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गाज़ियाबाद: सीवरेज प्लांट में तीन की मौत

लोनी सीवरेज प्लांट में सफाई के लिए उतरे एक मजदूर को बचाने गए दो अन्य व्यक्ति ज़हरीली गैस के चलते सीवर टैंक में डूब गए.

फोटो: अर्पिता सिंह और मयंक चावला

प्रतीकात्मक फोटो: अर्पिता सिंह और मयंक चावला

गाजियाबाद: रविवार को जिले में 40 फुट गहरे मुख्य पंपिंग स्टेशन संयंत्र (एमपीएस) में सफाई के लिए नीचे उतरे तीन सफाईकर्मियों की दम घुटने से मौत हो गई.

घटना बलराम नगर में लोनी सीवरेज प्लांट में रविवार सुबह 9.15 बजे हुई. लोनी के पुलिस उपाधीक्षक दुर्गेश कुमार ने बताया कि लोनी की डाबर कॉलोनी में एमपीएस में यह हादसा हुआ.

एमपीएस के अंदर जहरीली गैस से तीनों बेहोश हो गए और टैंक में गिरने के बाद उनकी मौत हो गई. उन्होंने बताया कि मृतकों की पहचान रोशन लाल, महेश और बुलबुल के रूप में हुई है. उनके शव पोस्टमार्टम के लिए भेजे गये हैं.

पुलिस ने कहा कि इन सफाईकर्मियों को कथित रूप से उपयुक्त उपकरण प्रदान न करने पर कंपनी के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई है.

इंडियन एक्सप्रेस की रिपोर्ट के अनुसार लोनी पुलिस स्टेशन के थानाध्यक्ष धर्मेन्द्र सिंह ने बताया कि वे घटना के कुछ देर बाद ही प्लांट पर पहुंच गए थे, लेकिन तब तक इन तीनों के शरीर पानी में नीचे जा चुके थे, जिन्हें एनडीआरएफ की टीम के पहुंचने के बाद निकला गया.

सिंह ने बताया कि जल निगम द्वारा एनवायरोकॉन इंजीनियरिंग, जिसके द्वारा मृतकों को काम पर रखा गया था, के खिलाफ लापरवाही का मामला दर्ज कर लिया गया है.

वहीं गाजियाबाद जिला मजिस्ट्रेट (डीएम) रितु माहेश्वरी ने कहा, ‘मामले को लेकर एफआईआर दर्ज कर ली गई है, लेकिन इसमें कोई संदेह नहीं है कि जल निगम भी ज़िम्मेदार है. संचालन और सुरक्षा की देख-रेख में कोई स्थानीय अधिकारी मौजूद नहीं थे. इस मामले में उनकी ज़िम्मेदारी भी तय की जाएगी.’

घटनास्थल पर मौजूद सुनील शर्मा नाम के इलेक्ट्रिशियन ने बताया कि रोशन लाल टैंक के अंदर कूड़ा निकालने गया था क्योंकि उससे सीवर का पानी निकलने में रुकावट आ रही थी.

सुनील ने आगे बताया, ‘हमने रोशन लाल के कमर में रस्सी बांधकर टैंक के बाहर खड़े थे. जब वो स्टील की सीढ़ियों के सहारे अंदर उतरा. उसने रस्सी को ढीला कर दिया क्योंकि उससे दिक्कत हो रही थी. जब वो थोड़ा और नीचे उतरा तो उसने कहा कि गैस के चलते दम घुट रहा है. उसने मास्क भी पहना हुआ था. हमने उसे फौरन ऊपर आने को कहा. वो 12 सीढ़ी ही चढ़ा था कि उसके हाथ कांपने लगे और वो बेहोश होकर अंदर गिर गया.’

शर्मा ने बताया कि ये सब देखकर महेश मदद के लिए आया और नीचे उतरकर रोशन की कमर में बंधी रस्सी को ऊपर खींचने लगा, लेकिन वो भी अंदर गिर गया.

पुलिस के अनुसार महेश के अंदर गिरने के बाद सुनील और अन्य कर्मचारियों ने मदद के लिए आवाज़ लगाई, तो वहां से गुजर रहे बुलबुल और एक अन्य राहगीर ने नीचे उतरकर मदद का प्रयास किया, लेकिन बुलबुल भी फिसलकर नीचे गिर गया. हालांकि वह अन्य राहगीर बचने में कामयाब हुआ.

सुनील ने बताया कि वो और तीन अन्य लोग (दोनों मृत कर्मचारी रोशन लाल और महेश) जनवरी महीने से इस प्लांट में ठेके पर पर दो साल के लिए काम कर रहे थे. सुनील ने बताया, ‘हमें अपने काम के लिए महीने में एक दो बार नीचे उतरना पड़ता है, लेकिन ऐसी घटना पहली बार हुई है. हम हमेशा नीचे एक छोटा मास्क पहनकर और सुरक्षा के लिए रस्सी लेकर उतरते हैं, जो हमें दी गयी है.’

डीएम रितु माहेश्वरी ने बताया कि स्थानीय स्तर पर मुआवज़े के रूप में मृतकों के परिवार को 30,000 रुपये दिए जाएंगे. साथ ही ठेकेदार को भी मृतकों के परिवार को हर्जाना देना होगा. इसके अलावा मुख्यमंत्री राहत कोष से भी मदद की जाएगी.

पुलिस ने बताया दोनों कर्मचारियों में रोशन लाल सहारनपुर का रहने वाला था और इस प्लांट में काम करने से पहले  वह सफाई का काम करता था. महेश गाज़ियाबाद के गढ़ी गांव का था और इससे पहले जिले के एक अन्य प्लांट पर काम करता था.

(समाचार एजेंसी भाषा के इनपुट के साथ) 

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