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मुज़फ़्फ़रपुर बालिका गृह की घटना पर हम शर्मिंदा हैं: नीतीश कुमार

मुज़फ़्फ़रपुर स्थित एक बालिका गृह में रह रहीं लड़कियों के बलात्कार और यौन उत्पीड़न मामले पर पहली बार प्रतिक्रिया देते हुए मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने दोषियों को न बख्शने की बात कही.

Patna: Bihar Chief Minister Nitish Kumar addressing a press conference at his residence in Patna on Monday. PTI Photo (PTI11_6_2017_000095B)

मुख्यमंत्री नीतीश कुमार. (फोटो: पीटीआई)

पटना: बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार ने शुक्रवार को मुज़फ़्फ़रपुर बालिका गृह में रह रहीं लड़कियों के बलात्कार और यौन उत्पीड़न मामले को लेकर नाराज़गी ज़ाहिर की और ऐसी घटनाएं दोबारा होने से रोकने के लिए संस्थागत प्रणाली विकसित करने की ज़रूरत पर ज़ोर दिया.

लड़कियों के कल्याण के लिए ‘मुख्यमंत्री कन्या उत्थान योजना’ शुरू करते हुए नीतीश कुमार ने कहा कि बालिका गृह में लड़कियों के कथित यौन उत्पीड़न ने हमें शर्मिंदगी और अपराध बोध का एहसास कराया है.

समाचार एजेंसी एनएनआई के मुताबिक नीतीश कुमार ने कहा, ‘मुज़फ़्फ़रपुर में ऐसी घटना घट गई कि हम शर्मसार हो गए. सीबीआई मामले की जांच कर रही है. हाईकोर्ट इसकी निगरानी करे.’

कुछ महीने पहले सामने आए मामले के बाद अपनी पहली प्रतिक्रिया देते हुए नीतीश कुमार ने कहा, ‘हमने हमेशा से कहा है कि अपराधियों को बख्शा नहीं जाएगा और उपमुख्यमंत्री सुशील कुमार मोदी ने भी विधानसभा में कहा था कि हम ख़ुद चाहते हैं कि उच्च न्यायालय की निगरानी में सीबीआई जांच हो.’

मुख्यमंत्री ने कहा कि उन्होंने राज्य के मुख्य सचिव से ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए संबंधित विभागों के परामर्श के साथ संस्थागत प्रणालियां विकसित करने को कहा है.

मालूम हो कि बिहार के मुज़फ़्फ़रपुर शहर में स्थित एक बालिका गृह में रह रहीं 42 लड़कियों में से 34 के साथ बलात्कार होने की पुष्टि हो चुकी है. इससे पहले यहां रह रहीं 29 लड़कियों से बलात्कार की पुष्टि हुई थी.

बलात्कार की शिकार हुई लड़कियों में से कुछ 7 से 13 साल के बीच की हैं.

मुज़फ़्फ़रपुर के साहू रोड स्थित इस सरकारी बालिका गृह को सेवा संकल्प एवं विकास समिति की ओर से संचालित किया जाता था.

मामला तब प्रकाश में आया जब इस साल अप्रैल में में मुंबई के एक संस्थान टाटा इंस्टिट्यूट ऑफ सोशल साइंसेज़ (टिस) की ‘कोशिश’ टीम ने अपनी समाज लेखा रिपोर्ट में दावा किया था कि बालिका गृह की कई लड़कियों ने यौन उत्पीड़न की शिकायत की है. उनके साथ अमानवीय व्यवहार किया जाता है और आपत्तिजनक हालातों में रखा जाता है.

इस सोशल ऑडिट के आधार पर बिहार सामाजिक कल्याण विभाग ने एक प्राथमिकी दर्ज कराई. पीड़ित लड़कियों में से कुछ के गर्भवती होने की भी ख़बर सामने आई थी.

इस मामले में 31 मई को 11 लोगों के ख़िलाफ़ एक प्राथमिकी दर्ज की गई थी.

इस मामले में तीन जून को बालिका गृह के संचालक ब्रजेश ठाकुर सहित कुल 10 आरोपियों- किरण कुमारी, मंजू देवी, इंदू कुमारी, चंदा देवी, नेहा कुमारी, हेमा मसीह, विकास कुमार एवं रवि कुमार रौशन को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया है.

एक अन्य फरार दिलीप कुमार वर्मा की गिरफ्तारी के लिए इश्तेहार दिए गए हैं और कुर्की की कार्रवाई की जा रही है. मामले की जांच सीबीआई के हवाले कर दी गई है. सीबीआई ने मामले की जांच शुरू कर दी है और नए सिरे केस दर्ज किया है.

बिहार पुलिस ने 26 जुलाई को इन आरोपियों के खिलाफ यौन अपराधों से बच्चों के संरक्षण (पॉक्सो) की अदालत में आरोप पत्र दाखिल किया था. राज्य सरकार ने 26 जुलाई को इसकी जांच सीबीआई से कराने की सिफारिश की थी और बाद में सीबीआई ने इसकी जांच राज्य पुलिस से अपने हाथ में ले ली थी.

इस मामले में बिहार की समाज कल्याण मंत्री मंजू वर्मा के पति चंदेश्वर वर्मा पर बालिका गृह में जाने का आरोप लगा है.

ज़िला बाल संरक्षण अधिकारी (सीपीओ) रवि कुमार रौशन की पत्नी शिवा कुमारी सिंह ने आरोप लगाया है कि मंजू वर्मा के पति चंदेश्वर वर्मा बालिका गृह में अक्सर आते-जाते थे. उन्होंने सवाल उठाया कि चंदेश्वर वर्मा अपने साथ जाने वाले अधिकारियों को बाहर छोड़कर उसके भीतर क्या करने जाते थे? वहां की लड़कियां उन्हें ‘नेताजी’ के तौर जानती थीं.

हालांकि मंजू वर्मा में इन आरोपों को ख़ारिज करते हुए कहा है कि अगर आरोप साबित होते हैं तो वह पद से इस्तीफ़ा दे देंगी. मुख्यमंत्री कन्या उत्थान योजना की उद्घाटन कार्यक्रम में मंजू वर्मा भी मौजूद थीं. संवाददाताओं ने जब वर्मा की टिप्पणी जाननी चाही तो उन्होंने कोई प्रतिक्रिया नहीं दी और उनके अंगरक्षक ने मीडियाकर्मियों के साथ धक्का-मुक्की की.

इतना ही नहीं मुख्य आरोपी ब्रजेश ठाकुर के गैर सरकारी संगठन सेवा संकल्प एवं विकास समिति द्वारा मुज़फ़्फ़रपुर के छोटी कल्याणी इलाके में स्थित परिसर से स्वयं सहायता समूह की 11 महिलाओं के लापता होने की भी सूचना है.

इस मामले में समाज कल्याण विभाग के सहायक निदेशक देवेश कुमार शर्मा ने ब्रजेश ठाकुर के ख़िलाफ़ नई प्राथमिकी दर्ज की है.

(समाचार एजेंसी भाषा से इनपुट के साथ)