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मंदसौर बलात्कार: जेलर की आशंका, आरोपियों को क़ैदियों से ख़तरा, भेजे जाएं किसी अन्य जेल

मंदसौर जेल अधीक्षक ने ज़िला अदालत को पत्र लिख कहा, आरोपियों के ख़िलाफ़ क़ैदियों में आक्रोश. मुख्यमंत्री शिवराज ने सीजेआई से की बलात्कार मामलों की फास्ट ट्रैक सुनवाई की मांग. सतना की चार वर्षीय बलात्कार पीड़िता को इलाज के लिए एम्स ले जाया गया. जयपुर में भी तीन साल की बच्ची से दुष्कर्म हुआ.

Bikaner:Youth take part in a candle march in protest against the rape of an eight-year-old girl in Mandsaur, at Bikaner on Saturday,June

मंदसौर बलात्कार पीड़िता के लिए न्याय की मांग के समर्थन में होते एक प्रदर्शन की तस्वीर (फोटो: पीटीआई)

मंदसौर: मध्य प्रदेश के मंदसौर में आठ वर्षीय बालिका के साथ दुष्कर्म करने वाले दो आरोपियों के खिलाफ यहां अब भी लोगों में काफी आक्रोश और गुस्सा देखा जा रहा है.

जिला जेल के एक अधिकारी ने जेल में इन आरोपियों को कैदियों से खतरे की आशंका जताई है.

वहीं, शहर के सामाजिक और व्यापारिक संगठन आरोपियों को फांसी देने की मांग लगातार उठा रहे हैं. वहीं, एक संगठन ने पीड़ित बालिका के भविष्य के लिए एक करोड़ रुपये की आर्थिक सहायता दिए जाने की मांग सरकार से की है.

गत 26 जून को आठ वर्षीय बालिका के अपहरण, सामूहिक दुष्कर्म और जान से मारने का प्रयास करने के आरोप में पुलिस ने दो युवकों इरफान और आसिफ को गिरफ्तार किया है. अदालत ने दोनों को पांच जुलाई तक पुलिस रिमांड पर रखने के आदेश दिए हैं.

इस बीच, मंदसौर जिला जेल के अधीक्षक सुनील शर्मा ने बताया कि उन्होंने जिला एवं सत्र न्यायाधीश को पत्र लिखकर कहा है कि दुष्कर्म के आरोप में पकड़े गए आरोपियों के खिलाफ यहां जेल के कैदियों में भी आक्रोश है. ऐसी स्थिति में आरोपियों को यहां जेल में रखने पर कोई अनहोनी होने की आशंका है.

पत्र में यह भी लिखा है कि मंदसौर जेल में इन दोनों को अन्य बंदियों से अलग से रखने की व्यवस्था नहीं है, अतः निवेदन है कि इन्हें उज्जैन जेल में रखा जाए.

शर्मा ने कहा, ‘हमने अपनी समस्या अधिकारियों और अदालत को बता दी है. इसके बाद भी न्यायालय उन्हें यहां रखने का आदेश करेगा तो उसका पालन करेंगे.’

उन्होंने यह भी बताया कि सोमवार को कलेक्टर ओपी श्रीवास्तव एवं पुलिस अधीक्षक मनोज कुमार सिंह ने जेल का निरीक्षण किया और जेल की व्यवस्था को देखा है.

इधर, मंदसौर मोबाइल व्यापारी एसोसिएशन ने मंगलवार को गांधी चौराहे पर एकत्र होकर रैली निकाली और पुलिस कंट्रोल रूम पहुंचकर एएसपी एसएस कनेश को एक ज्ञापन सौंपा और आरोपियों को शीघ्र फांसी की सजा देने की मांग की.

वहीं, श्रीराम युवा सेवा व हिन्दू महासभा ने मुख्यमंत्री के नाम ज्ञापन कलेक्ट्रेट परिसर में नायब तहसीलदार तेजकरण वर्मा को सौंपा. ज्ञापन में संगठन में मंदसौर दुष्कर्म कांड के आरोपियों को फांसी की सजा देने की मांग करते हुए पीड़ित बालिका के भविष्य के लिए उसे एक करोड़ रुपये की आर्थिक सहायता सरकार की ओर से देने का आग्रह भी किया.

