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पूर्व केंद्रीय मंत्री और कांग्रेस नेता गुरुदास कामत का दिल्ली में निधन

छात्र नेता से केंद्रीय मंत्री तक का सफ़र तय करने वाले कामत को बुधवार सुबह सीने में दर्द की शिकायत के बाद एक निजी अस्पताल में भर्ती करवाया गया था, जहां कुछ देर बाद उनकी मृत्यु हो गई.

**FILE** New Delhi: File photo of Senior Congress leader Gurudas Kamat who died at a hospital in New Delhi after a brief illness. He was 63. (PTI Photo) (STORY BES1) (PTI8_22_2018_000015B)

गुरुदास कामत (फाइल फोटो: पीटीआई)

नई दिल्ली: कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और पूर्व केंद्रीय मंत्री गुरुदास कामत का बुधवार सुबह दिल का दौरा पड़ने से यहां निधन हो गया.

वह 63 वर्ष के थे. कामत को सांस लेने में दिक्कत होने के बाद बुधवार सुबह करीब सात बजे नई दिल्ली चाणक्यपुरी के प्राइमस अस्पताल ले जाया गया, लेकिन रास्ते में ही उनकी मृत्यु हो गई.

सूत्रों ने बताया कि कामत के सहायक ने सुबह उन्हें चाय दी. उसी दौरान उन्होंने सांस लेने में दिक्कत होने की बात कही. उनका ड्राइवर उन्हें तुरंत अस्पताल ले गया.

सुबह वह वसंत एन्क्लेव स्थित अपने निजी आवास पर अकेले ही थे. उनका परिवार पार्थिव शरीर लाने के लिए मुंबई से रवाना हो चुका है.

कामत ने मंगलवार रात 11 बजकर 44 मिनट पर अपने अंतिम ट्वीट में लोगों को ‘ईद की मुबारकबाद’ भी दी थी.

63 वर्षीय कामत मनमोहन सरकार में केंद्रीय मंत्री रहे थे, साथ ही मुंबई कांग्रेस के अध्यक्ष भी रह चुके थे. इसके अलावा वे कांग्रेस वर्किंग कमेटी के सदस्‍य थे और ऑल इंडिया कांग्रेस कमेटी के महासचिव भी रह चुके थे.

2014 तक नॉर्थ वेस्‍ट मुंबई लोकसभा सीट से सांसद रहे कामत ने 2017 में पार्टी के सभी पदों से इस्तीफ़ा दे दिया था.

कामत 2009 में उत्तर-पश्चिम मुंबई संसदीय सीट से लोकसभा सदस्य रहे. वह 1984, 1991, 1998 और 2004 में भी उत्तर-पूर्व मुंबई संसदीय सीट से चुनकर लोकसभा पहुंचे थे.

वे मनमोहन सिंह सरकार में 2009 से 2011 तक केंद्रीय गृह राज्य मंत्री रहे और संचार एवं सूचना प्रौद्योगिकी मंत्रालय का अतिरिक्त प्रभार भी संभाला.

कामत को कांग्रेस ने गुजरात, राजस्‍थान, दादरा एवं नगर हवेली, दमन-दीव का प्रभार भी सौंपा गया था, लेकिन वर्ष 2017 में उन्‍होंने निजी कारणों का हवाला देते हुए सभी पदों से इस्‍तीफा दे दिया था.

पेशे से वकील कामत ने मुंबई के आरए पोद्दार कॉलेज से स्नातक और सरकारी विधि कॉलेज से कानून की पढ़ाई की थी.

कामत ने अपने राजनीतिक सफर 1972 में बतौर छात्र नेता के रूप में शुरू किया था. 1976 में कामत को एनएसयूआई का मुंबई अध्यक्ष नियुक्त किया गया, जिसके बाद 1980 में महाराष्ट्र युवा कांग्रेस का महासचिव नियुक्त किया गया.

1984 में उन्हें महाराष्ट्र प्रदेश युवा कांग्रेस का अध्यक्ष बनाया गया था. 1987 में वे कांग्रेस यूथ कांग्रेस का राष्ट्रीय अध्यक्ष बने. 2003 से लेकर 2008 कामत मुंबई प्रदेश कांग्रेस के अध्यक्ष भी रहे.

कांग्रेस नेता सोनिया गांधी ने अस्पताल पहुंचकर दिवंगत नेता को श्रद्धांजलि दी. कामत के यूं अचानक चले जाने से कांग्रेस में शोक की लहर है.

कांग्रेस के राष्ट्रीय अध्यक्ष राहुल गांधी ने भी ट्वीट कर उनके निधन पर शोक व्यक्त करते हुए कहा, ‘वरिष्ठ नेता गुरुदास कामत जी के अचानक निधन कांग्रेस परिवार के लिए भारी झटका है. गुरुदास जी ने मुंबई में कांग्रेस पार्टी को खड़ा करने में अपना सहयोग दिया. दुख के समय में उनके परिवार के प्रति मेरी संवेदना है. उनकी आत्मा को शांति मिले.’

पूर्व राष्ट्रपति प्रणब मुखर्जी ने उनके असामयिक निधन पर शोक जताया है. मुखर्जी ने ट्वीट किया, ‘श्री गुरुदास कामत के अचानक और असामयिक निधन से शोकाकुल हूं. सरकार और पार्टी में वर्षों तक वह सहकर्मी रहे, इस अवस्था में उनका जाना दुखदायी है.’

पूर्व प्रधानमंत्री मनमोहन सिंह ने अपने शोक संदेश में लिखा, ‘गुरुदास कामत के अचानक और असामयिक निधन से मैं सकते में और दुखी हूं. मेरी संवदेनाएं उनके परिवार के सभी सदस्यों के साथ हैं. ईश्वर उनकी आत्मा को शांति दे.’

गृहमंत्री राजनाथ सिंह ने भी शोक जताया है. उन्होंने ट्वीट किया, ‘पूर्व केंद्रीय मंत्री और कांग्रेस नेता गुरुदास कामत के अचानक निधन से दुखी हूं. वह एक अनुभवी नेता थे जिन्होंने गृह मंत्रालय में राज्यमंत्री के तौर पर अपनी सेवा दी थी. मेरी संवेदनाएं उनके परिवार और समर्थकों के साथ हैं.’

कांग्रेस के प्रवक्ता रणदीप सुरजेवाला ने कहा, ‘कांग्रेस नेता गुरुदास कामत जी के अचानक निधन की सूचना पाकर बहुत आहत और दुखी हूं. इस क्षति को बता सकने योग्य शब्द नहीं हैं. उनके परिजनों, मित्रों और समर्थकों के प्रति मेरी संवेदनाएं. दिवंगत की आत्मा को शांति मिले.’

उत्तर पूर्वी मुंबई से सांसद और भारतीय जनता युवा मोर्चा की राष्ट्रीय अध्यक्ष पूनम महाजन ने भी ट्वीट कर संवेदना व्यक्त की है.

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