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गौरी लंकेश हत्या पर मुथालिक ने कहा, कुत्ते के भी मरने पर प्रधानमंत्री प्रतिक्रिया क्यों दें

श्रीराम सेना के प्रमुख प्रमोद मुथालिक के बयान पर विवाद. कांग्रेस ने जताई कड़ी प्रतिक्रिया. विवाद के बाद मुथालिक ने कहा कि गौरी लंकेश की तुलना कुत्ते से नहीं की.

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वरिष्ठ पत्रकार गौरी लंकेश. (फोटो साभार: फेसबुक)

बेंगलुरु: पत्रकार और सामाजिक कार्यकर्ता गौरी लंकेश की हत्या के संदर्भ में श्रीराम सेना के मुखिया प्रमोद मुथालिक ने एक बयान देकर विवादों को जन्म दे दिया है.

बीते 17 जून को मुथालिक ने कहा, ‘क्या प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से इस बात अपेक्षा की जाए कि जब भी कर्नाटक में कोई कुत्ता मरे तो वह इस पर कुछ कहें.’

मुथालिक ने बेंगलुरु में एक सार्वजनिक कार्यक्रम में यह टिप्पणी की थी.

अंधविश्वास विरोधी एवं तर्कवादी नरेंद्र दाभोलकर, वाम नेता गोविंद पानसरे, कन्नड़ लेखक एमएम कलबुर्गी और पत्रकार गौरी लंकेश की हत्या के संदर्भ में मुथालिक ने कहा, ‘हर कोई कह रहा है कि गौरी लंकेश की हत्या की साज़िश हिंदू समूहों ने रची. लेकिन महाराष्ट्र में दो हत्याएं हुईं, कर्नाटक में दो हत्याएं हुईं, वे कांग्रेस के शासन में ही हुईं.’

श्रीराम सेना के मुखिया ने कहा, ‘कांग्रेस सरकार की नाकामी पर कोई सवाल नहीं उठाता… इसके बजाये वामपंथी बुद्धिजीवी प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से कहते हैं कि गौरी लंकेश के बारे में वह कुछ बोलें.’

मुथालिक ने कहा, ‘कर्नाटक में हर बार किसी कुत्ते के मरने पर आप मोदी से प्रतिक्रिया की उम्मीद करते हैं?’

हालांकि मुथालिक ने सोमवार को स्पष्टीकरण दिया कि उन्होंने कहा कि गौरी लंकेश की तुलना कुत्ते से नहीं की. उनके मुताबिक, वह गौरी लंकेश की तुलना कुत्ते से नहीं करना चाहते थे, वह केवल इतना जानना चाह रहे थे कि प्रधानमंत्री को हर मौत (राज्य में होने वाली) पर प्रतिक्रिया देनी चाहिए या नहीं.

श्रीराम सेना पुलिस की जांच के दायरे में तब आई थी जब गौरी लंकेश हत्या की जांच कर रहे विशेष जांच दल ने उसके विजयपुरा के जिलाअध्यक्ष राकेश मठ को पूछताछ के लिए बुलाया था.

गौरी लंकेश हत्या मामले में मुख्य आरोपी परशुराम वाघमारे से दूरी बनाते हुए मुथालिक ने कहा, ‘श्री राम सेना और वाघमारे के बीच कोई संबंध नहीं है. वह हमारे संगठन का सदस्य नहीं है.’

बहरहाल मुथालिक के इस बयान पर कांग्रेस ने तीखी प्रतिक्रिया जताई है. पार्टी प्रवक्ता मनीष तिवारी ने कहा कि एक पत्रकार की तुलना कुत्ते से करना बहुत घटियापन है.

तिवारी ने पूछा कि क्या मोदी इन टिप्पणियों की निंदा करेंगे या नहीं.

तिवारी ने ट्विटर पर लिखा, ‘यह घिनौना और वमनकारी है… श्रीराम सेना के मुखिया प्रमोद मुथालिक ने पत्रकार गौरी लंकेश की तुलना कुत्ते से की.’

उन्होंने लिखा, ‘श्रीमान प्रधानमंत्री आपने गौरी लंकेश की हत्या की निंदा तो नहीं की थी , अब क्या इसे भी आप अनदेखा करेंगे.’

मालूम हो कि पत्रकार एवं कार्यकर्ता गौरी लंकेश हत्याकांड की जांच कर रहे विशेष जांच दल (एसआईटी) ने बीते 15 जून को दावा किया कि परशुराम वाघमारे ने गौरी की हत्या को अंजाम दिया था.

परशुराम वाघमारे गौरी लंकेश की हत्या के संबंध में गिरफ्तार किए गए छह संदिग्धों में से एक है.

इसके अलावा एसआईटी के एक वरिष्ठ अधिकारी ने यह भी कहा कि गौरी और तर्कवादी एवं अंधविश्वास विरोधी गोविंद पानसरे तथा एमएम कलबुर्गी को गोली मारने के लिए एक ही हथियार का इस्तेमाल किया गया.

नाम उजागर न करने की शर्त पर एसआईटी के वरिष्ठ अधिकारी ने बताया, ‘वाघमारे ने गौरी को गोली मारी और फॉरेंसिक जांच से पुष्टि होती है कि (तर्कवादी) गोविंद पानसरे, एमएम कलबुर्गी और गौरी की हत्या एक ही हथियार से की गई.’

फाइनेंशियल एक्सप्रेस ने कुछ मीडिया रिपोर्ट का हवाला देते हुए बताया है कि कर्नाटक के बीजापुर ज़िले के सिंदघी में गिरफ़्तार होने के कुछ ही समय बाद वाघमारे में पुलिस के सामने यह कबूल किया था कि उसने ही गौरी लंकेश की हत्या की है.

वाघमारे को बीते 12 जून को हिरासत में लिया गया था. उसी दिन उसे एसआईटी की अदालत में पेश किया गया था और फिर 14 दिन की पुलिस हिरासत में भेज दिया गया.

टाइम्स आॅफ इंडिया की रिपोर्ट के अनुसार, 26 वर्षीय परशुराम वाघमारे में एसआईटी के सामने दावा कि बेगलुरु के आरआर नगर स्थित गौरी लंकेश के घर के सामने पांच सितंबर 2017 की रात उसने उन्हें चार गोलियां मारीं तो वह नहीं जानता था कि वह कौन हैं.

एसआईटी सूत्रों के हवाले से टाइम्स आॅफ इंडिया में प्रकाशित वाघमारे ने बयान दिया है, ‘मई 2017 में मुझसे कहा गया था कि मुझे धर्म बचाने के लिए किसी की हत्या करनी है. मैंने इसके लिए सहमति जता दी. मुझे नहीं पता था कि वह कौन व्यक्ति था, जिसे मुझे मारना था. अब मुझे लगता है कि मुझे उसे महिला को नहीं मारना चाहिए था.’

माना जाता है कि परशुराम वाघमारे की संबंध हिंदुवादी संगठन श्रीराम सेना के साथ रहा है, लेकिन श्रीराम सेना ने इस बात को ख़ारिज किया है.

(समाचार एजेंसी भाषा से इनपुट के साथ)