चौहान ने सीजेआई को लिखा पत्र, बलात्कार मामलों की फास्ट ट्रैक सुनवाई की मांग की

इस बीच, मध्य प्रदेश के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने भारत के मुख्य न्यायाधीश (सीजेआई) को पत्र लिखकर बलात्कार मामलों की जल्द सुनवाई की व्यवस्था करने का आग्रह किया है.

प्रदेश में नाबालिग बालिकाओं से दुष्कर्म के कई मामले सामने आने के बाद मुख्यमंत्री चौहान ने सीजेआई को सोमवार को लिखे पत्र में कहा, ‘मेरी आपसे प्रार्थना है कि ऐसे मामलों की सुनवाई के लिए वर्तमान न्यायिक व्यवस्था में परिवर्तन कर इनकी सुनवाई को प्रमुखता दी जाए.’

मुख्यमंत्री ने कहा कि देश में हाल ही में हुए दुष्कर्म के उन मामलों को ध्यान में रखते हुए आपको ये पत्र लिख रहा हूं, जिन्होंने समाज में भय, घृणा का माहौल और सनसनी फैला रखी है.

उन्होंने कहा कि दुष्कर्म की इन घटनाओं ने सामान्य मानवीय अंत:करण को झकझोर दिया है. उन्होंने कहा, ‘देश में मध्य प्रदेश ऐसा पहला राज्य था, जिसने विधेयक पास कराकर 12 वर्ष से कम उम्र की बच्ची से दुष्कर्म के दोषी को फांसी दिलाने का कानूनी प्रावधान किया.’

उन्होंने पत्र में आगे लिखा, ‘कठोर कानूनी प्रावधानों के बावजूद दुष्ट प्रवृत्ति के अपराधियों पर इसका ठोस प्रभाव नहीं हुआ. उन्हें न्यायिक व्यवस्था से सजा मिलने का भय नहीं है.’

अपनी मांग के समर्थन में उन्होंने कहा, ‘इंदौर दुष्कर्म केस के बारे में आप जानते होंगे, जिसमें 7 दिन में जांच पूरी कर 22 दिन में कोर्ट सुनवाई होने के बाद आरोपी को फांसी की सजा सुनाई गई. अब मामले को हाईकोर्ट और फिर सुप्रीम कोर्ट में सुना जाएगा. ऐसे में ये नहीं कहा जा सकता कि पीड़िता को न्याय मिल गया. मैं यह नहीं कहना चाहता कि आरोपी को निष्पक्ष कोर्ट सुनवाई का अधिकार नहीं है, लेकिन तेज गति से होने वाली न्यायिक प्रक्रिया, दुष्कर्म पीड़िता को मनोवैज्ञानिक दबाव से कुछ राहत दे सकती है और ये दूसरे मामलों के लिए भी उदाहरण बन सकती है.’

ज्ञात हो कि इंदौर दुष्कर्म कांड में आरोपी ने इसी साल 20 अप्रैल को तड़के माता-पिता के पास सो रही तीन माह की मासूम बालिका का अपहरण करने के बाद दुष्कर्म किया और उसके बाद उसकी हत्या कर दी.

इसके बाद, 26 जून को मंदसौर में स्कूल के बाहर से 8 वर्षीय बालिका का अपहरण करने के बाद उसके साथ सामूहिक दुष्कर्म किया गया.

बालिका के गले में चाकू मारकर आरोपी उसे मरा समझकर झाड़ियों में फेंक गए. फिलहाल, बालिका का इंदौर के शासकीय एमवाय अस्पताल में इलाज चल रहा है और उसकी हालत खतरे से बाहर है.

इस मामले में पुलिस ने दो आरोपियों को गिरफ्तार किया है. इसके बाद, एक जुलाई को सतना जिले में 23 वर्षीय एक युवक द्वारा चार वर्षीय बालिका से बलात्कार की घटना भी सामने आई है.

