भारत

सनातन संस्था के कथित सदस्य के घर से बरामद हुए आठ देसी बम, गन पाउडर और डेटोनेटर

महाराष्ट्र एटीएस ने एक छापेमारी में दक्षिणपंथी संगठन सनातन संस्था के एक कथित समर्थक के घर से विस्फोटक बरामद किए. हालांकि, संस्था ने व्यक्ति को अपना सदस्य मानने से इनकार किया है लेकिन क़ानूनी लड़ाई में उसकी मदद करने को भी कहा है.

twitter Sanatan sanstha

सनातन संस्था का कथित सदस्य वैभव राउत. (फोटो साभार: ट्विटर)

मुंबई: महाराष्ट्र में पालघर ज़िले के नालासोपारा इलाक़े में महाराष्ट्र आतंकवाद निरोधक दस्ते (एटीएस) ने गुरूवार रात एक घर से आठ देसी बम बरामद किए हैं. एटीएस ने इस मामले में वैभव राउत को गिरफ़्तार किया है, जो कथित रूप से दक्षिणपंथी संगठन सनातन संस्था का समर्थक है. विस्फोटक के अलावा कुछ किताबें भी बरामद हुई हैं.

इंडियन एक्सप्रेस की ख़बर के अनुसार, एटीएस की टीम ने एक वरिष्ठ आईपीएस अफसर की अध्यक्षता में देर रात छापेमारी की. सुबह तक चली छापेमारी के बाद वैभव राउत को गिरफ्तार कर लिया गया. स्थानीय सूत्र बताते हैं कि राउत से हिरासत में पूछताछ होगी और उसे अदालत में पेश किया जाएगा.

विस्फोटकों को जांच के लिए मुंबई फॉरेंसिक साइंस लेबोरेटरी को सौंप दिया गया है. नाम न छापने का अनुरोध करते हुए एक अधिकारी ने कहा, ‘हम इन विस्फोटकों के स्रोत को जानना चाहते हैं और यह भी जानना चाहते हैं कि राउत इनका उपयोग कैसे करने वाला था. इसलिए हिरासत में पूछताछ जरूरी है.’

दैनिक भास्कर की ख़बर के अनुसार, एटीएस ने करीब आठ बजे वैभव के घर में छापा मारा था और आठ देसी बम बरामद किए थे. घर से कुछ दूर उसकी दुकान में सल्फर (गन पाउडर) और डेटोनेटर भी बरामद हुए हैं. ज़ब्त किए गए विस्फोटकों से 25-30 बम बनाए जा सकते हैं.

हालांकि, सनातन संस्था के वकील संजीव पुनेलिकर ने मीडिया को बताया कि वैभव उनके संगठन का सक्रिय सदस्य नहीं है, बल्कि वो उनके संस्था के एक सदस्य का साथी है. उन्होंने आगे बताया, ‘वैभव को पालघर पुलिस ने गोमांस प्रतिबंध मामले के संबंध में तड़ीपार कर रखा था. वो हिंदुत्व का कार्यकर्ता है, लेकिन हमारा सदस्य नहीं है. हालांकि, मुझे एटीएस के दावों पर शक है कि उसके पास विस्फोटक थे.’

पुनेलिकर ने कहा कि संस्था राउत को कानूनी सहायता उपलब्ध कराएगी.

सनातन संस्था से संबंधित लोगों को वाशी, ठाणे, पनवेल (2007) और गोवा (2009) ब्लास्ट में गिरफ़्तार किया जा चुका है.

प्रगतिशील लेखक और विचारक नरेंद्र दाभोलकर (2013), गोविंद पानसरे और एमएम कलबुर्गी (2015) और वरिष्ठ पत्रकार गौरी लंकेश की हत्याओं में सनातन संस्था से संबंधित लोगों का नाम सामने आया.

महाराष्ट्र पुलिस और सीबीआई कई बार जांच के दौरान संस्था के संस्थापक जयंत बालाजी अठावले से पूछताछ कर चुकी है.

(समाचार एजेंसी भाषा से इनपुट के साथ)

Comments