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दस रुपये के सिक्के लेने से मना करने वाले दुकानदार को अदालत ने दी सज़ा

मध्य प्रदेश के मुरैना में आरोपी दुकानदार को अदालत उठने तक की सज़ा और 200 रुपये के अर्थदंड से दंडित किया गया.

(फोटो: फेसबुक)

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मुरैना: मध्यप्रदेश के मुरैना जिले में एक स्थानीय अदालत ने एक दुकानदार को ग्राहक से दस रुपये के सिक्के लेने से इनकार करने का दोषी पाया और उसे अदालत उठने तक की सजा तथा 200 रुपये के जुर्माने की सजा सुनाई.

सहायक लोक अभियोजक अधिकारी भूपेंद्र सिंह ने बताया कि जिले में जौरा के न्यायिक मजिस्ट्रेट जेपी चिडार की अदालत ने सोमवार को एक दुकानदार अरुण जैन को सामान के बदले ग्राहक आकाश से 10 रुपये के सिक्के लेने से इनकार करने का दोषी ठहराया. न्यायालय ने आरोपी दुकानदार को अदालत उठने तक की सजा और 200 रुपये के अर्थदंड से दंडित किया.

उन्होंने बताया कि ग्राहक आकाश ने जौरा कस्बे में बनियापारा स्थित दुकानदार अरुण जैन की दुकान से 17 अक्टूबर 2017 को दो रुमाल खरीदने के लिये भुगतान बाबत उसे 10-10 रुपये के सिक्के दिये.

दुकानदार ने 10 रुपये के सिक्के यह कहते हुए आकाश को वापस कर दिये कि ये सिक्के अब बाजार में चलन में नहीं हैं. उन्होंने बताया कि खरीददार ने दुकानदार को बताया कि कलेक्टर मुरैना के आदेश हैं कि 10 रुपये के सिक्कों को लेने से कोई इनकार नहीं कर सकता है और ये सिक्के बाजार में चलन में हैं, लेकिन दुकानदार नहीं माना और उसने ग्राहक से रुमाल वापस लेकर उसे वहां से चलता कर दिया.

सिंह ने बताया कि खरीददार ने घटना की रिपोर्ट जौरा पुलिस थाने में दर्ज कराई. पुलिस ने दुकानदार अरुण जैन के विरुद्ध कलेक्टर द्वारा सिक्के स्वीकार करने के संबंध जारी आदेश का उल्लंघन करने का मामला दर्ज कर दुकानदार को गिरफ्तार कर लिया और फिर जांच के बाद प्रकरण का चालान अदालत में पेश किया.

उन्होंने बताया कि न्यायिक मजिस्ट्रेट जौरा ने प्रकरण की सुनवाई के बाद दुकानदार अरुण जैन को भादंवि की धारा 188 के तहत कलेक्टर के आदेश की अवहेलना करने का दोषी पाया और उसे अदालत उठने तक की सजा तथा 200 रुपये के अर्थदंड से दंडित किया.

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