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आईसीआईसीआई-वीडियोकॉन ऋण मामला: चंदा कोचर को जांच पूरी होने तक बैंक ने छुट्टी पर भेजा

आईसीआईसीआई बैंक की सीईओ व प्रबंध निदेशक और उनके परिवार के सदस्य वीडियोकॉन कर्ज़ मामले में हितों के टकराव के आरोपों का सामना कर रहे हैं. संदीप बख्शी बैंक सीओओ बनाए गए हैं.

**FILE PHOTO** New Delhi: In this file photo dated, September 08, 2017, Chairperson ICICI Bank Chanda Kochhar attends a press conference in Mumbai. The board of India's largest private sector lender ICICI Bank has ordered an independent probe into allegations of 'conflict of interest' and 'quid pro quo' in bank's MD and CEO Chanda Kochhar's dealing with certain borrowers. (PTI Photo)(PTI5_30_2018_000195B)

(फाइल फोटो: पीटीआई)

नई दिल्ली: आईसीआईसीआई बैंक ने संदीप बख्शी को मुख्य परिचालन अधिकारी (सीओओ) नियुक्त किए जाने की सोमवार को घोषणा की.

बैंक ने यह भी कहा कि उसकी सीईओ व प्रबंध निदेशक चंदा कोचर वीडियोकॉन कर्ज मामले में आंतरिक जांच पूरी होने तक छुट्टी पर रहेंगी.

बख्शी 19 जून से बैंक के सीओओ का पदभार संभाल लेंगे. उनकी नियुक्ति विभिन्न मंजूरी पर निर्भर है. वे अब तक आईसीआईसीआई प्रूडेंशियल लाइफ इंश्योरेंस के प्रबंध निदेशक और मुख्य कार्यपालक अधिकारी (सीईओ) हैं.

संचालन के उच्च मानदंड तथा कंपनी मानकों के अनुरूप चंदा आंतरिक जांच पूरी होने तक अवकाश पर रहेंगी. जांच की घोषणा पिछले महीने की गई थी.

चंदा कोचर और उनके परिवार के सदस्य वीडियोकॉन समूह को दिए गए कर्ज में एक-दूसरे को लाभ पहुंचाने तथा हितों के टकराव के आरोप का सामना कर रहे हैं.

बैंक के निदेशक मंडल ने एनएस कन्नन को आईसीआईसीआई प्रूडेंशियल लाइफ इंश्योरेंस कंपनी का प्रबंध निदेशक और मुख्य कार्यपालक अधिकारी (सीईओ) नियुक्त करने की भी सिफारिश की.

गौरतलब है कि आईसीआईसीआई बैंक ने वीडियोकॉन को 3,250 करोड़ रुपये का लोन दिया, जिसके बदले में वीडियोकॉन के वेणुगोपाल धूत द्वारा चंदा कोचर के पति दीपक कोचर को कारोबारी फ़ायदा पहुंचाने का आरोप है. 2017 में आईसीआईसीआई द्वारा वीडियोकॉन के खाते को एनपीए में डाल दिया गया.

दिसंबर 2008 में धूत ने दीपक कोचर और चंदा के दो अन्य रिश्तेदारों के साथ एक कंपनी खोली, उसके बाद इस कंपनी को अपनी एक कंपनी द्वारा 64 करोड़ रुपये का लोन दिया. इसके बाद उस कंपनी (जिसके द्वारा लोन दिया गया था) का स्वामित्व महज 9 लाख रुपयों में एक ट्रस्ट को सौंप दिया, जिसके प्रमुख दीपक कोचर हैं.

(समाचार एजेंसी भाषा से इनपुट के साथ)