राजनीति

दिल्ली के मुख्यमंत्री केजरीवाल का धरना सातवें दिन भी जारी, नीति आयोग की बैठक में नहीं हुए शामिल

गैर भाजपा शासित चार राज्यों के मुख्यमंत्रियों ने केजरीवाल के प्रति दिखायी एकजुटता, प्रधानमंत्री से की हस्तक्षेप की मांग. पूर्व मुख्यमंत्री शीला दीक्षित की सीख- दिल्ली सरकार को नियम और प्रावधान के अंदर काम करना चाहिए.

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उपराज्यपाल के आॅफिस में अरविंद केजरीवाल और उनके कैबिनेट सहयोगियों का धरना जारी है. (फोटो साभार: ट्विटर/आप)

नई दिल्ली: उपराज्यपाल अनिल बैजल केे आॅफिस में दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल व उनके कैबिनेट सहयोगियों का धरना सातवें दिन भी जारी है. उन्होंने राष्ट्रपति भवन में प्रधानमंत्री की अध्यक्षता में हो रही नीति आयोग की बैठक में भी हिस्सा नहीं लिया है.

वहीं, दिल्ली की पूर्व मुख्यमंत्री शीला दीक्षित ने कहा है कि दिल्ली सरकार को नियमों और प्रावधान के अंदर अपना काम करना चाहिए. वे जो चाहें वो नहीं कर सकते.

उधर, गैर भाजपा शासित चार राज्यों के मुख्यमंत्री भी केजरीवाल के समर्थन में आ गए हैं. पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी, आंध्र प्रदेश के सीएम चंद्रबाबू नायडू, केरल के सीएम पिनरई विजयन और कर्नाटक के मुख्यमंत्री एचडी कुमारस्वामी ने अरविंद केजरीवाल का समर्थन किया है.

इससे पहले गैर भाजपा शासित चार राज्यों के मुख्यमंत्रियों ने दिल्ली के अपने समकक्ष अरविंद केजरीवाल के आवास पर जाकर उनके परिवार के सदस्यों से मुलाकात की. चारों मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से उस मुद्दे पर दखल देने की मांग की है, जिसके लिए केजरीवाल अपने मंत्रिमंडल के तीन सहयोगियों के साथ उपराज्यपाल कार्यालय में धरना पर बैठे हैं.

पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी, आंध्रप्रदेश के मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू, केरल के मुख्यमंत्री पिनरई विजयन और कर्नाटक के मुख्यमंत्री एचडी कुमारस्वामी शनिवार शाम केजरीवाल के आवास पर पहुंचे थे.

गौरतलब है कि केजरीवाल और उपमुख्यमंत्री मनीष सिसोदिया और मंत्री सत्येंद्र जैन तथा गोपाल राय उपराज्यपाल कार्यालय में धरना पर बैठे हैं. आप सरकार का कहना है कि आईएएस अधिकारी हड़ताल पर हैं और उन्हें हड़ताल खत्म करने का निर्देश दिया जाए और घर तक राशन आपूर्ति योजना को मंजूरी दी जाए.

केजरीवाल के परिवार के सदस्यों के साथ मिलने के बाद संयुक्त संवाददाता सम्मेलन में बनर्जी ने कहा कि दिल्ली में ‘संवैधानिक संकट’ की स्थिति है. उन्होंने कहा कि किसी भी राजनीतिक दल की ओर से लाए गए राजनीतिक संकट से लोगों को नुकसान नहीं होना चाहिए.

New Delhi: West Bengal Chief Minister Mamata Banerjee, Karnataka CM H D Kumaraswamy, Kerela CM Pinarayi Vijayan and Andhra Pradesh CM N Chandrababu Naidu during a meeting with wife of Delhi Chief Minister Arvind Kejriwal, Sunita, at her residence, in New Delhi on Saturday, June 16, 2018. (PTI Photo/twitter) (PTI6_16_2018_000202B)

पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी, आंध्रप्रदेश के मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू, केरल के मुख्यमंत्री पिनरायी विजयन और कर्नाटक के मुख्यमंत्री एच डी कुमारस्वामी ने दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल के आवास पर जाकर उनके परिवार के सदस्यों से मुलाकात की. (फोटो: पीटीआई)

ये चारों मुख्यमंत्री नीति आयोग की बैठक में हिस्सा लेने के लिए दिल्ली आए हुए हैं. शनिवार को ही मुख्यमंत्रियों ने उपराज्यपाल बैजल से रात नौ बजे उनसे मुलाकात के लिए तथा धरना से जुड़े मुद्दे पर प्रतिवेदन देने की अनुमति भी मांगी. ममता ने केजरीवाल से मुलाकात की भी अनुमति मांगी लेकिन आप ने कहा कि बैजल ने इससे इंकार कर दिया.

