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क्या नोटबंदी पर झूठ के लिए माफी मांगेंगे नरेंद्र मोदी: कांग्रेस

कांग्रेस प्रवक्ता रणदीप सुरजेवाला ने मोदी सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि आरबीआई की रिपोर्ट से फिर साबित हो गया कि नोटबंदी व्यापक स्तर की ‘मोदी मेड डिजास्टर’ थी.

A bank employee fills a form after counting stacks of old 1000 Indian rupee banknotes inside a bank in Jammu, November 25, 2016. REUTERS/Mukesh Gupta - RTST9NC

(प्रतीकात्मक तस्वीर: रॉयटर्स)

नई दिल्ली: नोटबंदी के बाद जमा हुए नोटों का आधिकारिक आंकड़ा सामने आने के बाद कांग्रेस ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर करारा निशाना साधा है. कांग्रेस ने सवाल किया कि क्या वह ‘झूठ बोलने’ के लिए माफी मांगेंगे.

पार्टी के मुख्य प्रवक्ता रणदीप सुरजेवाला ने कहा, ‘आरबीआई की रिपोर्ट से फिर साबित हो गया कि नोटबंदी व्यापक स्तर की ‘मोदी मेड डिजास्टर’ थी. चलन से बाहर हुए 99.30 फीसदी नोट वापस आ गए हैं.’

उन्होंने कहा, ‘प्रधानमंत्री मोदी ने वर्ष 2017 में स्वतंत्रता दिवस के अपने भाषण में दावा किया था कि तीन लाख करोड़ रुपये वापस आ रहे हैं. मोदी जी, क्या आप वह झूठ बोलने के लिए माफी मांगेंगे ? ‘

आरबीआई ने बुधवार को आंकड़े जारी कर बताया कि नोटबंदी के दौरान 15 लाख 41 हजार करोड़ रुपये चलन में थे. इनमें से 15 लाख 31 हजार करोड़ रुपए अब तक वापस आ चुके हैं.

वहीं दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने भी नोटबंदी के फैसले की आलोचना की है. उन्होंने ट्वीट कर लिखा, ‘नोटबंदी के कारण लोगों को बहुत ज्यादा पीड़ा का सामना करना पड़ा. कई की मृत्यु हो गई. व्यापार बंद हो गए. लोगों को ये जानने का अधिकार है कि आखिर नोटबंदी से हमें क्या मिला? सरकार को इस पर एक श्वेत पत्र लाना चाहिए.’

पी. चिदंबरम ने भी इस मामले में कड़ी प्रतिक्रिया व्यक्त की है. उन्होंने कहा, ‘15.42 लाख करोड़ (13000 करोड़ का छोटा हिस्सा छोड़कर) का एक-एक रुपया रिजर्व बैंक में वापस आ गया है. याद कीजिए किसने कहा था कि 3 लाख करोड़ रुपये वापस नहीं आएंगे और ये सरकार के लिए फायदेमंद होगा. इस तरह सरकार और आरबीआई ने सिर्फ 13 हजार करोड़ रुपये की नोटबंदी और देश को इसका खामियाजा भुगतना पड़ा.’

उन्होंने आगे कहा, ‘इस दौरान 100 से ज्यादा लोग अपनी जिंदगी गंवा बैठे. रोजाना मजदूरी से कमाई करने वाले 15 करोड़ लोगों ने कई हफ्तों तक के लिए अपनी आजीविका खो दी. हजारों सूक्ष्म एवं लघु उद्योग की इकाइयां बंद कर दी गईं. लाखों नौकरियां बर्बाद कर दी गईं.’

नोटबंदी के समय मूल्य के हिसाब से 500 और 1,000 रुपये के 15.41 लाख करोड़ रुपये के नोट चलन में थे. रिजर्व बैंक की रिपोर्ट में कहा गया है कि इनमें से 15.31 लाख करोड़ रुपये के नोट बैंकों के पास वापस आ चुके हैं.

(समाचार एजेंसी भाषा से इनपुट के साथ)

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