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केरल में बाढ़ का संकट गहराया, चार ज़िलों में एक दिन में 100 से ज़्यादा लोगों की मौत

केरल में बाढ़ से अब तक तकरीबन 173 लोगों की मौत. सात राज्यों में बारिश और बाढ़ से 868 की मौत. सुप्रीम कोर्ट ने मुल्लापेरियार बांध का जलस्तर 142 से घटाकर 139 फुट करने के निर्देशों का पालन करने को कहा. तमिलनाडु सरकार ने जलस्तर घटाने से इनकार किया.

केरल के विभिन्न हिस्सों में बाढ़ में फंसे लोगों को निकालने का काम जारी है. (फोटो साभार: ट्विटर/@DefenceMinIndia)

केरल के विभिन्न हिस्सों में बाढ़ में फंसे लोगों को निकालने का काम जारी है. (फोटो साभार: ट्विटर/@DefenceMinIndia)

तिरुवनंतपुरम/नई दिल्ली/चेन्नई: केरल में लगातारी जारी बारिश की वजह से आई बाढ़ का संकट गहराता जा रहा है. स्थितियां ऐसी हैं कि राज्य के चार ज़िलों में स्थिति ख़तरनाक स्तर पर पहुंच गई है.

इन चार ज़िलों में पिछले 24 घंटों के दौरान 100 से ज़्यादा लोग मारे जा चुके हैं. इसके साथ ही राज्य में मानसून के दूसरे चरण में आठ अगस्त के बाद से बारिश और बाढ़ की वजह से मरने वालों की संख्या बढ़कर 173 हो गई है.

सूत्रों ने बताया कि राज्य के सभी 14 ज़िलों में से एक को छोड़ कर सभी हाई अलर्ट पर हैं. कुछ मीडिया रिपोर्ट के अनुसार, केरल में इस शताब्दी के सबसे ख़तरनाक मानसून का सामना कर रहा है.

राष्ट्रीय संकट प्रबंधन समिति (एनसीएमसी) ने केरल में करीब एक सदी में आई सबसे भीषण बाढ़ की वजह से तेजी से बिगड़ती स्थिति की समीक्षा के लिए नयी दिल्ली में बैठक की. कैबिनेट सचिव पीके सिन्हा की अध्यक्षता में हुई बैठक में थल सेना, नौसेना और वायु सेना प्रमुखों के अलावा, गृह, रक्षा सचिवों समेत अन्य शीर्ष अधिकारियों ने शिरकत की.

तकरीबन दो लाख लोग राहत शिविरों में रहने को मजबूर हैं और तमाम ज़िलों के गांव बाढ़ में पूरी तरह से डूब चुके हैं. मुख्यमंत्री विजयन ने रक्षा मंत्री निर्माला सीतारमण से भी बात की और बताया कि हालात लगातार गंभीर होते जा रहे हैं. 50,000 से अधिक परिवारों से 2.23 लाख लोग राहत शिविरों में शरण लिए हुए हैं.

इससे पहले बीते 12 अगस्त को मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन ने इसे पिछले 94 साल में केरल में आई सबसे बुरी आपदा बताया था. एनडीटीवी की रिपोर्ट अनुसार, मुख्यमंत्री ने कहा था कि 1924 के बाद 2018 में केरल मानसून को दूसरा सबसे ख़राब दौर देख रहा है.

राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण में सूत्रों ने बताया कि बाढ़ से सबसे बुरी तरह से प्रभावित इलाकों में फंसे लोगों को बचाने के लिए रक्षा बलों ने बचाव अभियान बढ़ा दिया है.

पूर्व प्रधानमंत्री अटल बिहारी वाजपेयी के अंतिम संस्कार के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के 17 अगस्त की रात तक केरल पहुंचने की संभावना है. 18 अगस्त को वह बाढ़ प्रभावित इलाकों का हवाई सर्वेक्षण करने वाले हैं.

मुख्यमंत्री पिनारायी विजयन ने बीते 16 अगस्त को कहा था कि आज के बचाव अभियानों में 23 और हेलीकॉप्टरों को शामिल किया जाएगा और सेवा में 200 अतिरिक्त नौकाओं को भी लगाया जाएगा.

