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आईआरसीटीसी घोटाला मामले में राबड़ी देवी और तेजस्वी यादव को ज़मानत

दिल्ली की एक अदालत ने राजद नेता राबड़ी और तेजस्वी यादव को ज़मानत देते हुए इस मामले की अगली सुनवाई के लिए छह अक्टूबर की तारीख तय की है.

Patna: RJD Chief Lalu Prasad Yadav with senior leader and wife Rabri Devi and Bihar Deputy Chief Minister Tejaswi Yadav at Legislative party meeting in Patna on Monday. PTI photo(PTI7_10_2017_000021B)

(फाइल फोटो: पीटीआई)

नई दिल्ली: दिल्ली की एक अदालत ने राष्ट्रीय जनता दल प्रमुख लालू प्रसाद की पत्नी राबड़ी देवी और पुत्र तेजस्वी यादव को आईआरसीटीसी घोटाला मामले में शुक्रवार को जमानत दे दी.

विशेष न्यायाधीश अरुण भारद्वाज ने पूर्व मुख्यमंत्री प्रसाद के खिलाफ इस मामले में पेशी वारंट जारी किया. अदालत ने राबड़ी और तेजस्वी यादव को एक लाख रुपये के निजी मुचलके और इतनी ही राशि के मुचलके पर जमानत दी है.

इस मामले की अगली सुनवाई के लिए छह अक्टूबर की तारीख तय की गई है. इससे पहले अदालत ने आईआरसीटीसी के दो होटलों के संचालन का ठेका एक निजी फर्म को देने में हुई कथित अनियमितताओं के मामले में लालू के परिवार और अन्य को तलब करते हुए अपने समक्ष पेश होने को कहा था.

लालू शुक्रवार को इस मामले में अदालत के समक्ष पेश नहीं हो पाये क्योंकि चारा घोटाला मामले में दोषी पाये जाने के बाद वह फिलहाल झारखंड की एक जेल में बंद हैं.

सीबीआई ने 16 अगस्त को इस मामले में आरोपपत्र दायर करते हुए कहा था कि लालू, राबड़ी, तेजस्वी और अन्य के खिलाफ उसके पास पर्याप्त सबूत हैं. सीबीआई ने इससे पहले अदालत को बताया था कि आईआरसीटीसी के तत्कालीन समूह महाप्रबंधक और रेलवे बोर्ड के मौजूदा अतिरिक्त सदस्य बीके अग्रवाल के खिलाफ कार्रवाई के लिए एजेंसी ने समक्ष प्राधिकार से अनुमति ले ली है.

लालू प्रसाद और उनके परिवार के अलावा आरोप पत्र में पूर्व केंद्रीय मंत्री प्रेम चंद गुप्ता और उनकी पत्नी सरला गुप्ता, बीके अग्रवाल, आईआरसीटीसी के तत्कालीन प्रबंध निदेशक पीके गोयल और आईआरसीटीसी के तत्कालीन निदेशक राकेश सक्सेना का नाम है.

इन लोगों के अलावा आरोप पत्र में आईआरसीटीसी के तत्कालीन समूह महाप्रबंधक वीके अस्थाना, आरके गोयल और सुजाता होटल के निदेशकों और चाणक्य होटल के मालिकों विजय कोचर और विनय कोचर के नाम शामिल हैं.

सीबीआई ने पिछले साल जुलाई में मामला दर्ज करते हुए पटना, रांची, भुवनेश्वर और गुड़गांव के 12 स्थानों पर इस संबंध में छापे मारे थे. केंद्रीय जांच एजेंसी ने बताया था कि इन लोगों के खिलाफ भारतीय दंड संहिता की संबंधित धाराओं में मामला दर्ज किया गया है.