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व्यापमं घोटाला: ईडी ने दायर की चार्जशीट, घोटाले का मास्टरमाइंड परीक्षा नियंत्रक पंकज त्रिवेदी

प्रवर्तन निदेशालय के एक अधिकारी ने बताया कि मामले में यह उसका पहली चार्जशीट है. भविष्य में पूरक चार्जशीट दायर की जा सकती है क्योंकि जांच अभी जारी है.

(फोटो: पीटीआई)

(फोटो: पीटीआई)

इंदौर: प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने शुक्रवार को मध्य प्रदेश के व्यापमं घोटाले के मामले में कथित सरगना डॉक्टर जगदीश सागर और इस परीक्षा बोर्ड के दो अधिकारियों और अन्य के खिलाफ धनशोधन रोकथाम कानून के तहत आरोप-पत्र दायर किया.

एजेंसी ने कहा कि सागर के अलावा, श्री अरविंद आयुर्विज्ञान संस्थान के पूर्व चेयरमैन डॉक्टर विनोद भंडारी और व्यापमं अधिकारी डॉक्टर पंकज त्रिवेदी तथा नितिन मोहिंद्रा को अभियोजन पक्ष की 2,505 पृष्ठों की शिकायत में आरोपी बनाया गया है. यह शिकायत यहां विशेष धनशोधन रोकथाम अधिनियम अदालत में दायर की गई.

एक वरिष्ठ अधिकारी के अनुसार इस मामले में ईडी का यह पहला आरोप-पत्र है और भविष्य में पूरक आरोप-पत्र दायर हो सकता है क्योंकि जांच अभी जारी है.

एजेंसी ने बताया कि उसकी जांच में खुलासा हुआ है कि सागर, भंडारी, त्रिवेदी, मोहिंद्रा आदि एक-दूसरे के साथ मिलकर व्यापमं पीएमटी (प्री मेडिकल टेस्ट) और प्री-पीजी परीक्षाओं में उम्मीदवारों का दाखिला धन लेकर कराते थे.

एजेंसी ने कहा है, ‘छात्रों से हासिल किया गया धन कुछ और नहीं बल्कि (धन शोधन) अपराध से अर्जित आय का मामला है. इस धन को इन चारों ने और अन्य ने आपस में बांटा.’

एजेंसी ने आरोप लगाया, ‘जांच से सीधे तौर पर खुलासा हुआ है कि सागर और भंडारी ने पीएमटी 2012, प्री-पीजी परीक्षा 2012, पीएमटी-2013 में कदाचार का सहारा लेकर गैरकानूनी तरीके से धन हासिल किया और गैरकानूनी तरीके से कमाए गए इस धन को बैंको में जमा किया और कई संपत्तियां खरीदी.’

केंद्रीय जांच एजेंसी के क्षेत्रीय कार्यालय ने यहां मार्च 2014 में मध्य प्रदेश व्यावसायिक परीक्षा मंडल घोटाले के संबंध में कथित वित्तीय अनियमितताओं तथा धन शोधन की घटनाओं की जांच के लिए प्राथमिकी दर्ज की थी.

यह मामला अधिकारियों और नेताओं की कथित सांठ-गांठ से पेशेवर पाठ्यक्रमों और राज्य सेवाओं में अभ्यर्थियों और छात्रों के प्रवेश से जुड़ा है.

एजेंसी ने राज्य के विशेष कार्य बल की कई प्राथमिकी पर संज्ञान लेने के बाद अपनी प्राथमिकी में राज्य के पूर्व उच्च शिक्षा मंत्री लक्ष्मीकांत शर्मा और 27 अन्य को नामजद किया था.

उसने इस मामले में अब तक 13.95 करोड़ रुपये की संपत्ति कुर्क की है. सीबीआई भी इस मामले में जांच कर रही है.

दैनिक भास्कर के मुताबिक, चार्जशीट में घोटाले का मास्टरमाइंड डॉक्टर त्रिवेदी को बताया गया है. त्रिवेदी ने मोहिंद्रा के साथ व्यापमं के अजय कुमार सेन और सीके मिश्रा को भी अपने साथ मिलाया और छात्रों को मेडिकल परीक्षा में पास कराने के एवज में रुपए लिए.

ईडी ने फिलहाल तीन परीक्षाओं से संबंधित घोटाले की जांच की चार्जशीट पेश की है, अभी 10 से ज्यादा व्यापमं परीक्षाओं की जांच जारी है. इसमें कई रैकेटियर, कुछ और निजी मेडिकल कॉलेज, कुछ नौकरशाहों पर जांच जारी है, जिसमें आगे पूरक चालान पेश किए जाएंगे और नए आरोपी भी सामने आएंगे.

(समाचार एजेंसी भाषा से इनपुट के साथ)