बीते 16 अगस्त को एर्नाकुलम एवं पथनमथिट्टा जिलों से करीब 3,000 लोगों को सुरक्षित निकाला गया. विभिन्न ज़िलों में कई लोग मकानों में फंसे थे. बच्चों सहित इनमें से कई लोगों को विभिन्न जलमग्न इलाकों से बचाया गया.

केरल राज्य आपदा प्रबंधन प्राधिकरण में एक सूत्र ने बताया, ‘केरल में अब तक की सबसे भीषण बारिश एवं बाढ़ जनित आपदाओं में 16 अगस्त को सिर्फ़ एक दिन में 106 लोगों की जान गई.’

Kochi: Anbodu Kochi volunteers and District Civil officers organise relief material to be sent to flood affected areas, in Kochi on Tuesday, Aug 14, 2018. (PTI Photo) (PTI8_14_2018_000213B)

कोच्चि में बाढ़ग्रस्त इलाकों में राहत सामग्री बांटने की तैयारी. (फोटो: पीटीआई)

मानसून के दूसरे चरण में आठ अगस्त के बाद से 14 अगस्त तक 67 लोगों की मौत हुई थी.

सेना, नौसेना, वायुसेना और एनडीआरएफ कर्मियों ने बाढ़ से बुरी तरह प्रभावित एर्नाकुलम, पथनमथिट्टा और त्रिशूर ज़िलों से शुक्रवार सुबह वहां फंसे लोगों को निकालने का काम शुरू किया. सुबह से छोटे बच्चों समेत कई बुजुर्ग एवं महिलाओं को बचाया गया.

भारतीय नौसेना ने त्रिचुर, अलुवा और मवूत्तुपुझा में फंसे हुए लोगों को हवाई मार्ग से निकाला है. वीडियो में दिखाया गया है कि लोग जलमग्न घरों की छतों और पहाड़ों पर हैं तथा नौसेना हेलीकॉप्टरों के ज़रिये निकाल रही है.

कुछ नगरों और गांवों में पानी का स्तर दो मंज़िला मकानों की ऊंचाई तक पहुंच गया जिसके बाद बच्चों और बुजुर्गों समेत सैकड़ों लोगों को छतों पर शरण लेनी पड़ी और सोशल मीडिया में बचाव और राहत के लिए अपील करनी पड़ी.

अलुवा, कालाडी, पेरुम्बवूर, मुवाट्टुपुझा एवं चालाकुडी में फंसे लोगों को निकालने के कार्य में मदद के इरादे से स्थानीय मछुआरे भी अपनी-अपनी नौकाएं लेकर बचाव अभियान में शामिल हुए हैं.

बारिश और बाढ़ से फसलों और अन्य संपत्तियों को बहुत अधिक नुकसान हुआ है.

बारिश से मुल्लापेरियार, चेरूथोनी, इडुक्की जलाशय तथा ईदमलायर जलाशय के एक हिस्से सहित सारे बड़े बांधों के दरवाज़े खोले जाने की वजह से पेरियार नदी में जलस्तर बढ़ने से निचले इलाके के लोगों का जीवन बुरी तरह प्रभावित हुआ है.

शुक्रवार सुबह सात बजे की मौसम की रिपोर्ट में आज राज्य के विभिन्न इलाकों में तेज़ हवाओं के साथ भारी बारिश का पूर्वानुमान जताया गया है.

रिपोर्ट के अनुसार, पथनमथिट्टा, तिरुवनंतपुरम, कोल्लम, अलपुझा, कोट्टायम, इडुक्की, एर्नाकुलम, त्रिशूर, पलक्कड़, मलप्पुरम, कोझिकोड और वायनाड ज़िलों में 60 किलोमीटर प्रतिघंटे की रफ्तार से हवाएं चलने की संभावना है.

