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गुजरात: वडोदरा में गोलगप्पे की बिक्री पर अस्थायी प्रतिबंध

स्वास्थ्य राज्यमंत्री कुमार कानानी ने कहा कि पूरे राज्य में गोलगप्पे बेचने पर चरणबद्ध तरीके से प्रतिबंध लगेगा. मौसमी बीमारियां न फैलें यह सुनिश्चित करने के लिए लिया गया यह फैसला.

Pani Puri Flickr

प्रतीकात्मक फोटो (साभार: Adam Cohn/Flickr)

खाद्य पदार्थों पर बैन के चलन की फेहरिस्त में देश-विदेश में भारत का मशहूर स्ट्रीट फूड गोलगप्पा यानी पानी पूरी भी शामिल हो गया है.

गुजरात के वडोदरा में महानगर पालिका ने गोलगप्पे की बिक्री पर अस्थायी रूप से प्रतिबंध लगा दिया है.

दैनिक भास्कर की खबर के मुताबिक महानगर पालिका का कहना है कि इसे बनाने में साफ-सफाई का ध्यान नहीं रखा जा रहा, जिससे टाइफाइड, पीलिया और फूड पॉइज़निंग जैसी बीमारियां फ़ैल रही हैं.

वहीं गुजरात के स्वास्थ्य राज्यमंत्री कुमार कानानी ने कहा, ‘राज्यभर में गोलगप्पे पर चरणबद्ध रूप से प्रतिबंध लगाया जाएगा. शहरों में मौसमी बीमारियां न फैलें, यह सुनिश्चित करने के लिए वडोदरा में इनकी बिक्री पर रोक लगाई गयी है. अन्य शहरों में भी गोलगप्पे की बिक्री पर प्रतिबंध लगाया जाएगा.’

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक वडोदरा में पानी की वजह से फैल रही गंदगी से बीमारियां फ़ैल रही हैं, जिस वजह से आरोग्य विभाग द्वारा पानी पूरी विक्रेताओं पर कार्रवाई कर काम बंद करवा दिया गया है. बताया जा रहा है कि यह प्रतिबंध मानसून खत्म होने तक जारी रहेगा.

इससे पहले महानगर पालिका ने वड़ोदरा के हाथीखाना, नवायार्ड, तुलसीवाड़ी, वारसिया, खोडियारनगर इलाकों में 50 से ज्यादा पानीपूरी बनाने वाली जगहों पर छापेमारी की थी, जिसके बाद 4,000 किलो गोलगप्पे, 3350 किलो आलू और चने, 20 किलो तेल, 1,200 लीटर गोलगप्पे का पानी जब्त कर नष्ट कर दिया गया था.

इसके अलावा पिछले 20 दिनों में आरोग्य विभाग द्वारा 1,700 किलो चिकन, पानीपूरी, चना, आलू, नूडल्स समेत कई दूषित खाद्य पदार्थो को भी नष्ट किया गया है.

सफाई और ठीक तरह से रख-रखाव न होने के चलते विक्रेताओं को निर्देश दिया गया है कि जब तक पानी से फैलने वाली बीमारियों पर काबू नहीं पा लिया जाता, तब तक यह प्रतिबंध जारी रहेगा.

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