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‘तारक मेहता का उल्टा चश्मा’ में डॉ. हाथी का किरदार निभाने वाले कवि कुमार का निधन

कवि कुमार आज़ाद साल 2009 से ‘तारक मेहता का उल्टा चश्मा’ धारावाहिक में डॉ. हाथी का किरदार निभा रहे थे. निधन पर जेठालाल का किरदार निभा रहे दिलीप जोशी ने जताया शोक.

डॉ. हंसराज हाथी का किरदार निभाने वाले कवि कुमार आज़ाद लेखक और पत्रकार तारक मेहता के साथ. (फोटो साभार: ट्विटर/@DeshGujarat)

डॉ. हंसराज हाथी का किरदार निभाने वाले कवि कुमार आज़ाद लेखक और पत्रकार तारक मेहता के साथ. (फोटो साभार: ट्विटर/@DeshGujarat)

मुंबई: सब टीवी पर आने वाले लोकप्रिय धारावाहिक ‘तारक मेहता का उल्टा चश्मा’ में डॉ. हंसराज हाथी का किरदार निभाने वाले अभिनेता कवि कुमार आज़ाद का सोमवार को दिल का दौरा पड़ने से निधन हो गया.

शो के निर्माता असित कुमार मोदी ने एक बयान में कहा कि आज़ाद ने मुंबई के मीरा रोड स्थित वोकहार्ड अस्पताल में अंतिम सांस ली. 46 वर्षीय आज़ाद को श्वांस संबंधी परेशानियां थीं जिसके बाद उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया था.

कवि कुमार आज़ाद बिहार के मूल निवासी थे. वह आमिर ख़ान की फिल्म मेला और फंटूश जैसी फिल्मों में नज़र आ चुके थे. आज़ाद ने 2008 में शो के आरंभ के बाद से एक साल तक डॉ. हाथी का किरदार निभाने वाले निर्मल सोनी की जगह ली थी.

‘वॉकहार्ट अस्पताल’ के सेंटर प्रमुख रवि हिरवाणी ने कहा, ‘उन्हें दोपहर 12 बजकर 10 मिनट पर यहां लाया गया था. हमने सभी आवश्यक कदम उठाए और उनका ईसीजी भी किया गया लेकिन उन्हें बचाया नहीं जा सका. उन्हें श्वांस संबंधी परेशानियां थीं और उनका निधन कार्डियक रेस्पियेटरी अटैक से हुआ.’

हिंदुस्तान टाइम्स की रिपोर्ट के अनुसार, शो के मुख्य किरदार जेठालाल का रोल निभा रहे अभिनेता दिलीप जोशी उनके निधन सदमे में हैं. उन्होंने कहा, ‘मैं लंदन में हूं. इस दुखद ख़बर के बारे में मुझे ज़्यादा पता नहीं है. मुझे लगातार फोन आ रहे हैं. इस ख़बर से मैं सदमे में हूं. मुझे पता करना है कि क्या हुआ है.’

शो में सोसाइटी के सेक्रेटरी आत्माराम तुकाराम भिड़े का किरदार निभा रहे मंदार चांदवड़कर ने स्पॉटबॉय वेबसाइट से बातचीत में कहा, ‘यह बहुत दुखद ख़बर है. आज हम सब फिल्मसिटी में एक साथ शूटिंग करने वाले थे, लेकिन हमें पता चला कि उनकी तबीयत ठीक नहीं है इसलिए हमने उन्हें आराम करने को कहा था.’

वह रोते हुए कहते हैं, ‘वह बहुत ही ख़ुशमिज़ाज़ व्यक्ति थे. मुझे अभी भी भरोसा नहीं हो रहा है कि वह हमारे बीच अब नहीं रहे. हम साथ बैठते थे, साथ में खाना खाते थे. जब भी हम मिलते थे तो उनका यही सवाल होता था कि आज टिफिन में क्या लाए हो. वास्तविक जीवन में भी वह खाने-पीने के शौकीन थे.’

उन्होंने कहा, ‘उनकी जगह कोई नहीं ले सकता. सही मायने में आज़ाद हो गया. मुझे माफ कीजिएगा, इससे ज़्यादा बात मैं नहीं कर पाऊंगा.’

निर्माता असित कुमार मोदी ने कहा, ‘वह शानदार अभिनेता और बहुत सकारात्मक व्यक्ति थे. वह शो से बहुत प्यार करते थे और तबीयत ठीक नहीं रहने के बावजूद शूटिंग के लिए आते थे.’

बयान में कहा गया, ‘उन्होंने सोमवार सुबह फोन किया कि उनकी तबीयत ठीक नहीं है और वह शूटिंग के लिए नहीं आ पाएंगे. बाद में हमें उनके निधन की खबर मिली. उनके निधन के बारे में सुनकर हम स्तब्ध हैं.’

तारक मेहता का उल्टा चश्मा सबसे लंबे समय से चल रहे धारावाहिकों में से एक है. इस शो की शुरुआत 28 जुलाई 2008 को हुई थी.

यह धारावाहिक गुजराती भाषा में प्रकाशित होने वाली साप्ताहिक पत्रिका के एक कॉलम ‘दुनिया ने उल्टा चश्मा’ पर आधारित है. इस कॉलम को व्यंग्यकार और पत्रकार तारक मेहता लिखा करते थे. पिछले साल तारक मेहता का भी निधन हो गया था.

इस हास्य धारावाहिक में मुंबई के गोकुलधाम सोसाइटी में रहने वाले कुछ परिवारों के जीवन में आने वाले उतार-चढ़ावों को दिखाया जाता है.

धारावाहिक में दिलीप जोशी (जेठालाल), दिशा वकानी (दया भाभी), भव्य गांधी (टप्पू), अमित भट्ट (चंपक चाचा), शैलेष लोढ़ा (तारक मेहता), नेहा मेहता (अंजलि भाभी), तनुज महाशब्दे (अय्यर भाई), मुनमुन दत्ता (बबीता जी), मंदार चांदवाड़कर (भिड़े मास्टर), सोनालिका जोशी (माधवी), निधि भानुशाली (सोनू), गुरुचरण सिंह (सोढ़ी), जेनिफर मिस्त्री (रोशन), अंबिका रंजनकर (कोमल भाभी), श्याम पाठक (पोपट लाल), शरद शुक्ला (अब्दुल) आदि मुख्य भूमिकाओं में हैं.

(समाचार एजेंसी भाषा से इनपुट के साथ)

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