Pathanamthitta: Pampa Manalpuram on the foothills of Sabarimala gets flooded following heavy monsoon rainfall, in Pathanamthitta on Tuesday, Aug 14, 2018. (PTI Photo) (PTI8_14_2018_000230B)

शबरीमाला मठ की तलहटी में स्थित पम्पा मनलपुरम में आई बाढ़. (फोटो: पीटीआई)

एनडीटीवी की रिपोर्ट के अनुसार, कोच्चि के तमाम हिस्से बाढ़ग्रस्त हैं. अलुवा बाढ़ से बुरी तरह प्रभावित होने वाला कस्बा है. दक्षिण केरल के इडुक्की और उत्तर केरल मलापुरम और कन्नूर में भूस्खलन की ताज़ा घटनाएं हुई हैं.

न्यूज़ 18 की रिपोर्ट के अनुसार, राज्य के 80 प्रतिशत इलाकों में बिजली नहीं है क्योंकि केरल राज्य विद्युतिकरण बोर्ड (केएसईबी) में बारिश और बाढ़ की वजह से सप्लाई बंद कर दी है.

पारिस्थितिकी विज्ञानियों ने प्रशासन को इस आपदा के लिए ज़िम्मेदार ठहराया है. इनका कहना है कि सरकार ने गाडगिल कमेटी की रिपोर्ट को लागू करने से मना कर दिया था इसलिए ऐसा हो रहा है.

मुन्नार और पोनमुडी जैसे लोकप्रिय पर्यटक स्थल भूस्खलन की वजह से राज्य से तकरीबन कट से गए हैं. मुन्नार में सरकारी गाड़ियों को अलावा किसी भी दूसरे वाहन को प्रवेश नहीं करने दिया जा रहा है.

लोगों से सबरीमाला मठ का दर्शन न करने की सलाह दी गई है क्यों पम्पा नदी बाढ़ से बुरी तरह से प्रभावित हुई है.

ऑस्ट्रेलिया, अमेरिका और ब्रिटेन में रह रहे प्रवासी केरलवासी अपने-अपने प्रियजन की मदद की ख़ातिर टीवी चैनलों के माध्यम से अधिकारियों से गुहार लगा रहे हैं.

केरल में बाढ़ग्रस्त इलाकों से निकाले गए लोग राहत शिविरों में रह रहे हैं. (फोटो साभार: ट्विटर/@indiannavy)

केरल में बाढ़ग्रस्त इलाकों से निकाले गए लोग राहत शिविरों में रह रहे हैं. (फोटो साभार: ट्विटर/@indiannavy)

ऑस्ट्रेलिया से सौम्या ने कहा कि उसके माता-पिता और रिश्तेदार पिछले दो दिन से अलुवा में फंसे हैं. एक अन्य व्यक्ति ने कहा कि उसकी एक बुजुर्ग रिश्तेदार मैरी वर्गीज़ को ऑक्सीजन सिलेंडर की सख़्त ज़रूरत है और उनकी हालत बिगड़ती जा रही है.

एक वॉट्सऐप वीडियो में बाढ़ में फंसी एक महिला अपने छह साल के बच्चे के साथ मदद की अपील करती दिख रही है. वीडियो में महिला कहती है, ‘हमारे पास न खाना है न पानी. कृपया हमारी मदद करें.’

प्रधानमंत्री के निर्देशों पर रक्षा मंत्रालय ने राज्य में राहत एवं बचाव अभियानों के लिए सेना के तीनों अंगों से नई टीम भेजी है. राज्य में करीब डेढ़ लाख बेघर एवं विस्थापित लोगों ने राहत शिविरों में शरण ले रखी है.

करीब 540 कर्मचारियों वाली राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ) की 12 अतिरिक्त टीम को भी केरल भेजा गया है.

इस बीच, 26 अगस्त तक कोच्चि अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डा पर विमानों का परिचालन बंद रहेगा क्योंकि रनवे पर भी पानी भर गया है.

सूत्रों ने बताया कि 25 से अधिक ट्रेनों को या तो रद्द कर दिया गया है और उनके समय में परिवर्तन किया गया है. बहरहाल अब तक कोच्चि मेट्रो की सेवाएं बाधित नहीं हुई हैं. मेट्रो सेवाएं कुछ वक्त के लिए ही बाधित हुईं थी क्योंकि मुत्तम यार्ड में जलस्तर बढ़ गया था.

