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योगी आदित्यनाथ के सामने वर्दी में घुटनों के बल बैठे पुलिस अफसर की तस्वीर पर विवाद

विवाद होने पर डीएसपी रैंक के संबंधित अधिकारी प्रवीण सिंह जो गोरखनाथ क्षेत्र के सर्कल अधिकारी हैं, ने कहा कि यह केवल बाबा गोरखनाथ के प्रति उनकी सच्ची श्रद्धा है, इससे ज़्यादा कुछ नहीं.

योगी आदित्यनाथ से आशीर्वाद लेते गोरखनाथ सर्कल अधिकारी प्रवीण सिंह. (फोटो साभार: ट्विटर)

योगी आदित्यनाथ से आशीर्वाद लेते गोरखनाथ सर्कल अधिकारी प्रवीण सिंह. (फोटो साभार: ट्विटर)

गोरखपुर: उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से एक पुलिस अधिकारी द्वारा आशीर्वाद लेने के बाद सोशल मीडिया विवाद मच गया है. मामला योगी आदित्यनाथ के संसदीय क्षेत्र गोरखपुर का है. बीते शुक्रवार को गुरु पूर्णिमा के मौके पर योगी आदित्यनाथ गोरखनाथ मंदिर में हुए अनुष्ठान में हिस्सा लिया था.

मुख्यमंत्री होने के साथ ही योगी आदित्यनाथ गोरखनाथ पीठ के पीठाधीश्वर भी हैं.

मंदिर के तिलक हॉल में हुए कार्यक्रम में शिष्यों ने उन्हें तिलक लगाकर आशीर्वाद लिया था. इसी क्रम में डीएसपी रैंक के अधिकारी प्रवीण सिंह ने भी उनसे आशीर्वाद लिया.

इसके बाद सोशल मीडिया पर विवाद मच गया. सोशल मीडिया पर वायरल हुई तस्वीरों में योगी के सामने घुटने के बल बैठे हुए प्रवीण कुमार सिंह दोनों हाथ जोड़े उनसे आशीर्वाद ले रहे हैं.

ये तस्वीरें ख़ुद प्रवीण सिंह ने अपनी फेसबुक प्रोफाइल से अपलोड की हैं. उत्तर प्रदेश के जौनपुर के रहने वाले प्रवीण कुमार सिंह इस समय गोरखपुर के गोरखनाथ सर्कल में डीएसपी के पद पर तैनात हैं.

प्रवीण सिंह ने कहा, ‘मैं मंदिर की सुरक्षा ड्यूटी में तैनात था. जब मेरी ड्यूटी समाप्त हो गई तो मैंने अपनी आस्था के कारण अपनी बेल्ट और टोपी उतारी और रूमाल से अपना सिर ढका तथा पीठाधीश्वर महंत योगी आदित्यनाथ से आशीर्वाद लिया.’

पुलिस अधिकारी सिंह ने कहा, ‘मेरी कमीज पसीने से भीगी थी और मैं अपनी ड्यूटी को नज़रअंदाज़ नहीं कर सकता था. महंत योगी गुरु की भूमिका में केवल दो बार मंदिर में बैठते हैं, एक दशहरा के समय और दूसरी बार गुरु पूर्णिमा के अवसर पर. मैं मंदिर में हमेशा पूजा करता हूं, ताकि अपने देश के प्रति पूरी ईमानदारी और श्रद्धा के साथ काम कर सकूं. यह केवल बाबा गोरखनाथ के प्रति मेरी सच्ची श्रद्धा है, इससे ज़्यादा कुछ नहीं.’

इस बारे में पुलिस महानिरीक्षक (सिविल डिफेंस) अमिताभ ठाकुर से पूछा गया तो उन्होंने कहा कि इस बारे में पुलिस मैन्युअल में ज़्यादा साफ़ कुछ नहीं लिखा है. उन्होंने कहा कि इस बारे में कुछ लिखा तो नहीं है लेकिन एक पुलिस अधिकारी को अपनी वर्दी की मर्यादा का ध्यान रखना चाहिए.

मालूम हो कि बीते 23 जुलाई को दिल्ली के जनकपुरी थाने में तैनात एक एचएचओ को लाइन हाज़िर कर दिया गया था.

दरअसल सोशल मीडिया पर एसएचओ इंद्रपाल की एक तस्वीर वायरल हुई थी जिसमें वह पुलिस की वर्दी में उत्तर नगर की एक साध्वी नमिता आचार्य से सिर पर मालिश करवाते हुए नज़र आ रहे थे.

इस मामले पर इंद्रपाल कहना था कि वह काफी दिन से तनाव में चल रहे थे इसलिए साध्वी के पास एनर्जी हीलिंग के लिए गए थे. इंद्रपाल के पुलिस लाइन भेजकर उनके ख़िलाफ़ जांच बैठा दी गई है.

एनडीटीवी इंडिया की रिपोर्ट के अनुसार, इसी तरह साल 2017 में आई एक तस्वीर में दिल्ली के एक थाने में एसएचओ राधे मां के सामने हाथ जोड़े खड़े थे और उनकी कुर्सी पर विराजमान थी राधे मां.

मामले ने तूल पकड़ा तो विवेक विहार थाने के एसएचओ संजय शर्मा का तबादला करके शाहदरा की पुलिस लाइन भेज दिया गया और पांच पुलिसवालों का भी तबादला कर दिया गया था.

(समाचार एजेंसी भाषा से इनपुट के साथ)

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