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बिहार बालिका गृह बलात्कार मामला: मुख्य आरोपी ब्रजेश ठाकुर के दूसरे महिला गृह से 11 महिलाएं लापता

मुख्य आरोपी ब्रजेश ठाकुर के सेवा संकल्प एवं विकास समिति नाम के एनजीओ द्वारा मुज़फ़्फ़रपुर के छोटी कल्याणी इलाके में संचालित स्वयं सहायता समूह का मामला. ठाकुर के ख़िलाफ़ एक और प्राथमिकी दर्ज.

बिहार के मुज़फ़्फ़रपुर स्थित बालिका गृह में बच्चों से बलात्कार मामले का मुख्य आरोपी ब्रजेश ठाकुर. (फोटो साभार: फेसबुक/ट्विटर)

बिहार के मुज़फ़्फ़रपुर स्थित बालिका गृह में बच्चों से बलात्कार मामले का मुख्य आरोपी ब्रजेश ठाकुर. (फोटो साभार: फेसबुक/ट्विटर)

मुज़फ़्फ़रपुर: बिहार के मुज़फ़्फ़रपुर स्थित एक एनजीओ द्वारा संचालित बालिका गृह में रहने वाली बच्चियों से बलात्कार मामले में मुख्य आरोपी बृजेश ठाकुर के गैर सरकारी संगठन द्वारा संचालित एक स्वयं सहायता समूह के परिसर से 11 महिलाओं के लापता होने के बाद ठाकुर के खिलाफ एक और प्राथमिकी दर्ज की गई है.

मुज़फ़्फ़रपुर के बालिका गृह में रहने वाली लड़कियों का मानसिक, शारीरिक और यौन उत्पीड़न करने के मामले में ठाकुर न्यायिक हिरासत में है.

महिला थाना प्रभारी ज्योति कुमारी ने बताया कि ठाकुर के गैर सरकारी संगठन सेवा संकल्प एवं विकास समिति द्वारा मुज़फ़्फ़रपुर के छोटी कल्याणी इलाके में स्थित परिसर से स्वयं सहायता समूह की 11 महिलाओं के लापता होने के मामले में समाज कल्याण विभाग के सहायक निदेशक देवेश कुमार शर्मा ने सोमवार शाम ठाकुर के खिलाफ नई प्राथमिकी दर्ज की है.

बच्चियों के यौन उत्पीड़न का मामला पिछले महीने सामने आया था जिसके बाद एनजीओ को काली सूची में डाल दिया गया था. इसके बाद से एनजीओ द्वारा संचालित अन्य गृहों की स्थिति का निरीक्षण किया जा रहा है.

आधिकारिक सूत्रों ने बताया कि निरीक्षण के दौरान पाया गया कि छोटी कल्याणी इलाके में स्थित परिसर में रहने वाली स्वयं सहायता समूह की 11 महिलाएं लापता हैं. उनके बारे में एनजीओ ने समाज कल्याण विभाग को आधिकारिक तौर पर कोई जानकारी नहीं दी है.

मालूम हो कि बिहार के मुज़फ़्फ़रपुर शहर में स्थित एक बालिका गृह में रह रहीं 42 लड़कियों में से 34 के साथ बलात्कार होने की पुष्टि हो चुकी है. इससे पहले यहां रह रहीं 29 लड़कियों से बलात्कार की पुष्टि हुई थी.

बलात्कार की शिकार हुई लड़कियों में से कुछ 7 से 13 साल के बीच की हैं.

मुज़फ़्फ़रपुर के साहू रोड स्थित इस सरकारी बालिका गृह को सेवा संकल्प एवं विकास समिति की ओर से संचालित किया जाता था.

मामला तब प्रकाश में आया जब इस साल के शुरू में मुंबई के एक संस्थान टाटा इंस्टिट्यूट ऑफ सोशल साइंसेज़ (टिस) की ‘कोशिश’ टीम ने अपनी समाज लेखा रिपोर्ट में दावा किया था कि बालिका गृह की कई लड़कियों ने यौन उत्पीड़न की शिकायत की है. उनके साथ अमानवीय व्यवहार किया जाता है और आपत्तिजनक हालातों में रखा जाता है.

इस सोशल ऑडिट के आधार पर बिहार सामाजिक कल्याण विभाग ने एक प्राथमिकी दर्ज कराई. पीड़ित लड़कियों में से कुछ के गर्भवती होने की भी ख़बर सामने आई थी.

इस मामले में बालिका गृह के संचालक ब्रजेश ठाकुर सहित कुल 10 आरोपियों- किरण कुमारी, मंजू देवी, इंदू कुमारी, चंदा देवी, नेहा कुमारी, हेमा मसीह, विकास कुमार एवं रवि कुमार रौशन को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया है.

एक अन्य फरार दिलीप कुमार वर्मा की गिरफ्तारी के लिए इश्तेहार दिए गए हैं और कुर्की की कार्रवाई की जा रही है. मामले की जांच सीबीआई के हवाले कर दी गई है. सीबीआई ने मामले की जांच शुरू कर दी है और नए सिरे केस दर्ज किया है.

(समाचार एजेंसी भाषा से इनपुट के साथ)