Kochi: Rescue officials assist villagers out of a flooded area following heavy monsoon rainfall, near Kochi on Wednesday, Aug 15, 2018. (PTI Photo) (PTI8_15_2018_000266B)

कोच्चि के बाढ़ग्रस्त इलाकों से लोगों को निकाला जा रहा है. (फोटो: पीटीआई)

कोच्चि स्थित निजी अस्पताल एस्टर मेडी सिटी में बाढ़ का पानी घुस जाने के कारण मरीज़ों को दूसरे अस्पताल में भर्ती किया गया है.

त्रिशूर और एर्णाकुलम को जोड़ने वाला हाईवे पेरियार नदी में आई बाढ़ की वजह से बंद हो गया है. तिरुवनंतपुरम से उत्तर केरल की ओर जाने वाली ट्रेनों को रद्द कर दी गई हैं वहीं केरल को तमिलनाडु से जोड़ने वाली सड़कें पलक्कड़, मुन्नार और इडुक्की में भूस्खलन की वजह से बंद है.

इडुक्की से 150 किमी. दक्षिण में स्थित बुधनूर और बुरी तरह से प्रभावित चेंगन्नूर-पतनमथिट्टा क्षेत्र में फंसे सैकड़ों लोगों ने मदद की गुहार लगाई है.

इंडियन एक्सप्रेस ने आधिकारिक सूत्रों के हवाले से बताया है कि कोच्चि और अंगमाली के पास अलुवा में सैंकड़ों लोग विभिन्न अपार्टमेंट में फंसे हुए हैं. वहीं कलेडी के श्री शंकराचार्य विश्वविद्यालय के हॉस्टल में 300 छात्र फंसे हुए हैं.

आधिकारिक सूत्रों ने बताया कि राज्य सरकार ने राहत एवं पुनर्वास प्रयासों के लिए अतिरिक्त संसाधन जुटाने के मक़सद से 30 नवंबर तक भारत निर्मित विदेशी शराब पर उत्पाद शुल्क बढ़ाने का फैसला किया है.

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने केरल के मुख्यमंत्री पिनाराई विजयन से बात की और स्थिति से निपटने में केंद्र की मदद का उन्हें आश्वासन दिया.

मोदी ने ट्वीट किया, ‘हमने राज्य में बाढ़ की स्थिति पर चर्चा की. रक्षा मंत्रालय से कहा है कि राज्य में बचाव एवं राहत अभियानों को और बढ़ाए. केरल के लोगों की सुरक्षा और सलामती की प्रार्थना करता हूं.’

Kozhikode: A person carries a grain sack as his house gets flooded after Kakkayam dam was opened following heavy monsoon rainfall, in Kozhikode on Thursday, Aug 16, 2018. (PTI Photo) (PTI8_16_2018_000282B)

कोझिकोड में भारी बारिश की वजह से कक्कायम बांध का फाटक खोलने से कई इलाकों में पानी भर गया. घर में पानी भरने से अपने अनाज को दूसरी जगह ले जाता एक व्यक्ति. (फोटो: पीटीआई)

मुख्यमंत्री विजयन ने तिरुवनंतपुरम में संवाददाता सम्मेलन में कहा कि राज्य ने इस तरह की स्थिति का कभी सामना नहीं किया. हम वो सभी कुछ कर रहे हैं जो मानवीय तौर पर संभव है और बचाव प्रयास जारी हैं.

उन्होंने लोगों से दहशत में नहीं आने कहा. उन्होंने कहा कि लोगों को सुरक्षित रखने के लिए सभी एहतियाती क़दम उठाए जा रहे हैं.

राज्य की कैबिनेट ने अतिरिक्त संसाधन जुटाने के लिए भारत निर्मित विदेशी शराब पर 30 नवंबर तक उत्पाद शुल्क बढ़ाने का फैसला किया है.

केंद्र ने एनडीआरएफ की 35 और टीमों को भेजने का निर्णय लिया

राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन समिति (एनसीएससी) की 16 अगस्त को हुई बैठक में बैठक के बाद केंद्र सरकार ने पहले 12 नई टीमों को भेजा था और इसके बाद अभियान को तेज़ करने के लिए 23 और टीमों को भेजने का निर्णय लिया.

