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अमिताभ बच्चन और उनकी बेटी के विज्ञापन की बैंक कर्मचारियों ने की आलोचना

आॅल इंडिया बैंक आॅफिसर्स कनफेडरेशन ने आभूषण कंपनी कल्याण ज्वेलर्स के ख़िलाफ़ मुक़दमा करने की चेतावनी दी. कर्मचारियों ने कहा है कि विज्ञापन में लाखों बैंक कर्मचारियों की गलत तस्वीर पेश की गई है जो निंदनीय है.

कल्याण ज्वेलर्स के विज्ञापन में अमिताभ बच्चन बेटी श्वेता बच्चन नंदा के साथ. (फोटो साभार: ट्विटर)

कल्याण ज्वेलर्स के विज्ञापन में अमिताभ बच्चन बेटी श्वेता बच्चन नंदा के साथ. (फोटो साभार: ट्विटर)

कोच्चि: केरल की आभूषण कंपनी के लिए अभिनेता अमिताभ बच्चन और उनकी बेटी श्वेता बच्चन नंदा के डेढ़ मिनट के विज्ञापन की एक बैंक यूनियन ने आलोचना की है.

यूनियन ने विज्ञापन को घृणित बताया और कहा कि इस विज्ञापन का मक़सद बैंक प्रणाली में अविश्वास पैदा करना है.

आॅल इंडिया बैंक आॅफिसर्स कनफेडरेशन (एआईबीओसी) ने विज्ञापनदाता आभूषण कंपनी कल्याण ज्वेलर्स के खिलाफ मुकदमा करने की बुधवार को चेतावनी दी. संगठन ने कंपनी पर विज्ञापन के ज़रिये लाखों कर्मचारियों की भावना को आहत करने का आरोप लगाया है.

एआईबीओसी के महासचिव सौम्य दत्ता ने आरोप लगाया कि विज्ञापन का जो विचार और लहज़ा दिखाया गया और इसका जो तात्पर्य है, वह घृणित और अपमाजनक है. इसका मकसद वाणिज्यिक लाभ के लिए बैंक प्रणाली में अविश्वास पैदा करना है.

वहीं कल्याण ज्वेलर्स ने आरोप को खारिज करते हुए कहा कि यह पूरी तरह कल्पना पर आधारित है.

कल्याण ज्वेलर्स ने दत्त को लिखे पत्र में कहा है, ‘हम इस बात को समझ रहे हैं कि आपका प्रतिष्ठित संगठन यह महसूस कर रहा है कि विज्ञापन में बैंक कर्मचारियों को गलत तरीके से पेश किया गया है. लेकिन यह पूरी तरह काल्पनिक है और हमारा बैंक अधिकारियों या कर्मचारियों को अपमानित करने का कोई इरादा नहीं है.’

पत्र में कहा गया है, ‘कृपया इसके लिए हमारी ओर से बिना किसी शर्त स्पष्टीकरण स्वीकार कीजिए. आज से तीन कार्यकारी दिनों में हम इस विज्ञापन में पात्र और स्थितियों के काल्पनिक होने का स्पष्टीकरण विज्ञापन में शामिल कर देंगे.’

कंपनी के अनुसार, इसके लिए विज्ञापन से पहले उद्घोषणा भी की गई है. इसमें कहा गया है कि किसी व्यक्ति या समुदाय के सम्मान को ठेस पहुंचाने का कोई इरादा नहीं है.

विज्ञापन में बच्चन एक बुजुर्ग के किरदार में हैं और श्वेता बच्चन नंदा उनकी बेटी बनी हैं.

इसमें उस बुजर्ग व्यक्ति (अभिनेता बच्चन) को एक ईमानदार व्यक्ति के रूप में दर्शाया गया है जो अपने पेंशन खाते में आए अतिरिक्त धन को लौटाने बैंक जाता है. उसकी बेटी भी उसके साथ जाती है. वहां बैंक कर्मचारियों ने उस व्यक्ति के साथ कटु व्यवहार किया.

बच्चन को एक काउंटर से दूसरे काउंटर पर भेजा जाता है. जब वे मैनेजर के पास पहुंच कर खाते में आया अतिरिक्त पेंशन वापस करने का कहते हैं तो वह भी कहता हूं नज़र आता है कि अरे सर कोई बात नहीं. किसी को पता नहीं चलेगा.

बच्चन को एक काउंटर से दूसरे काउंटर पर भेजा जाता है. जब वे मैनेजर के पास पहुंच कर खाते में आया अतिरिक्त पेंशन वापस करने का कहते हैं तो वह कहता हूं पार्टी कीजिए…. छोड़िए न किसको पता चलेगा…

इस पर पेंशनधारक का रोल कर रहे अमिताभ बच्चन कहते हैं, ‘मुझे पता है, किसी को पता चले या न चले. गलत तो गलत है.’ इसके बाद मैनेजर झेप जाता है और पेंशन वापस करने की कार्रवाई शुरू करता है.

आईबीओसी की ओर से जारी बयान में कहा गया है, ‘विज्ञापन में अमिताभ बच्चन अपनी ईमानदारी दर्शाने की कोशिश करते हैं लेकिन शायद  उन्हें यह नहीं पता है कि पर्दे पर ऐसा करने से उन्होंने सभी बैंक कर्मचारियों का मज़ाक उड़ाया है जो कि अपमानजनक और दंडनीय है.’

उन्होंने यह भी कहा, ‘हम इसे सभी बैंकों की मानहानि का मामला मानते हैं.’

एआईबीओसी ने आभूषण कंपनी से इस मामले में बिना शर्त माफी मांगने की मांग की है. उसने कहा कि अगर विज्ञापन वापस नहीं लिया जाता है, उपयुक्त कार्रवाई की जाएगी.

मालूम हो कि बीते मंगलवार को अमिताभ बच्चन ने इस विज्ञापन को यह कहते हुए ट्वीट किया, ‘यह मेरे लिए भावुक क्षण था. जब भी इसे देख रहा हूं तो आंख से आंसू निकल आ रहे हैं. लड़कियां सर्वश्रेष्ठ होती हैं.’

विज्ञापन के मलयालम संस्करण में मलयालम फिल्मों की अभिनेत्री मंजू वॉरियर ने उनकी बेटी का किरदार निभाया है.

(समाचार एजेंसी भाषा से इनपुट के साथ)

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