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कर्नाटक: बच्चा चोरी के शक में गूगल के सॉफ्टवेयर इंजीनियर की पीट-पीटकर हत्या

जिन चार युवकों पर हमला हुआ उनमें एक क़तर का नागरिक भी शामिल है. युवक हैदराबाद से कर्नाटक एक रिश्तेदार से मिलने गए थे. वॉट्सऐप पर किसी ने उनके फोटो डालकर बच्चा चोर होने की अफवाह फैला दी.

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नई दिल्ली: बच्चा चोरी की अफवाहों के चलते पीट-पीटकपर मार डालने की घटनाओं में एक घटना और जुड़ गई है. कर्नाटक के बीदर जिले में बच्चा चोरी के शक में चार युवकों पर भीड़ ने हमला बोल दिया जिनमें एक की मौत हो गई. मरने वाला युवक गूगल में काम करने वाला सॉफ्टवेयर इंजीनियर बताया जा रहा है.

इंडियन एक्सप्रेस की खबर के मुताबिक, भीड़ द्वारा जिन युवकों पर हमला किया गया उनमें गूगल के सॉफ्टवेयर इंजीनियर 32 वर्षीय मोहम्मद आज़म अहमद और एक कतर के नागरिक भी शामिल हैं. भीड़ ने चारों युवकों को बच्चा चोर गिरोह का सदस्य मान लिया था.

अधिकारियों ने बताया कि हैदराबाद के मलकपेट का मोहम्मद आज़म अहमद जो गूगल में एक सॉफ्टवेयर इंजीनियक तौर पर तैनात है, उसकी मौके पर ही मौत हो गई, जबकि कतर निवासी 38 वर्षीय सलहाम ईदल कुवैसी और हादराबाद के बरकस के नूर मोहम्मद और मोहम्मद सलमान को गंभीर चोटें आईं, जिन्हें शुरुआत में बीदर के सरकारी अस्पताल में भर्ती कराया गया, बाद में हैदराबाद शिफ्ट कर दिया गया.

जिस औराद पुलिस स्टेशन के क्षेत्र में यह घटना हुई, वहां के एक अधिकारी ने बताया कि वॉट्सऐप की तीन एडमिन को मामले में गिरफ्तार किया गया है जिन्होंने ऐसे फोटो और मैसेज भेजे जिनमें चारों युवकों को बच्चा चोर कहा गया था.

अधिकारी ने बताया कि हमने 30 और लोगों के गिरफ़्तार किया है जो कि हमलावर भीड़ का हिस्सा थे.

कुवैशी की पत्नी ज़ेबुन्निशां ने  कहा कि चारों शुक्रवार सुबह हैदराबाद से बीदर क रिश्तेदार से मिलने और एक सामाजिक कार्यक्रम में शामिल होने के लिए गए थे. कार्यक्रम के बाद, वे वे जमीन के उस टुकड़े को देखने के लिए जा रहे थे जिसे वे खरीदना चाहते थे. रास्ते में ही हमला हो गया.

उन्होंने कहा, ‘जब वे 4:30 बजे के करीब औराद तालुका के मुरकी गांव में एक स्कूल के पास चाय के लिए रुके, उन्होंने बच्चों को अपने घर जाते देखा. सलहाम ने विदेशी चॉकलेट बच्चों को दी जिसे कि वह अपने साथ लाया था. हालांकि किसी ने ऐसी अफवाह उड़ा दी की अजनबी बच्चों को चॉकलेट देकर ललचा रहे हैं और लोग वहां तुरंत इकट्ठा होना शुरु हो गए. ’

उन्होंने यह भी कहा कि चारों को जब खतरे का एहसास हुआ तो वे अपनी इनोवा कार की तरफ भागे, लेकिन तब तक कुछ लोगों ने उनके फोटो ले लिए थे और उन्हें वॉट्सऐप के माध्यम से फैला दिया कि वे अपहरणकर्ता हैं और उन्हें रोका जाना चाहिए. फोटो और मैसेज जल्दी ही वायरल हो गए.

मलकपेट से एमआईएम विधायक अहमद बलाला ने बताया, ‘पीड़ितों के मुताबिक, अगले गांव में, ग्रामीणों ने पेड़ सड़क पर गिराकर रास्ता रोक लिया. इससे बचने के लिए गाड़ी चला रहे आजम ने गाड़ी की रफ्तार बढ़ाकर किनारे से निकलना चाहा लेकिन वे एक गड्ढे में गिरकर फंस गए. भीड़ ने उन्हें वहां से खींचकर बुरी तरह पीटना शुरू कर दिया.’

उन्होंने कहा, ‘मैं पीड़ितों से मिला और उन्होंने कहा कि दो पुलिसवाले मौके पर पहुंच गए थे लेकिन वे भीड़ को रोक नहीं सके.’

