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भगवान राम की कृपा होगी तो अयोध्या में मंदिर बनकर ही रहेगा, संत समाज धैर्य रखे: योगी

राम जन्मभूमि न्यास के वरिष्ठ सदस्य राम विलास वेदांती ने कहा है कि अगर 2019 के लोकसभा चुनाव से पहले सुप्रीम कोर्ट से मंदिर निर्माण का फैसला आता है तो बहुत अच्छी बात है, अगर नहीं भी आता है तो भी अयोध्या में भव्य राम मंदिर का निर्माण होगा.

Ayodhya: Uttar Pradesh Chief Minister Yogi Adityanath lights the lamp during a function to celebrate the 80th birthday of Ram Janam Bhoomi Trust President Nritya Gopal Das, in Ayodhya on Monday, June 25, 2018. (PTI Photo) (PTI6_25_2018_000190B)

बीते सोमवार को अयोध्या में उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ राम जन्मभूमि ट्रस्ट के अध्यक्ष नृत्य गोपाल दास के 80वें जन्मदिवस कार्यक्रम में शामिल हुए. (फोटो: पीटीआई)

अयोध्या: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने सोमवार को कहा कि सरकार लोकतांत्रिक मर्यादाओं से बंधी है और अयोध्या में राम मंदिर निर्माण के लिए संतों को अभी कुछ और दिन धैर्य रखना होगा.

योगी ने अयोध्या में बीते सोमवार को हुए संत सम्मेलन में कहा, ‘हम दुनिया के सबसे बड़े लोकतंत्र में रहते हैं. भारत की इस व्यवस्था के संचालन में न्यायपालिका, कार्यपालिका और विधायिका की अपनी भूमिका है. हमें उन मर्यादाओं को भी ध्यान में रखना होगा.’

उन्होंने कहा, ‘मर्यादा पुरुषोत्तम राम इस ब्रह्मांड के स्वामी हैं. जब उनकी कृपा होगी तो अयोध्या में मंदिर बनकर ही रहेगा. इसमें कोई संदेह नहीं है तो फिर संतों को संदेह कहां से हो जाता है. आपने इतना धैर्य रखा, मुझे लगता है कि कुछ दिन और धैर्य रखना होगा. आशा पर दुनिया टिकी हुई है.’

मुख्यमंत्री ने कहा, ‘मेरी अपील है कि भगवान राम मर्यादा के प्रतीक है और संतगण वर्तमान समाज में उनके प्रतिनिधि हैं. ऐसे में हमें सभी समस्याओं का समाधान उसी मर्यादा में रहकर करना पड़ेगा.’

उन्होंने राम मंदिर निर्माण की तरफ इशारा करते हुए कहा कि यह सच है कि अयोध्या ही नहीं भारत के बहुसंख्यक समाज की भावनाएं हैं, उनकी भावनाओं से हमारी भावनाएं भी जुड़ी हैं. मंदिर मुद्दे के समाधान का एक मार्ग निकलना ही चाहिए.

मुख्यमंत्री ने किसी का नाम लिए बगैर कहा, ‘मुझे सबसे ज्यादा आश्चर्य तब होता है जब रामजन्म भूमि की बात वे लोग करते हैं, जिन्होंने अयोध्या में रामभक्तों पर गोलियां चलायी थीं. मुझे अच्छा लगता है कि चलिए भगवान राम ने जैसे भी हो, उनके मुंह से अपनी जन्मभूमि की बात तो कहलवा ही दी. एक प्रकार ये यह भी हमारी ही विजय है.’

योगी ने कांग्रेस पर निशाना साधते हुए किसी का नाम लिए बिना कहा कि इस पार्टी के एक वरिष्ठ नेता ने उच्चतम न्यायालय में अर्जी दाखिल करके कहा कि राम जन्मभूमि-बाबरी मस्जिद विवाद की सुनवाई वर्ष 2019 के लोकसभा चुनाव के बाद हो. वहीं, कांग्रेस के ही लोग कह रहे हैं कि भाजपा मंदिर मुद्दे पर कुछ नहीं कर रही है. कहीं ऐसा तो नहीं कि जब विवाद का पटाक्षेप नजदीक है, तब ये लोग कोई दूसरी साजिश रच रहे हों.

मुख्यमंत्री ने कहा कि आज इस देश में वे लोग लोकतंत्र की बात करते हैं जिन्होंने वर्ष 1975 में लोकतंत्र का गला घोंटने का प्रयास किया था. इस देश में सांप्रदायिक सौहार्द की बात वे लोग करते हैं, जिन्होंने अपनी तुष्टीकरण की नीतियों के माध्यम से इस सौहार्द को सबसे ज्यादा नुकसान पहुंचाया. हम सबको नहीं भूलना चाहिए कि सामाजिक न्याय की बात वे लोग कर रहे हैं, जिन्होंने जातीय ताने-बाने के आधार पर हिंदू समाज को कमजोर करने की कोशिश की.

