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पूर्व नौकरशाहों ने की जयंत सिन्हा को मंत्रिमंडल से हटाने की मांग

पूर्व नौकरशाहों ने कहा है कि सिन्हा द्वारा अलीमुद्दीन अंसारी की हत्या के दोषियों का सम्मान करने से समाज में अल्पसंख्यकों की हत्या का लाइसेंस प्राप्त होने का संदेश जाता है.

**BEST QUALITY AVAILABLE** Ranchi: Union Minister of State for Civil Aviation Jayant Sinha with the lynching convicts at his residence after they were released on bail in Ramgarh, Jharkhand on Saturday, July 7, 2018. (PTI Photo)(PTI7_7_2018_000204B)

केंद्रीय उड्डयन राज्य मंत्री जयंत सिन्हा जमानत पर जेल से बाहर आए हत्यारोपियों का स्वागत करने के दौरान (फोटो: पीटीआई)

नई दिल्ली: मुंबई पुलिस के पूर्व आयुक्त जूलियो रिबेरो, पूर्व सूचना आयुक्त वजाहत हबीबुल्ला और 41 अन्य पूर्व नौकरशाहों ने पीट-पीटकर हत्या मामले के आठ दोषियों को माला पहनाने को लेकर केंद्रीय मंत्री जयंत सिन्हा को मंत्रिमंडल से हटाने की मांग की है.

पूर्व नौकरशाहों ने एक बयान जारी कर कहा कि सिन्हा के इस कदम से ‘अल्पसंख्यकों की हत्या का लाइसेंस’ प्राप्त होने का संदेश जाता है. उनका कहना है कि इससे इस तरह के आपराधिक मामलों के आरोपियों की वित्तीय, कानूनी और राजनीतिक मदद को बढ़ावा मिलेगा.

सिन्हा ने मांस कारोबारी अलीमुद्दीन अंसारी की पीट-पीटकर हत्या मामले के दोषियों का जेल से बाहर आने पर पिछले सप्ताह स्वागत किया था. इस बात को लेकर विवाद पैदा हो गया था.

पिछले साल 29 जून को मांस कारोबारी अलीमुद्दीन अंसारी अपनी कार में गोमांस ले जाने के शक में रामगढ़ पुलिस स्टेशन क्षेत्र मे भीड़ द्वारा पीट-पीटकर मार दिए गए थे.

21 मार्च को एक फास्ट ट्रैक कोर्ट ने रामगढ़ के मामले में 11 अभियुक्तों को उम्रकैद की सजा सुनाई थी.

सिन्हा ने झारखंड हाईकोर्ट द्वारा मामले के दोषियों को हाल ही में जमानत दिए जाने पर खुशी व्यक्त की थी और दोषियों को माला पहनाकर मिठाई खिलाई थी.

नौकरशाहों ने अपने बयान में कहा, ‘अब एक केंद्रीय मंत्री खुलेआम एक आपराधिक मामले को चुनौती दे रहा है, वो भी उस मामले को जहां राज्य में उसकी खुद की पार्टी ने आरोपियों को सजा दिलाने के लिए केस लड़ा और न्याय दिलाया. हम जानना चाहते हैं कि भारत सरकार इस पर क्या रुख लेगी. हम मंत्री परिषद से तुरंत जयंत सिन्हा को हटाए जाने या उनके इस्तीफे की मांग करते हैं. और भाजपा, जिसका कि जयंत प्रतिनिधित्व करते हैं, की तरफ से देश के लोगों से माफी मांगने की मांग करते हैं.’

इंडियन एक्सप्रेस के मुताबिक, उन्होंने कहा कि सिन्हा ने अभियुक्तों को सम्मानित किया जैसे कि वे स्वतंत्रता संग्राम के कुछ क्रांतिकारी हैं.

रिबेरो और हबीबुल्लाह के अलावा, जिन अधिकारियों ने सिन्हा की बर्खास्तगी की मांग की है उनमें पूर्व पुणे पुलिस आयुक्त मीरन बोरवंकर और पूर्व प्रसार भारती के सीईओ जवाहर सरकार शामिल हैं.

अप्रैल में पूर्व नौकरशाहों ने जम्मू के कठुआ जिले में आठ वर्षीय बच्ची के बलात्कार और हत्या के बाद केंद्र सरकार पर हमला किया था. राज्य के कुछ भाजपा सांसद इस मामले में आरोपी के समर्थन में बाहर आए थे. प्रधान मंत्री नरेंद्र मोदी को लिखे एक पत्र में उन्होंने कहा था, ‘स्वतंत्रता के बाद भारत में यह हमारा लिए सबसे बुरा दौर है और हमें हमारी सरकार की प्रतिक्रिया से हमारे राजनीतिक दलों के नेताओं की कमजोरी मालूम पड़ती है.’ रामगढ़ मामले में झारखंड हाईकोर्ट ने 11 जून को 11 अभियुक्तों में से आठ को ज़मानत दी थी. जिसमें से दो हजारीबाग सेंट्रल जेल में हैं और एक बाल सुधार गृह में है.

(समाचार एजेंसी भाषा से इनपुट के साथ)

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