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मुन्ना बजरंगी की हत्या के बाद मुख्तार अंसारी की सुरक्षा को लेकर परिजन चिंतित

मुख्तार अंसारी भी उसी बागपत जेल में बंद हैं जहां मुन्ना बजरंगी की हत्या हुई. उनके भाई ने कहा कि मुख्तार जब उत्तर प्रदेश विधानसभा सत्र में शामिल हो रहे थे तो उन्होंने कहा था कि उनके जीवन को खतरा है.

उत्तर प्रदेश के मऊ से बसपा विधायक और माफिया मुख़्तार अंसारी. (फोटो साभार: www.thebhojpuri.com)

उत्तर प्रदेश के मऊ से बसपा विधायक और माफिया मुख़्तार अंसारी. (फोटो साभार: www.thebhojpuri.com)

बागपत/लखनऊ: माफिया डॉन मुन्ना बजरंगी की हत्या के कुछ दिन बाद ही जेल में बंद एक अन्य डॉन मुख्तार अंसारी के परिजनों ने उसकी सुरक्षा को लेकर चिंता व्यक्त की है.

मुख्तार के भाई अफजाल ने बताया कि जहां तक सुरक्षा का प्रश्न है, इस सरकार से कोई उम्मीद नहीं की जा सकती.

अफजाल ने सवाल उठाया, ‘इस सरकार से कोई उम्मीद है क्या? सभी उम्मीदें खत्म हो चुकी हैं.’

उन्होंने कहा कि मुख्तार जब उत्तर प्रदेश विधानसभा सत्र में शामिल हो रहे थे तो उन्होंने कहा था कि उनके जीवन को खतरा है लेकिन सवाल यह है कि सुरक्षा किससे मांगी जाए. जब मुख्यमंत्री खुद ही सदन में कह रहे हैं कि ‘ठोक दिया जाएगा’ तो पुलिस वस्तुत: फर्जी मुठभेडें कर रही है.

उन्होंने दावा किया कि राज्य में कानून-व्यवस्था की स्थिति में गिरावट आई है. बलात्कार और हत्या की घटनाएं रोजाना हो रही हैं.

गौरतलब है कि पूर्वांचल के कुख्यात गैंगस्टर प्रेम प्रकाश सिंह उर्फ मुन्ना बजरंगी की सोमवार सुबह बागपत जेल में गोली मारकर हत्या कर दी गई थी.

बजरंगी की पत्नी सीमा सिंह ने 29 जून को एक प्रेस वार्ता में दावा किया था कि उनके पति के जीवन को खतरा है.

मुख्तार के परिजनों के दावों को इस बात से भी बल मिलता है कि पिछले दिनों खुद को भाजपा नेता बताने वाले एक व्यक्ति ने दावा किया था कि मुख्तार अंसारी को भी बजरंगी की तरह मारा जाएगा.

इस बीच, बागपत के एक वरिष्ठ पुलिस अधिकारी ने बताया कि हत्या के आरोपी सुनील राठी ने बजरंगी को मारने के बाद सभी साक्ष्य मिटा दिए थे.

इस सवाल पर कि क्या राठी को बागपत जेल से अन्यत्र भेजने की कोई योजना है, अधिकारी ने कहा कि फिलहाल ऐसा कोई विचार नहीं है.

बागपत जेल में 31 अगस्त तक लगेंगे सीसीटीवी

वहीं, एक वरिष्ठ सरकारी अधिकारी ने गुरूवार को कहा कि 31 अगस्त की समय सीमा से पहले ही बागपत जेल में सीसीटीवी लगा दिए जाएंगे.

अपर महानिदेशक (कारागार) चंद्र प्रकाश ने से कहा, ‘इस समय उत्तर प्रदेश की दो जेलों बागपत और सोनभद्र में सीसीटीवी नहीं हैं.’

जब उनसे यह पूछा गया कि यदि सीसीटीवी होता तो बजरंगी की मौत को लेकर काफी सुराग मिल सकते थे तो चंद्र प्रकाश ने कहा कि घटना बैरक के भीतर हुई जहां सीसीटीवी नहीं लगाए जाते हैं.

उन्होंने कहा कि जिस एजेंसी को सीसीटीवी लगाने के लिए अनुबंधित किया गया था, उसने पूर्व में कहा था कि 30 जून तक यह काम पूरा हो जाएगा लेकिन बाद में उसने दो महीने का और समय मांगा.

(समाचार एजेंसी भाषा से इनपुट के साथ)

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