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गुजरात में गोहत्या पर उम्रक़ैद, गोमांस मिलने पर 10 साल तक की सज़ा

मुख्यमंत्री विजय रूपानी ने कहा कि हम चाहते हैं कि गुजरात शाकाहारी हो और राज्य में जर्सी गायें न हों.

प्रतीकात्मक फोटो (रायटर्स)

प्रतीकात्मक फोटो (रायटर्स)

देश भर में चल रहे अलग-अलग तरह के गोरक्षा अभियानों के बीच गुजरात विधानसभा ने एक सख़्त क़ानून पास किया है. विधानसभा में पेश किया गया गोहत्‍या संशोधन बिल शुक्रवार को पास हो गया. इस क़ानून के तहत प्रावधान किया गया है कि गोहत्‍या के दोषियों को उम्रक़ैद की सज़ा होगी. वहीं यदि किसी के पास गोमांस मिलता है तो उसे सात से 10 साल की सज़ा होगी. विधेयक में रात के समय पशुओं को एक जगह से दूसरे जगह ले जाने को भी प्रतिबंधित किया गया है.

एनडीटीवी के मुताबिक, ‘गोवंश के साथ पकड़े जाने पर जमानत नहीं मिल सकती है. गोमांस की हेराफेरी करते हुए पकड़े जाने पर सात से 10 साल तक की सज़ा और एक से पांच लाख तक का दंड हो सकता है. इसके साथ ही गाय की तस्‍करी पर भी सख़्त पाबंदी लगा दी गई है. गोमांस का ट्रांसफर करते हुए जो वाहन पकड़े जाएंगे वो वाहन हमेशा के लिए जब्‍त हो जाएंगे. अगर जानवरों को लाने-ले जाने से संबंधित लाइसेंस भी है तब भी ये हेराफेरी रात के समय नहीं की जा सकेगी.’

अंग्रेज़ी अख़बार इंडियन एक्सप्रेस के मुताबिक, ‘गुजरात विधानसभा में पास किए गए नये क़ानून के मुताबिक गोहत्या का दोषी पाए जाने पर न्यूनतम दस साल से लेकर उमक़ैद तक की सज़ा होगी. बिल पास होने के दौरान मुख्यमंत्री विजय रूपानी ने कहा कि हम चाहते हैं कि गुजरात शाकाहारी राज्य हो और हम जर्सी गायें नहीं चाहते. विधेयक विपक्षी पार्टी कांग्रेस के सदस्यों की अनुपस्थिति मेें पेश किया गया. कांग्रेस सदस्यों को विधानसभा अध्यक्ष ने हंगामा करने के चलते निलंबित कर दिया था. बिल पास होने के दौरान विधानसभा में सैकड़ों हिंदू पुजारियों की भीड़ मौजूद थी. बिल पास होने के दौरान उनमें से कुछ दर्शक दीर्घा में घुस आए. ‘

आज तक की ख़बर के मुताबिक, नए कानून में पुलिस को काफी अधिकार दिए गए हैं. क़ानून में प्रावधान है कि जिनके पास जानवर ख़रीदने-बेचने का लाइसेंस है वो भी यह काम सुबह आठ बजे से शाम के पांच बजे तक ही कर पाएंगे.’

समाचार एजेंसी भाषा ने लिखा है, ‘इस संशोधन विधेयक के पारित होने के साथ ही गोवध के लिए आजीवन कारावास का प्रावधान करने वाला गुजरात देश का पहला राज्य बन गया है. साथ ही गौ वध को गैर-जमानती अपराध बनाया गया है. गुजरात पशु संरक्षण संशोधन विधेयक के अंतर्गत गोमांस को एक स्थान से दूसरे स्थान तक ले जाने, एकत्रित करने और उसकी बिक्री करने के लिए भी दस वर्ष की जेल का प्रावधान है.’

इसके पहले गुजरात में नरेंद्र मोदी सरकार ने गाय सुरक्षा विधेयक पास किया था. इसके तहत गोहत्या के दोषियों के लिए अधिकतम सात साल की सज़ा का प्रावधान था, जिसे अब उमक़ैद में बदल दिया गया है. पिछले क़ानून में 50 हज़ार रुपये का ज़ुर्माना था जो अब एक लाख से पांच लाख तक कर दिया गया है. गौरतलब है कि इस साल गुजरात में विधानसभा चुनाव होना है.