एनडीआरएफ के महानिदेशक संजय कुमार ने बताया था, ‘16 अगस्त की शाम तक पहली 12 टीम केरल पहुंच जाएंगी. बाकी 23 टीमों को भी भेजा जा रहा है. ये टीम दिन और रात दोनों में राहत एवं बचाव अभियान, चिकित्सा सहायता और खाद्य सामग्री के वितरण में राज्य सरकार के अधिकारियों की मदद करेगी.’

Kochi: People being rescued from a flood-affected region following heavy monsoon rainfall, in Kochi on Thursday, Aug 16, 2018. (PTI Photo) (PTI8_16_2018_000195B)

कोच्चि में आई बाढ़ से लोगों को निकाला जा रहा है. (फोटो: पीटीआई)

उन्होंने कहा था, ‘केरल में पहले से ही 18 टीम मौजूद हैं जो युद्ध स्तर पर राहत एवं बचाव अभियान में लगी हुई है.’

16 अगस्त को उन्होंने बताया था कि अंतिम रिपोर्ट मिलने तक एनडीआरएफ की टीमों ने कुल 707 लोगों को बाहर निकाला है. इनमें पथनमथिट्टा से 172, एर्नाकुलम (151), कोझीकोड़ (99), अलापुझा (202) और त्रिशुर (83) है.

मुल्लापेरियार बांध का जलस्तर तीन फुट कम किया जाए: उच्चतम न्यायालय

उच्चतम न्यायालय ने शुक्रवार को राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन समिति और बाढ़ की स्थिति से निपटने के लिए केरल सरकार द्वारा गठित उपसमिति से कहा कि मुल्लापेरियार बांध का जल स्तर तीन फुट कम करने की संभावनाओं को तलाशा जाए.

प्रधान न्यायाधीश दीपक मिश्रा और जस्टिस धनंजय वाई. चंद्रचूड़ की पीठ ने केरल और तमिलनाडु सरकार से कहा कि विस्थापित हुए लोगों के पुनर्वास और बांध का जलस्तर 142 फुट से घटाकर 139 फुट करने के राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन समिति के निर्देशों का पालन करें.

पीठ ने कहा कि वह इस तरह की गंभीर प्राकृतिक आपदा से निपटने में विशेषज्ञ नहीं है और आपदा पर काबू पाने का मामला कार्यपालिका पर छोड़ रही है. शीर्ष अदालत ने केरल सरकार को आपदा प्रबंधन और पुनर्वास उपायों के बारे में उठाए गए क़दमों पर एक रिपोर्ट पेश करने का निर्देश दिया.

Wayanad: A road and building damaged after flood at Vithiri in Wayanad, in Kerala on Friday, Aug 10, 2018. (PTI Photo) (PTI8_10_2018_000231B)

वायनाड के विथीरि में बारिश की वजह से क्षतिग्रस्त मकान. (फोटो: पीटीआई)

मुल्लापेरियार बांध 142 फुट तक पानी रखने में सुरक्षित: तमिलनाडु सरकार

उधर, तमिलनाडु सरकार ने मुल्लापेरियार बांध में जलस्तर 139 फुट करने की, बाढ़ की मार झेल रहे केरल की गुज़ारिश को ख़ारिज कर दिया है. तमिलनाडु सरकार ने कहा कि सदी पुराना जलाशय 142 फुट तक पानी का भंडारण करने के लिए ‘सुरक्षित’ है.

मुख्यमंत्री के. पलानीस्वामी ने यह बात अपने केरल के समकक्ष पिनराई विजयन की चिट्ठी के जवाब में लिखे पत्र में बीते 15 अगस्त को कही.

संयोगवश है कि यह पत्र उस दिन सामने आया है जब उच्चतम न्यायालय ने मुल्लापेरियार बांध की आपदा प्रबंधन उपसमिति को निर्देश दिया है कि केरल के सभी 14 ज़िलों में बाढ़ की गंभीर स्थिति को देखते हुए जलस्तर को मौजूदा 142 फुट से घटाकर 139 फुट करने पर विचार करे.

