलिस के उपमहानिरीक्षक केडी द्विवेदी, उप कमांडेंट गणेश रोहतेला और सिक्किम पर्वतारोहण एसोसिएशन के अध्यक्ष कुंजांग गायत्सो ने भी तीर्थयात्रियों से बातचीत की.

तीर्थयात्री मौसम अनुकूलन के लिए दो दिन 15th माइल और दो दिन शेराथांग में रुकेंगे. चीन की सीमा में प्रवेश करने से पहले नाथू ला में 20 जून को उनकी अंतिम चिकित्सा जांच होगी.

त्रिपुरा: भारत-बांग्लादेश सीमा पर लेज़र की दीवारें खड़ी करने पर विचार

अगरतला: सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) त्रिपुरा में घुसपैठ की कोशिशों पर लगाम लगाने के लिए भारत-बांग्लादेश सीमा के पास छोटी नदियों के बाड़ रहित हिस्सों में लेज़र की दीवारें खड़ी करने पर विचार कर रहा है. आधिकारिक सूत्रों ने यह जानकारी दी.

बीएसएफ के त्रिपुरा फ्रंटियर के एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि अंतरराष्ट्रीय सीमा की रक्षा के लिए सुरक्षा बल अब तक सेंसर उपकरणों, फ्लड लाइटों और रात के वक्त देखने में मदद करने वाले गॉगल्स का इस्तेमाल करते रहे हैं, लेकिन लेज़र की दीवारें खड़ी कर देने से संवेदनशील इलाकों में सीमा को पूरी तरह चाक-चौबंद बनाने में मदद मिलेगी.

उन्होंने कहा, ‘हम भारत-बांग्लादेश सीमा के पास प्रभावी सीमा प्रबंधन सुनिश्चित करने के लिए लेज़र की दीवारें लगाना चाहते हैं लेकिन अब तक किसी चीज़ को अंतिम रूप नहीं दिया गया है.’

अधिकारी ने बताया कि असम के धुबरी के संवेदनशील इलाकों में ऐसी ही एक परियोजना पूरी होने वाली है.

उन्होंने कहा, ‘धुबरी में परियोजना एक बार सफल हो जाने के बाद बीएसएफ के आला अधिकारी इसकी उपयोगिता का आकलन करेंगे और त्रिपुरा में इस मॉडल को लागू करने को लेकर फैसला करेंगे.’

वरिष्ठ अधिकारियों से सुगम समन्वय के लिए वास्तविक समय में काम करने वाली संचार प्रणाली भी राज्य में शुरू की गई है. भास्कराचार्य इंस्टिट्यूट फॉर स्पेस ऐप्लीकेशन एंड जियो-इंफॉर्मेशन (बीआईएसएजी) के समन्वय से यह प्रणाली शुरू की गई है.

अधिकारी ने बताया कि त्रिपुरा में 856 किलोमीटर लंबी भारत-बांग्लादेश सीमा में से केंद्र ने 840 किलोमीटर लंबे हिस्से में बाड़ लगाने की मंज़ूरी दी थी. 750 किलोमीटर लंबी सीमा रेखा सील कर दी गई जबकि कुछ हिस्सों-खासकर सिपाहीजाला ज़िले के सोनामुरा उप-संभाग में अब भी बाड़ नहीं लगाई गई है.

(समाचार एजेंसी भाषा से इनपुट के साथ)

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