केजरीवाल ने ट्वीट किया कि प्रधानमंत्री कार्यालय (पीएमओ) ने बैजल को निर्देश दिया है कि ममता को उनसे मुलाकात की अनुमति नहीं दी जाए.

आप प्रमुख अरविंद केजरीवाल ने ट्वीट किया, ‘मुझे नहीं लगता कि उपराज्यपाल खुद से इतना बड़ा फैसला ले सकते हैं. निश्चित तौर पर पीएमओ ने उन्हें इजाजत देने से मना किया होगा. ठीक वैसे ही जैसे पीएमओ के इशारे पर आईएएस हड़ताल कर रहे हैं.’

उधर, भाजपा के वरिष्ठ नेता विजय गोयल ने कहा कि चारों नेता राष्ट्रीय राजधानी में नीति आयोग की बैठक में हिस्सा लेने आए हैं राजनीति करने नहीं. यह उन्हें शोभा नहीं देता.

भाजपा के एक अन्य वरिष्ठ नेता सुब्रमनियन स्वामी ने दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल को नक्सली बताया और शनिवार को चार मुख्यमंत्रियों के समर्थन पर सवाल उठाया.

नीति आयोग बैठक: अमिताभ कांत ने कहा, बैजल की मौजूदगी संबंधी खबरें झूठी

नीति आयोग की बैठक में दिल्ली के उपराज्यपाल अनिल बैजल के उपस्थिति संबंधी खबरों पर मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने रविवार को कहा कि उन्होंने शहर के संवैधानिक प्रमुख को बैठक में शामिल होने के लिए अधिकृत नहीं किया है.

वहीं, नीति आयोग के मुख्य कार्यकारी अधिकारी अमिताभ कांत ने बैजल की उपस्थिति का दावा करने वाली खबरों को झूठी बताया है. केजरीवाल ने ट्वीट किया है, ‘संविधान के किस अनुच्छेद के तहत उपराज्यपाल को मुख्यमंत्री का स्थान लेने का अधिकार है? मैंने उन्हें अपने स्थान पर जाने के लिए अधिकृत नहीं किया है.’

ट्विटर पर किसी ने दावा किया था कि उपराज्यपाल बैजल नीति आयोग की बैठक में दिल्ली का प्रतिनिधित्व कर रहे हैं और बैठक स्थल पर पहुंच गए हैं. केजरीवाल ने इसी पर प्रतिक्रिया देते हुए ट्वीट किया था.

खबर पर प्रतिक्रिया देते हुए नीति आयोग के सीईओ कांत ने कहा, ‘यह बिलकुल गलत है. दिल्ली के उपराज्यपाल नीति आयोग के संचालन परिषद की चौथी बैठक में उपस्थित नहीं हैं.’

गौरतलब है कि नीति आयोग के संचालन परिषद की चौथी बैठक रविवार को हो रही है जिसमें मुख्य एजेंडा किसानों की आय दुगुनी करने के लिए उठाए गए कदमों और सरकार की महत्वाकांक्षी योजनाओं में हुई प्रगति पर चर्चा है.

राष्ट्रपति भवन में चल रही बैठक की अध्यक्षता प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी कर रहे हैं. इस बैठक में पश्चिम बंगाल की मुख्यमंत्री ममता बनर्जी, आंध्रप्रदेश के मुख्यमंत्री चंद्रबाबू नायडू, केरल के मुख्यमंत्री पिनरई विजयन, कर्नाटक के मुख्यमंत्री एचडी कुमारस्वामी, राजस्थान की मुख्यमंत्री वसुंधरा राजे और उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ आदि भाग ले रहे हैं.केंद्रीय मंत्रियों मे जेपी नड्डा और नितिन गडकरी इसमें हिस्सा ले रहे हैं.

(समाचार एजेंसी भाषा से इनपुट के साथ)