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असम: नौकरी के बदले नकदी घोटाले में भाजपा सांसद की बेटी सहित 19 अधिकारी गिरफ़्तार

इससे पहले असम लोक सेवा आयोग के तत्कालीन अध्यक्ष राकेश पॉल समेत 35 लोगों को गिरफ़्तार किया जा चुका है. इस साल 13 अधिकारियों को प्रोबेशन के समय ही बर्खास्त कर दिया गया था. ये सभी गुवाहाटी केंद्रीय कारागार में बंद हैं.

भाजपा सांसद आरपी शर्मा. (फोटो साभार: एएनआई)

भाजपा सांसद आरपी शर्मा. (फोटो साभार: एएनआई)

गुवाहाटी/डिब्रूगढ़: भाजपा सांसद आरपी शर्मा की बेटी पल्लवी शर्मा सहित असम सरकार के 19 अधिकारियों को बीते बुधवार को गिरफ़्तार कर लिया गया. 2016 में हुए असम लोक सेवा आयोग (एपीएससी) की परीक्षा में उत्तर पुस्तिका में उनके हस्तलेख (हैंड राइटिंग) का मिलान नहीं होने के कारण इन लोगों को गिरफ़्तार किया गया है.

एपीएससी में नौकरी के लिए नकदी घोटाला मामले की जांच कर रही डिब्रूगढ़ पुलिस ने असम सिविल सेवा (एसीएस), असम पुलिस सेवा (एपीएस) और सहायक सेवाओं के 2016 बैच के 19 अधिकारियों को समन किया था. इन अधिकारियों के उत्तर पत्र की फॉरेंसिक परीक्षा में गड़बड़ी के संकेत मिलने के बाद उन्हें हस्तलेखन जांच में शामिल होने के लिए कहा गया.

डिब्रूगढ़ के पुलिस अधीक्षक गौतम बोरा ने कहा कि 19 अधिकारियों के हस्तलेखन का उनके उत्तर पत्र से मिलान नहीं हुआ, जिन्हें पहले फॉरेंसिक जांच में फर्जी पाया गया. उन्होंने कहा कि अधिकारियों को गुवाहाटी में गिरफ़्तार किया गया.

राकेश पॉल जब एपीएससी के अध्यक्ष थे, उस समय आयोजित परीक्षा में इन 19 अधिकारियों का चयन हुआ था.

पुलिस सूत्रों के मुताबिक, अभ्यर्थियों ने राकेश पॉल को 15 से 30 लाख रुपये की रिश्वत दी, जिन्होंने कथित रूप से उनके उत्तर पत्रों को फ़र्ज़ी उत्तर पत्रों से बदल दिए.

पॉल और आयोग के सदस्य समेदुर रहमान और बसंत कुमार डोले के अलावा सहायक परीक्षा नियंत्रक पबित्र कैब्रत को को नौकरी के बदले नकदी मामले में कथित तौर पर संलिप्तता के लिए 2016 में गिरफ़्तार किया गया था.

उस वक़्त इन चारों अधिकारियों समेत पुलिस ने कुल 35 अन्य लोगों को गिरफ़्तार किया था.

:APSC chairman Rakesh Paul being produced before a TADA court in Guwahati on Friday.- Photo: PTIPTI

असम लोक सेवा आयोग के पूर्व अध्यक्ष राकेश पॉल. (फोटो: पीटीआई)

गिरफ़्तार अधिकारियों में 13 एसीएस, तीन एपीएस और तीन सहायक सेवाओं के अधिकारी शामिल हैं.

पुलिस अधीक्षक गौतम बोरा ने बताया कि बुधवार को गिरफ़्तार किए गए 13 एसीएस अधिकारियों में- उत्पल भुयां, बरनाली दास, सुसोवन दास, ध्रुवोज्योति चक्रबोती, मंज़ूर इलाही लस्कर, मून मज़ूमदार, मुस्तफा अहमद बोरभुयां, मोहम्मद सैबुर रहमान बोरभुयां, मोनिका तेरोनपी, गणेश चंद्र दास, स्राबंती सेन गुप्ता, दीपसिखा फुकन और लीना कृष्ण ककाति शामिल हैं.

अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक और जांच अधिकारी सुरजीत सिंह पाणेश्वर ने बताया कि गिरफ़्तार तीन एपीएस अधिकारियों में- गुलशन देवलागपु, भैरव फुकन और तेजपुर से भाजपा सांसद आरपी शर्मा की बेटी पल्लवी शर्मा शामिल हैं.

इंडियन एक्सप्रेस से बातचीत में भाजपा सांसद आरपी शर्मा ने कहा, ‘2019 में टिकट टिकट न मिल सके इसलिए मुझे राजनीतिक रूप से निशाना बनाया जा रहा है. बहुत से ऐसे अभ्यर्थी हैं, जिनके रिश्तेदार शक्तिशाली लोग हैं और उनके नाम भी उत्तर पत्रों हुई गड़बड़ियों के संबंध में आए हैं, लेकिन उनके ख़िलाफ़ कोई कार्रवाई नहीं की गई है.’

अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक पाणेश्वर ने बताया कि गिरफ़्तार किए गए तीन सहायक सेवाओं में शामिल अधिकारी- ज़िला यातायात अधिकारी सुरंजीत हज़ारिका, कर अधीक्षक ऋतुराज नियोग और कर इंस्पेक्टर निपॉन कुमार पाठक हैं.

इससे पहले असम सरकार ने इस वर्ष 21 जून को राज्य सिविल सेवा के 13 अधिकारियों को नौकरी के बदले नकदी मामले में कथित संलिप्तता के लिए नौकरी से बर्खास्त कर दिया था.

बर्खास्त अधिकारी पिछले वर्ष नवंबर में जब प्रोबेशन पर थे उसी वक़्त उन्हें गिरफ़्तार कर लिया गया था और वर्तमान में ये सभी गुवाहाटी केंद्रीय कारागार में बंद हैं. उन पर पॉल को रिश्वत देने और राज्य सिविल सेवाओं में अनुचित माध्यम का प्रयोग करने के आरोप हैं.

बर्खास्त अधिकारियों में कांग्रेस के पूर्व मंत्री नीलमणि सेन डेका का बेटा राजर्षि सेन डेका भी शामिल है.

(समाचार एजेंसी भाषा से इनपुट के साथ)

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