हालांकि, पत्रिका के मुताबिक भीड़ ने उन पर पत्थर और डंडों से हमला किया था. इसी दौरान किसी ग्रामीण ने पुलिस को फोन कर दिया. पुलिस ने पहुंचकर हालात को संभालने के लिए लाठीचार्ज भी किया और युवकों को अस्पताल ले गई.

गौरतलब है कि हाल के समय में महाराष्ट्र, असम और त्रिपुरा में बच्चा चोर के संदेह में कई लोगों की पीट-पीट कर हत्या करने या उन्हें घायल करने की घटनाएं दर्ज की गई हैं.

इससे पहले रविवार को महाराष्ट्र के धुले जिले में ग्रामीणों ने बच्चा चोरी करने वाले गिरोह का सदस्य होने के संदेह में पांच लोगों की पीट-पीटकर हत्या कर दी थी. इस मामले में पुलिस ने अब तक 23 लोगों को हिरासत में लिया है.

बीते कुछ हफ़्तों से देश के विभिन्न हिस्सों में खबरें आ रही है कि इलाके में बच्चा चोर गिरोह सक्रिय है. महाराष्ट्र में भी ऐसा ही हुआ था. महाराष्ट्र पुलिस और गृह राज्यमंत्री दीपक केसरकर ने लोगों से अपील की कि सोशल मीडिया पर प्रसारित अफवाहों पर ध्यान न दें.

सोशल मीडिया पर फैली हुई है बच्चा चोरी की अफवाह

गौरतलब है कि देश के कई राज्यों में बच्चा चोर गैंग के सक्रिय होने की सोशल मीडिया पर अफवाह फैली हुई है.

बीते हफ्ते त्रिपुरा के अलग-अलग हिस्सों में बच्चा चोर होने के संदेह में त्रिपुरा सूचना एवं संस्कृति विभाग के एक सदस्य सहित तीन लोगों की पीट-पीट कर हत्या की दी गई थी.

इससे पहले मध्य प्रदेश के सिंगरौली जिले में भी बच्चा चोर गिरोह का सदस्य समझ कर माड़ा थाना क्षेत्र में ग्रामीणों ने बहरूपिये का स्वांग करने वाले एक युवक की बेहरमी से पिटाई की थी. यह युवक पड़ोस के किसी गांव में साड़ी पहनकर नाचने-गाने जा रहा था, जब  रास्ते में लोगों ने बच्चा चोर गिरोह का सदस्य समझ कर बुरी तरह पीट दिया. घटना की जानकारी मिलने पर पुलिस वहां पहुची और युवक को भीड़ के चंगुल से बचाया.

गुजरात से भी बच्चा चोरी की अफवाह  पर हिंसा की घटनाएं सामने आई हैं. कुछ दिन पहले गुजरात के कई शहरों में अफवाह के चलते पीट-पीट कर मारने के मामले सामने आए हैं. अहमदाबाद में बच्चा चुराने के शक में एक भीड़ ने 40 वर्षीय महिला की पीट-पीटकर हत्या कर दी.

इसी उत्तर प्रदेश के हापुड़ ज़िले के पिलखुआ क्षेत्र में बीते 18 जून को ग्रामीणों ने गोहत्या के शक में दो मुस्लिम व्यक्तियों को पीटकर घायल कर दिया था. इनमें एक व्यक्ति की मौत हो गई थी.

छत्तीसगढ़ के अंबिकापुर ज़िले में ग्रामीणों ने बीते 23 जून को बच्चा चोर होने के संदेह में एक विक्षिप्त व्यक्ति को कथित रूप से पीट-पीटकर मार डाला था. बिहार के पूर्णिया में भी डायन होने के आरोप में एक महिला के अपने ही परिजनों ने उसकी पीट-पीट कर हत्या कर दी.

जून महीने में ही झारखंड के गोड्डा ज़िले के बनकट्टी गांव में मवेशी चोरी के आरोप में सिराबुद्दीन अंसारी और मुर्तजा की पीट-पीट कर हत्या कर दी गई है. इसी तरह महाराष्ट्र के औरंगाबाद ज़िले के वैजापुर तालुका के चंदगांव गांव में बीते आठ जून को लुटेरे होने के संदेह में ग्रामीणों की भीड़ ने दो लोगों की पीट-पीटकर हत्या कर दी.

हाल ही में पश्चिम बंगाल में बच्चा चोर होने के संदेह में मालदा जिले में व्यक्ति की पीट-पीटकर हत्या कर दी थी. इसके अलावा पिछले महीने असम के कार्बी आंगलांग जिले में बच्चा चुराने के शक में संगीतकार और उसके दोस्त की पीट-पीटकर हत्या कर दी गयी थी.

(समाचार एजेंसी भाषा से इनपुट के साथ)

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