उन्होंने कहा, ‘जहां तक अयोध्या की बात है तो यह वर्षों तक उपेक्षित रही है. हमने अपने तीर्थ को भुला दिया था. अयोध्या में सफाई नहीं होती थी. बुनियादी सुविधाओं के लिए तरसना पड़ता था. उसे वैश्विक प्रयास दिलाने के जो प्रयास होने चाहिए थे, वे नहीं हुए. हमने इसे वैश्विक मान्यता दिलाने के लिए ही यहां भव्य आयोजन किया. वहां बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध कराईं.

योगी ने कहा कि अयोध्या में होने वाले अगले दीपोत्सव कार्यक्रम में दक्षिण कोरिया के राष्ट्राध्यक्ष को आमंत्रित किया जाएगा. आज से लगभग 2000 साल पहले अयोध्या की राजकुमारी का दक्षिण कोरिया के राजकुमार से विवाह हुआ था, तब से दोनों स्थानों का भावनात्मक संबंध है.

मुख्यमंत्री ने आरोप लगाया कि किसी भी पूर्ववर्ती सरकार ने कुंभ को वैश्विक मान्यता दिलाने की दिशा में प्रयास नहीं किए लेकिन केंद्र में मोदी सरकार बनने पर कुंभ को सबसे बड़ा आध्यात्मिक केंद्र बनाने के साथ उसे यूनेस्को के वैश्विक मानचित्र पर लाया गया है.

उन्होंने आरोप लगाया कि पूर्व में कुंभ की परंपरा की विकृत तस्वीर पेश करने की कोशिश की जाती थी, लेकिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के कारण इसे अंतरराष्ट्रीय पहचान मिली है. सभी संतों को मोदी को आशीर्वाद देना चाहिए.

अगले लोकसभा चुनाव से पहले ही शुरू कर दिया जाएगा मंदिर निर्माण: वेदांती

राम जन्मभूमि न्यास के वरिष्ठ सदस्य तथा पूर्व सांसद राम विलास वेदांती ने सोमवार को ऐलान किया कि अयोध्या में राम मंदिर का निर्माण वर्ष 2019 के लोकसभा चुनाव से पहले ही शुरू कर दिया जाएगा.

वेदांती ने अयोध्या में आयोजित संत सम्मेलन के दौरान मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की मौजूदगी में कहा, ‘2019 के लोकसभा चुनाव से पहले अयोध्या में मंदिर का निर्माण प्रारम्भ हो जाएगा. यह मैं आपको आश्वासन देता हूं.’

इसके पूर्व, संवाददाताओं से बातचीत में वेदांती ने कहा, ‘मंदिर निर्माण के लिए हम किसी अदालत के आदेश की प्रतीक्षा नहीं करेंगे. जब बाबर आया था तो मंदिर तोड़ने के लिए किसी न्यायालय का आदेश लेकर नहीं आया था. जब छह दिसंबर को हमने मंदिर के खंडहर को तोड़वाया था, तो किसी अदालत के आदेश पर नहीं तोड़वाया था. अगर 2019 के चुनाव से पहले उच्चतम न्यायालय से मंदिर निर्माण का फैसला आता है तो बहुत अच्छी बात है, लेकिन अगर नहीं भी आता है तो भी अयोध्या में भव्य राम मंदिर का निर्माण होगा.’

उन्होंने कहा कि अयोध्या में राम मंदिर का निर्माण अचानक शुरू होगा. मंदिर का निर्माण पूरा होने में समय लगेगा लेकिन एक बात निश्चित है कि यह 2019 के लोकसभा चुनाव से पहले बनना शुरू हो जाएगा.

इस बीच, अयोध्या विवाद के पैरोकार इकबाल अंसारी ने कहा कि इस मामले में साक्ष्य मुसलमानों के पक्ष में हैं. मामला उच्चतम न्यायालय में है. जिस तरीके से वेदांती बात कर रहे हैं. ये लोग अदालत और कानून को कुछ नहीं समझते.

उन्होंने कहा कि ये लोग अदालत, कानून और सरकार को धमकी दे रहे हैं. जो भी फैसला अदालत करेगी, उसे हम मानने को तैयार हैं तो अदालत को ही फैसला करने दें.

राम मंदिर निर्माण पर विहिप ने दिए आंदोलन के संकेत

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के बयान से इतर विश्व हिंदू परिषद (विहिप) ने अयोध्या में राम मंदिर निर्माण के मामले में उच्चतम न्यायालय से जल्द फैसला सुनाए जाने की उम्मीद जताते हुए कहा है कि इसके बाद भी मंदिर निर्माण का मार्ग प्रशस्त नहीं होने पर संत समाज के मार्गदर्शन से आगे की कार्ययोजना तय की जाएगी.