ज़ाहिर तौर पर उच्चतम न्यायालय के निर्देश से पहले यह पत्र लिखा गया है.

मीडिया को जारी की गई पत्र की प्रति में पलानीस्वामी ने कहा कि राज्य का जल संसाधन विभाग बांध से अपनी देखरेख से पानी जारी कर रहा है और इससे बांध सुरक्षा कोई ख़तरा नहीं है.

मुल्लापेरियार बांध से छोड़ा गया पानी इडुक्की जलाशय पहुंचता है जो फिलहाल भरा हुआ है.

मानसून में सात राज्यों में बारिश और बाढ़ से 868 की मौत

इस साल मानसून के मौसम में अब तक सात राज्यों में बारिश, बाढ़ और भूस्खलन से संबंधित घटनाओं में करीब 868 लोगों की मौत हो गई और इनमें से 247 लोगों की मौत केरल में हुई.

गृह मंत्रालय के राष्ट्रीय आपदा मोचन केंद्र (एनईआरसी) के अनुसार, केरल में बारिश और बाढ़ के चलते 247 लोगों की मौत हो गई, जहां 14 ज़िलों के 2.11 लाख लोग बारिश और बाढ़ से बुरी तरह प्रभावित हुए हैं और 32500 हेक्टेयर से अधिक क्षेत्र में लगी फसलें तबाह हो गई.

इस तरह की घटनाओं में उत्तर प्रदेश में 191, पश्चिम बंगाल में 183, महाराष्ट्र में 139, गुजरात में 52, असम में 45 और नगालैंड में 11 लोगों की मौत हो गई.

बाढ़, बारिश की घटनाओं में कुल 33 लोग अब तक लापता हैं. जिनमें 28 केरल के तथा पांच पश्चिम बंगाल के हैं. राज्यों में बारिश से संबंधित घटनाओं में 274 लोग घायल हो गए.

महाराष्ट्र के 26 ज़िलों, असम के 23, पश्चिम बंगाल के 23, केरल के 14, उत्तर प्रदेश के 13, नगालैंड के 11 और गुजरात के 10 जिले इस साल बारिश से बुरी तरह प्रभावित रहे हैं.

आपदा प्रबंधन समिति की बैठक, राहत कार्यों में अतिरिक्त संसाधन लगाने का निर्देश

राष्ट्रीय आपदा प्रबंधन समिति (एनसीएमसी) ने केरल में भीषण बाढ़ को लेकर दो दिन के भीतर शुक्रवार को दूसरी बार बैठक की और राहत तथा बचाव कार्यों के लिए सभी संबंधित एजेंसियों को अतिरिक्त संसाधन लगाने का निर्देश दिया.

एनसीएमसी आपातकालीन स्थितियों से निपटने वाली देश की शीर्ष इकाई है.

आधिकारिक प्रवक्ता ने यहां कहा कि केंद्र सरकार अब तक 339 मोटर नौकाएं राहत कार्य में लगा चुकी है तथा इसने 2,800 जीवनरक्षक जैकेट, 1,400 जीवनरक्षक पेटियां, 1,000 बरसाती कोट और 27 लाइट टॉवर उपलबध कराए हैं.

इसके अलावा 72 मोटर नौकाएं, 5,000 जीवनरक्षक जैकेट, 2,000 जीवनरक्षक पेटियां, 13 लाइट टॉवर तथा 1,000 बरसाती कोट और उपलब्ध कराए जा रहे हैं. भोजन के 1,00,000 पैकेट वितरित किए गए हैं तथा 1,00,000 खाद्य पैकेट और भेजे जा रहे हैं. दूध पाउडर की आपूर्ति की व्यवस्था भी की गई है.

रेलवे ने पानी की 1,20,000 बोतलें उपलब्ध कराई हैं. पानी की 1,20,000 अन्य बोतलें भेजे जाने के लिए तैयार हैं. इसने 2.9 लाख लीटर पेयजल लेकर एक विशेष ट्रेन भी चलाई है जो कल कायमकुलम पहुंचेगी.

कैबिनेट सचिव पीके सिन्हा की अध्यक्षता में हुई बैठक में केरल और तमिलनाडु के मुख्य सचिवों के साथ वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग भी की गई.

