राजनीति

राहुल को ‘विदेशी खून’ बताने वाले बसपा उपाध्यक्ष को मायावती ने पार्टी से हटाया

मायावती ने मंगलवार को प्रेस कॉन्फ्रेंस करके जय प्रकाश सिंह को बसपा के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष पद से हटाने का ऐलान किया. उन्होंने कहा, ‘सिंह द्वारा कही गई बातें उनकी व्यक्तिगत सोच की उपज है, बसपा की नहीं.’

Lucknow: BSP supremo Mayawati addresses a press conference at her residence in Lucknow on Saturday. PTI Photo by Nand Kumar  (PTI3_24_2018_000088B)

बसपा प्रमुख मायावती. (फाइल फोटो: पीटीआई)

लखनऊ: बहुजन समाज पार्टी प्रमुख मायावती ने कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी को ‘विदेशी खून’ बताते हुए उनकी पीएम दावेदारी पर सवाल उठाने वाले जय प्रकाश सिंह को पार्टी से निकाल दिया है. मायावती ने जय प्रकाश को राष्ट्रीय उपाध्यक्ष पद से हटाते हुए पार्टी नेताओं को चेतावनी दी कि वह पार्टी लाइन से अलग बयान न दें.

मंगलवार को मायावती ने एक प्रेस कॉन्फ्रेंस कर जय प्रकाश सिंह को राष्ट्रीय उपाध्यक्ष व कोऑर्डिनेटर पद से हटाने का ऐलान किया.

मायावती ने कहा, ‘मुझे सोमवार को लखनऊ में बसपा कार्यकर्ता-सम्मेलन के दौरान राष्ट्रीय उपाध्यक्ष जयप्रकाश सिंह के भाषण के बारे में यह जानकारी मिली है कि उन्होंने बसपा की मानवतावादी सोच और नीतियों के विरूद्ध जाकर तथा अपनी विरोधी पार्टियों के सर्वोच्च राष्ट्रीय नेताओं के बारे में व्यक्तिगत टीका-टिप्पणी करके उनके बारे में काफी अनर्गल बातें कही हैं. यह बसपा की संस्कृति के विरूद्ध है.’

उन्होंने कहा कि सिंह द्वारा कही गई बातें उनकी व्यक्तिगत सोच की उपज हैं, बसपा की नहीं. उनकी बातें बसपा की सोच और नीतियों के विरूद्ध भी हैं. इसे अति गम्भीरता से लेते हुए तथा पार्टी के हित में सिंह को राष्ट्रीय उपाध्यक्ष पद से तत्काल प्रभाव से हटा दिया गया है. उन्हें राष्ट्रीय कोआर्डिनेटर के पद से भी हटा दिया गया है.

बसपा की ओर से जारी विज्ञप्ति के मुताबिक मायावती ने पूरे देश में अपनी पार्टी के सभी छोटे-बड़े कार्यकर्ताओं, पदाधिकारियों और नेताओं को चेतावनी दी कि वे बसपा की हर छोटी बड़ी बैठक, कैडर शिविर एवं जनसभा में केवल बसपा की विचारधारा, नीतियों एवं मूवमेन्ट के बारे में अपनी बात रखें.

उन्होंने कहा कि नेता और कार्यकर्ता दलित एवं पिछडे़ वर्ग में जन्मे अपने महान सन्तों, गुरुओं व महापुरुषों एवं पार्टी की राष्ट्रीय अध्यक्ष के बारे में भी केवल उनके जीवन-संघर्ष एवं सिद्धांतों व सोच के संबंध में ही अपनी बातें रखें.

उन्होंने कहा, ‘लेकिन उनकी आड़ में दूसरों के संतों, गुरुओं एवं महापुरुषों के बारे में अभद्र एवं अशोभनीय भाषा का कतई भी इस्तेमाल ना करें. अर्थात दूसरी पार्टियों के कुछ सिरफिरे नेताओं के पदचिन्हों पर चलकर, अपनी पार्टी के लोगों को किसी के बारे में भी अनर्गल भाषा का इस्तेमाल नहीं करना चाहिए.’

मायावती ने पार्टी के वरिष्ठ नेताओं और पदाधिकारियों को सलाह दी कि उन्हें गंभीर एवं महत्वपूर्ण विषयों पर तथा प्रेस वार्ता में अपनी बात लिखकर ही रखना और बोलना चाहिए.

सिंह ने सोमवार को कार्यकर्ता सम्मेलन के दौरान कांग्रेस अध्यक्ष राहुल गांधी को लेकर कथित रूप से आपत्तिजनक टिप्पणी की थी.

समाचार एजेंसी एएनआई के मुताबिक जय प्रकाश सिंह ने कहा,‘अगर राहुल गांधी राजीव गांधी पे चला जाता तो एक बार को राजनीति में सफल हो जाता, लेकिन वो अपनी मां पे चला गया, वो विदेशी है. मैं दावे के साथ कह सकता हूं राहुल गांधी कभी भारतीय राजनीति में सफल नहीं हो सकता.’

(समाचार एजेंसी भाषा से इनपुट के साथ)