सतना बलात्कार पीड़िता को दिल्ली के एम्स में कराया गया भर्ती

दुष्कर्म की शिकार हुई चार साल की बच्ची को बेहतर इलाज के लिए मंगलवार शाम को एयर एंबुलेंस के जरिये दिल्ली ले जाकर एम्स में भर्ती कराया गया.

अस्पताल से जुड़े सूत्र के अनुसार, बच्ची को बाल चिकित्सा सर्जरी विभाग में भर्ती कराया गया है. वहां उसकी सर्जरी की जा सकती है क्योंकि उसके गुप्तांगों पर कई चोट हैं.

सूत्र ने कहा, ‘उसे शाम सात बजे अस्पताल में भर्ती कराया गया. उसकी हालत गंभीर है और जल्द उसकी सर्जरी की जाएंगी.’

सतना पुलिस अधीक्षक राजेश हिंगणकर ने बताया, ‘पीड़िता की तबीयत में सुधार है. उसे बेहतर इलाज के लिए सरदार वल्लभभाई पटेल जिला अस्पताल सतना से दिल्ली ले जाया गया है.’

गौरतलब है कि सतना जिला मुख्यालय से करीब 30 किलोमीटर दूर उचेहरा थाना क्षेत्र के पन्ना गांव में इस चार साल की बच्ची का एक जुलाई की रात उसके घर से कथित रूप से अपहरण कर उसके साथ दुष्कर्म किया गया और बाद में उसे सुनसान इलाके में फेंक दिया था.

इस सिलसिले में एक व्यक्ति को गिरफ्तार कर उसके खिलाफ भादंवि की धारा 376 (बलात्कार) के साथ-साथ पॉक्सो एक्ट के तहत मामला दर्ज किया गया है.

हिंगणकर ने बताया कि पीड़ित पक्ष के बयान लिए गए हैं और पुलिस अपनी कार्रवाई कर रही है. उन्होंने कहा कि पीड़ित पक्ष के माता-पिता से घटना के संदर्भ में पूरी जानकारी ली गई है.  आरोपी के खिलाफ बलात्कार के अलावा पॉक्सो एक्ट के तहत भी कार्रवाई की जा रही है.

जयपुर में तीन साल की बच्ची से दुष्कर्मआरोपी फरार

जयपुर: राजस्थान की राजधानी जयपुर के कानोता थाना क्षेत्र में घर के बाहर खेल रही तीन साल की एक बच्ची के साथ सोमवार रात पड़ोस में रहने वाले 20 वर्षीय एक युवक ने कथित तौर पर दुष्कर्म किया और फरार हो गया.

थानाधिकारी गौरी शंकर बोहरा ने मंगलवार को बताया कि मालपुरा चौक निवासी यह तीन वर्षीय मासूम अन्य बच्चों के साथ सोमवार रात घर के बाहर खेल रही थी. उसी दौरान पड़ोसी युवक पवन रैगर ने बच्ची को सुनसान इलाके में ले जाकर उसके साथ दुष्कर्म किया और फरार हो गया.

उन्होंने बताया कि बच्ची के शोर मचाने पर माता-पिता वहां पहुंचे और उन्होंने बच्ची को घायल अवस्था में जयपुर के जेके लोन अस्पताल पहुंचाया.

उन्होंने बताया कि पीड़िता के पिता की ओर से दर्ज शिकायत के आधार पर आरोपी पवन रैगर के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की धारा 376 और पॉक्सो के तहत मामला दर्ज कर किया गया है.

आरोपी की तलाशी के लिए पुलिस दल अलग-अलग स्थानों पर भेजे गए हैं.

जयपुर के जेके लोन अस्पताल की उपाधीक्षक डॉक्टर अर्चना जौहरी ने बताया कि अस्पताल के सर्जिकल गहन चिकित्सा ईकाई में भर्ती पीड़िता की हालत स्थिर है और फिलहाल किसी प्रकार के ऑपरेशन की जरूरत नहीं है.

(समाचार एजेंसी भाषा से इनपुट के साथ)

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