प्रवक्ता ने बताया कि बैठक में फैसला किया गया कि सेना, नौसेना, वायुसेना, तटरक्षक बल और राष्ट्रीय आपदा मोचन बल (एनडीआरएफ) सहित सभी एजेंसियों के अतिरिक्त संसाधन राहत और बचाव कार्यों में लगाए जाएं.

नौसेना ने गोताखोरों की टीम के साथ 51 नौकाएं उपलबध कराई हैं तथा यह 1,000 जीवनरक्षक जैकेट और 1,300 गमबूट आज केरल भेज रही है. पिछले दो दिन में राहत अभियानों में इसने 16 उड़ानें भरी हैं. यह आज भोजन के 1,600 पैकेट गिराएगी.

तटरक्षक बल ने राहत टीमों के साथ 30 नौकाएं, 300 जीवनरक्षक जैकेट, सात जीवनरक्षक राफ्ट और 144 जीवनरक्षक पेटियां उपलब्ध कराई हैं.

वायुसेना ने 23 हेलीकॉप्टरों और 11 परिवहन विमानों की तैनाती की है. कुछ विमान येलहंका और नागपुर से उड़ान भर रहे हैं.

सेना ने राहत और बचाव कार्य में अपनी 10 टुकड़ियां, 10 इंजीनियरिंग टास्क फोर्स और 60 नौकाएं तैनात की हैं तथा 100 जीवनरक्षक जैकेट उपलब्ध कराई हैं.

एनडीआरएफ ने 43 राहत टीम और 163 नौकाएं तथा अन्य उपकरण तैनात किए हैं. एनसीएमसी ने इन संगठनों को निर्देश दिए कि वे अतिरिक्त नौकाएं, हेलीकॉप्टर, जीवनरक्षक जैकेट, जीवनरक्षक पेटियां, बरसाती कोट, गमबूट जैसी चीजें उपलब्ध कराएं.

केरल के मुख्य सचिव ने बाढ़ में फंसे लोगों तक पहुंचने के लिए मोटर नौकाएं उपलब्ध कराने का आग्रह किया.

कैबिनेट सचिव ने राहत कार्यों के लिए सीआरपीएफ, बीएसएफ और एसएसबी जैसे अर्द्धसैनिक बलों से भी उपकरण उपलब्ध कराने को कहा.

उन्होंने आपातकालीन स्थितियों में काम आने वाली अतिरिक्त दवाएं तैयार रखने के भी निर्देश दिए.

एनसीएमसी स्थिति की समीक्षा के लिए शनिवार को फिर बैठक करेगी.

केरल सरकार को नौसेना के कोच्चि हवाई अड्डे को नागरिक एअरलाइनों द्वारा इस्तेमाल किए जाने की भी पेशकश की गई है क्योंकि भारी बारिश के चलते नागरिक हवाई अड्डा बंद है.

इसके साथ ही केरल सरकार से कहा गया है कि वह उन क्षेत्रों के लिए वी-सैट संचार के इस्तेमाल की संभावना तलाशे जहां टेलीफोन कनेक्टिविटी चरमरा गई है.

केरल में चार हज़ार लोगों को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया: एनडीआरएफ

एनडीआरएफ ने शुक्रवार को कहा कि उसने पिछले नौ दिनों में 4,000 से अधिक लोगों को सुरक्षित स्थान पर पहुंचाया है तथा 44 अन्य को बाढ़ प्रभावित क्षेत्रों से बचाया है.

एनडीआरएफ के एक प्रवक्ता ने नई दिल्ली में कहा कि केरल में इसकी 53 तैनात टीमों में से 51 ज़मीन पर काम कर रही हैं. दो और टीम जल्द ही केरल पहुंचेंगी.

उन्होंने कहा, ‘हमारी टीमों ने केरल में अपनी तैनाती के बाद से अब तक 4,319 लोगों को सुरक्षित स्थानों पर भेजा है तथा 44 अन्य को बचाया है.’ केरल में एनडीआरएफ के राहत और बचाव अभियान को शुक्रवार को नौ दिन हो गए.

(समाचार एजेंसी भाषा से इनपुट के साथ)