विहिप के कार्याध्यक्ष आलोक कुमार ने संगठन की दो दिवसीय केंद्रीय प्रबंध समिति की बैठक के बाद संवाददाता सम्मेलन में बताया कि इस साल के अंत तक अयोध्या में मंदिर निर्माण शुरू होने की उम्मीद है. हालांकि उन्होंने इस मामले में गैरजरूरी विलंब होने पर देशव्यापी आंदोलन के भी संकेत देते हुये कहा कि संगठन के एजेंडे में फिलहाल अयोध्या में राम मंदिर निर्माण ही प्राथमिक विषय है.

कुमार ने बताया कि केंद्रीय प्रबंध समिति की बैठक में राम मंदिर, गौ रक्षा और रोहिंग्या शरणार्थियों की वापसी के मुद्दों पर विचार किया गया. उन्होंने कहा कि बैठक में मंदिर मुद्दे पर उच्चतम न्यायालय का फैसला आने का इंतजार करने की अपनी नीति पर कायम रहने का फैसला किया गया.

कुमार ने कहा ‘उच्चतम न्यायालय में इस मामले में छह जुलाई को सुनवाई शुरू होने के बाद हमें उम्मीद है कि अदालत मामले में प्रतिदिन सुनवाई करेगी जिससे जल्द फैसला आ सके.’

उन्होंने बताया कि बैठक में केंद्र सरकार से ‘भारतीय गोवंश रक्षण संवर्धन मंत्रालय’ का गठन करने और रोहिंग्या शरणार्थियों को देश की सुरक्षा के लिए खतरा मानते हुए इन्हें उनके देश भेजने की मांग का प्रस्ताव पारित किया गया.

विहिप के पूर्व अध्यक्ष प्रवीण तोगड़िया द्वारा नया हिंदूवादी संगठन बनाने के सवाल पर कुमार ने कहा, ‘महत्वाकांक्षा और व्यक्ति विशेष से निजी द्वेष के भाव से बने संगठन लंबे नहीं चलते हैं. ऐसे किसी संगठन के बनने से विहिप को कोई नुकसान नहीं होगा.’

मंदिर निर्माण पर ध्यान ना देकर मोदी सरकार ने हिंदुओं को छला: तोगड़िया

लखनऊ: विश्व हिंदू परिषद (विहिप) के पूर्व नेता प्रवीण तोगड़िया ने मंगलवार को केंद्र की नरेंद्र मोदी सरकार पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि उसने अयोध्या, काशी और मथुरा में मंदिर निर्माण के लिए कानून नहीं बनाया.

तोगड़िया ने लखनऊ में एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान कहा कि मोदी सरकार ने अयोध्या में मंदिर निर्माण के लिए अब तक कुछ नहीं किया. केंद्र की भाजपा सरकार ने अयोध्या, काशी और मथुरा में मंदिर निर्माण के लिए कानून न बनाकर करोड़ों हिंदुओं के साथ छल किया है.

अंतरराष्ट्रीय हिंदू परिषद का गठन करने वाले तोगड़िया ने कहा कि उन्होंने ख़ुद राम मंदिर संबंधी कानून का मसविदा तैयार किया है. चूंकि सरकार अन्य कार्यों में बहुत व्यस्त है इसलिए उसे इस कानून को संसद में पारित कराना चाहिए.

उन्होंने कहा कि आज वह अयोध्या जाकर इस मसविदे को ‘रामलला’ के चरणों में रखेंगे. अक्टूबर में वह और उनके संगठन के लोग लखनऊ से अयोध्या तक ‘अयोध्या मार्च’ निकालेंगे.

तोगड़िया ने कहा कि राम मंदिर निर्माण के लिए जनता की तरफ से आवाज़ उठाई जाएगी.

वह मंदिर निर्माण के मसविदे पर हस्ताक्षर अभियान के तहत 20 करोड़ हिंदुओं का समर्थन प्राप्त करेंगे. उसके बाद इसे मोदी सरकार के पास भेजा जाएगा, ताकि उसे संसद में पारित कराया जाए.

उन्होंने कहा कि हमें ‘सबका साथ, सबका विकास’ पर विश्वास नहीं है बल्कि ‘हिंदू विकास’ ही हमारा नारा है.

तोगड़िया ने कहा कि उनके संगठन की टीम नई है लेकिन तेवर वही पुराने हैं. यह संगठन देश-विदेश की सभी जातियों, व्यवसायों, भाषाओं, राज्यों, पंथों तथा लिंग के हिंदुओं के धार्मिक, सामाजिक, आर्थिक, सांस्कृतिक और राजनीतिक अधिकारों के लिए काम करेगा.

(समाचार एजेंसी भाषा से इनपुट के साथ)

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